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  • महिला कप्तान के यौन उत्पीड़न आरोप के बाद BCB ने पूर्व सेलेक्टर पर बैन लगाया

    महिला कप्तान के यौन उत्पीड़न आरोप के बाद BCB ने पूर्व सेलेक्टर पर बैन लगाया

    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने लगाया मंजूरुल इस्लाम पर प्रतिबंध

    डेस्क: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पूर्व नेशनल प्लेयर और पूर्व सेलेक्टर मंजूरुल इस्लाम पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई महिला क्रिकेटर के साथ अनुचित व्यवहार को लेकर की गई है। बोर्ड ने उन्हें किसी भी प्रकार के क्रिकेट गतिविधियों से भविष्य में प्रतिबंधित कर दिया है।

    जहानारा आलम ने लिया क्रिकेट से संन्यास

    मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए बांग्लादेश की महिला क्रिकेटर जहानारा आलम ने क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय लिया है। दिसंबर 2024 के बाद से उन्होंने बांग्लादेश के लिए कोई मैच नहीं खेला है। आरोप है कि इस मामले में आलम ने BCB के दो अन्य अधिकारियों, नादेल चौधरी और निजामुद्दीन चौधरी, का नाम लेते हुए कहा था कि उन्होंने मंजूरुल इस्लाम के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी चिंताओं को नकार दिया।

    गंभीर आरोप के चलते जांच समिति का गठन

    पूर्व कप्तान जहानारा आलम ने 2022 में महिला विश्व कप के दौरान मंजूरुल इस्लाम पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के सार्वजनिक होने के बाद, BCB ने एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया, जिसने आलम के आरोपों की गहनता से जांच की। समिति ने पाया कि मंजूरुल इस्लाम का आचरण पेशेवर मानकों के विपरीत है और इसे यौन उत्पीड़न माना गया। इसके आधार पर, BCB ने उन्हें क्रिकेट गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया।

    मंजूरुल इस्लाम ने मांगी माफी

    रिपोर्ट के अनुसार, मंजूरुल इस्लाम ने मामले के दौरान जांच समिति के सामने माफी मांगी थी और जहानारा आलम से मामले को सुलझाने की कोशिश भी की थी, लेकिन उनकी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं।

    चुनाव समिति के अध्यक्ष का कार्यकाल बढ़ाया

    इसी बीच, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने चयन समिति के अध्यक्ष गाजी अशरफ हुसैन के कार्यकाल को एक महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। उनका कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त होने वाला था। BCB ने महिला बांग्लादेश प्रीमियर लीग के पहले सत्र के कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है, जिसका आयोजन 4 अप्रैल से शुरू होगा और फाइनल मुकाबला 14 अप्रैल को होगा।

  • विल स्मिथ के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप, अभिनेता ने कहा निराधार

    विल स्मिथ के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप, अभिनेता ने कहा निराधार

    विल स्मिथ पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप

    डेस्क। हॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता विल स्मिथ पर वायलिन प्लेयर ब्रायन किंग जोसेफ ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस नए विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। विल स्मिथ ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि ये सभी आरोप निराधार हैं।

    वकील का बयान

    विल स्मिथ के वकील एलेन ग्रोडस्की ने सभी आरोपों को झूठा और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए स्पष्ट किया है कि अभिनेता उन्हें कानूनी तौर पर चुनौती देंगे। वकील ने बताया कि विल स्मिथ सच सामने लाने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।

    मुकदमा और आरोप

    ब्रायन किंग जोसेफ ने हाल ही में लॉस एंजिल्स की एक अदालत में एक मुकदमा दायर किया है, जिसमें उन्होंने अभिनेता और उनकी प्रबंधन फर्म ट्रेबॉल स्टूडियोज मैनेजमेंट के खिलाफ शिकायत की है। यह मुकदमा 31 दिसंबर को दायर किया गया था, जिसमें मार्च में एक टूर के लास वेगास स्टॉप पर हुई एक घटना के संबंध में यौन उत्पीड़न, प्रतिशोध और गलत तरीके से बर्खास्तगी के आरोप पेश किए गए हैं।

