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  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को दिया इस्तीफा, 19 को होगी विधानसभा भंग

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को दिया इस्तीफा, 19 को होगी विधानसभा भंग

    नीतीश कुमार का महत्वपूर्ण दिन: विधानसभा भंग और नई सरकार का गठन

    पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए आज एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली कैबिनेट बैठक में 17वीं विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की। यह बैठक इस सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक साबित हुई। सभी मंत्रियों ने अपने इस्तीफे दे दिए, और 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा भंग हो जाएगी। इसके बाद नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव उनके सामने रखा।

    कैबिनेट बैठक की तैयारियाँ और विधायक दल की बैठक

    कैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कुछ अन्य मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री हाउस पहुंचे। इसके बाद सभी मंत्री सचिवालय पहुँचे, जहां बैठक शुरू हुई। बैठक के दौरान सचिवालय के अंदर किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। राजभवन के बाहर भी सुरक्षा कड़ी थी। नीतीश कुमार के राजभवन से निकलने के बाद, वह अपनी पार्टी के नेताओं के साथ विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां जदयू के नेता उन्हें विधायक दल का नेता चुनेंगे।

    नवीनतम सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

    नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य वीआईपी अतिथि शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए लगभग 5000 विशेष अतिथियों के लिए एक सेक्शन तैयार किया जा रहा है। वहीं, आम लोगों के लिए समारोह के दौरान 17 से 20 नवंबर तक प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।

    भाजपा की विधायकों की बैठक

    भाजपा के विधायकों की बैठक मंगलवार को निर्धारित की गई है, जहां नई सरकार के गठन की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद, नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना होगी।

  • EX CM Raghubar बनें ओडिशा के Governor

    EX CM Raghubar बनें ओडिशा के Governor

    रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। गणेशी लाल की जगह रघुवर दास लेंगे। वहीं, इंद्रसेन रेड्डी नल्लू को त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन ने बुधवार (18 अक्टबूर) को बयान जारी कर यह जानकारी दी। रघुवर दास वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। वे 2014 से 2019 तक झारखंड के मुख्यमंत्री थे। इंद्र सेना रेड्डी नल्लू तेलंगाना से बीजेपी नेता हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये नियुक्तियां संबंधित कार्यालयों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगी।

    बधाई का लगा ताँता

    रघुवर दास के गवर्नर बनने पर झारखंड में हर्ष की लहर है। उनको बधाई देने वालों का ताँता लगा हुआ है। भाजपा के पूर्व प्रवक्त अमर प्रीत सिंह काले ने पूर्व मुख्य मंत्री रघुवर दास को ओड़िशा का राज्यपाल बनाये जाने पर उन्हें हार्दिक बधाई दी।उन्होंने कहा श्री दास भाजपा के अमूल्य और प्रभावशाली नेता हैं। दल ने उनके राजनीतिक जीवन के अनुभवो का लाभ लेने के लिए एक अत्यंत गरिमापूर्ण संविधानिक पद पर भेजकर जनता और संविधान का गौरव बढ़ाया, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह आदि को भी कोटिशः बधाई दी।

  • दिल में छुपा कर अरमान ले चलें…

    दिल में छुपा कर अरमान ले चलें…

    झारखंड से विदाई के पूर्व मीडिया से मुखातिब हुए गवर्नर रमेश बैस

    जिस गति से विकास कराना चाहते थे, वह नहीं करा पाने का है मलाल

    कहा- झारखंड में काम करने की स्पीड बहुत स्लो है

    रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में जितना काम नहीं किया था, उससे अधिक काम इलेक्शन कमीशन का लिफाफा आने के बाद किया। इससे झारखंड का भला हुआ। यह कहना है झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस का। महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाए जाने के बाद झारखंड से विदाई के पूर्व श्री बैस आज राजभवन में मीडिया से मुखातिब हो रहे थे। बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता को लेकर चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए लिफाफे का मामला छाया रहा। इस पर मुस्कुराते हुए श्री बैस ने आन फिल्म में मोहम्मद रफी द्वारा गाए गीत दिल में छुपा कर प्यार का तूफान ले चले, …अरमान ले चलें का अंतरा सुनाकर समापन किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को स्पष्ट कह दिया था कि वह निश्चिंत होकर अपना काम करें, फिर भी यदि कोई अपने छांव से डरे तो मैं क्या करूं।

