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  • कांग्रेस और अल्पसंख्यक नेताओं ने हिमांता बिस्वा सरमा की ‘मियां’ टिप्पणी की निंदा की

    कांग्रेस और अल्पसंख्यक नेताओं ने हिमांता बिस्वा सरमा की ‘मियां’ टिप्पणी की निंदा की

    असम के मुख्यमंत्री के विवादास्पद बयान पर राजनीतिक हलचल

    गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा मुस्लिम समुदाय के संदर्भ में ‘मियां’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस और अन्य अल्पसंख्यक नेताओं में आक्रोश है। उनका यह बयान विरोधियों के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है, और देशभर में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसमें 100 से अधिक एफआईआर दर्ज करने की योजना बनाई गई है। पहले से अहमदाबाद और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस संदर्भ में शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

    इस आंदोलन का लक्ष्य यह स्पष्ट करना है कि असम में की गई इस तरह की बयानबाजी और ध्रुवीकरण की राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती दी जाएगी।

    विवादास्पद बयानों का मूल

    मुख्यमंत्री सरमा ने हाल ही में मतदाता सूची के विशेष संशोधन के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियाँ कीं, जिन्हें विपक्षी दलों ने सांप्रदायिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि 4 से 5 लाख ‘मियां’ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इसके अलावा, यह भी कहा गया कि यदि कोई ‘मियां’ रिक्शा चालक 5 रुपये किराया मांगता है, तो उसे केवल 4 रुपये ही देने चाहिए।

    सरमा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संदिग्ध विदेशी नागरिकों के खिलाफ सामूहिक शिकायतें दर्ज करने के लिए प्रेरित किया।

    कानूनी कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन

    जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इन बयानों को ‘हेट स्पीच’ बताया और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश तय करने की मांग की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का गलत हवाला देने और ‘सांप्रदायिक घृणा’ फैलाने का आरोप लगाया।

    कांग्रेस ने ‘whoishbs.com’ नामक एक वेबसाइट लॉन्च की है, जहाँ मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आरोप डालने की सुविधा दी गई। इसी क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने दिल्ली में मुख्यमंत्री के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई है।

    मुख्यमंत्री का पक्ष

    हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने विवादास्पद बयानों का बचाव करते हुए कहा कि वह ‘मियां’ शब्द का प्रयोग उन लोगों के लिए कर रहे हैं जो बांग्लादेश से अवैध रूप से आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके शब्द सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में उठाई गई चिंताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

  • सौरभ भारद्वाज व अन्य AAP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज, ये हैं आरोप

    सौरभ भारद्वाज व अन्य AAP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज, ये हैं आरोप

    दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की

    नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजय झा और आदिल अहमद खान के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर आरोप है कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। यह मामला खासतौर पर ईसाई समुदाय के पवित्र प्रतीक ‘सांता क्लॉज’ के कथित अपमानजनक चित्रण से संबंधित है।

    प्रकरण की पृष्ठभूमि

    इस FIR का आधार एक अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज द्वारा लगाए गए आरोप हैं। उनके अनुसार, इन नेताओं ने सांता क्लॉज के चित्रण के माध्यम से ईसाई धर्म को ठेस पहुँचाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही क्षेत्रों में हलचल पैदा कर दी है।

  • कुआं का पैसा खा जाने वालों पर होगा एफआईआर

    कुआं का पैसा खा जाने वालों पर होगा एफआईआर

    राशि गबन करने वालों के खिलाफ एसीबी जांच को सीएम की मिली स्वीकृति

    चार अभियंता, मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, लाभुक एवं अन्य पर गबन का आरोप


    रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच संख्या-01/2017 दिनांक 25.01.2017 (हजारीबाग प्रमण्डल) में मनरेगा योजनान्तर्गत कूप निर्माण में सरकारी राशि का दुरूपयोग करने संबंधी 10 आरोपियों के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-1623 दिनांक 07.08.2015 की कंडिका-22 के प्रावधान एवं Prevention of Corruption (Amendment) Act, 2018 के Sec 17A (1)(b) में वर्णित प्रावधानानुसार प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने की अनुमति भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया है।

