ईरान की धमकी, ट्रंप बोले- 18 अमेरिकी टेक कंपनियाँ कुछ नहीं कर सकेंगी
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गूगल का अपडेट: कार में YouTube ऑडियो प्रबंधन हुआ सरल
गूगल ने Android Auto के लिए YouTube प्लेटफॉर्म पर बैकग्राउंड प्लेबैक नियंत्रण की सुविधा का विस्तार करना शुरू कर दिया है। इस अपडेट से उपयोगकर्ता अब अपनी कार के डैशबोर्ड से सीधे वीडियो के ऑडियो को नियंत्रित कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि यह अभी भी YouTube ऐप का पूर्ण अनुभव प्रदान नहीं करता है।
इस अपडेट में क्या है नया?
इस नवीनतम फीचर के अंतर्गत, स्मार्टफोन पर चल रहे YouTube कंटेंट को अब Android Auto के मीडिया विजेट में देखा जा सकेगा। उपयोगकर्ता कार की स्क्रीन या स्टीयरिंग व्हील के बटन का उपयोग करके प्ले, पॉज और अगले वीडियो पर स्विच कर सकते हैं।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह कोई अलग YouTube ऐप नहीं है, जिसमें वीडियो ब्राउज़िंग या सर्चिंग का विकल्प नहीं दिया गया है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता किसी वीडियो को आगे स्किप नहीं कर सकते हैं, बल्कि सीधे अगले वीडियो पर जा सकते हैं। सभी प्लेबैक की शुरुआत अभी भी स्मार्टफोन से करनी होगी। यह बदलाव Android Auto की सुरक्षा नीति के अनुरूप है, जिसमें ड्राइविंग करते समय वीडियो प्लेबैक की अनुमति नहीं होती।
केवल Premium उपयोगकर्ताओं के लिए
यह नई सुविधा केवल YouTube Premium उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है, क्योंकि बैकग्राउंड प्लेबैक एक पेड फीचर है। मुफ्त उपयोगकर्ता इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकेंगे। हालांकि, Premium Lite प्लान में भी यह सुविधा शामिल की गई है।
किस प्रकार के उपयोगकर्ताओं को होगा लाभ?
यह अपडेट उन उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जो YouTube का उपयोग पॉडकास्ट, इंटरव्यू या लंबे चर्चाओं को सुनने के लिए करते हैं। ड्राइविंग के दौरान कंटेंट को नियंत्रित करना अब और भी आसान हो जाएगा।
भविष्य में और क्या उम्मीद की जा सकती है?
हालांकि यह फीचर वर्तमान में सीमित है, लेकिन यह संकेत देता है कि भविष्य में Android Auto पर और भी बेहतर ऐप सपोर्ट और फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा अभी तक नहीं दी गई है।
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OpenAI ने पेश किया ChatGPT Translate, Google Translate को चुनौती देने के लिए
OpenAI का नया टूल: ChatGPT Translate
OpenAI ने हाल ही में एक अनूठा ट्रांसलेशन टूल “ChatGPT Translate” लॉन्च किया है। यह टूल बिना किसी हंगामे के पेश किया गया है और इसकी विशेषता यह है कि यह ChatGPT के सामान्य इंटरफेस में उपलब्ध नहीं है, बल्कि अपने खुद के वेबपेज पर कार्य करता है। खास बात यह है कि कई उपयोगकर्ता पहले से ही ChatGPT की सहायता से अनुवाद कर रहे थे, लेकिन अब OpenAI ने इस प्रक्रिया को और भी गंभीरता से अपनाने का निर्णय लिया है।
ChatGPT Translate क्या है?
ChatGPT Translate एक स्वचालित भाषा पहचानने वाली सेवा है, जो 50 से अधिक भाषाओं में अनुवाद करने की क्षमता रखती है। इसकी डिज़ाइन Google Translate के समान है, जहां एक बॉक्स में उपयोगकर्ता द्वारा दिया गया टेक्स्ट और दूसरे में उसका अनुवाद प्रदर्शित होता है।
हालांकि, यह टूल केवल अनुवाद नहीं करता, बल्कि उपयोगकर्ताओं को टेक्स्ट में सुधार के लिए विभिन्न विकल्प भी देता है। जैसे ही उपयोगकर्ता किसी विकल्प पर क्लिक करता है, वह सीधे ChatGPT के मुख्य इंटरफेस पर पहुंच जाता है, जहां टेक्स्ट को टोन, परिस्थितियों या ऑडियंस के अनुसार और बेहतर बनाया जा सकता है। यह ट्रांसलेशन केवल शब्दों का अनुवाद नहीं करता, बल्कि अर्थ को सही तरीके से प्रस्तुत करने में भी मदद करता है।
ChatGPT Translate कैसे इस्तेमाल करें?
