चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर अनुमंडल क्षेत्र में स्थित जैतगढ़ थाना क्षेत्र में एक नर दंतैल हाथी की मृत्यु की घटना सामने आई है। कोल्हान वन क्षेत्र के मानिकपुर में हाथी का शव पाया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी की मौत का कारण करंट लगने की संभावना जताई है। इस मामले की गहन जांच की जा रही है।
वन विभाग की सक्रियता
यह घटना कोल्हान वन क्षेत्र के मानिकपुर गांव में घटित हुई, जहां ग्रामीणों ने सुबह एक नर दंतैल हाथी को मृत अवस्था में देखा। हाथी के शव की सूचना पूरे गांव में फैल गई, जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित किया गया। इसके बाद, डॉक्टरों की टीम भी स्थिति का निरीक्षण करने आई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हाथी की मौत किस परिस्थिति में हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।
करंट लगने की आशंका
वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराने की योजना बनाई है और नियमानुसार शव को दफनाने की तैयारी कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। यह जानकारी मिली है कि कई बार फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों के आसपास अवैध रूप से करंट प्रवाहित किया जाता है, जिसके कारण ऐसे हादसे होते हैं।
हाथी की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच आरंभ कर दी है। फिलहाल, करंट से मौत की आशंका पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हाथी की मृत्यु का सही कारण क्या था। वन विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है ताकि यदि करंट लगने के कारण मौत हुई है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
