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  • शर्लिन चोपड़ा ने ब्रेस्ट इम्प्लांट हटवाकर साझा किया संदेश, ‘शरीर से खिलवाड़ ना करें’

    शर्लिन चोपड़ा ने ब्रेस्ट इम्प्लांट हटवाकर साझा किया संदेश, ‘शरीर से खिलवाड़ ना करें’

    एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने ब्रेस्ट इम्प्लांट हटवाए, युवा पीढ़ी को दिया महत्वपूर्ण संदेश

    एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने हाल ही में अपने ब्रेस्ट इम्प्लांट्स को हटाने का बड़ा निर्णय लिया है। लंबे समय से शरीर में हो रहे दर्द के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। एक इम्प्लांट का वजन 825 ग्राम था, जिसे उन्होंने सर्जरी के जरिए हटवाया।

    शर्लिन ने इस प्रक्रिया को अपने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए युवाओं को चेतावनी दी कि किसी भी बाहरी दबाव या प्रशंसा के चलते अपने शरीर से समझौता न करें। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अब वे बहुत हल्का और सहज महसूस कर रही हैं।

    तितली जैसा हल्का अहसास

    15 नवंबर को साझा किए गए वीडियो में शर्लिन ने कहा, “यह भारी बोझ आखिरकार मेरे सीने से हट चुका है।” इम्प्लांट हटने के बाद उन्हें तितली जैसा हल्का महसूस हो रहा है। उन्होंने युवाओं से अनुरोध किया कि किसी भी सर्जरी से पहले अपने परिवार और चिकित्सा विशेषज्ञों से सलाह लें और सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर ध्यान न दें।

    जीवन को बोझ के साथ न जीने की सलाह

    शर्लिन ने बताया कि कई युवा केवल बाहरी प्रशंसा पाने के लिए अपने नैचुरल शरीर में बदलाव करने का प्रयास करते हैं, लेकिन ऐसे निर्णय के जोखिमों को नजरअंदाज करते हैं। उनका मानना है कि “आपकी ऑथेंटिसिटी और रियलनेस की रक्षा करना बेहद जरूरी है।” उन्होंने यह भी कहा कि जीवन को किसी भी बोझ के साथ नहीं जीना चाहिए, चाहे वह मानसिक हो या शारीरिक।

    इम्प्लांट से हो रही थी परेशानी

    शर्लिन ने बताया कि हाल ही में उन्हें सीने में लगातार दर्द और असहजता महसूस हो रही थी, जिसका कारण इम्प्लांट था। डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने इसे हटाने का निर्णय लिया। अब सर्जरी के बाद उनका दर्द कम हो रहा है और वे तेजी से स्वस्थ हो रही हैं।

    सिलिकॉन फ्री जीवन की नई शुरुआत

    शर्लिन ने अपने चिकित्सकों और टीम का धन्यवाद किया, जिन्होंने सर्जरी सफलतापूर्वक की। उन्होंने कहा, “मैं अब सिलिकॉन फ्री हूं और तेजी से ठीक हो रही हूँ।” यह निर्णय उनके लिए बेहद व्यक्तिगत था और इससे उन्हें मानसिक तथा शारीरिक दोनों तरह से राहत मिली है।

    बॉलीवुड में इम्प्लांट्स का ट्रेंड

    फिल्म और ग्लैमर इंडस्ट्री में ब्रेस्ट इम्प्लांट्स, नोज सर्जरी, और लिप फिलर्स का चलन काफी सामान्य है। कई अभिनेत्रियां इन प्रक्रियाओं का सहारा लेती हैं, लेकिन शर्लिन का मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी आवश्यकताओं और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कदम उठाना चाहिए।

  • किम जोंग उन का नया फरमान: महिलाओं के ब्रेस्ट इम्प्लांट अब अपराध माने जाएंगे।

    किम जोंग उन का नया फरमान: महिलाओं के ब्रेस्ट इम्प्लांट अब अपराध माने जाएंगे।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    किम जोंग उन का नया फरमान: उत्तर कोरिया में स्तन वृद्धि सर्जरी पर प्रतिबंध 🚫

    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने स्तन वृद्धि सर्जरी को असामाजिक और पूंजीवादी गतिविधि बताते हुए इस पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।

    महिलाओं और डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

    सरकार ने इस सर्जरी से जुड़े मामलों में संलिप्त महिलाओं और डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसमें श्रमिक शिविरों में भेजने की सजा भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन महिलाओं को सर्जरी करवाने का संदेह है, उन्हें किम जोंग उन की सार्वजनिक स्वास्थ्य टीम द्वारा शारीरिक जांच का सामना करना पड़ सकता है।

    सार्वजनिक मुकदमे और कानूनी कार्रवाई

    सितंबर 2025 में, सरीवोन शहर में एक सार्वजनिक मुकदमे के दौरान एक निजी डॉक्टर और दो महिलाओं को अवैध स्तन वृद्धि सर्जरी के आरोप में पेश किया गया। ये महिलाएँ लगभग 20 वर्ष की थीं और अपनी शारीरिक बनावट में बदलाव चाहती थीं। अदालत में सर्जरी का सबूत पेश करते हुए सिलिकॉन, चिकित्सा उपकरण और नकद राशि को प्रस्तुत किया गया।

    आपातकालीन अभियान और निगरानी

    किम जोंग उन की सरकार ने जुलाई से सितंबर 2025 तक एक आपातकालीन अभियान चलाया, जिसमें गुप्त जांच और निगरानी के माध्यम से अवैध सर्जरी कराने वालों की पहचान की गई। गुप्त एजेंटों और पड़ोस निगरानी दलों ने महिलाओं की पहचान की और उन्हें अस्पताल में जांच के लिए भेजा।

    पूंजीवादी विचारधारा का प्रभाव

    उत्तर कोरियाई सरकार का कहना है कि 20 और 30 साल की उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट, आईलिड सर्जरी और भौंहों की टैटू जैसी चीज़ों की बढ़ती मांग पूंजीवादी विचारधारा के प्रभाव के कारण है। इस कदम पर स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कुछ लोगों ने डॉक्टरों की आर्थिक कठिनाइयों के लिए सहानुभूति जताई, जबकि अन्य ने इसे असामाजिक कृत्य के रूप में निंदा की है।

    उत्तर कोरियाई सरकार इस बढ़ते ट्रेंड को समाप्त करने की ठान चुकी है, ताकि समाज में अपनी विचारधारा को संरक्षित किया जा सके।