    …तो विकासशील राज्य होता झारखंड

    श्री बैस ने कहा कि 2021 में झारखंड आने के बाद वह यहां जिस गति से विकास कराना चाहते थे, उस गति से नहीं करा पाया। कहा कि राज्य के मंत्री और अधिकारियों का विजन यदि सही होता तो झारखंड बीमारू राज्य नहीं विकासशील प्रदेश होता। उन्होंने कहा कि झारखंड के लॉ एंड ऑर्डर को ठीक कराने का उन्होंने हर संभव प्रयास किया, क्योंकि बाहर से इन्वेस्टर तभी आएंगे जब राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति ठीक रहेगी। यदि यहां शासन व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं रहेगी तो बाहर से लोग आने में कतराएंगे।

    लोग सीधे-सादे, लेकिन कानून व्यवस्था ठीक नहीं

    श्री बैस ने कहा कि झारखंड में सबसे अच्छा यह लगा कि यहां के लोग बहुत सीधे सादे हैं। लेकिन उन्हें सबसे मलाल यह रहा कि यहां कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। इसके लिए उन्होंने कई बार अधिकारियों को बुलाकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद स्थिति सुधर नहीं पाई। उन्होंने कहा कि झारखंड में काम करने की स्पीड बहुत स्लो है, इस कारण यह राज्य छत्तीसगढ़ उत्तराखंड से काफी पीछे रह गया है।

    हेमंत सोरेन अच्छे लीडर, लेकिन सलाह नहीं माने

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्री बैस ने कहा कि बहुत अच्छे लीडर हैं, इतनी कम उम्र में मुख्यमंत्री बने हैं। वे ऐसा काम कर सकते हैं जो लैंड मार्क साबित हो सकता है। मैंने बीच-बीच में उन्हें कई सलाह दिया, लेकिन पता नहीं वे क्यों उस पर अमल नहीं कर पाए। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर बजट में हेल्थ, एजुकेशन, रोड जैसे कुछ प्रमुख सेक्टर पर फोकस कर काम करना होगा, तभी राज्य का अपेक्षित विकास होगा।

    1932 के खतियान में है कई समस्या

    झारखंड के बहुविवादित विषय 1932 के खतियान पर श्री बैस ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी सरकार क्यों जबरदस्ती करना चाहती है, यह समझ में नहीं आया। यदि 1932 का खतियान स्थानीयता का आधार माना जाएगा तो इससे कई जिलों में भारी समस्या होगी। इस पर सही से निर्णय लेना राज्य के लिए हितकारी होगा। इसी तरह एक्साइज बिल में भी कई कमियां थी, जिस पर उन्होंने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।

    केंद्र ने 200 करोड़ भेजा पर ₹1 खर्च नहीं

    टीएसी पर सरकार के साथ हुए विवाद संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2020-21 और 2021-22 में 200 करोड़ रुपए से अधिक की राशि राज्य सरकार को दी थी, लेकिन समीक्षा के दौरान मैंने पाया कि ₹1 भी खर्च नहीं हो सका है। इस कारण केंद्र सरकार ने 2022-23 में राशि देने पर रोक लगा दी, लेकिन राज्य के अधिकारियों को इसकी परवाह नहीं।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची रांची

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची रांची

    एयरपोर्ट पर गवर्नर और सीएम ने किया स्वागत

    रांची। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भारतीय एयरफोर्स के विशेष विमान से रांची पहुंची। रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पर महामहिम का स्वागत झारखंड के गवर्नर रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुष्पगुच्छ देकर किया।

    एयरपोर्ट पर ही जवानों ने महामहिम द्रौपदी मुर्मू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एयरपोर्ट से राष्ट्रपति श्री मुर्मू सेना के हेलीकॉप्टर में बैठकर खूंटी जिला के उलीहातू स्थित भगवान बिरसा मुंडा जन्मस्थली के लिए रवाना हो गई, जहां वह भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी।

  • शहीद हो गए जवान चितरंजन कुमार

    गवर्नर और मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, कहां करेंगे परिजनों का हर संभव मदद