इस टूल को उपयोग करना बेहद सरल है। निम्नलिखित स्टेप्स का पालन करें:
- सबसे पहले ChatGPT Translate की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- अब जिस टेक्स्ट का अनुवाद करना है, उसे बाईं तरफ दिए गए बॉक्स में टाइप करें या कॉपी-पेस्ट करें।
- इसके बाद, दाईं ओर दिए गए विकल्प से अपनी पसंदीदा भाषा का चुनाव करें।
- जैसे ही आप ये स्टेप्स पूरा करेंगे, टेक्स्ट अपने आप चुनी गई भाषा में अनुवाद हो जाएगा।
हालांकि, वर्तमान में इस टूल में कुछ सीमाएं हैं। इसमें डॉक्यूमेंट अपलोडिंग, वेबसाइट ट्रांसलेशन, हैंडराइटिंग पहचान और रियल-टाइम संवाद की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इमेज ट्रांसलेशन का जिक्र है, लेकिन फिलहाल इमेज अपलोड करने का कोई विकल्प नहीं दिया गया है।
विशेषताएँ
- 50 से अधिक भाषाओं में अनुवाद
- आसान और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस
- टेक्स्ट में सुधार के लिए विभिन्न विकल्प
- स्वचालित भाषा पहचानने की क्षमता
प्रदर्शन और बेंचमार्क
इस टूल का प्रदर्शन सामान्य ट्रांसलेशन से अधिक उपयोगी है। यह सिर्फ शब्दों के अनुवाद पर ध्यान केंद्रित नहीं करता, बल्कि टेक्स्ट की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रॉम्प्ट भी प्रदान करता है, जिससे यह एक परिष्कृत अनुभव बनाता है।
उपलब्धता और मूल्य
ChatGPT Translate वर्तमान में ऑनलाइन उपलब्ध है। इसका उपयोग करने के लिए कोई शुल्क नहीं है, जिससे उपयोगकर्ता इसे मुफ्त में आजमा सकते हैं।
बंद विकल्पों के साथ तुलना
- Google Translate: सीमित अनुकूलन विकल्प के साथ, लेकिन डॉक्यूमेंट्स और इमेज का सपोर्ट।
- Microsoft Translator: विभिन्न एक्सटर्नल लैंग्वेज सपोर्ट, लेकिन उपयोग में जटिलता।
- Deepl: उच्च गुणवत्ता का अनुवाद, लेकिन सीमित भाषाओं में।
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CES 2026 के प्रमुख आकर्षण: वॉलपेपर OLED टीवी और फोल्डेबल फोन
CES 2026 की प्रमुख तकनीकी रुझान: लास वेगास में आयोजित Consumer Electronics Show (CES) 2026 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनती जा रही है। इस वर्ष भी प्रमुख टेक कंपनियों ने कई नवीन उत्पाद पेश किए। आइये इस शो में सबसे महत्वपूर्ण डिवाइसों पर एक नजर डालते हैं।
Samsung ने AI को बनाया घर का हिस्सा
Samsung Electronics ने CES 2026 में अपने AI-पॉवर्ड उत्पाद पेश किए हैं। इनमें Bespoke AI AirDresser शामिल है, जो कपड़ों की सिलवटें खुद ठीक कर सकता है। इसके अतिरिक्त, Bespoke AI Jet Bot Steam Ultra को भी पेश किया गया है, जिसमें पावरफुल प्रोसेसर और एडवांस 3D सेंसर्स शामिल हैं। इस लाइनअप में AI रेफ्रिजरेटर और माइक्रोवेव भी शामिल हैं, जो विजन-बेस्ड AI फीचर्स के साथ आते हैं।
LG ने फिर लौटाया अल्ट्रा-थिन Wallpaper OLED टीवी
LG ने CES 2026 में अपने प्रसिद्ध Wallpaper OLED TV का नया मॉडल प्रस्तुत किया। यह केवल 9 मिमी मोटाई वाला 100-इंच OLED टीवी है, जो दीवार पर एक वॉलपेपर की तरह दिखता है। इस टीवी में सभी इनपुट्स के लिए अलग Zero Connect Box होता है, जिसे 10 मीटर तक रखा जा सकता है। यह एक पावर केबल के साथ वायरलेस तरीके से 4K ऑडियो और वीडियो प्रदान करने की क्षमता रखता है।
Intel ने दिखाया अगली पीढ़ी का प्रोसेसर