  • कमजोर आरोपों से नाराज़ कुमार सानू ने एक्स वाइफ के खिलाफ केस दर्ज किया

    कमजोर आरोपों से नाराज़ कुमार सानू ने एक्स वाइफ के खिलाफ केस दर्ज किया

    मुंबई: प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक कुमार सानू ने अपनी पूर्व पत्नी रीता भट्टाचार्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह याचिका मुंबई हाई कोर्ट में प्रस्तुत की गई है। सानू का आरोप है कि हालिया इंटरव्यू और सोशल मीडिया गतिविधियों ने उनके सामाजिक और पेशेवर साख को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाई है। उन्होंने अदालत से माफी के साथ-साथ 50 करोड़ रुपये या उचित क्षतिपूर्ति करने की मांग की है।

    सानू की ओर से वकील सना रईस खान ने याचिका पेश की है। इसमें यह अनुरोध किया गया है कि रीता भट्टाचार्य को सानू और उनके परिवार के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने या सामग्री साझा करने से रोका जाए। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मेटा से सभी कथित मानहानिकारक पोस्ट और इंटरव्यू हटाने की भी मांग की गई है।

    तलाक समझौते का हवाला

    याचिका में 2001 में हुई तलाक की चर्चा भी की गई है। 9 फरवरी 2001 को बांद्रा फैमिली कोर्ट में सानू और रीता का तलाक स्वीकृत हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से कुछ मानदंड तय किए थे। इनमें यह भी शामिल था कि भविष्य में दोनों एक-दूसरे पर सार्वजनिक रूप से आरोप नहीं लगाएँगे। सानू का कहना है कि हालिया इंटरव्यू इन शर्तों का उल्लंघन है।

    इंटरव्यू से क्यों भड़के कुमार सानू

    सितंबर 2025 में रीता भट्टाचार्य ने एक इंटरव्यू में अपने वैवाहिक जीवन और तलाक के संदर्भ में कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसी इंटरव्यू के आधार पर कुमार सानू ने कानूनी कार्रवाई का निश्चय किया। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि इन आरोपों ने न केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक पीड़ा भी दी है।

    रीता भट्टाचार्य ने इस इंटरव्यू में कहा था कि तलाक के समय वे अपने तीसरे बेटे के साथ गर्भवती थीं और इस दौर ने उन्हें गहरे मानसिक आघात पहुँचाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें आवश्यक सुविधाएँ नहीं मिलीं और अदालत के समक्ष उपस्थित होने के लिए मजबूर किया गया।

    गर्भावस्था और आर्थिक मदद का दावा

    रीता भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, घर से बाहर जाने के बाद भी उन्हें रोजाना बहुत कम आर्थिक सहायता भेजी जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आवश्यक घरेलू सामान तक साथ रख लिया गया और दूध व दवाइयों की व्यवस्था बंद कर दी गई। हालांकि, इन आरोपों पर अब कानूनी स्तर पर सुनवाई होने जा रही है।

    कुमार सानू की याचिका के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। अब मुंबई हाई कोर्ट यह तय करेगा कि क्या इंटरव्यू और सोशल मीडिया पोस्ट तलाक की शर्तों का उल्लंघन करते हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मानहानि के आरोप कितने सत्यता पर आधारित हैं। यह मामला न केवल दोनों पक्षों के लिए, बल्कि सेलिब्रिटी मामलों से संबंधित कानूनी पहलुओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • केरल कोर्ट का फैसला, एक्टर दिलीप यौन उत्पीड़न आरोपों से बरी

    केरल कोर्ट का फैसला, एक्टर दिलीप यौन उत्पीड़न आरोपों से बरी

    केरल कोर्ट का फैसला: दिलीप यौन उत्पीड़न मामले में बरी

    फरवरी 2017 में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में एक हृदयविदारक घटना घटी जब राज्य की व्यस्त सड़कों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने एक प्रसिद्ध अभिनेत्री को चलती कार में अगवा कर लिया और उसके साथ यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम दिया। यह मामला ना केवल फिल्म उद्योग में चर्चा का विषय बना, बल्कि समाज में भी बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ।

    कोर्ट का निर्णय

    हाल ही में केरल कोर्ट ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अभिनेता **दिलीप** को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया, जिससे उनके प्रशंसकों और परिवार में राहत की लहर दौड़ गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान, दिलीप के वकीलों ने न्यायालय में यह बताया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं।

    समाज पर प्रभाव

    इस फैसले ने न केवल दिलीप के करियर को बल्कि फिल्म उद्योग में माहौल को भी प्रभावित किया है। यह मामला मनोरंजन जगत में एक गंभीर चर्चा का विषय रहा है, जो यौन उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करता है।