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  • भारत की घरेलू हार के पांच मुख्य कारण: रोहित, गिल और कोहली का असफल प्रदर्शन

    भारत की घरेलू हार के पांच मुख्य कारण: रोहित, गिल और कोहली का असफल प्रदर्शन

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रविवार का दिन एक बड़े झटके के रूप में सामने आया। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में आयोजित वनडे मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से मात देकर पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीतने का कारनामा किया।

    338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम के अन्य खिलाड़ियों ने निराश किया। इस हार के बाद फैंस सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। आइए इस हार के कारणों पर नजर डालते हैं।

    1. रोहित शर्मा: कप्तान की खामोशी

    कप्तान रोहित शर्मा से बड़े लक्ष्य के सामने बड़ी पारी की उम्मीद थी, किंतु वह महज 11 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी सीरीज में उन्होंने केवल 61 रन बनाए, जो फैंस को निराश करने वाला रहा। अब वर्ल्ड कप में उनकी जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    2. शुभमन गिल: उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे

    घरेलू मैदान पर रनों की बौछार करने वाले शुभमन गिल इस निर्णायक मैच में केवल 23 रन बना सके। उन पर कप्तान के रूप में बड़ी पारी खेलने का दबाव था, लेकिन वह असफल रहे। गिल के विदाई के बाद फैंस ने kritik की कि वह अपनी गलती से आउट हुए।

    3. श्रेयस अय्यर: उप-कप्तान का प्रदर्शन निराशाजनक

    उप-कप्तान श्रेयस अय्यर से उम्मीद की गई थी कि वह मिडल ऑर्डर में पारी को संभालेंगे, लेकिन उन्होंने सिर्फ 3 रन बनाए। पिछले दो मैचों की निराशाजनक पारियों ने भारत की स्थिति को कमजोर किया। जब कोहली को समर्थन की आवश्यकता थी, अय्यर ने निराश किया।

    4. रवींद्र जडेजा: न बल्ला न गेंद

    ऑलराउंडर जडेजा ने इस सीरीज में सबसे बड़ी निराशा लोगों के लिए प्रदान की। निर्णायक मैच में वह केवल 12 रन बना सके और गेंदबाजी में 6 ओवर में 41 रन खर्च कर एक भी विकेट नहीं लिया। उनके प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    5. कुलदीप यादव: मिडिल ओवर्स में बेअसर

    कुलदीप यादव की गेंदबाजी कीवी बल्लेबाजों के सामने प्रभावी साबित नहीं हुई। उन्होंने 6 ओवर में 48 रन खर्च किए और केवल एक विकेट लिया। टीम को जब विकेट की जरूरत थी, तब वह संघर्ष करते नजर आए।

    फैंस का गुस्सा

    हनसे लेकर सोशल मीडिया तक, फैंस इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं। एक प्रशंसक का कहना है, “विराट कोहली अकेले कब तक लड़ेगा? सीनियर खिलाड़ियों को अब रिटायरमेंट ले लेना चाहिए।” गौतम गंभीर और रोहित शर्मा की जोड़ी अब लोगों की आलोचना का शिकार बन गई है।

  • गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने बनाए 35 निराशाजनक रिकॉर्ड

    गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने बनाए 35 निराशाजनक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के 92 साल के इतिहास में ऐसा अभूतपूर्व घटनाक्रम गौतम गंभीर के मुख्य कोच रहते देखने को मिला है। इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार केवल एक खेल की हार नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के गिरते स्तर की एक स्पष्ट पहचान है जिसने प्रशंसकों को परेशानी में डाल दिया है।

    गौतम गंभीर, जिन्होंने खुद को बेहतरीन बल्लेबाज और कप्तान कहा था, अब सबसे खराब कोच माने जा रहे हैं। आने वाले समय में उनकी कोचिंग की स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है।

    इंदौर में भारतीय दृढ़ता का पतन

    इंदौर का होल्कर स्टेडियम भारत के लिए एक अभेद्य किला रहा है, जहां भारत ने कभी भी वनडे नहीं हारा था। लेकिन कीवी टीम ने न केवल भारत को 41 रनों से मात दी, बल्कि पहली बार भारत में वनडे श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम किया, जिससे भारतीय क्रिकेट का मान झुक गया। विराट कोहली के 124 रन भी इस हार के पीछे की टीम की कमजोर गेंदबाजी और खराब योजना को छिपा नहीं सके।

    गौतम गंभीर के कार्यकाल के नकारात्मक रिकॉर्ड

    गौतम गंभीर के कोचिंग के दौरान टीम इंडिया को जीत की तुलना में अनचाहे रिकॉर्ड्स के लिए अधिक चर्चा का विषय बनते देखा गया है। प्रशंसक आश्चर्यचकित हैं कि क्या यह वही आक्रामक भारत है जिसे वे जानते हैं।