Intel ने CES 2026 में Core Ultra Series 3 प्रोसेसर को पेश किया, जो नई 18A सेमीकंडक्टर प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं। ये चिप्स बेहतर प्रदर्शन और बैटरी एफिशिएंसी के साथ आते हैं। इसमें हाइब्रिड CPU आर्किटेक्चर मौजूद है, जो प्रदर्शन और एफिशिएंसी कोर का संयोजन प्रदान करता है।
Lenovo Legion Go 2 अब SteamOS के साथ
Lenovo ने अपने गेमिंग हैंडहेल्ड Legion Go 2 का SteamOS वर्जन प्रस्तुत किया है। हार्डवेयर Windows मॉडल के समान है, लेकिन SteamOS के साथ यह सीधे Steam लाइब्रेरी और अन्य सुविधाएँ प्रदान करता है। हालांकि, यह Windows जैसी फ्लेक्सिबिलिटी नहीं देता, लेकिन गेमर्स के लिए अधिक फोकस्ड अनुभव प्रदान करता है।
Motorola का AI वियरेबल कॉन्सेप्ट
Motorola ने CES 2026 में Project Maxwell नामक AI वियरेबल कॉन्सेप्ट का प्रदर्शन किया। यह डिवाइस यूजर के आसपास की चीजों को समझने में सक्षम है। यह कैमरा और सेंसर के माध्यम से जानकारी प्रदान करता है और उपयोगकर्ता के लिए सुझाव भी देता है।
Razer का AI होलोग्राफिक गेमिंग साथी
Razer ने गेमर्स के लिए Project Ava का अनावरण किया, जो एक AI-पॉवर्ड होलोग्राफिक डिवाइस है। इसमें एक डिजिटल पार्टनर के रूप में 5.5-इंच का डिजिटली अवतार होता है, जो यूजर के साथ इंटरैक्ट करता है।
Motorola का पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल फोन
Motorola ने CES 2026 में अपना पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन Razr Fold पेश किया। इसमें 8.1-इंच की बड़ी इनर स्क्रीन और 6.6-इंच का कवर डिस्प्ले है। यह Moto Pen Ultra के साथ आता है, लेकिन इसकी कीमत और लॉन्च तिथि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
Google TV को मिला Gemini AI का बड़ा अपडेट
Google ने CES 2026 में Gemini AI के साथ Google TV के नए फीचर्स प्रस्तुत किए। अब AI विजुअल एलिमेंट्स और फोटो लाइब्रेरी से कंटेंट सर्च कर सकता है। वॉइस कमांड के जरिए सेटिंग्स को बदलना और देखने का अनुभव बेहतर बनाना और भी सरल हो गया है।
Dell ने वापस लाई XPS सीरीज
Dell ने अब XPS सीरीज को फिर से लॉन्च किया है, जिसमें नए XPS 14 और XPS 16 लैपटॉप शामिल हैं। इनका डिजाइन प्रीमियम है और ये हल्के वजन के साथ ऑल-डे बैटरी लाइफ पर केंद्रित हैं। केवल 14.6 मिमी मोटाई के साथ, ये अब तक के सबसे पतले XPS लैपटॉप्स हैं।
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Gmail के पुराने और अनावश्यक ईमेल एक क्लिक में हटाएं, जाने आसान तरीका।
Gmail में ईमेल डिलीट करने की विधियाँ
Gmail उपयोगकर्ताओं के लिए समय-समय पर अपने इनबॉक्स को साफ करना जरूरी हो जाता है। विभिन्न न्यूजलेटर्स, प्रमोशनल मेल और पुराने ईमेल चुपचाप जमा होते रहते हैं। इससे जरूरी मेल को खोजना कठिन हो जाता है। अच्छी बात यह है कि Gmail में ऐसे टूल्स उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से आप जल्दी से एक साथ कई ईमेल डिलीट कर सकते हैं। आपको इसके लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप की आवश्यकता नहीं है। नीचे हम आपको कुछ सरल तरीके बताएंगे।
डेस्कटॉप पर Select All का उपयोग करें
- अपने कंप्यूटर पर Gmail खोलें।
- इनबॉक्स के ऊपर बाईं तरफ स्थित छोटे चेकबॉक्स पर क्लिक करें।
- अब Gmail सभी दिख रहे ईमेल को चुन लेगा और “Select all conversations” का विकल्प प्रदर्शित करेगा।
