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  • सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में 3 दोषी, कोर्ट ने भेजा जेल; सजा 30 मार्च को।

    सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में 3 दोषी, कोर्ट ने भेजा जेल; सजा 30 मार्च को।

    सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला: तीन दोषियों को सजा

    झारखंड के सरायकेला में को-ऑपरेटिव बैंक के घोटाले में न्यायालय ने तीन व्यक्तियों को दोषी करार दिया है। इनमें बैंक के शाखा प्रबंधक भी शामिल हैं। यह निर्णय एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) कोर्ट ने सुनाया, जिसके तहत इन दोषियों को जेल भेज दिया गया है।

    कोर्ट का निर्णय

    एसीबी कोर्ट ने तीनों दोषियों को 30 मार्च को सजा सुनाने की तिथि निर्धारित की है। इस मामले में विभिन्न पहलुओं की जांच की गई थी, जिसके आधार पर अदालत ने यह फैसला लिया। दोषियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ उनके खिलाफ सबूतों की पुष्टि हुई।

    घोटाले का विवरण

    को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला एक गंभीर वित्तीय अपराध है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत से बैंक के धन का दुरुपयोग किया गया था। यह मामला लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और अब न्यायालय के द्वारा की गई कार्रवाई ने इसे एक नया मोड़ दिया है।

    भविष्य की कार्रवाई

    अब, 30 मार्च को सुनाई जाने वाली सजा का सभी को इंतजार है। यह सजा न केवल दोषियों के लिए, बल्कि पूरे वित्तीय सिस्टम के लिए एक संदेश है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • जमशेदपुर: घाघीडीह जेल में जल संकट हल करने और वॉच टावरों पर जैप जवानों की तैनाती का आदेश

    जमशेदपुर: घाघीडीह जेल में जल संकट हल करने और वॉच टावरों पर जैप जवानों की तैनाती का आदेश

    जमशेदपुर: घाघीडीह जेल में पेयजल संकट और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

    जमशेदपुर। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला कारा सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में केंद्रीय कारा घाघीडीह, मंडल कारा साकची और उपकारा घाटशिला की सुरक्षा और संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जेलों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं सहनी जाएगी।

    जेल परिसर में पेयजल संकट का समाधान

    बैठक में घाघीडीह केंद्रीय कारा में पेयजल की गंभीर समस्या पर विचार किया गया। जेलर ने बताया कि ज्यादातर चापाकल खराब हो चुके हैं, जिससे जलापूर्ति के लिए टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। उपायुक्त ने खराब चापाकलों की त्वरित मरम्मत का निर्देश दिया और जेल परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने के लिए प्राक्कलन को यथाशीघ्र तैयार करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, जेल के विभिन्न जर्जर आंतरिक क्षेत्रों के जीर्णोद्धार कार्य की तेजी से स्वीकृति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया।

    सुरक्षा के लिए वॉच टावरों की तैनाती

    उपायुक्त ने जेल की बाह्य और आंतरिक सुरक्षा को मजबूती देने के लिए वॉच टावरों के संचालन पर जोर दिया। उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि जैप (JAP) मुख्यालय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रिक्त वॉच टावरों पर जैप फोर्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, एमजीएम अस्पताल में बन रहे विशेष कैदी वार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बिल्डिंग कॉर्पोरेशन के सहयोग से निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूरा करने के लिए निर्देश दिए।

    नियमित पेट्रोलिंग और औचक निरीक्षण

    उपायुक्त ने अधिकारियों को कारा परिसरों में नियमित पेट्रोलिंग और समय-समय पर औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि कारा की संरचनात्मक स्थिति को मजबूत करना भी है। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पाण्डेय, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, एडीएम एसओआर राहुल जी आनंद, डीटीओ धनंजय, और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

  • राजपाल यादव को जेल में लौटने से मिली राहत, दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया निर्णय

    राजपाल यादव को जेल में लौटने से मिली राहत, दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया निर्णय

    राजपाल यादव को मिली राहत, कानूनी मामले में सुनवाई समाप्त

    डेस्क। लोकप्रिय बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों एक कानूनी मामले का सामना कर रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में चेक बाउंस से संबंधित एक पुराने मामले की सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने अभिनेता को फिलहाल जेल न भेजने का फैसला लिया। इस दौरान राजपाल यादव खुद अदालत में उपस्थित रहे और उन्होंने मामले में अपने पक्ष को रखते हुए बताया कि वे पहले ही एक बड़ी धनराशि का भुगतान कर चुके हैं।

