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  • झारखंड सरकार का खर्च नियंत्रण: मार्च में निकासी 15% तक सीमित रहेगी।

    झारखंड सरकार का खर्च नियंत्रण: मार्च में निकासी 15% तक सीमित रहेगी।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड सरकार ने निकासी सीमा तय की 💰

    झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम महीने, मार्च में सरकारी खर्च को नियंत्रित करने के लिए राशि निकासी की सीमा निर्धारित की है। इस संबंध में वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने एक आदेश जारी किया है। अब अधिकांश योजनाओं में बजटीय राशि की कोषागार से निकासी कुल आवंटन के 15 प्रतिशत तक ही की जा सकेगी।

    अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण

    जारी निर्देशों का उद्देश्य अनावश्यक और जल्दबाजी में होने वाले खर्चों को रोकना है। सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, विभागाध्यक्ष और उपायुक्तों को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही विभाग ने एक और पत्र जारी कर विभागीय सचिवों को 15 प्रतिशत की सीमा को ‘केस टू केस’ आधार पर शिथिल करने का अधिकार दिया है।

    केंद्रीय योजनाओं की पूरी राशि निकासी

    विभाग के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रीय योजनाओं के तहत प्राप्त आवंटन की संपूर्ण राशि भी निकाली जा सकेगी। इसके अलावा केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्रांश के साथ राज्यांश की राशि की पूरी निकासी की अनुमति दी गई है। तृतीय अनुपूरक बजट के अंतर्गत प्रावधानित योजनाओं के लिए भी पूरी राशि निकाली जा सकेगी, लेकिन यह केवल पहले से किए गए कार्यों के भुगतान के लिए संभव है।

    स्थापना व्यय में शत-प्रतिशत निकासी

    वित्त विभाग ने सभी निकाशी और व्ययन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निकासी की प्रक्रिया इन नियमों के अनुसार पूरी करें। निर्माण व्यय (जैसे वेतन इत्यादि) के मद में शत-प्रतिशत राशि की निकासी की अनुमति दी गई है।

    बड़े व्यय का समयबद्ध निपटारा

    इस वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में अब लगभग 25 दिन बचे हैं। ऐसे में विभागों के लिए सीमित समय में बड़े व्यय का समुचित और नियमों के अनुसार निपटारा करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

  • झारखंड ई-ग्रास पोर्टल: एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि अब केवल NEFT और RTGS के माध्यम से जमा होगी।

    झारखंड ई-ग्रास पोर्टल: एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि अब केवल NEFT और RTGS के माध्यम से जमा होगी।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड सरकार ने किया ई-ग्रास पोर्टल में महत्वपूर्ण बदलाव 💰

    झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने सरकारी राजस्व संग्रहण के लिए ई-ग्रास पोर्टल में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि केवल निफ्ट (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी।

    ई-ग्रास पोर्टल का नया नियम

    वित्त विभाग की उप सचिव ज्योति कुमारी झा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, राज्य सरकार को प्राप्त होने वाली राजस्व राशि मुख्य रूप से ई-ग्रास पोर्टल के माध्यम से जमा होती है। वर्तमान में, भारतीय स्टेट बैंक का एसबीआई ई-पे गेटवे तथा भारतीय रिजर्व बैंक का ई-कुबेर सुविधा से धनराशि प्राप्त की जा रही है।

    पत्र में यह भी बताया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर के माध्यम से NEFT और RTGS से भेजी गई राशि तत्काल सरकार के खाते में जमा हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, यह निर्णय लिया गया है कि एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के लिए ई-ग्रास पोर्टल पर सिर्फ ये दो विकल्प ही उपलब्ध रहेंगे।

    पारदर्शिता और त्वरित निपटान के लिए नए निर्देश

    वित्त विभाग ने इस निर्णय से संबंधित सभी उच्च अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस बदलाव की जानकारी संबंधित विभागों और कर्मियों को दें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    विभाग का मानना है कि इस कदम से बड़ी राशि के लेन-देन में पारदर्शिता, त्वरित निपटान, और वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।