- इस पर क्लिक करें और फिर ट्रैश आइकन पर क्लिक करें ताकि ईमेल डिलीट हो सकें।
इस विधि से आप एक साथ सभी चुने हुए ईमेल को डिलीट कर सकते हैं। यह तरीका विशेष रूप से तब उपयोगी होता है जब आपके इनबॉक्स में पुराने और अनावश्यक मैसेज भर गए हों।
कैटेगरी के अनुसार ईमेल डिलीट करें
Gmail अपने आप ईमेल्स को Promotions, Social, और Updates जैसी विभिन्न टैब्स में बांट देता है। इनमें अधिकांशत: ऑफर्स, न्यूजलेटर और ऐप नोटिफिकेशन शामिल होते हैं। इन ईमेल्स को डिलीट करने का तरीका जानिए:
- Promotions या Social टैब खोलें।
- ऊपर दिए गए बॉक्स पर क्लिक कर सभी ईमेल्स को सेलेक्ट करें।
- फिर Delete बटन पर टैप करें।
इससे आपके इनबॉक्स की भीड़ कम हो जाएगी और जरूरी पर्सनल और कार्य संबंधी ईमेल सुरक्षित रहेंगे।
मोबाइल पर ईमेल एक साथ डिलीट करें
मोबाइल पर एक साथ ईमेल हटाने की प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन यह प्रभावी होती है। इसके लिए किसी एक ईमेल पर कुछ देर तक उंगली दबाकर रखें, जिससे सिलेक्शन मोड सक्रिय हो जाएगा। फिर जिन ईमेल्स को हटाना है उन्हें चुनें और डिलीट आइकन पर टैप करें। यह विधि तब उपयोगी होती है जब आप बिना कंप्यूटर खोले अपने इनबॉक्स को साफ करना चाहते हैं।
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GPS बिना भी Google आपकी लोकेशन का पता कैसे लगाता है? जानें तकनीक के तरीके।
Google की लोकेशन ट्रैकिंग कैसे काम करती है?
आजकल हम विभिन्न Google सेवाओं जैसे ईमेल, मैप्स, क्लाउड स्टोरेज, स्मार्ट डिवाइस तथा AI टूल्स का उपयोग करके अपनी दैनिक ज़िंदगी को नियंत्रित करते हैं। Google कई गैजेट्स जैसे स्मार्टफोन, टीवी, स्पीकर्स और लैपटॉप में पहले से स्थापित होता है। ये डिवाइस हमेशा इंटरनेट से जुड़े रहते हैं और आपकी जानकारी को साझा करते रहते हैं, जिसमें आपकी लोकेशन भी शामिल होती है। भले ही आप अपने फोन का GPS बंद कर दें, Google आपके स्थान का अनुमान लगाने का कोई न कोई तरीका निकाल लेता है। आइए जानते हैं किन-किन तरीकों से Google आपकी लोकेशन का पता लगाता है।
किन-किन तरीकों से Google को पता चलती है आपकी लोकेशन?
WiFi और Bluetooth
Google को आपकी लोकेशन का सबसे बड़ा संकेत वाई-फाई और ब्लूटूथ से मिलता है। भले ही आप इनका उपयोग नहीं कर रहे हों, आपका फोन आस-पास के वाई-फाई राउटर और ब्लूटूथ बीकन को पहचान लेता है। Google के पास इनका विस्तृत डेटाबेस होता है, जिससे वह आपके आसपास के क्षेत्र का अनुमान लगा लेता है।
मोबाइल टावर
एक और महत्वपूर्ण तरीका मोबाइल टावर का है। जब आपका फोन नेटवर्क पर होता है, तो यह लगातार नज़दीकी मोबाइल टावरों को सिग्नल भेजता रहता है। इन सिग्नलों की प्रसारण गति को मापकर, Google यह पता लगा लेता है कि आप हर टावर से कितनी दूरी पर हैं, और यही प्रक्रिया आपकी लोकेशन को सही-सही पहचानने में मदद करती है।
IP एड्रेस
आपका IP एड्रेस भी लोकेशन का एक महत्वपूर्ण संकेत है। हर इंटरनेट से जुड़ी डिवाइस को एक अद्वितीय IP एड्रेस मिलता है, जो अक्सर आपके शहर या क्षेत्र की जानकारी प्रदान करता है। यह हमेशा सटीक नहीं होता, लेकिन जब इसे अन्य संकेतों के साथ मिलाया जाता है, तो लोकेशन का अनुमान और भी सही होता है।
Google को लोकेशन ट्रैक करने से कैसे रोकें?
