जमशेदपुर। सिदगोड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सप्लायरों में परसुडीह के रहने वाले अजीत बेहरा उर्फ दीपक और ओडिशा के मयूरभंज जिले के रहने वाले सुरेश माटिया उर्फ अजय मटिया शामिल हैं। पुलिस ने दोनों के पास से चार 3.15 बोर के देसी कट्टे और 9 जिंदा कारतूस बरामद किया है। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आकाशदीप प्लाजा के पास कुछ लोग आर्म्स की खरीद बिक्री करने पहुंच रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम को तैनात की। इस टीम ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह में शामिल हैं और ओडिशा, झारखंड के साथ साथ बिहार में आर्म्स की सप्लाई करता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद उसके निशानदेही पर दोनों सप्लायरों के कमरे की तलाशी की गई। जिसमें चार देसी कट्टा और कारतूस बरामद किया गया। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह में कई अपराधी शामिल हैं। जिसका सुराग मिला है। एसएसपी ने बताया कि यह गिरोह बिहार के मुंगेर से 3 से 4 हजार रुपये में हथियार खरीदता है और अधिक कीमत में बेचता है।
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कुड़मी सेना के रेल रोको आंदोलन से कई ट्रेने रद्द, स्टेशनों पर यात्री बेहाल
आज दूसरे दिन भी हजारों यात्री जहां तहां फंसे हुए है, 8 ट्रेने रद्द की गईजमशेदपुर। कुड़मी को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन आज भी रेल चक्का जाम रहा। इसके कारण सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन यात्रियों को हो रही है। यात्री दो दिनों से जहां-तहां फंसे हुए बेहाल है। कई यात्री तो लगातार दो दिन से स्टेशन पर ही बैठे हैं। चक्का जाम के कारण दूसरे दिन भी 8 ट्रेनें रद्द कर दी गई तो दर्जनों ट्रेनों के मार्ग बदल दिए गए। स्टेशन पर अफरा तफरी का माहौल है। कई स्टेशनों पर यात्री बवाल कर रहे हैं। झाड़ग्राम एवं खड़गपुर स्टेशन के बीच खेमाशुली के समीप स्थानीय लोगों द्वारा रेल चक्का जाम आज भी जारी है। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) एएम चौधरी को भी परेशानी उठानी पड़ी। मंगलवार को चाकुलिया से घाटशिला के बीच थर्ड लाइन का निरीक्षण करने आए सीआरएस पूरे दिन निरीक्षण करने के बाद शाम 7:00 बजे वापस हावड़ा के लिए अपने विशेष सैलून से रवाना हो गए। लेकिन आंदोलनकारियों द्वारा रेलवे ट्रैक खाली नहीं किए जाने के कारण उनका सैलून करीब 2 घंटे तक झाड़ग्राम स्टेशन पर ही खड़ा रहा। आखिरकार रात 9:00 बजे के बाद सीआरएस का सैलून वापस टाटानगर की ओर रवाना हो गया। सीआरएस का विशेष सैलून टाटा से आद्रा, आसनसोल होते हुए हावड़ा पहुंचा। बता दें कि झाड़ग्राम से हावड़ा की सीधी दूरी करीब 150 किलोमीटर है जबकि टाटा आद्रा आसनसोल होते हुए हावड़ा जाने पर सीआरएस को करीब 500 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। कुड़मी सेना की ओर से अपनी मांगों को लेकर खड़गपुर, आद्रा एवं चक्रधरपुर डिविजन में रेल रोको आंदोलन चलाया गया। यात्रियों को उम्मीद थी की शाम होते-होते आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन देर रात तक आंदोलन जारी रहने के कारण टाटा-छपरा ट्रेन को रात्रि के 8 बजे के बाद रद्द करने की घोषणा कर दी गई।
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कुर्मी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक किया जाम
Jamshedpur: खड़गपुर डिवीजन के खेमा सूली रेलवे स्टेशन में कुर्मी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया इस वजह से हावड़ा मुंबई रूट के कई एक्सप्रेस को और कोई लोकल ट्रेन को रद्द किया गया,जिस से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा
इस दौरान हावड़ा रुट में टाटानगर से चलने वाली हावड़ा स्टील एक्सप्रेस को, हावड़ा से चलकर आने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस को, इस्पात एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया जहां हावड़ा टाटा मार्ग के कई लोकल ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया दूसरी तरफ टाटानगर से दानापुर जाने वाली दानापुर एक्सप्रेस को भी रद्द कर दिया गया है ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रेल प्रबंधन द्वारा कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट की तैयारी की जा रही है रेल लाइन बाधित होने की वजह से हजारों की संख्या में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, यात्रियों की परेशानी को देखते हुए टाटानगर रेल प्रबंधन द्वारा प्लेटफार्म नंबर एक में हेल्प डेस्क बनाया गया वहीं दूसरी तरफ रद्द हुए ट्रेनों के टिकट को कैंसिल भी किया जा रहा है, जानकारी देते हुए एक यात्री आशीष कुमार ने बताया कि व्यापार के सिलसिले से उन्हें हावड़ा जाना था पर अचानक ट्रेन के रद्द हो जाने से उनके सारे काम पड़े के पड़े रह गए वहीं उन्होंने बताया कि कई ऐसे यात्री है जिनको मेडिकल परपस से या फिर अन्य कारणों से बाहर जाना था पर ट्रेन रद्द हो जाने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, सारे यात्री वैकल्पिक व्यवस्था ढूंढ रहे हैं बाहर जाने के लिए.