    रांची। सीआरपीएफ जवान चितरंजन कुमार आज शहीद हो गए। इलाज के क्रम में राजधानी के मेडिका अस्पताल में आज उन्होंने अंतिम सांसे ली। सीआरपीएफ कैंप धुर्वा में शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प माला चढ़ाकर गवर्नर रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रद्धांजलि अर्पित की। ज्ञात हो कि रविवार को चतरा जिले के प्रतापपुर एवं कुंदा सीमा पर नक्सलियों के साथ हुए मुठभेड़ में सीआरपीएफ के जवान चितरंजन कुमार गोली लगी थी। घायल होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए तत्काल हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट कराकर रांची लाया गया तथा बरियातू स्थित मेडिका अस्पताल में भर्ती किया गया था।

    राज्यपाल रमेश बैस एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज धुर्वा स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचकर सीआरपीएफ (190 बटालियन) के शहीद जवान श्री कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौके पर राज्यपाल रमेश बैस एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शहीद जवान श्री कुमार के परिजनों को ढांढस बंधाया तथा गहरी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना ईश्वर से की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि श्री चितरंजन कुमार के शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

  • विश्व में बढ़ा भारत का मान : गवर्नर

    रमेश बैस ने राजभवन में किया मोदी@20 पुस्तक का विमोचन

    रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव और उनकी लोकप्रियता सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विश्वव्यापी है। आज पूरा राष्ट्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन पूरे उत्साह के साथ मना रहा है। यह कहना था झारखंड के गवर्नर रमेश बैस का। राज्यपाल आज राज भवन में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन पर आधारित “मोदी@ 20 पुस्तक” का विमोचन कर रहे थे। उक्त अवसर पर सांसद दीपक प्रकाश, सांसद आदित्य साहू, विधायक भानु प्रताप शाही, कुलपतिगण, प्रबुद्धजन एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गवर्नर श्री बैस ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों से पूरे विश्व में भारत का गौरव एवं सम्मान बढ़ाया है।

    मोदी के साथ लंबे समय तक काम कर चुके हैं बैस

    राज्यपाल ने कहा कि श्री मोदी के साथ उन्हें लंबे समय तक कार्य करने का अवसर मिला। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के पूर्व श्री मोदी छत्तीसगढ़ के प्रभारी हुआ करते थे। उनका काम करने का ढ़ंग जमीनी रहा। वे सदा देश की सोचते रहते थे। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न ही हैं कि उनकी पहल पर पूरा विश्व आज ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ मनाता है। योग समस्त विश्व को स्वस्थ एवं सुखी बनाने के सहज माध्यम के रूप में उभरा है। यह पूरी दुनिया को भारत का महान उपहार है। प्रधानमंत्री का मानना है कि जनसंवाद की प्रक्रिया के बिना जन भागीदारी अधूरी है, वे सदैव जनता से संवाद स्थापित कर उन्हें विकास के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने जनता के लिए कई लोक-कल्याणकारी योजनाएँ धरातल पर उतारा है। राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न नीतियों व योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री के द्वारा किए जा रहे प्रयासों में उनके संकल्प एवं उनकी दूरदर्शिता को निकट से देखा जा सकता है, चाहे वो खुले में शौच का मुद्दा हो या स्वच्छ भारत अभियान, जल जीवन मिशन हो या फिर वोकल फॉर लोकल, डिजिटल इंडिया हो या मेक इन इंडिया। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का आह्वान भारत के उत्थान का मूलमंत्र बन चुका है। जम्मू-कश्मीर में संवैधानिक सुधार प्रधानमंत्री जी की दृढ़ इच्छाशक्ति से ही संभव हो सका है।