आप अपने Google अकाउंट में जाकर Location History को बंद कर सकते हैं, जिससे Google आपके स्थल परिवर्तनों की जानकारी जमा नहीं कर पाएगा। एंड्रॉयड फोन पर आप Google Location Accuracy को भी बंद कर सकते हैं, जिससे Google वाई-फाई, ब्लूटूथ और फ़ोन के सेंसर से आपकी लोकेशन का सटीक पता नहीं लगा सकेगा, खासकर जब GPS ऑफ हो।
आपको अपने फोन में मौजूद ऐप्स की लोकेशन अनुमति की सेटिंग्स भी देख लेनी चाहिए। कई ऐप्स, जैसे मौसम या फिटनेस ऐप्स, आपकी लोकेशन का उपयोग कर सकते हैं। इनकी अनुमति को ‘Only while using the app’ पर सेट करें या यदि आवश्यकता न हो तो इसे बंद कर दें।
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गूगल ने 2025 का सर्च आंकड़ा जारी किया
गूगल ने 2025 का ईयर इन सर्च जारी किया है, जिसमें भारत के इंटरनेट यूजर्स की खोजी दृष्टि को प्रदर्शित किया गया है। इस साल क्रीड़ा, प्रौद्योगिकी, और ट्रेंड्स ने मिलकर एक नया रंग डाला है, जिसमें विभिन्न वर्गों में विविधता देखने को मिली है।
<h2 class="wp-block-heading">सबसे ज्यादा खोजा गया IPL</h2> <p>क्रिकेट के प्रति भारतीयों का जुनून इस बार फिर से शीर्ष पर रहा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने 2025 में भारत की सर्च लिस्ट में पहले स्थान पर कब्जा जमाया। इसके अलावा, गूगल का नवीनतम एआई प्लेटफॉर्म, **Gemini**, दूसरे स्थान पर रहा। एशिया कप और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।</p> <h2 class="wp-block-heading">एआई की दुनिया में Gemini का दबदबा</h2> <p>आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस श्रेणी में गूगल की **Gemini** ने सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया। इसके बाद **Gemini AI Photo** और **GROK** जैसे टूल्स ने भी ध्यान खींचा। साथ ही, **DeepSeek**, **Perplexity**, और **ChatGPT** शीर्ष सूचियों में शामिल रहे। रोचक बात यह है कि **Ghibli Art** और **Image Generator** जैसे क्रिएटिव एआई टूल्स भी खोजों में मशहूर रहे।</p> <h2 class="wp-block-heading">भारत के ट्रेंड्स: Saree से Action Figure तक</h2> <p>2025 में भारत के ट्रेंड्स दिलचस्प रहे। **Gemini Trend** ने पहले स्थान पर अपनी जगह बनाई, जबकि **Ghibli Trend** और **3D Model Trend** ने भी अच्छी खासी सुर्खियाँ बटोरीं। फैशन और पॉप कल्चर के मिश्रण में **Gemini Saree Trend** और **Action Figure Trend** ने सोशल मीडिया पर चर्चा को बढ़ाया।</p> <h2 class="wp-block-heading">A से Z सर्च: हर अक्षर में नया किस्सा</h2> <p>गूगल ने इस बार **A to Z सर्च ट्रेंड्स** भी प्रस्तुत किए। "A" से **Anil Padda** और **Ahan Pandey**, "B" से **Bryan Johnson**, "D" से **Dharmendra**, "I" से **IPL** और "W" से **Women’s World Cup** तक, हर अक्षर ने अलग कहानी बयां की। यहाँ तक कि **Nano Banana Trend** और **Yorkshire Pudding** जैसे अनोखे शब्द भी भारतीय यूजर्स की सर्च में शामिल रहे।</p> <p>गूगल ने 2025 की बेस्ट ऐप्स और गेम्स की सूची भी जारी की है, जिसमें भारत में एआई और स्थानीय कंटेंट का बोलबाला है। इसके अलावा, **Google Pixel Drop 2025** में उपयोगकर्ताओं को मैसेज में **Remix Magic**, एआई द्वारा स्कैम अलर्ट्स, और नोटिफिकेशन समरी जैसी नई सुविधाएँ दी जाएंगी।</p> -

गूगल का इमेज जेनरेशन टूल अब अधिक स्मार्ट, मल्टी-लैंग्वेज समर्थन के साथ
Google का नया इमेज जेनरेशन मॉडल: Nano Banana Pro
Google ने अपने नवीनतम इमेज जेनरेशन मॉडल Nano Banana Pro का अनावरण किया है, जो कि Gemini 3 पर आधारित है। पिछला मॉडल, Nano Banana, लॉन्च होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। Google के CEO सुंदर पिचाई ने इस नए वर्जन की जानकारी देते हुए कहा है कि यह इमेज जेनरेशन और एडिटिंग में सबसे बेहतरीन तकनीक (SOTA) प्रदान करता है। पिचाई के अनुसार, यह मॉडल जटिल इन्फोग्राफिक्स बनाने में भी सक्षम है, जिससे यह इंजीनियरों द्वारा दृष्टि में आत्मकथित होता है।
विशेषताएँ
