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  • इक्कीस का 13वां दिन: धर्मेंद्र की फिल्म ने 13वें दिन कमाए इतने करोड़

    इक्कीस का 13वां दिन: धर्मेंद्र की फिल्म ने 13वें दिन कमाए इतने करोड़

    मुंबई: प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र की मरणोत्तर प्रदर्शित फिल्म **इक्कीस** को लेकर दर्शकों और समीक्षकों में खासा उत्साह था। यह एक **युद्ध नाटक** है, जो वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है और इसकी कहानी एक असली युद्ध नायक के सम्मान में लिखी गई है।

    <h3><strong>इक्कीस का 13वां दिन का कलेक्शन</strong></h3>
    <p>इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, **इक्कीस** ने 13वें दिन करीब 40 लाख रुपये की कमाई की। यह आंकड़ा दर्शाता है कि फिल्म की कमाई में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। 13 दिनों के बाद फिल्म का कुल कलेक्शन अब 29 करोड़ 60 लाख रुपये तक पहुंचा है। खेदजनक बात यह है कि फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 30 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है।</p>
    
    <h3><strong>ऑक्यूपेंसी भी चिंता का विषय</strong></h3>
    <p>केवल कलेक्शन ही नहीं, बल्कि थिएटर की ऑक्यूपेंसी के आंकड़े भी फिल्म के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। 13वें दिन **इक्कीस** की औसत ऑक्यूपेंसी केवल 16 प्रतिशत रही। सबसे अधिक दर्शक रात के शो में देखने को मिले, जबकि सुबह और दोपहर के शो में थिएटर लगभग खाली रहे। यह स्पष्ट है कि फिल्म को वीकडेज़ में दर्शकों का समर्थन नहीं मिल पा रहा है।</p>
    
    <h3><strong>अब तक का कलेक्शन विवरण</strong></h3>
    <p>अगर अब तक के कलेक्शन पर नजर डालें तो **इक्कीस** ने ओपनिंग के बाद कुछ दिनों तक संतोषजनक प्रदर्शन किया, परंतु उसके बाद लगातार गिरावट सामने आई।</p>
    <ul>
        <li>पहले दिन फिल्म ने लगभग 7 करोड़ रुपये कमा लिए।</li>
        <li>दूसरे दिन कलेक्शन 3.5 करोड़ रुपये रहा।</li>
        <li>तीसरे दिन 4 करोड़ 65 लाख रुपये की कमाई हुई।</li>
        <li>चौथे दिन कलेक्शन 5 करोड़ रुपये तक पहुंचा।</li>
        <li>पांचवें दिन कमाई घटकर 1 करोड़ 35 लाख रुपये रह गई।</li>
        <li>छठे दिन फिल्म ने 6 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।</li>
    </ul>
    
    <p>इसके बाद, सातवें दिन से लगातार गिरावट आई, और 13वें दिन कलेक्शन 40 लाख रुपये पर आकर ठहर गया। इस प्रकार, कुल मिलाकर फिल्म की कमाई 29 करोड़ 60 लाख रुपये पर स्थिर है।</p>
  • अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ का पहले सोमवार पर 73% गिरावट के साथ धक्का

    अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ का पहले सोमवार पर 73% गिरावट के साथ धक्का

    मुंबई: अगस्त्य नंदा की पहली फिल्म ‘इक्कीस’ बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही है। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी यह युद्ध ड्रामा 1 जनवरी 2026 को दर्शकों के सामने आई थी। फिल्म में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की अंतिम परफॉर्मेंस है, जिसने दर्शकों की भावनाओं को छू लिया है। हालांकि, फिल्म की कमाई में काफी गिरावट आई है।

    अगस्त्य नंदा की ‘इक्कीस’ को पांचवे दिन सामना करना पड़ा झटका

    ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, ‘इक्कीस’ ने अपने पहले सोमवार को महज 1.35 करोड़ रुपये कमाए। यह चौथे दिन की 5 करोड़ रुपये की कमाई से लगभग 73% की बड़ी गिरावट है। अब तक फिल्म की कुल नेट कमाई भारत में लगभग 21.50 करोड़ रुपये हो चुकी है। पहले दिन फिल्म ने 7 करोड़, दूसरे दिन 3.5 करोड़, तीसरे दिन 4.65 करोड़ और चौथे दिन 5 करोड़ रुपये कमाए थे।

    वीकेंड पर अच्छी शुरुआत के बाद, वर्किंग डेज में दर्शकों की संख्या में कमी आई। फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की बसंतर की लड़ाई पर आधारित है। अगस्त्य नंदा ने प्रारंभिक उम्र में परम वीर चक्र पाने वाले सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है। उनके साथ जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया (अक्षय कुमार की भांजी) और अन्य कलाकार भी हैं।

    पहले सोमवार पर कमाई में आई 73% की गिरावट

    दर्शकों और समीक्षकों ने फिल्म की भावनात्मक संवेदनशीलता, अभिनय, और युद्ध के मानवीय पहलुओं की सराहना की है। कई समीक्षक इसे एक एंटी-वार फिल्म कह रहे हैं, जो दर्शकों के जज्बातों को छूती है। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर ‘इक्कीस’ को रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से कड़ी टक्कर मिल रही है। ‘धुरंधर’ ने अपने 32वें दिन में 4.50 करोड़ रुपये कमाए, जो ‘इक्कीस’ की कमाई से तीन गुना अधिक है।

    ‘इक्कीस’ दर्शकों को थिएटर में लाने में रही असफल

    ‘धुरंधर’ की कुल कमाई अब 776 करोड़ रुपये को पार कर चुकी है और यह नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। नए साल की पहली बड़ी रिलीज होने पर भी, ‘इक्कीस’ दर्शकों को थिएटरों तक लाने में असफल रही है। फिल्म को सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में थोड़ी रिकवरी की संभावनाएं हैं, लेकिन ‘धुरंधर’ की सफलता के सामने यह काफी चुनौतीपूर्ण प्रतीत हो रहा है। धर्मेंद्र सर की अंतिम फिल्म को बड़े पर्दे पर देखना एक गहन और भावुक अनुभव है।