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  • चाईबासा समाचार: निबंध प्रतियोगिता के जरिए “डायन प्रथा” पर जागरूकता फैलायी गई

    चाईबासा समाचार: निबंध प्रतियोगिता के जरिए “डायन प्रथा” पर जागरूकता फैलायी गई

    चाईबासा : किसी भी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। यदि स्कूली बच्चे इस मुद्दे के प्रति जागरूक होंगे, तो अगली पीढ़ी अपनी समझदारी का परिचय दे सकेगी। इसी उद्देश्य के तहत पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय में स्कूली बच्चों के लिए डायन कुप्रथा पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

    छात्राओं ने दिया जागरूकता का परिचय

    मुख्यमंत्री उत्कृष्ट स्कॉट उच्च विद्यालय चाईबासा में लीगल लिटरेसी क्लब के तहत, दूसरे शनिवार को “डायन प्रथा” पर अधिकार मित्र द्वारा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा की कई छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने इस कुप्रथा के प्रति जागरूकता का परिचय दिया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य था कि छात्राएं अपने गांव और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं।

    किसी को डायन कहना एक अपराध

    कार्यक्रम में उपस्थित अधिकार मित्र सूरज कुमार ठाकुर ने छात्राओं को बताया कि किसी महिला को डायन कहकर संबोधित करना कानूनी अपराध है। इसके अलावा, यदि किसी महिला के साथ इस प्रकार का उत्पीड़न किया जाता है या उसके मूल अधिकारों का उल्लंघन किया जाता है, तो यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में जागरूकता, सामान्य ज्ञान और सामाजिक समझ को बढ़ाना था। सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य अनिता सवाइयां, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अधिकार मित्र सूरज कुमार ठाकुर एवं हेमराज निषाद का योगदान रहा।

  • चाईबासा समाचार: प्रशासन ने LPG कालाबाजारी पर की कड़ी कार्रवाई, कई सिलेंडर किए जब्त

    चाईबासा समाचार: प्रशासन ने LPG कालाबाजारी पर की कड़ी कार्रवाई, कई सिलेंडर किए जब्त

    चाईबासा : घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) की उपलब्धता में समस्याओं का सामना कर रहे लोगों के लिए एक और चिंता का विषय कालाबाजारी का बढ़ता मामला है। हालांकि, जिला प्रशासन इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध और व्यावसायिक उपयोग पर प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं।

    मधु बाजार और बड़ी बाजार में कार्रवाई

    चाईबासा के एसडीओ ने मधु बाजार और बड़ी बाजार में छापेमारी की, जिसमें बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो के नेतृत्व में चाईबासा अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार और जिला पुलिस ने दो व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अचानक छापा मारा। जांच में पता चला कि इन दुकानों पर घरेलू LPG सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। मौके पर ही सिलेंडर जब्त कर लिए गए, और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    छोटे सिलेंडरों में रीफिलिंग का मामला

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी बड़े सिलेंडरों को लेकर छोटे सिलेंडरों में रीफिलिंग कर रहे थे। इसके बाद, वे इन छोटे सिलेंडरों को अधिक कीमत पर बेच रहे थे। प्रशासन को यह भी पता चला कि ये लोग घरेलू 14 किलो वाले LPG सिलेंडर को भी ऊंचे दाम पर बेचते थे। इस संबंध में रीफिलिंग के लिए जरूरी सामान भी जब्त किया गया है।

    सिलेंडरों के स्रोत की जांच

    प्रशासन के अधिकारी अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इन बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कैसे हुई। इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा। कालाबाजारी की आशंका को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

    उपायुक्त के निर्देश

    हाल ही में आयोजित एक बैठक में उपायुक्त चंदन कुमार ने घरेलू गैस के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो ने कहा कि ऐसी छापेमारियां आगे भी जारी रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लोग या प्रतिष्ठान घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग न करें।

    सूचना देने की अपील

    प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि किसी को घरेलू सिलेंडरों के अवैध भंडारण या दुरुपयोग की जानकारी हो, तो वे तुरंत जिला प्रशासन या संबंधित थाने को सूचित करें। वर्तमान में देश में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर दबाव है, जिसके कारण कुछ असामाजिक तत्व इन्हें सस्ते दाम पर खरीदकर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों में महंगे दाम पर बेच रहे हैं। इससे आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की उपलब्धता में कठिनाई हो रही है। जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी पर विशेष ध्यान दें और संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्ट करें।

  • श्रावणी मेला: शिवगंगा को सजाने की तैयारी, राजकीय महोत्सव की गतिविधियाँ तेज़।

    श्रावणी मेला: शिवगंगा को सजाने की तैयारी, राजकीय महोत्सव की गतिविधियाँ तेज़।

    दुमका। शिवगंगा नदी की साफ-सफाई और बेहतर सज्जा के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यह जानकारी बासुकिनाथ मंदिर के सभागार में आयोजित राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव की तैयारी संबंधी बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त संजय कुमार ने की।

