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  • उर्फी जावेद ने इस्लाम पर लगाई मुहर, अब होंगी गीता भारद्वाज?

    उर्फी जावेद ने इस्लाम पर लगाई मुहर, अब होंगी गीता भारद्वाज?

    उर्फी जावेद का धर्म पर स्पष्ट रुख

    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर चर्चित एक्ट्रेस उर्फी जावेद ने हाल ही में धर्म और पहचान को लेकर चल रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे किसी धर्म से जुड़ी नहीं हैं। यह बयान तब आया जब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय ने उर्फी को इस्लाम से बाहर कर दिया है और उनका नया नाम गीता भारद्वाज रखा गया है।

    सच्चाई पर प्रकाश

    एक मीडिया एजेंसी से बातचीत में उर्फी ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा, “मैंने बहुत पहले धर्म को छोड़ दिया था। यह सब बातें बनावटी हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वे गीता भारद्वाज के नाम से जानी जाएंगी, तो उन्होंने जोर देकर कहा, “किसने कहा? ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। मैं नास्तिक हूं, तो मुझे कैसे निकाला जा सकता है?”

    फैजान अंसारी का बयान

    31 जनवरी को फैजान अंसारी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उर्फी ने मुस्लिम समुदाय का अपमान किया है, इसलिए उन्हें इस्लाम से बाहर कर दिया गया है। अंसारी के अनुसार, मुस्लिम समुदाय ने यह निर्णय किया है। उनके शब्दों में, “उर्फी जावेद अब मुसलमान नहीं हैं और उनका नया नाम गीता भारद्वाज है।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इस बारे में मौलाना को लिखित सूचना दी है।

    मुस्लिम समुदाय की प्रतिक्रिया

    फैजान ने वीडियो में कहा, “मैं इसे सार्वजनिक रूप से घोषित कर रहा हूं ताकि सभी लोग जान सकें कि उर्फी अब मुसलमान नहीं हैं। उनका नाम अब गीता भारद्वाज है।” उन्होंने यह खुलासा किया कि मुस्लिम समाज ने इस निर्णय को स्वीकार किया है।

  • शेख सालेह बिन फवजान बने सऊदी अरब के नए ग्रैंड मुफ्ती, बोले जिहाद का अर्थ पुराना इस्लाम

    शेख सालेह बिन फवजान बने सऊदी अरब के नए ग्रैंड मुफ्ती, बोले जिहाद का अर्थ पुराना इस्लाम

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    सऊदी अरब में नया ग्रैंड मुफ्ती नियुक्त

    सऊदी अरब सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शेख सालेह बिन फौजान अल फौजान को देश का नया ग्रैंड मुफ्ती नियुक्त किया है। इस घोषणा का समय बुधवार रात का है और यह सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान की सिफारिश पर की गई है। यह नियुक्ति 90 वर्षीय शेख सालेह के लंबे धार्मिक और शैक्षणिक करियर का प्रमाण है।

    शेख सालेह का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

    शेख सालेह का जन्म 28 सितंबर, 1935 को सऊदी अरब के अल-कासिम प्रांत में हुआ। उनके पिता की मृत्यु के बाद, उन्होंने धार्मिक शिक्षा के लिए एक स्थानीय इमाम का सहारा लिया। शिक्षा के साथ-साथ, उन्होंने नूर अला अल-दरब रेडियो शो में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने कई वर्षों तक धार्मिक विषयों पर चर्चा की।

    लेखन और विद्वेष

    शेख सालेह ने विभिन्न धार्मिक पुस्तकों का लेखन भी किया है और उनके द्वारा जारी किए गए फतवे सोशल मीडिया पर बहुत प्रसिद्ध हुए हैं। हालांकि, उन्हें कुछ बयानों के लिए पश्चिमी मीडिया में आलोचना का भी सामना करना पड़ा है।

    सऊदी अरब के इस नए नेतृत्व को धार्मिक और शैक्षणिक मोर्चे पर कितना समर्थन मिलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।