ईरान के खोर्रमाबाद हवाई अड्डे पर हमले के बाद तेहरान ने इस्राइल को मिसाइलें दागीं
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इजरायल ने बड़ा हमला किया, ईरान ने 3 हवाई अड्डों पर किया हमला, दर्जनों विमान और हेलिकॉप्टर नष्ट।
इज़राइल ने बड़ा हवाई हमला किया, ईरान के 3 हवाई अड्डे और कई सैन्य ठिकाने नष्ट किए
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अमेरिकी और इसरायली जलडमरूमध्य हॉर्मुज पर पूर्व स्थिति में लौटने का ईरानी नौसेना ने किया वादा।
अमेरिकी-इजरायली गठबंधन के खिलाफ ईरानी नौसेना ने दी कड़ी चेतावनी
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नेपाल में पेट्रोल-डीजल संकट: सरकार का बड़ा फैसला, अब सप्ताह में दो छुट्टियां।
नेपाल सरकार ने ईंधन संकट के मद्देनजर सप्ताह में दो छुट्टियाँ घोषित कीं
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जीवन: खाड़ी देशों का अस्तित्व समाप्त, ईरान ने किया परमाणु खतरे का ऐलान, इजराइल और अमेरिका की चिंता
ईरान के परमाणु खतरे के बीच खाड़ी देश अस्तित्व की लड़ाई में जुटे
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इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर 7 प्रमुख मुस्लिम देशों की एकता
इज़राइल पर घेराबंदी: सात प्रमुख मुस्लिम देशों का एकजुट होना
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अमेरिका और इजराइल की जमीन पर युद्ध की तैयारी: ईरान के खिलाफ ट्रम्प-नेतन्याहू की असली योजना क्या?
अमेरिका और इज़राइल ईरान के खिलाफ जमीनी युद्ध की तैयारी में, ट्रंप-नेटन्याहू की रणनीति क्या है
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इस्राइल से रिश्ते मजबूत, खाड़ी देशों से नजदीकी बढ़ाई भारत ने; अमेरिकी रिपोर्ट में खुलासा
इस्राइल के साथ संबंध मजबूत कर रहा है भारत, खाड़ी देशों से बढ़ी नजदीकी
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अमेरिका और इजरायल का ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर भयंकर हमला
अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतान्ज परमाणु संयंत्र पर किया निर्णायक हमला
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पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं, ईरान पर ट्रंप का सख्त रुख; युद्ध के लंबे खिंचने के संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव: स्थिति गंभीर होती जा रही है
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दिए अपने हालिया बयान में स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष तुरंत समाप्त होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के प्रयास केवल तात्कालिक जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक ऐसा स्थायी हल निकालने पर केंद्रित हैं, जो भविष्य में परमाणु खतरे के संभावित बढ़ने से रोके।परमाणु हथियारों का खतरा
ट्रंप ने तीखे शब्दों में कहा कि दुनिया को “पागल लोगों” के हाथों में परमाणु हथियार नहीं दिए जा सकते। उनका यह भी कहना था कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु शक्ति बनने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि ईरान आत्मघाती कदम उठा सकता था और समुचित सैन्य कार्रवाई के बिना वह जल्दी ही परमाणु हथियार हासिल करने में सफल हो सकता था।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की परिस्थितियाँ
यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत तेज हुआ, जिसमें अमेरिका और इज़रायल मिलकर ईरान के विरुद्ध कदम उठा रहे हैं। अब यह ऑपरेशन अपने तीसरे हफ्ते में पहुंच चुका है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता में वृद्धि हुई है।
आंतरिक मतभेद और इस्तीफे की घटनाएँ
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका यदि चाहे तो युद्ध की स्थिति से पीछे हट सकता है, लेकिन ईरान को हुई क्षति की भरपाई में कई साल लग सकते हैं। इसके बावजूद, उन्होंने जल्दीबाज़ी में पीछे हटने की इच्छा व्यक्त नहीं की। उनके अनुसार, यदि तुरंत निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
हालांकि, ट्रंप प्रशासन को एक महत्वपूर्ण झटका भी लगा है। नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (NCTC) के प्रमुख जोसेफ केंट ने ईरान पर हमले के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। केंट ने अपने त्यागपत्र में युद्ध के औचित्य पर सवाल उठाए और कहा कि अमेरिका को ईरान से कोई तत्काल खतरा नहीं था।
संघर्ष का भविष्य
केंट ने यह भी आरोप लगाया कि यह संघर्ष बाहरी प्रभावों, विशेषकर इज़रायल और उसके प्रभावशाली लॉबी समूहों के कारण शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि वह अपने नैतिकता के खिलाफ जाकर इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।