    नल कूप का निर्माण किए बिना राशि निकासी का आरोप

    जाँचकर्त्ता द्वारा जाँचोपरान्त उल्लेख किया गया है कि चतरा निवासी बसंत सिंह एवं नरेश सिंह के नाम से दो कूप निर्माण की योजना थी, परन्तु एक ही कूप निर्माण कर दोनों कूप की राशि निकासी कर सरकारी राशि का गबन किया गया है तथा यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि नरेश सिंह के नाम से कूप निर्माण के नाम पर मुखिया, पंचायत सेवक एवं कनीय अभियंता मिलीभगत कर 58,280 रूपये की सरकारी राशि की निकासी कर गबन कर लिया गया। उक्त योजनाओं की जांच से स्पष्ट है कि स्थल पर बिना कार्य कराये ही 2,65,299 रूपये सरकारी राशि का निकासी कर बन्दरबांट कर गबन किया गया है, जिसके लिये प्रेमचन्द्र पाण्डेय, लाभुक, विशुन उराँव, रोजगार सेवक, नरेश हजाम, पंचायत सेवक, विवेक कुमार, पंचायत सेवक, संजु देवी, मुखिया, मिथिलेश सिंह उर्फ राकेश सिंह, सामग्री आपूर्तिकर्त्ता (वर्तमान मुखिया, सीमा पंचायत, चतरा), केदार सिंह, कनीय अभियंता, राजेश कुमार, कनीय अभियंता, संजय सिंह, सहायक अभियंता, तारणी मंडल, कार्यपालक अभियंता, एन.आर.ई.पी. एवं अन्य के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का साक्ष्य पाया गया।

  • नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के पांच आरोपी 3.5 महीने में बरी

    रांची के प्रतिष्ठित स्कूल कॉलेज के थे छात्र थे आरोपी


    रांची। दलादली चौक पर नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आज पोक्सो कोर्ट ने पांचों आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया। पोक्सो कोर्ट के स्पेशल जज आसिफ इकबाल ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में पांचों आरोपियों की रिहाई का फैसला सुनाया। इस मामले में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता प्रितांशु कुमार सिंह ने अदालत में पैरवी की थी। राजधानी के इस चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में महज 3.5 महीने के अंदर सुनवाई पूरी कर आरोपियों की रिहाई होना किसी अजूबे से कम नहीं है।


    क्या था मामला


    11 मई 2022 को रांची में एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की खबर सामने आई। घटना रातू के एक रेस्टोरेंट के बाहर का था। रेस्टोरेंट के बाहर लगी कार को देखकर गश्ती कर रही डीएसपी अंकिता को शक हुआ। कार चेक करने पर उसमें पांच युवक आपत्तिजनक स्थिति में मिले जबकि अंदर बैठी छात्रा रो रही थी। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर रातू थाने ले गई। सभी आरोपी धुर्वा के थे। वे रांची के प्रतिष्ठित स्कूल-कॉलेज के छात्र थे।


    कुल आठ गवाहों की हुई थी गवाही


    इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कुल आठ गवाहों की गवाही करायी गयी, जिसमें केस आईयो के अलावा डॉक्टर भी शामिल थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस केस की विक्टिम नाबालिग बच्ची द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के आरोप से इंकार कर दिया गया। पुलिस द्वारा केस के संदर्भ में प्रस्तुत किये गये साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए अदालत ने आरोपियों को बरी करने का निर्देश दिया है।



    जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड : एडवोकेट प्रितांशु


    इस मामले में आरोपियों के एडवोकेट प्रितांशु कुमार सिंह ने गांडीव से बात करते हुए कहा कि जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड। उन्होंने कहा कि इस मामले में अदालत और अभियोजन पक्ष का बेहतर सहयोग मिला, तभी इतना जल्दी इस मामले में कोर्ट फैसले पर पहुंच सका। उन्होंने कहा कि ई-पोर्टल से गवाहों को बुलाने में काफी समय की बचत हुई।

  • आईएएस पत्नी सीमा पात्रा गिरफ्तार

    रांची। रिटायर्ड आईएएस की पत्नी सीमा पात्रा को आज पहले सुबह रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अरगोड़ा पुलिस की टीम ने रांची छोड़ने से पूर्व ही सीमा पात्रा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि रांची छोड़कर भागने की फ़िराक में सीमा पात्रा लगी हुई है। अपने आदिवासी नौकरानी पर जुल्म की पराकाष्ठा पार करने के जुर्म में सीमा पात्रा को गिरफ्तार किया गया है। भाजपा नेत्री सीमा पात्रा गिरफ्तारी के इस डर से पिछले तीन दिनों से फरार थी। पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी। मंगलवार को ही पीड़िता का बयान कोर्ट में दर्ज करवाया गया था।

    अलग अलग ठिकानों पर हो रही थी छापेमारी


    बेरहमी की पराकाष्ठा को पार करने वाली सीमा पिछले दो दिनों से पुलिस से बच कर निकल जा रही थी। पुलिस द्वारा कितनी बार उनके अलग अलग ठिकानों पर रेड भी किया गया था। हर बार वह पुलिस से बचकर निकल जा रही थी। जानकारी के मुताबिक सड़क मार्ग से रांची से बाहर भागने के फ़िराक में जुटी हुई थी। इस जानकारी के मुताबिक ही पुलिस को सीमा को पकड़ने में सफलता हाथ लगी। आज कोर्ट में सीमा की पेशी भी होगी। पीड़िता सुनीता का बयान पुलिस के द्वारा पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी थी। पीड़िता का बयान कोर्ट में 164 के तहत दर्ज कर लिया गया था। जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने अपने बयान में सताने की पूरी कहानी बताई है।

