टैग: Grok AI controversy

  • सिगरेट और शराब की चपेट में आईं बॉलीवुड अभिनेत्रियां

    सिगरेट और शराब की चपेट में आईं बॉलीवुड अभिनेत्रियां

    AI ट्रेंड से परेशान बॉलीवुड ऐक्ट्रेस

    बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और श्रद्धा कपूर हाल ही में एक चिंताजनक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेंड का शिकार बनीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इनकी कुछ तस्वीरें वायरल हुईं, जिसमें यह तीनों एक साथ पार्टी करती नजर आ रही थीं। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि ये तस्वीरें असली नहीं, बल्कि AI के माध्यम से बनाई गई थीं।

    इन वायरल तस्वीरों में दीपिका पादुकोण सिगरेट पकड़े और पीते हुए दिखाई दे रही थीं, जबकि श्रद्धा कपूर के हाथ में शराब का गिलास था। आलिया भट्ट भी उनके साथ इस फर्जी पार्टी में मौजूद दिखीं। इन एडिटेड तस्वीरों ने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भ्रम और चौंकाते हुए चिंता का सबब बना दिया।

    फैक्ट चेकिंग का नया दृष्टिकोण

    जब एक यूजर ने X के AI चैटबॉट Grok से पूछा कि क्या ये तस्वीरें असली हैं, तो Grok ने स्पष्ट रूप से जानकारी दी कि ये सभी तस्वीरें AI द्वारा उत्पन्न या संपादित हैं। इसके अलावा, Grok ने बताया कि किसी भी विश्वसनीय स्रोत ने ऐसी पार्टी के आयोजन की पुष्टि नहीं की है और यह भी कि दीपिका उस समय न्यूयॉर्क में थीं।

    हालांकि फैक्ट चेक के बाद स्थिति शांत होने लगी थी, लेकिन एक अन्य यूजर ने उसी पोस्ट पर Grok को बिकिनी पहनने का प्रॉम्प्ट दिया। आश्चर्यजनक रूप से, Grok ने इस निर्देश का पालन करते हुए एक्ट्रेसेस की बिकिनी पहनी हुई तस्वीरें उत्पन्न कर दीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर गुस्सा और बहस तेज हो गई।

    AI टूल्स की जिम्मेदारी पर बहस

    यूजर्स ने यह सवाल उठाया कि जब Grok गलत तस्वीरों को पहचान सकता है, तो वह ऐसे आपत्तिजनक प्रॉम्प्ट्स को क्यों स्वीकार कर रहा है। कई लोगों ने इसे AI की दोहरी नीति समझा, जिसमें वह एक ओर गलत जानकारी का सुधार कर रहा है, तो दूसरी ओर विवादित सामग्री को और बढ़ावा दे रहा है। इस घटना ने AI टूल्स की जिम्मेदारी और कार्यक्षमता पर नई चर्चा छेड़ दी है।

  • फेक अकाउंट्स के जरिए अश्लीलता फैलाने पर एक्स की रिपोर्ट पर आईटी मंत्रालय का ध्यान

    फेक अकाउंट्स के जरिए अश्लीलता फैलाने पर एक्स की रिपोर्ट पर आईटी मंत्रालय का ध्यान

    एक्स ग्रोक रिपोर्ट: महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ सामग्री की निगरानी

    भारत सरकार का सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर नजर रख रहा है। यह मामले का केंद्र है एआई चैटबॉट ‘ग्रोक’, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर महिलाओं और नाबालिगों की अश्लील सामग्री बनाने और साझा करने के लिए किया जा रहा है। मंत्रालय ने इस विषय पर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है, जो वर्तमान में जांच के दायरे में है।

    मंत्रालय की जांच प्रक्रिया

    सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय को एक्स द्वारा रिपोर्ट सौंप दी गई है, जिसे अब गहराई से जांचा जा रहा है। मंत्रालय यह जानने की कोशिश कर रहा है कि कंपनी ने ग्रोक के दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।

    सरकार की सख्त चेतावनी

    सरकार ने एक्स को स्पष्ट चेतावनी दी है कि ग्रोक के माध्यम से बनाई जा रही अश्लील सामग्री को तुरंत हटाया जाए। 2 जनवरी को एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें गैरकानूनी सामग्री हटाने के साथ-साथ 72 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया था।

    अनुपालन अधिकारी की भूमिका

    मंत्रालय ने एक्स से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि उसके मुख्य अनुपालन अधिकारी ने दुरुपयोग के मामले में क्या कदम उठाए हैं। इसके अतिरिक्त, उन खातों और उपयोगकर्ताओं से संबंधित कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है, जो अश्लील सामग्री फैलाने में शामिल पाए गए हैं।

    फर्जीनों के खतरे की पहचान

    सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट है कि ग्रोकएआई का दुरुपयोग करके फर्जी खातों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की तस्वीरों और वीडियो को अपमानजनक रूप में साझा किया जा रहा है। यह प्लेटफार्म की सुरक्षा प्रणाली में गंभीर खामी को दर्शाता है।

    कानूनी कार्रवाई की संभावनाएं

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि आईटी अधिनियम और उससे जुड़े नियमों का पालन अनिवार्य है। धारा 79 के तहत मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ छूट तब लागू होगी जब प्लेटफॉर्म जांच में पूरी तरह खरा उतरे। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में एक्स पर भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।