यह घटनाक्रम इस बात को स्पष्ट करता है कि अमेरिकी नेतृत्व भले ही ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है, लेकिन आंतरिक स्तर पर इस नीति को लेकर मतभेद भी उभर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना खास होगा कि यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या इसके लिए कोई स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
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दुबई में फंसे लोगों की सहायता करेंगे सोनू सूद, ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच
सोनू सूद का मानवीय कदम: ईरान-इजराइल जंग के बीच दुबई में फंसे लोगों की मदद
डेस्क: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव अन्य देशों पर भी महसूस किया जा रहा है। हाल ही में, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर पर हमले किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप वहां कई विदेशी नागरिक फंस गए हैं। इस संकट के दौर में, बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद सहायता के लिए आगे आए हैं।
सोनू सूद की सहायता की घोषणा
सोनू सूद, जो अपने मानवीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी सहायता देने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने दुबई में फंसे हुए लोगों के लिए आवश्यक संसाधनों और सहायता पहुंचाने का संकल्प लिया है। अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर यह जानकारी साझा की और लोगों से अपील की कि वे इस संकट के दौरान एक-दूसरे की मदद करें।
दुनिया भर में चिंता
दुबई में फंसे लोगों की स्थिति ने न केवल भारत बल्कि विश्व के अन्य हिस्सों में भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय विक्रेताओं और यात्रा कंपनियों के लिए यह समय चुनौतियों से भरा हुआ है, जो कि नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए केंद्रित हैं।
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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ICC ने T20 विश्व कप के लिए बना लिया इमरजेंसी प्लान
नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन चल रहा है। इस बीच, अमेरिका और इजरायल की ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई के चलते मध्य पूर्व में हालात tense हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) वर्तमान स्थितियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।
रिपोर्टों के अनुसार, ICC ने स्पष्ट किया है कि इस टूर्नामेंट पर अभी तक कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है। हालांकि, एहतियात बरतते हुए इमरजेंसी योजना तैयार करना शुरू कर दिया गया है। ICC का मानना है कि इस टूर्नामेंट में शामिल कई खिलाड़ी, अधिकारी और प्रसारण कर्मी अपने देशों में वापस लौटने के लिए खाड़ी क्षेत्र के हवाई अड्डों पर निर्भर हैं।
ICC का बयान
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) इस संदर्भ में एक प्रमुख ट्रांजिट केंद्र है, जहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बड़ी संख्या में संचालित होती हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ICC के एक प्रवक्ता ने कहा कि टूर्नामेंट से जुड़े सभी व्यक्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिए ट्रैवल, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीमों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। लक्ष्य यह है कि खिलाड़ियों, टीम स्टाफ, मैच अधिकारियों, ब्रॉडकास्ट टीम और आयोजन से जुड़े अन्य कर्मियों को बिना किसी रुकावट के सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
प्रशंसकों की अपील
ICC ने प्रशंसकों से अनुरोध किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले जारी की गई एडवाइजरी और मौजूदा परिस्थितियों पर ध्यान दें। खासकर उन दर्शकों से, जो मैच देखने के बाद विदेश लौटने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा योजनाओं की पुनः समीक्षा करने की सलाह दी गई है।
वैकल्पिक यात्रा मार्गों का पता लगाना
वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, ICC की एक टीम प्रमुख एयरलाइंस के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक यात्रा मार्गों को चिन्हित किया जा सके। इसमें यूरोप, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य अंतरराष्ट्रीय हब्स के माध्यम से कनेक्टिंग फ्लाइट्स शामिल हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके।
नई एडवाइजरी जारी करने की संभावना