    युवाओं को पढ़नी चाहिए मोदी@20

    राज्यपाल ने मोदी@ 20 पुस्तक के संदर्भ में कहा कि यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है। युवा पीढ़ी को यह पुस्तक अवश्य पढनी चाहिए। यह किताब प्रधानमंत्री जी के विज़न को दर्शाती है। मेरी दृष्टि में, यह पुस्तक सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों का तो सदा पथ-प्रदर्शन करती ही रहेगी, साथ ही हमारे युवाओं के लिए प्रेरणादायक भी होगी। प्रस्तावना के बाद इस पुस्तक में पाँच खंड हैं। प्रत्येक अध्याय एक प्रख्यात विशेषज्ञ द्वारा लिखा गया है। शोबाना कामिनेनी, सुरजीत एस० भाला, गृह मंत्री अमित शाह, डॉ० शमिका रवि, उदय एस० कोटक, अनुपम खेर, अशोक गुलाटी, डॉ० देवी शेट्ठी, नंदन नीलेकणी, नृपेंद्र मिश्रा, सदगुरु, सुधा मूर्ति, अजित डोभाल और डॉ० एस जयशंकर द्वारा इस पुस्तक में आदरणीय प्राधानमंत्री जी के संदर्भ में काफी कुछ लिखा गया है।
    राज्यपाल महोदय ने कहा कि इस पुस्तक में माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने प्रधानमंत्री जी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए लिखा है कि मोदी जी ने निस्संदेह समाज में जो कुछ भी देखा, अनुभव किया और सीखा है, उससे शासन में उनकी नीतियाँ प्रभावित हुई हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत अभियान ऐसी अवधारनाएं थीं, जो प्रधानमंत्री जी के दिमाग में उनकी निरंतर यात्राओं के शुरुआती दिनों से घूम रहीं थीं। कृषि वैज्ञानिक अशोक गुलाटी ने कृषि क्षेत्र प्रबंधन पर लिखा है। प्रमुख चिकित्सा पेशेवर डॉ० देवी शेट्ठी कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में शासन की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करती है। हमने मानव इतिहास में अभूतपूर्व चुनौती का सामना किया। हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हमारा देश टीकाकरण के मामले में न केवल आत्मनिर्भर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की भी हमने सहायता की।
    सांसद श्री दीपक प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि यह पुस्तक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक 20 वर्षों के सफर पर आधारित है जिसे विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा लिखा गया। उन्होंने कच्छ इलाके में भू-कम्प आने के बाद जिस प्रकार जनसेवा का कार्य किया, वह अद्वितीय है। उनके नेतृत्व में गुजरात में सामाजिक, आर्थिक, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की, पूरे देश में गुजरात मॉडल की सराहना होने लगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे देश के विकास हेतु सदा तत्पर रहते हैं। उनके विचारों में नेशन फ़र्स्ट की भावना सदा सब देख सकते हैं। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा। कृषि क्षेत्र में उन्होंने क्रान्ति लाने का कार्य किया। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री जी द्वारा बहुत सशक्त एवं प्रभावशाली कदम उठाए गए। प्रधानमंत्री जी ने अपने जीवन में कर्म को प्रधानता दी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने हर देशवासी का मान-सम्मान बढ़ाया।
    मंच संचालन विधायक श्री भानु प्रताप शाही ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री प्रेम मित्तल द्वारा किया गया।

  • तीन बसों में भरकर छत्तीसगढ़ ले जाए जा रहे हैं झामुमो विधायक

    निशीकांत ने ट्वीट कर किया खुलासा

    रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को तीन बसों में भरकर झारखंड से छत्तीसगढ़ ले जाया जा रहा है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने यह ट्वीट कर झारखंड के राजनीति में फिर खलबली मचाने की कोशिश की है। निशिकांत दुबे की यह सूचना कितनी सही है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। इधर झामुमो सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार थोड़ी देर में मुख्यमंत्री आवास में झामुमो के साथ ही कांग्रेस विधायकों की बैठक होने वाली है। इस बैठक में गवर्नर द्वारा लिए गए फैसले की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही झारखंड मुक्ति मोर्चा आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर भी आपसी सहमति बनाने की कोशिश करेगी। जानकारी के अनुसार झामुमो की बैठक में जाने से पूर्व कांग्रेस के विधायक बिरसा चौक स्थित एक होटल में बैठक कर अपने आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

  • प्रेम प्रकाश को ईडी ने किया गिरफ्तार

    कल देर रात हुई गिरफ्तारी, आज कोर्ट में करेंगे पेश

    रांची। कभी बड़े-बड़े आईएएस, आईपीएस को अपनी उंगलियों पर नचाने वाला प्रेम प्रकाश आज खुद हिरासत में आ गया है। सत्ता के गलियारे में भारी हनक रखने वाले प्रेम प्रकाश को कल देर रात ईडी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है ‌ आज उसे ईडी कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी, ताकि इस मामले से जुड़े उसके कनेक्शन का पूरा पर्दाफाश किया जा सके।

