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  • हरियाणा: हुड्डा ने कहा – राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले नाम उजागर होंगे

    हरियाणा: हुड्डा ने कहा – राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले नाम उजागर होंगे

    हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की चुनौतियाँ

    चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी, करमवीर बौद्ध के जरिए अपनी उपस्थिति बनाए रखने में सफल रही है। हालाँकि, चुनाव से पूर्व एकजुटता का दावा करने के बावजूद, पार्टी के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिसके परिणामस्वरूप चार वोट अमान्य हो गए। कांग्रेस ने उन विधायकों के नामों को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, पार्टी को उनके बारे में जानकारी है और जल्द ही उन पर कार्रवाई साधारित की जाएगी। पार्टी नेता भूपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि उन्होंने उच्च कमान को संबंधित विधायकों के नाम सौंप दिए हैं, और उम्मीद है कि अगले 2-3 दिनों में ये सार्वजनिक हो जाएंगे।

    विधायकों पर कार्रवाई की अपेक्षा

    भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि शिष्टाचार के कारण वह नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन जब कार्रवाई की जाएगी, तो सभी को इसके बारे में जानकारी हो जाएगी। इस बीच, हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उल्लेखनीय है कि रामकिशन, विधायक शैली चौधरी के पति हैं, जिनके बारे में क्रॉस वोटिंग का संदेह है। गुर्जर का कहना है कि शैली चौधरी पर आरोप लगाने का उद्देश्य उन्हें बदनाम करना है, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

    सोशल मीडिया पर अफवाहें

    कुलदीप वत्स की स्थिति
    भूपेंद्र हुड्डा ने बताया कि राज्यसभा चुनाव में सामान्य संख्या के अनुसार बीजेपी और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलना तय था, लेकिन बीजेपी ने एक निर्दलीय उम्मीदवार को मैदान में उतारा। हुड्डा ने कहा कि कई अफवाहें सोशल मीडिया पर तैर रही हैं, विशेष रूप से कुलदीप वत्स के बारे में। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुलदीप वत्स ने कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया था। कुलदीप वत्स ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस में भ्रष्टाचार के माहौल से दुखी हैं।

    विधानसभा में हंगामा

    राज्यसभा चुनाव पर विवाद
    हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन राज्यसभा चुनाव को लेकर भीषण हंगामा देखा गया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार के मंत्रियों के असंसदीय आचरण की निंदा की, जिसमें कुछ ने डांस करने का आरोप लगाया। इस पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि अगर कोई रिकॉर्डिंग है, तो वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए तैयार हैं। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने आठ कांग्रेस विधायकों को नेम दिया, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

  • हरियाणा कांग्रेस बिहार चुनावों से पहले बड़े फेरबदल की तैयारी में, नए राज्य अध्यक्ष शीघ्र घोषित होंगे

    हरियाणा कांग्रेस बिहार चुनावों से पहले बड़े फेरबदल की तैयारी में, नए राज्य अध्यक्ष शीघ्र घोषित होंगे

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    हरियाणा में कांग्रेस की नए अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की नियुक्ति पर चर्चा

    हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस में बड़े बदलाव होने की संभावना है। पार्टी के भीतर जल्द ही विधायक दल के नेता और प्रदेश अध्यक्ष के नामों की घोषणा की जा सकती है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एक बार फिर विधायक दल का नेता बनाया जाएगा। इससे पूर्व, बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस पर विधायक दल के नेता का चयन न करने को लेकर लगातार हमले जारी रखे थे। जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अनौपचारिक रूप से इस भूमिका का निर्वहन किया है।

    राव नरेंद्र की अध्यक्ष पद पर दावेदारी

    हुड्डा खेमे के सक्रिय होने के साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष पद की दावेदारी से राव नरेंद्र ने पीछे हटने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए राव नरेंद्र का नाम सबसे आगे है, जो अहीरवाल की नारनौल विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद चर्चित हुए हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और उनसे पहले स्वास्थ्य मंत्री के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

    सामुदायिक प्रतिनिधित्व का ध्यान

    सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अहीर समुदाय से किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर ध्यान दे रही है। पार्टी के प्रभारी ने आलाकमान को संभावित नामों की एक सूची प्रस्तुत की है, जिसमें राव नरेंद्र सिंह, राव दान सिंह और पूर्व अध्यक्ष कैप्टन अजय यादव के नाम शामिल हैं। इनमें राव नरेंद्र सिंह को सबसे ज्यादा समर्थन मिल रहा है, खासकर कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला द्वारा।

    गुटबाजी और खींचतान का अंत

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दोबारा विधायक दल के नेता बनने की संभावना से उनकी खेमे में खुशी का माहौल है। पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से चल रही खींचतान अब खत्म होती दिख रही है, और आलाकमान ने दोनों पदों के लिए नामों को स्वीकृति दे दी है। मुख्य अध्यक्ष चौधरी उदयभान की विदाई तय मानी जा रही है, जिन पर हार के बाद से इस्तीफे का दबाव है।

    राव नरेंद्र का राजनीति में पैठ बनाना उन्हें आगामी चुनावों में पार्टी के लिए एक मजबूती प्रदान कर सकता है। पार्टी के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए, कई कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए जा सकते हैं।

    कांग्रेस की इस नई रणनीति से हरियाणा में राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन आने की संभावना है।