    बैठक में मेला आयोजन से जुड़े विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने पांच स्थानों पर शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने, पेयजल व्यवस्था के लिए डीप बोरिंग कराने और मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।

    सभी एंट्री प्वाइंट पर मेटल डिटेक्टर लगाने का निर्देश

    आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला महोत्सव के आयोजन में किसी प्रकार की कमी न हो। इसके लिए संबंधित विभागों को अपनी कार्य योजना शीघ्र तैयार करने को कहा गया। उन्होंने मेला क्षेत्र के सभी एंट्री प्वाइंट पर मेटल डिटेक्टर लगाने और सुचारु आवागमन के लिए ट्रैफिक रूट प्लान तैयार करने पर जोर दिया।

    बासुकिनाथ मंदिर मार्ग को करें दुरुस्त

    आयुक्त ने बासुकिनाथ मंदिर जाने वाले मार्गों की स्थिति सुधारने के लिए बासुकिनाथ-दुमका रोड को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि मेला के दौरान अक्सर बच्चे और परिजन बिछड़ जाते हैं, ऐसे में मेला क्षेत्र में लगे स्क्रीन के माध्यम से उनकी सूचना का प्रसारण किया जाए ताकि उन्हें शीघ्र उनके परिजनों से मिलाया जा सके।

    उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के आवास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, लॉकर सिस्टम, पार्किंग स्थल और पूरे मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था करने पर जोर दिया। नंदी चौक सहित प्रमुख स्थलों पर आकर्षक लाइटिंग व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यकता अनुसार मंदिर गार्ड की प्रतिनियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से करने और फायर स्टेशन के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजने की बात कही गई।

    बैठक से पूर्व आयुक्त ने रूट लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने मेला के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, आयुक्त के सचिव, नगर पंचायत बासुकीनाथ के अध्यक्ष, पंडा समाज के प्रतिनिधि सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • झारखंड पुलिस: बोकारो और हजारीबाग के बाद पलामू में वेतन घोटाला, वित्त मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

    झारखंड पुलिस: बोकारो और हजारीबाग के बाद पलामू में वेतन घोटाला, वित्त मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

    झारखंड में पुलिस वेतन घोटाला: पलामू में नई जांच शुरू

    झारखंड के पलामू जिले में पुलिस वेतन घोटाले का मामला सामने आया है, जो पहले बोकारो और हजारीबाग में भी उजागर हो चुका है। इस घोटाले में अवैध निकासी की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राज्य के वित्त मंत्री ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है। यह निर्णय राज्य में वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

    पलामू में घोटाले की जानकारी

    पलामू में पुलिस वेतन से संबंधित अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद, राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक व्यापक जांच की प्रक्रिया शुरू की है। जांच के आदेश सभी जिलों के लिए दिए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।

    बोकारो और हजारीबाग में पहले ही हो चुकी है कार्रवाई

    इससे पहले बोकारो और हजारीबाग में भी इसी तरह के घोटाले की सूचना मिली थी, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू की थी। इन मामलों में भी अवैध तरीके से पुलिस वेतन से राशि की निकासी की गई थी। अब पलामू में हुआ नया खुलासा इस मुद्दे की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

    राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

    राज्य सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखा जाए और किसी भी प्रकार की धांधली को रोका जा सके।

  • अंधविश्वास का अपराध: डायन के संदेह में भतीजे ने चाची की हत्या की, चाचा की हालत गंभीर

    अंधविश्वास का अपराध: डायन के संदेह में भतीजे ने चाची की हत्या की, चाचा की हालत गंभीर

    खूंटी में अंधविश्वास के चलते चाचा-चाची पर हमला

    खूंटी जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक दुखद घटना की जानकारी मिली है। मारंगहादा थाना क्षेत्र के कातुद गांव में, एक भतीजे ने अपने चाचा-चाची पर डायन होने के संदेह में हमला कर दिया। इस हमले में चाची सीनी पहनाइन की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चाचा विया पाहन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनका उपचार खूंटी सदर अस्पताल में चल रहा है।

    घटना का विवरण

    यह घटना मंगलवार रात को हुई। विया पाहन और उनकी पत्नी सीनी पहनाइन अपने घर में सो रहे थे, तभी उनके भतीजे कुंवर पाहन और हंगीरा पाहन अचानक घर में घुस आए और उन पर तेज धार हथियार से हमला किया। दोनों हमलावरों ने सोचा कि वे चाचा-चाची को मार चुके हैं और घटनास्थल से भाग गए।

    अंधविश्वास का मुद्दा

    इस हमले के पीछे अंधविश्वास को मुख्य कारण बताया जा रहा है। घायल विया पाहन ने जानकारी दी कि उनके बड़े भाई की पत्नी अक्सर बीमार रहती थी, जिससे परिवार के कुछ सदस्य सीनी पहनाइन को डायन मानने लगे थे। इस विषय पर मंगलवार को दिन में परिवार में विवाद हुआ था, जो रात में हिंसक घटना में बदल गया।