ICC के सुरक्षा सलाहकार संबंधित देशों और एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। जैसे ही हालात में परिवर्तन होंगे, तुरंत नई एडवाइजरी जारी की जाएगी। टूर्नामेंट से जुड़े सभी लोगों की सहायता के लिए एक विशेष ट्रैवल सपोर्ट डेस्क भी स्थापित की गई है।
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नेतन्याहू ने ट्रंप के आदेशों के बावजूद, गाजा पर की निरंतर बमबारी
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को निर्देश दिए हैं कि इजरायल गाजा पर बमबारी को तत्काल समाप्त करे। ट्रंप का कहना है कि हमास शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इसके साथ ही, उन्होंने बंधकों की रिहाई और युद्ध समाप्ति की अपनी योजना के कुछ अन्य पहलुओं को भी स्वीकार करने का सुझाव दिया है।
गाजा पर इजरायली हमले की ताजा खबरें 🚨
हालांकि ट्रंप के आदेश के बावजूद, इजरायल ने शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को गाजा पर हमले जारी रखे। गाजा के अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान छह लोगों की जान गई, जिसमें एक हमले में गाजा शहर के एक घर में चार लोग मारे गए और दूसरे हमले में खान यूनिस में दो लोग जान गंवा बैठे।
ट्रंप की शांति योजना का नजरिया 🕊️
कुछ दिन पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा पर 20-सूत्रीय शांति योजना प्रस्तुत की थी। इसमें हमास को चेतावनी दी गई थी कि वह इसे रविवार, 5 अक्टूबर 2025 तक स्वीकार कर ले, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप का दावा है कि इस योजना से बंधकों की रिहाई और युद्ध समाप्त करने का एक व्यवहारिक रास्ता खुल सकता है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इजरायल को बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए, ताकि बंधकों की सुरक्षित निकासी संभव हो सके।
इजराल का सैन्य रवैया और ट्रंप की योजना 📋
इजरायली प्रधानमंत्री ने ट्रंप की योजना के पहले चरण के तत्काल कार्यान्वयन की तैयारी की घोषणा की है। देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को गाजा में आक्रामक गतिविधियाँ कम करने का निर्देश दिया है। इजरायल के सैन्य प्रमुख ने भी इस संबंध में आवश्यक तैयारियों के लिए आदेश जारी किए हैं, हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि यह युद्धविराम की ओर बढ़ने वाला कोई कदम है या नहीं।
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इज़राइल के रक्षा मंत्री ने गाजा खाली करने का दिया आदेश… कहा, जो रहेगा वो आतंकी
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
गाजा में इजराइल का ताजा सैन्य अभियान: फिलिस्तीनियों को खाली करने का आदेश
इजरायल के रक्षा मंत्री ने गाजा में फंसे फिलिस्तीनियों को तत्काल शहर खाली करने का कड़ा आदेश जारी करते हुए इसे उनके लिए ‘अंतिम मौका’ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लोग गाजा में रुकेंगे, उन्हें हमास का समर्थक माना जाएगा और उन्हें इजराइल की सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह जानकारी इजरायल के गाजा में चल रहे सैन्य अभियानों के बीच आई है, जो कि 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले के बाद से जारी है।
इजरायली रक्षा मंत्री की चेतावनी
रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह आखिरी अवसर है उन गाजा वासियों के लिए, जो दक्षिण की ओर जाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति गाजा में रहता है, तो उसे आतंकवादी समझा जाएगा।
सैन्य कार्रवाई में बढ़ोतरी
इस बीच, इजराइल ने गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है। हाल के हमलों में कम से कम 16 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। शनिवार को, बेदखल किए गए फिलिस्तीनियों को निशाना बनाया गया, जिनमें से कई ने एक स्कूल में शरण ली थी। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि गाजा के पूर्वी इलाके में स्थित अल-फलाह स्कूल पर बमबारी की गई, जिसमें राहत के लिए पहुंचे लोग भी शामिल थे।
फिलिस्तीनी मृतकों की संख्या में वृद्धि
गाजा में इजरायली संचालित संघर्ष के कारण अब तक 66,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि लगभग 1,70,000 अन्य घायल हुए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों में से लगभग आधी महिलाएं और बच्चे हैं।
हमास की चुप्पी और शांति प्रयासों की स्थिति
इस बीच, हमास की ओर से गाजा में शांति बहाल करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति योजना पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह स्थिति दोनों पक्षों के बीच बातचीत की अनुपस्थिति को दर्शाती है।
गाजा में बढ़ते संघर्ष के बीच मानवता के प्रति चिंता बढ़ती जा रही है, और यह स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

