नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रविवार का दिन एक बड़े झटके के रूप में सामने आया। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में आयोजित वनडे मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से मात देकर पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीतने का कारनामा किया।
338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम के अन्य खिलाड़ियों ने निराश किया। इस हार के बाद फैंस सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। आइए इस हार के कारणों पर नजर डालते हैं।
1. रोहित शर्मा: कप्तान की खामोशी
कप्तान रोहित शर्मा से बड़े लक्ष्य के सामने बड़ी पारी की उम्मीद थी, किंतु वह महज 11 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी सीरीज में उन्होंने केवल 61 रन बनाए, जो फैंस को निराश करने वाला रहा। अब वर्ल्ड कप में उनकी जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
2. शुभमन गिल: उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे
घरेलू मैदान पर रनों की बौछार करने वाले शुभमन गिल इस निर्णायक मैच में केवल 23 रन बना सके। उन पर कप्तान के रूप में बड़ी पारी खेलने का दबाव था, लेकिन वह असफल रहे। गिल के विदाई के बाद फैंस ने kritik की कि वह अपनी गलती से आउट हुए।
3. श्रेयस अय्यर: उप-कप्तान का प्रदर्शन निराशाजनक
उप-कप्तान श्रेयस अय्यर से उम्मीद की गई थी कि वह मिडल ऑर्डर में पारी को संभालेंगे, लेकिन उन्होंने सिर्फ 3 रन बनाए। पिछले दो मैचों की निराशाजनक पारियों ने भारत की स्थिति को कमजोर किया। जब कोहली को समर्थन की आवश्यकता थी, अय्यर ने निराश किया।
4. रवींद्र जडेजा: न बल्ला न गेंद
ऑलराउंडर जडेजा ने इस सीरीज में सबसे बड़ी निराशा लोगों के लिए प्रदान की। निर्णायक मैच में वह केवल 12 रन बना सके और गेंदबाजी में 6 ओवर में 41 रन खर्च कर एक भी विकेट नहीं लिया। उनके प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
5. कुलदीप यादव: मिडिल ओवर्स में बेअसर
कुलदीप यादव की गेंदबाजी कीवी बल्लेबाजों के सामने प्रभावी साबित नहीं हुई। उन्होंने 6 ओवर में 48 रन खर्च किए और केवल एक विकेट लिया। टीम को जब विकेट की जरूरत थी, तब वह संघर्ष करते नजर आए।
फैंस का गुस्सा
हनसे लेकर सोशल मीडिया तक, फैंस इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं। एक प्रशंसक का कहना है, “विराट कोहली अकेले कब तक लड़ेगा? सीनियर खिलाड़ियों को अब रिटायरमेंट ले लेना चाहिए।” गौतम गंभीर और रोहित शर्मा की जोड़ी अब लोगों की आलोचना का शिकार बन गई है।


