ट्रंप ने पावर प्लांट को नष्ट करने की चेतावनी दी, ईरान ने किया प्रतिरोध
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ईरान के खिलाफ सऊदी का कदम, दूतावास कर्मचारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया
ईरान के खिलाफ सऊदी अरब का कदम, दूतावास अधिकारियों को घोषित किया ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’
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ब्रिटेन से ऑस्ट्रेलिया तक, ईरान के खिलाफ 22 देशों ने की सख्त कार्रवाई की चेतावनी
ईरान के खिलाफ 22 देशों ने होर्मुज पर ब्रिटेन से ऑस्ट्रेलिया तक सख्त कार्रवाई का किया ऐलान
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अमेरिका और इजरायल का ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर भयंकर हमला
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतान्ज परमाणु संयंत्र पर किया निर्णायक हमला
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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से सैन्य अभियान खत्म करने के संकेत दिए, कहा- ‘मिशन ईरान’ पूरा होने को है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से सैन्य कार्रवाई समाप्त करने के संकेत दिए, कहा- ‘मिशन ईरान’ अंतिम चरण में
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ईरान के तनाव के बीच, भारत 600 करोड़ रुपये की गैस आपूर्ति योजना तैयार कर रहा है।
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
भारत ने बढ़ते ऊर्जा संकट से निपटने के लिए उठाया बड़ा कदम 💡
नई दिल्ली: वेस्ट एशिया में व्याप्त तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। सरकार ने लगभग 600 करोड़ रुपये का एक वॉर चेस्ट तैयार किया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल गैस खरीदी जा सके।
गैस की कमी से खेती पर पड़ सकता है असर 🌾
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के उर्वरक उत्पादन संयंत्रों को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़े। उर्वरक उत्पादन के लिए गैस की आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। अगर गैस की उपलब्धता कम होती है, तो यह सीधे तौर पर खेती और किसानों पर असर डाल सकता है। इसीलिए, सरकार ने यह फंड तैयार किया है ताकि किसी भी अचानक कमी को तुरंत पूरा किया जा सके।
क्या है बढ़ती चिंता का कारण? 🚨
ईरान और इजराइल के बीच तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट जैसे रणनीतिक समुद्री रास्ते पर अनिश्चितता बढ़ी है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि यहां कोई रुकावट आती है, तो गैस की सप्लाई पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। मौजूदा रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह तनाव जारी रहता है, तो गैस की उपलब्धता 70% से घटकर 50-60% तक आ सकती है, जिससे कीमतों में भी तेज वृद्धि संभव है।
LNG की कीमतों में संभावित वृद्धि 📈
एनर्जी क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की कीमतों में 40% तक का उछाल आ सकता है। इसका अर्थ है कि गैस खरीदना महंगा हो जाएगा, जिससे उत्पादन लागत भी बढ़ेगी। लेकिन सरकार का यह वॉर चेस्ट इसके प्रभावों को कम करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
उर्वरक उद्योग को मिलेगी राहत ✨
वर्तमान में, भारत के यूरिया संयंत्रों को अपनी गैस आवश्यकता का अधिकांश भाग लंबे समय के अनुबंधों के तहत प्राप्त होता है, जबकि कुछ हिस्सा स्पॉट मार्केट से खरीदा जाता है। यदि सप्लाई में कमी आती है, तो उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। सरकार अब स्पॉट मार्केट से अधिक गैस खरीदने की योजना बना रही है ताकि संयंत्रों का संचालन निरंतर बना रहे और किसानों को समय पर खाद मिल सके।
खरीफ सीजन में तैयारी का महत्व 🌱
भारत में खरीफ सीजन के दौरान उर्वरक की मांग बहुत अधिक होती है। ऐसे में यदि गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो उत्पादन कम हो सकता है और आयात पर निर्भरता बढ़ जाएगी। इसलिए, सरकार ने पहले से ही रणनीति तैयार कर रखी है। देश में लगभग 37 यूरिया संयंत्र गैस पर निर्भर हैं, जिनकी लागत का एक बड़ा हिस्सा इसी पर निर्भर करता है।
सरकार के कदम का प्रभाव 💪
सरकार के इस प्रयास का लाभ आम जनता को होगा। गैस की कमी से उर्वरक उत्पादन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिससे खेती में कोई बाधा नहीं आएगी। इसके साथ ही, अचानक कीमतों में वृद्धि के असर को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
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दुबई में फंसे लोगों की सहायता करेंगे सोनू सूद, ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच
सोनू सूद का मानवीय कदम: ईरान-इजराइल जंग के बीच दुबई में फंसे लोगों की मदद
डेस्क: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव अन्य देशों पर भी महसूस किया जा रहा है। हाल ही में, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर पर हमले किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप वहां कई विदेशी नागरिक फंस गए हैं। इस संकट के दौर में, बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद सहायता के लिए आगे आए हैं।
सोनू सूद की सहायता की घोषणा