- आधार: Gemini 3
- इमेज जेनरेशन और एडिटिंग की उच्चतम तकनीक
- विस्तृत वर्ल्ड नॉलेज
- सटीक टेक्स्ट रेंडरिंग
- यूजर द्वारा दिए गए इनपुट के आधार पर इमेज बनाना
मुख्य विशेषताएँ
Nano Banana Pro किसी भी कल्पना को वास्तविकता में बदलने की क्षमता रखता है। चाहे वह प्रोटोटाइप डिजाइन हो या डेटा का इन्फोग्राफिक रूप में प्रदर्शन, यह मॉडल आसानी से सहायता करता है। Google का दावा है कि यह पहले से अधिक सटीक और संदर्भ आधारित इमेज तैयार कर सकता है। उपयोगकर्ता अपनी कल्पनाओं को प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न इमेज जनरेशन विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं।
प्रदर्शन/बेंचमार्क
Nano Banana Pro की मल्टीलिंगुअल क्षमता इसे कई भाषाओं में टेक्स्ट जेनरेट करने की सुविधा देती है। उपयोगकर्ता अपनी सामग्री को आसानी से लोकलाइज या ट्रांसलेट कर सकते हैं, जिससे विभिन्न भाषाओं में सामग्री साझा करना आसान हो जाता है। यह मॉडल एक ही फ़्रेम में 14 अलग-अलग इमेज को मिलाने की भी सुविधा देता है।
उपलब्धता और मूल्य
Nano Banana Pro को Gemini ऐप के माध्यम से सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। फ्री यूजर्स को सीमित इमेज जेनरेशन की अनुमति मिलेगी, जबकि प्लान वाले यूजर्स को अधिक ऐडिटिंग कोटा उपलब्ध होगा। इसका उपयोग करने के लिए, यूजर्स ऐप के अंदर Create images विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं।
तुलना
- Nano Banana Pro vs Nano Banana: बेहतर प्रिसिजन और कंट्रोल
- यूजर्स के लिए अधिक सुविधाएँ और क्रिएटिव नियंत्रण
- पिछले मॉडल की तुलना में अधिक इमेज जेनरेशन क्षमताएँ
Nano Banana Pro एक शक्तिशाली टूल है जो यूजर्स को अपनी रचनात्मकता को वास्तविकता में बदलने की अनुमति देता है, और यह निश्चित रूप से तकनीकी जगत को नया मोड़ देने के लिए तैयार है।
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Jio ग्राहकों के लिए 18 महीने तक मुफ्त में Gemini 3 उपलब्ध, ऐसे करें ऑफर का दावा
Jio Gemini Pro Plan में अपडेट, मुफ्त मिलेगा Google Gemini 3 का लाभ
देश की प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनी Jio ने अपने Jio Gemini Pro Plan में हाल ही में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। Google Gemini 3 के रिलीज होते ही, 5जी उपयोगकर्ता अब इस नई सेवा का लाभ मुफ्त में उठा सकेंगे, बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के। यह कदम Jio के यूजर्स को उच्च गुणवत्ता की सेवाएँ प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
विशेषताएँ
- Jio Gemini Pro Plan का उपयोग करते हुए 5जी उपयोगकर्ता
- Google Gemini 3 का मुफ्त उपयोग
- कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
प्रमुख विशेषताएँ
यह नया अपडेट Jio के 5जी ग्राहकों के लिए एक बड़ी सौगात है। Jio Gemini Pro Plan में शामिल होकर, उपयोगकर्ता उच्च गति इंटरनेट के साथ-साथ Google Gemini 3 की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह तकनीकी नवाचार Jio के ग्राहक आधार को और मजबूत करता है और प्रतिस्पर्धा में इसे एक बेहतर स्थिति में लाता है।
प्रदर्शन और बेंचमार्क
Google Gemini 3 की विशेषताएँ उपयोगकर्ताओं को शक्तिशाली डेटा प्रबंधन और तेज इंटरनेट अनुभव प्रदान करती हैं। इस सेवा के साथ, Jio के ग्राहक उच्चतम गति और सर्वोत्तम सेवा का अनुभव कर पाएंगे।
उपलब्धता और कीमत
Jio Gemini Pro Plan अब सभी 5जी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। ग्राहकों को कोई अतिरिक्त कीमत चुकाने की आवश्यकता नहीं है, जिससे यह योजना और भी आकर्षक बन जाती है।
तुलना
- Jio Gemini Pro Plan बनाम अन्य टेलीकॉम प्लान: 5जी उपयोगकर्ताओं के लिए मुफ्त Gemini 3 सेवा
- प्रमुख प्रतिस्पर्धियों के समान योजनाओं से बेहतर मूल्य
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Google ने पेश किया Gemini 3, लंबे प्रॉम्प्ट की अब जरूरत नहीं