  • जेल में बंद कांग्रेसी विधायकों को नहीं मिल रहे हैं बेलर

    हाय रे किस्मत

    जमानत मंजूर होने के बाद भी चार दिन से हैं जेल में बंद

    पार्टी से नहीं मिल रही है मदद, कोलकाता में हलकान हो रही है पत्नी और परिजन

    रांची। कोलकाता जेल में बंद झारखंड के दो कांग्रेसी विधायकों राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगड़ी को बेलर ही नहीं मिल रहे हैं। बेलर नहीं मिल पाने के कारण बुधवार को हाइकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बावजूद अबतक वे कोलकाता जेल में बंद हैं। शनिवार को कांग्रेसी विधायक इरफान अंसारी किसी तरह से स्थानीय मुस्लिम बेलर की मदद से रिहा हो पाए, लेकिन राजेश कच्छप और नमन विक्सल को शनिवार तक बेलर नहीं मिल पाया था। दरअसल पश्चिम बंगाल सरकार के नियमानुसार बेल के लिए स्थानीय थाना क्षेत्र के ही बेलर होने चाहिए, जिनके नाम पर कोई अचल संपत्ति निबंधित होनी चाहिए। मुस्लिम होने के कारण इरफान अंसारी के लोगों ने बेलर का इंतजाम कर लिया, परंतु आदिवासी और इसाई होने के कारण इन दोनों विधायकों को बेलर तलाशने में भारी परेशानी हो रही है। कांग्रेस पार्टी से किसी तरह की मदद नहीं मिलने के कारण इन दोनों विधायकों के परिजन कोलकाता में दर-दर भटक रहे हैं। इनकी पत्नियां भी कोलकाता में ही बेल के इंतजार में बैठी हैं। उम्मीद जतायी जा रही है कि सोमवार को बेलर मिल जाएगा, तब इनकी रिहाई हो सकेगी।

    रिहा होने के बाद इरफान अंसारी ने कहा-

    साजिश रचकर हमें फंसाया गया

    कोलकाता जेल से शनिवार शाम को रिहा हुए विधायक इरफान अंसारी कांग्रेस पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर खूब बिफरे। उन्होंने कहा कि तीनों विधायकों को राजनीतिक साजिश रचकर फंसाया गया है। इरफान ने कहा कि जिस बैकग्राउंड से वे तीनों आते हैं, उनका भाजपा के साथ जाने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता, लेकिन एक साजिश के तहत उनको बदनाम किया गया है। ज्ञात हो कि जेल से रिहा होने के बाद इरफान अंसारी से झामुमो के एक वरिष्ठ नेता का दूत भी मिला, जो लगातार पार्टी हाईकमान से उनकी बात करवा रहा था।

  • नहीं रहें पूर्व गवर्नर सैयद सिब्ते रजी

    लखनऊ के किंग जॉर्ज हॉस्पिटल में हुआ निधन

    रांची। झारखंड के पूर्व राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी का शनिवार को लखनऊ में निधन हो गया। वह हृदय रोग से पीड़ित थे। किंग जार्ज मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने आज अंतिम सांसे ली। स्वर्गीय रजी 2004 से 2009 तक झारखंड के राज्यपाल थे। झारखंड का राज्यपाल रहते हुए उन्होंने सरकार पर दबाव डालकर कई जनहित योजनाओं को शुरू कराया था।

    वरिष्ठ कांग्रेसी के रूप में थी पहचान

    कांग्रेस से जुड़े सैयद सिब्ते रजी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में जन्मे थे। सात मार्च 1939 को जन्म लेने वाले श्री रजी ने 20 अगस्त 2022 को अंतिम सांस ली। उन्होंने रायबरेली के हुसेनाबाद हायर सेकेंडरी स्कूल से दसवीं करने के बाद शिया कालेज में प्रवेश लिया। वह छात्र राजनीति में उतरे और पढाई के साथ जेब खर्च निकालने के कई होटल में अकाउंट का काम भी देखते थे। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम किया था। वे राज्य सभा के तीन बार सदस्य रहे। बाद में उन्हें झारखंड और असम का राज्यपाल भी बनाया गया।