सोनू सूद, जो अपने मानवीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी सहायता देने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने दुबई में फंसे हुए लोगों के लिए आवश्यक संसाधनों और सहायता पहुंचाने का संकल्प लिया है। अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर यह जानकारी साझा की और लोगों से अपील की कि वे इस संकट के दौरान एक-दूसरे की मदद करें।
दुनिया भर में चिंता
दुबई में फंसे लोगों की स्थिति ने न केवल भारत बल्कि विश्व के अन्य हिस्सों में भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय विक्रेताओं और यात्रा कंपनियों के लिए यह समय चुनौतियों से भरा हुआ है, जो कि नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए केंद्रित हैं।
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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ICC ने T20 विश्व कप के लिए बना लिया इमरजेंसी प्लान
नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन चल रहा है। इस बीच, अमेरिका और इजरायल की ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई के चलते मध्य पूर्व में हालात tense हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) वर्तमान स्थितियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।
रिपोर्टों के अनुसार, ICC ने स्पष्ट किया है कि इस टूर्नामेंट पर अभी तक कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है। हालांकि, एहतियात बरतते हुए इमरजेंसी योजना तैयार करना शुरू कर दिया गया है। ICC का मानना है कि इस टूर्नामेंट में शामिल कई खिलाड़ी, अधिकारी और प्रसारण कर्मी अपने देशों में वापस लौटने के लिए खाड़ी क्षेत्र के हवाई अड्डों पर निर्भर हैं।
ICC का बयान
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) इस संदर्भ में एक प्रमुख ट्रांजिट केंद्र है, जहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बड़ी संख्या में संचालित होती हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ICC के एक प्रवक्ता ने कहा कि टूर्नामेंट से जुड़े सभी व्यक्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिए ट्रैवल, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीमों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। लक्ष्य यह है कि खिलाड़ियों, टीम स्टाफ, मैच अधिकारियों, ब्रॉडकास्ट टीम और आयोजन से जुड़े अन्य कर्मियों को बिना किसी रुकावट के सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
प्रशंसकों की अपील
ICC ने प्रशंसकों से अनुरोध किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले जारी की गई एडवाइजरी और मौजूदा परिस्थितियों पर ध्यान दें। खासकर उन दर्शकों से, जो मैच देखने के बाद विदेश लौटने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा योजनाओं की पुनः समीक्षा करने की सलाह दी गई है।
वैकल्पिक यात्रा मार्गों का पता लगाना
वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, ICC की एक टीम प्रमुख एयरलाइंस के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक यात्रा मार्गों को चिन्हित किया जा सके। इसमें यूरोप, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य अंतरराष्ट्रीय हब्स के माध्यम से कनेक्टिंग फ्लाइट्स शामिल हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके।
नई एडवाइजरी जारी करने की संभावना
ICC के सुरक्षा सलाहकार संबंधित देशों और एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। जैसे ही हालात में परिवर्तन होंगे, तुरंत नई एडवाइजरी जारी की जाएगी। टूर्नामेंट से जुड़े सभी लोगों की सहायता के लिए एक विशेष ट्रैवल सपोर्ट डेस्क भी स्थापित की गई है।
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ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन 15 शहरों में फैला:तीन और प्रदर्शनकारियों की मौत, आंकड़ा 8 हुआ; एक हजार से ज्यादा गिरफ्तार
तेहरान : ईरान में 16 सिंतबर से शुरू हुआ हिजाब के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन अब भी जारी है। 21 सितंबर तक ये 15 शहरों में फैल गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी हो रहे हैं। लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं। गुरुवार को भी पुलिस फायरिंग में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। पांच दिन में यह आंकड़ा 8 हो गया है। सैंकड़ों लोग घायल हैं। पुलिस ने अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, सरकार की मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ युवाओं ने गरशाद नामक एक मोबाइल ऐप बना लिया है। इस ऐप को पिछले 5 दिन में 10 लाख लोगों ने डाउनलोड किया है। युवा इसके जरिए सीक्रेट मैसेज चला रहे हैं। इसे देखते हुए तेहरान में मोबाइल इंटरनेट बंद और इंस्टाग्राम को ब्लॉक कर दिया गया है।
प्रदर्शकारियों का कहना है कि लोग हमारे विरोध को बगावत समझ रहे हैं, लेकिन मौलवियों को ये बात समझ में नहीं आएगी। वे आंखें मूंदे बैठे हैं। सरकार इन मौलवियों के भरोसे ज्यादा दिन तक शासन नहीं चला पाएगी। ये मौलवी महिलाओं को अधिकार देने के खिलाफ हैं।इस बीच सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्ला खामेनेई ने बुधवार को एक सभा को संबोधित किया, लेकिन उन्होंने हिजाब विरोधी प्रदर्शनों का कोई भी जिक्र नहीं किया।