गूगल ने अपना नया और सबसे उन्नत AI मॉडल, **Gemini 3**, लॉन्च कर दिया है। वर्तमान में यह मॉडल प्रीव्यू प्रारूप में उपलब्ध है और इसका वैश्विक वितरण अगले कुछ दिनों में सभी उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही, गूगल ने इसे अपनी विभिन्न सेवाओं में एकीकृत करना भी प्रारंभ कर दिया है। सबसे पहले, Gemini ऐप और Google Search के AI मोड में इस मॉडल की क्षमताओं को जोड़ा गया है। इसके अलावा, इन दोनों प्लेटफॉर्म पर गूगल ने एक नई तकनीक “Generative Interfaces” पेश की है, जो यूजर्स को किसी भी जानकारी को खोजने पर एक इंटरएक्टिव और उत्कृष्ट दृश्य अनुभव प्रदान करेगा।
Google CEO ने बताया सबसे बेहतरीन मॉडल
गूगल का दावा है कि यह नया मॉडल AI विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि **Gemini 3.0** जटिल जानकारियों को बेहतर तरीके से समझने में सक्षम है। यह इंसानी मस्तिष्क के समान सोचने-समझने, जानकारी को विश्लेषित करने, कोडिंग करने, और गणित के प्रश्नों को हल करने में भी सक्षम है। गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने अपने X अकाउंट पर इस मॉडल की विशेषताओं को साझा करते हुए कहा कि, “हम Gemini 3 पेश कर रहे हैं। यह मल्टीमॉडल समझ के मामले में सबसे श्रेष्ठ है और सबसे शक्तिशाली एजेंटिक मॉडल भी है। Gemini 3 किसी भी विचार को जीवन्त बनाने की क्षमता रखता है, और यूजर द्वारा दिए गए प्रॉम्प्ट के इरादे को त्वरित समझता है, जिससे बेहतर परिणाम प्राप्त होता है।”
Gemini 3 DeepThink मॉडल भी हुआ लॉन्च
गूगल ने Gemini 3 के साथ-साथ **Gemini 3 DeepThink** का भी अनावरण किया है, जो विशेष रूप से जटिल और उन्नत तर्क कार्यों के लिए विकसित किया गया है। प्रारंभिक परीक्षणों के अनुसार, यह मॉडल **Humanities Last Exam** और **ARC-AGI 2** जैसे कठिन समस्या-समाधान परीक्षणों में पुराने मॉडलों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करता है। गूगल का कहना है कि DeepThink मोड को कई सुरक्षा परीक्षणों से गुजरने के बाद ही **Google AI Ultra** यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
Gemini 3.0 अपने पिछले वर्जन से कैसे अलग है?
गूगल का कहना है कि Gemini 3.0 की रीजनिंग क्षमताएँ और संदर्भ की समझ अब और अधिक उन्नत हैं। पुराने वर्जन की तुलना में, यह मॉडल क्रिएटिव विचारों और बहु-स्तरीय समस्याओं को समझने और विश्लेषण करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, इस नए मॉडल को उपयोगकर्ताओं के संदर्भ और इरादे को समझने में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं, जिससे यूजर्स को कम प्रॉम्प्ट पर बेहतर परिणाम मिलते हैं। Gemini 3 लंबे अनुसंधान पत्रों और वीडियो लेक्चर का विश्लेषण कर उनके सारांश प्रदान करने में सक्षम है, जिससे छात्र अपनी जरूरत के अनुसार अनुकूलित नोट्स तैयार कर सकते हैं।
यूजर्स को मिलेंगे बेनिफिट्स
यूजर्स अब फोटो, वीडियो, ऑडियो या कोड के माध्यम से भी Gemini 3 से सवाल पूछ सकेंगे और यह नया मॉडल स्पष्ट, सटीक और संदर्भ के अनुरूप उत्तर प्रदान करेगा। इसके अलावा, छुट्टियों की योजना बनाना, मीटिंग शेड्यूल करना या बड़े प्रोजेक्ट्स को तैयार करना जैसे कार्य Gemini 3 आसानी से कर सकता है। Google Search में भी अब यूजर्स को जानकारी खोजने पर इंटरैक्टिव परिणाम प्राप्त होंगे।
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आशा भोसले को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली राहत, AI नकल के खिलाफ सुनाया फ़ैसला
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
गायिका आशा भोसले के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि AI प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स साइटें और अन्य संस्थाएं उनकी आवाज, तस्वीर और पहचान का अनधिकृत उपयोग नहीं कर सकेंगी। इस आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो, आवाज या समानता का उपयोग नहीं कर सकता।
कोर्ट का संज्ञान और आदेश
जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर ने अपने आदेश में यह स्थापित किया कि किसी सेलिब्रिटी की व्यक्तिगत विशेषताओं जैसे नाम, तस्वीर या आवाज का बिना सहमति उपयोग करना उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत ने यह भी माना कि AI तकनीकों का उपयोग करके किसी सेलिब्रिटी की आवाज की नकल करना उनकी पहचान के साथ अन्याय है। आशा भोसले की आवाज उनके सार्वजनिक और निजी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
AI के माध्यम से आवाज की नकल का मामला
इस मामले में ‘मायके’ नामक एक मंच पर आशा भोसले की आवाज की नकल करने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स साइटों पर उनके चित्रों वाले मर्चेंडाइज और पोस्टर की बिक्री बिना अनुमति हो रही थी। गूगल की भी इसमें संलिप्तता थी, क्योंकि यूट्यूब पर AI निर्मित सामग्री उनकी आवाज की नकल कर के अपलोड की गई थी।
अभिनेत्रियों और कलाकारों के लिए एक मिसाल
यह अदालत का फैसला न केवल आशा भोसले के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि यह डिजिटल युग में सेलिब्रिटी की पहचान की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। 91 वर्षीय आशा भोसले ने अपने करियर में सात दशकों तक लाखों लोगों के दिलों पर राज किया है, और उनके सदाबहार गीत जैसे ‘पिया तू अब तो आजा’ और ‘दम मारो दम’ उनकी अमूल्य विरासत हैं।
फैंस का समर्थन
सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने इस अदालत के निर्णय की प्रशंसा की है। कई लोगों ने बताया है कि AI का अनुचित उपयोग रचनात्मकता को प्रभावित कर सकता है। यह मामला प्रौद्योगिकी और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। आशा भोसले ने इस फैसले पर खुशी जताई और कहा कि उनकी कला उनकी पहचान का हिस्सा है, जिसकी रक्षा अवश्य की जानी चाहिए।
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गूगल का 27वां जन्मदिन: जानें कैसे एक छोटे गैराज से शुरू हुई इसकी यात्रा, खास डूडल देखें।
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
27 सितंबर को, दुनिया के सबसे प्रसिद्ध सर्च इंजन गूगल का 27वां जन्मदिन था। इसने पिछले कई वर्षों में हमारी जिंदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब हम किसी जानकारी की तलाश में होते हैं, तो सबसे पहले हमें यह ख्याल आता है कि हमें “गूगल करना चाहिए।” इस खास अवसर पर, चलिए जानते हैं गूगल की शुरुआत कैसे हुई, इसे किसने बनाया, और इसके नाम का असली अर्थ क्या है।
गूगल की शुरुआत कैसे हुई?
गूगल की यात्रा 1995 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से शुरू हुई। उस समय लैरी पेज जो ग्रेजुएट स्कूल में दाखिला लेने की सोच रहे थे, और सर्गेई ब्रिन, जो पहले से वहां छात्र थे, की पहली मुलाकात हुई। उस समय उनकी बहस हुई, किन्तु अगले वर्ष दोनों ने मिलकर एक नई दिशा में कार्य करना शुरू किया।
लैरी और सर्गेई ने मेनलो पार्क के एक गैराज में एक ऐसा सर्च इंजन विकसित करना शुरू किया, जो वेब पृष्ठों को उनके लिंकिंग के आधार पर रैंक करता था। इसका प्रारंभिक नाम Backrub था, लेकिन बाद में इसे Google में परिवर्तित कर दिया गया। यह सर्च इंजन जल्दी ही छात्रों और निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो गया।
4 सितंबर 1998 को, गूगल को एक प्राइवेट कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड किया गया, जबकि इसका डोमेन नाम 15 सितंबर 1997 को खरीदा गया था। गूगल अपना जन्मदिन 27 सितंबर को मनाता है, क्योंकि इस दिन इसे रिकॉर्ड संख्या में वेब पृष्ठों को इंडेक्स करने का गौरव प्राप्त हुआ।
जन्मदिन पर खास डूडल 🎉
गूगल कल अपने 27वें जन्मदिन के अवसर पर एक विशेष डूडल के साथ सामने आया। इस बार, गूगल ने अपना पहला लोगो दोबारा प्रस्तुत किया है, जिससे 1998 में कंपनी की शुरुआत के दिनों की याद ताजा हो जाती है। इस विशेष अवसर पर गूगल की सफलता और महत्व को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि गूगल सिर्फ एक सर्च इंजन नहीं, बल्कि हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