    घरेलू पिचों पर हार: 12 वर्षों में पहली बार घर में टेस्ट श्रृंखला हारना और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट एवं वनडे दोनों में हारना भारतीय क्रिकेट के लिए एक सबसे बड़ा कलंक है।

    इतिहास की सबसे बड़ी हार: 408 रनों की हार और 124 रनों का लक्ष्य हासिल न कर पाना अब इस टीम की नई पहचान बन गया है।

    असफलता का सिलसिला: घरेलू मैदान पर 50 रन के अंदर ऑल-आउट होना और वानखेड़े में 147 रन के लक्ष्य को न हासिल कर पाना प्रशंसकों के लिए एक बड़ा सदमा है।

    प्रशंसकों का आक्रोश

    सोशल मीडिया पर “Sack Gambhir” जैसे ट्रेंड चल रहे हैं। प्रशंसकों का गुस्सा बिल्कुल सही है, क्योंकि 36 वर्ष बाद न्यूजीलैंड से घर में टेस्ट हारना और 25 वर्ष बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हारना सहन करने योग्य नहीं है। एक निराश प्रशंसक ने कहा, “हम रिकॉर्ड बनाने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब हम रिकॉर्ड तोड़ने के लिए जाने जाते हैं। गंभीर के आगमन ने भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास को नष्ट कर दिया है।”

    WTC फाइनल में असफलता

    भारत पहली बार WTC फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। एडिलेड से लेकर मैनचेस्टर और लॉर्ड्स से इंदौर तक हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 17 साल बाद एडिलेड में वनडे हारना और 45 साल बाद एक कैलेंडर वर्ष में एक भी वनडे न जीत पाना टीम की तैयारियों की पोल खोलता है।

  • किंग कोहली का 54वां शतक, कीवी टीम पर ऐतिहासिक जीत

    किंग कोहली का 54वां शतक, कीवी टीम पर ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्लीः भारत-न्यूजीलैंड सीरीज के अंतिम मुकाबले में विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का जादू दिखाया। जब टीम इंडिया के प्रमुख बल्लेबाज रोहित शर्मा और शुभमन गिल जल्दी आउट हो गए, तब देश भर की उम्मीदें विराट पर टिकी थीं। उन्होंने एक बार फिर रन चेज करने में अपनी महारत साबित की और अपने करियर का 54वां शतक लगा दिया। कोहली ने यह प्रदर्शन दबाव में किया, जिससे उनकी स्थिति और मजबूत हुई।

    टीम इंडिया को शुरूआत में लगे झटके

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की पारी की शुरूआत बेहद ही नकारात्मक रही। कप्तान शुभमन गिल 23 रन और अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा 11 रन बनाकर जल्दी ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद श्रेयस अय्यर 3 और केएल राहुल 1 रन पर आउट हो गए। उस समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम 150 रनों के भीतर ही समेट दी जाएगी, लेकिन विराट कोहली ने क्रीज पर अपने अनुभव का परिचय दिया।

    100 गेंदों में बनाए 114 रन

    विराट कोहली ने दबाव से उबरते हुए अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 100 गेंदों में नाबाद 114 रनों की पारी खेली, जिसमें 8 शानदार चौके और 3 छक्के शामिल थे। यह उनके वनडे करियर का 54वां शतक है, जिसने यह साबित कर दिया कि वह आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर्स में से एक हैं।

    नीतीश रेड्डी और हर्षित राणा का महत्वपूर्ण योगदान

    कोहली को दूसरे छोर पर युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी का समर्थन मिला। उन्होंने 57 गेंदों में 53 रनों की बेहतरीन पारी खेली और पुष्पा स्टाइल में अपना पहला अर्धशतक मनाया। अंत में हर्षित राणा ने भी ताबड़तोड़ 42 रन बनाकर भारत के स्कोर को मजबूत किया।

    स्कोरकार्ड पर एक नजर:

    रोहित शर्मा: 11 (13 गेंद)

    शुभमन गिल: 23 (18 गेंद)

    विराट कोहली: 114* (100 गेंद)

    नीतीश रेड्डी: 53 (57 गेंद)

    हर्षित राणा: 42* (34 गेंद)

    न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का सामना

    न्यूजीलैंड की तरफ से क्रिस क्लार्क और जेडेन लेनोक्स ने प्रभावी गेंदबाजी की, लेकिन वे कोहली के मजबूत इरादों को ध्वस्त करने में असफल रहे। कोहली ने इंदौर के छोटे मैदान का फायदा उठाते हुए हर दिशा में शॉट्स लगाए और तेज रनों की भागदौड़ में टीम को महत्वपूर्ण समर्थन दिया।