    युवती आठ वर्ष से थी नौकरानी

    सीमा पात्रा के अशोक नगर स्थित रोड नंबर एक आवास में लंबे समय से बंधक बनाकर दिव्यांग सुनीता को रखा गया था। दिव्यांग युवती सुनीता को पुलिस ने मुक्त कराया। पीड़िता गुमला जिला की रहने वाली है। आरोप है कि सीमा पात्रा ने घर में कामकाज करने के लिए सुनिता को बीते आठ साल से रखी थी। युवती को बंधक बनाकर बुरी तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे घर से बाहर तक नहीं निकलने दिया जा रहा था। सुनीता के अनुसार सीमा पात्रा ने उन्हें कई दिनों तक घर में बंधक बनाए रखा। इस दौरान उसे खाना भी नहीं दिया जाता था। जबकि लोहे की रॉड से मारकर उसके दांत तोड़ दिए गए। इन सबसे भी जब सीमा पात्रा का मन नहीं भरा तो उन्होंने गर्म तवे से उसके शरीर के कई हिस्सों को दाग दिया। मामले की जानकारी जब पुलिस को मिली तब 22 अगस्त की रात सीमा पात्रा के अशोक नगर स्थित घर से सुनीता को मुक्त करवाया गया। उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए उसे रिम्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

  • प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर ईडी का छापा

    माइंस घोटाले में ईडी की टीम कर रही है छापेमारी

    रांची। राजधानी में ईडी की टीम बड़ी कार्रवाई कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अवैध खनन से जुड़े मामले पर ई़डी की टीम दल-बल के साथ राजधानी रांची में 11 समेत देश के करीब 17 लोकेशन पर छापेमारी कर रही है। राजधानी के हरमू में ईडी की टीम पहुंची है जहां सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाल रखा है। झारखंड के अलावे बिहार समेत देश के कई हिस्सों पर ईडी छापेमारी कर रही है।

  • तिरंगा उल्टा कर मना रहे अमृत महोत्सव….

    बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के अधिकारी का कारनामा
    रांची। आजादी के अमृत महोत्सव पर एक और जहां देशभर में तिरंगे को अभूतपूर्व सम्मान दिया जा रहा है, वहीं अपने झारखंड में एक अधिकारी उल्टा तिरंगा लगाकर अपनी गाड़ी दौड़ा रहा है। यह बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कांके का।

    गाड़ी में लहरा रहा था उल्टा तिरंगा
    यूनिवर्सिटी के बिरसा कृषि अनुसंधान केन्द्र गोरियाकरमा हजारीबाग में पदस्थापित डिप्टी डायरेक्टर सीड्स एंड फार्म्स की यह बोलेरो गाड़ी है। बताया जा रहा है कि श्री निवास गिरी की गाड़ी में उल्टा तिरंगा बांधकर चलाया जा रहा था, जिसे देख स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई और बाद में इसे सीधा किया गया। स्थानीय लोगों ने गाड़ी का वीडियो भी बना लिया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।

  • अनूप सिंह के खिलाफ अरगोड़ा थाना में FIR दर्ज

    Ranchi : पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के पंचला में 30 जुलाई की देर शाम पश्चिम बंगाल पुलिस ने झारखंड कांग्रेस के तीन विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी को गिरफ्तार किया था. इस मामले को लेकर दीपक राव सिंह नाम के एक व्यक्ति ने मंगलवार को बेरमो विधायक अनूप सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है. इसमें कहा है कि विधायक अनूप सिंह ने साजिश कर अपने सहयोगियों को फंसाया है. इसको लेकर अरगोड़ा थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि विधायक अनूप सिंह और अन्य के खिलाफ साजिश के लिए प्राथमिकी दर्ज करें.

    दर्ज करायी गयी शिकायत में कहा गया है कि बीते 29 जुलाई इरफान अंसारी अन्य दो विधायक राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगारी के साथ निजी काम के लिए गुवाहाटी गए थे, वे 30 जुलाई को कोलकाता लौट आए. विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को है. सभी विधायक इस मौके पर वितरण के उद्देश्य से साड़ी खरीदने का फैसला किया. हालांकि पश्चिम बंगाल की पुलिस ने रानीहाटी में उनकी कार को रोक लिया. बिना किसी अधिकारी के उस कार की तलाशी ली. तलाशी के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस को 48 लाख रुपये नकद मिले, जो साड़ियां खरीदने के लिए रखे हुए थे. स्पष्टीकरण के बावजूद पश्चिम बंगाल पुलिस ने बिना किसी प्राधिकार के उन्हें उनके ड्राइवर और दोस्त के साथ हिरासत में ले लिया.