विशाखापत्तनम: 5 मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के चौथे मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया। टिम साइफर्ट और डेवोन कॉनवे ने शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाए।
इन दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर डाली। पहले आठ ओवरों में भारतीय टीम को कोई सफलता नहीं मिली, जिससे न्यूजीलैंड का स्कोर तेजी से बढ़ता चला गया।
रिंकू सिंह की उत्कृष्ट फील्डिंग
भारतीय टीम को पहली राहत कुलदीप यादव ने दिलाई, जिन्होंने डेवोन कॉनवे को आउट करके महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। इस विकेट में रिंकू सिंह की महान फील्डिंग ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने शानदार कैच लेकर दर्शकों को प्रभावित किया। इस विकेट के बाद मैच का रुख बदल गया और न्यूजीलैंड की पारी की गति थोड़ी धीमी पड़ी।
कीवी मिडिल ऑर्डर का गिरना
कॉनवे के आउट होते ही भारतीय गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ा। अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव ने लगातार सटीक गेंदबाजी की, जिससे न्यूजीलैंड का मिडिल ऑर्डर लड़खड़ा गया। कीवी टीम 152 रन तक पहुँचते-पहुँचते पांच विकेट गंवा चुकी थी। इस दौरान भारतीय फील्डरों ने भी शानदार ऊर्जा दिखाई और मौके का भरपूर फायदा उठाया।
रिंकू सिंह का विशेष रिकॉर्ड
मैदान पर रिंकू सिंह की फील्डिंग की धूम मची रही। उन्होंने पहले ओपनर टिम सीफर्ट का बेहतरीन कैच लपककर भारत को एक महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। इसके बाद, ग्लेन फिलिप्स का बाउंड्री के पास शानदार कैच लिया।
18वें ओवर में रिंकू सिंह ने जैकी फॉल्क्स का कैच पकड़कर एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में कुल चार कैच लेकर वह एक ही टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में चार कैच पकड़ने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं, और उन्होंने अजिंक्य रहाणे के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। रहाणे ने यह उपलब्धि 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ हासिल की थी।
टिम सीफर्ट की आक्रामक बल्लेबाजी
रिंकू सिंह की शानदार फील्डिंग और भारतीय गेंदबाजों की वापसी के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 215 रन बनाने में सफल रही। कीवी बल्लेबाज टिम सीफर्ट ने सबसे ज्यादा 62 रनों की पारी खेली। भारत की ओर से कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह ने दो-दो विकेट झटके।




