    सुनवाई का विवरण

    सुनवाई के प्रारंभ में, राजपाल यादव के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने नियमित जमानत के लिए याचिका प्रस्तुत की है। वकील ने यह भी कहा कि अभिनेता की अंतरिम जमानत की अवधि आज समाप्त हो रही थी। उन्होंने भुगतान की स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ को अब तक 4.25 करोड़ रुपये चुका दिए गए हैं और आज 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी जमा किया जा रहा है। अदालत ने इस जानकारी पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चूंकि उचित धनराशि का भुगतान किया गया है, इसलिए उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा।

    राजपाल यादव का पक्ष

    अदालत में राजपाल यादव ने भावुक होकर कहा कि 2016 के समय जब डिक्री हुई थी, तब उन्हें 10.40 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया गया था। उन्होंने बताया कि वे भुगतान के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं और 2018 में अपने एक दोस्त की 28 करोड़ रुपये की संपत्ति का कागज भी पेश किया। उन्होंने दलील दी कि वे पहले ही 2 करोड़ रुपये चुका चुके हैं, लेकिन शेष 8 करोड़ की वजह से दूसरी पार्टी ने उन्हें जेल भेजने की मांग की। यादव ने तर्क किया, ‘मैंने 8 करोड़ रुपये की बजाय जेल की सजा काट ली है, इसलिए इसे खत्म हो जाना चाहिए।’ उन्होंने फिल्म के खर्चे का जिक्र करते हुए कहा कि असल में 5 करोड़ नहीं, बल्कि 22 करोड़ रुपये लगे थे, जिसके कारण उनके 17 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

    अदालत की सलाह

    सुनवाई के दौरान, न्यायाधीश ने राजपाल यादव को सलाह दी कि वे सावधानी बरतें और ऐसा कुछ न बोलें जो उनके खिलाफ जा सके। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि वे पूरी राशि लौटा देते हैं, तो मामला समाप्त हो जाएगा, अन्यथा उन्हें आगे की बहस के लिए तैयार रहना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित की गई है।

  • क्रिकेटर को ICC टूर्नामेंट के दौरान फोन चोरी कराते हुए महिला को धक्का देने पर 3 साल की सजा

    क्रिकेटर को ICC टूर्नामेंट के दौरान फोन चोरी कराते हुए महिला को धक्का देने पर 3 साल की सजा

    पापुआ न्यू गिनी के क्रिकेटर को जर्सी में डकैती का दोषी पाया गया

    पापुआ न्यू गिनी के 30 वर्षीय विकेटकीपर किपलिन डोरिगा को जर्सी आइलैंड पर डकैती करने का दोषी पाया गया है। उसे तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई है। यह घटना तब हुई जब डोरिगा इस साल की शुरुआत में ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप चैलेंज लीग में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने आए थे। दौरे के दौरान उन्होंने एक महिला पर हमला कर उसका मोबाइल फोन चुरा लिया।

    घटनास्थल और गिरफ्तारी

    यह घटना सोमवार, 25 अगस्त को सुबह 2:30 बजे के आसपास सेंट हेलियर में हिलेरी स्ट्रीट पर हुई। डोरिगा जैसे ही अपने होटल की ओर लौट रहे थे, उन्होंने एक महिला को देखा और उसे घूंसा मारकर जमीन पर गिरा दिया, फिर उसका फोन छीन लिया। अभी तक महिला को लगी चोटों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। डोरिगा को उसी दिन बाद में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया।

    अदालत में पेशी और सजा

    अगले दिन, डोरिगा पर औपचारिक रूप से रॉबरी का चार्ज लगाया गया और उसे जर्सी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसने 27 अगस्त को जुर्म कबूल कर लिया। फिर, शुक्रवार, 28 नवंबर को जर्सी के रॉयल कोर्ट ने उसे तीन साल की जेल की सजा सुनाई।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    स्टेट्स ऑफ जर्सी पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के डिटेक्टिव सार्जेंट जिम मैकग्रानाहन ने तेजी से हुई जांच की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह एक अनजान संदिग्ध के साथ तेज़ी से हुई जांच थी, जो आइलैंड पर कुछ ही दिन रहा था। इस अपराध की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने कई डिटेक्टिव्स और अन्य कर्मचारियों को लगाया, जिन्होंने जल्दी से डोरिगा की पहचान की और उसे गिरफ्तार किया।