    इलाज के दौरान चाची की मृत्यु

    हमले के बाद परिवार और गांव के लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत खूंटी सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने सीनी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश गुरुवार को उनकी मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस को इस घटना की जानकारी देर से मिली, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी विवाद को कानूनी तरीके से सुलझाएं।

  • केंदुआडीह में BCCL के दावे असफल, गैस रिसाव का प्रभाव जारी, एक परिवार के तीन सदस्य बीमार।

    केंदुआडीह में BCCL के दावे असफल, गैस रिसाव का प्रभाव जारी, एक परिवार के तीन सदस्य बीमार।

    धनबाद: धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में गैस रिसाव की समस्या लगातार बनी हुई है। हाल ही में, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे गंभीर चिंता उत्पन्न हुई।

    राजपूत बस्ती के निवासी सन्नी कुमार (24), दिव्या देवी (34) और उनका तीन वर्षीय बेटा डुग्गू चक्कर, उल्टी और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याओं से जूझने लगे। इनकी हालात बिगड़ने पर, इन्हें सुबह करीब 4 बजे बीसीसीएल के कुस्तौर क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में उनका इलाज जारी है।

    डॉक्टरों के अनुसार, इन लोगों की तबीयत गैस के प्रभाव के कारण खराब हुई है। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कई लोग गैस रिसाव के कारण अस्पताल पहुंच चुके हैं।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में गैस का रिसाव अभी भी जारी है। बीसीसीएल ने पहले यह दावा किया था कि नाइट्रोजन फिलिंग जैसी उपायों से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन हालात अभी भी सामान्य नहीं हो सके हैं।

    सांस की तकलीफ और अन्य समस्याएं

    गैस रिसाव के कारण स्थानीय लोग प्रतिदिन सांस की तकलीफ, चक्कर और उल्टी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति ने इलाके में भय और चिंता का माहौल बना दिया है।

    यह चिंताजनक है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद बीसीसीएल और जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

    निवासियों का कहना है कि वे हर दिन खतरों के बीच जीने के लिए मजबूर हैं। इस घटना ने बीसीसीएल के दावों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय निवासियों ने जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों और वे सुरक्षित माहौल में रह सकें।

  • पश्चिम सिंहभूम समाचार: डेरोवां के निकट सैकड़ों गोवंशीय पशु जब्त, गोइलकेरा पुलिस की कार्रवाई

    पश्चिम सिंहभूम समाचार: डेरोवां के निकट सैकड़ों गोवंशीय पशु जब्त, गोइलकेरा पुलिस की कार्रवाई

    गोइलकेरा में गोवंशीय पशुओं की तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा पुलिस ने डेरोवां के पास एक महत्वपूर्ण छापेमारी की, जिसमें सैकड़ों गोवंशीय पशुओं को बरामद किया गया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तस्करों द्वारा ले जाए जा रहे गोवंशीय पशुओं को मुक्त कराया गया। जानकारी के अनुसार, ओडिशा से इन मवेशियों को जंगल के रास्ते लाने का प्रयास किया जा रहा था।

    पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया

    गोइलकेरा के थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा ने अपने दल के साथ मिलकर डेरोवां के इलाके में छापेमारी की। इस दौरान गोवंशीय पशुओं को सफलतापूर्वक बरामद किया गया। हालांकि, इस कार्रवाई में किसी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है। ज्ञात रहे कि ओडिशा के खटकुलबहार और राजगांगपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की झारखंड में तस्करी का सिलसिला कई वर्षों से जारी है।

    तस्करी का विस्तृत नेटवर्क

    सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के मनोहरपुर, आनंदपुर और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के गांवों से लगभग 400 गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से झारखंड से पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने इस योजना को विफल कर दिया और पशुओं को बरामद कर लिया। थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा का कहना है कि बरामद पशुओं की संख्या लगभग सौ के करीब थी, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि पकड़े गए मवेशियों की संख्या काफी अधिक थी।

    पशुओं की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई

    पशुओं की तस्करी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती रहती है। इस प्रकार की छापेमारी से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन तस्करी के खिलाफ सख्त है और इस पर नजर बनाए हुए है।

  • झारखंड साइबर अपराध: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को बंधक बनाने वाला सरगना गिरफ्तार

    झारखंड साइबर अपराध: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को बंधक बनाने वाला सरगना गिरफ्तार

    झारखंड में साइबर क्राइम का नया मामला

    झारखंड में एक नया साइबर क्राइम का मामला सामने आया है, जहां युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर ठगी की जा रही थी। इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसका नाम दाऊद अहमद बताया जा रहा है।

    युवाओं को ठगी का शिकार बनाया गया

    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह युवाओं को आकर्षक नौकरी के प्रस्ताव देकर उन्हें विदेश भेजने का झांसा देता था। इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया जाता था और उनसे पैसे की मांग की जाती थी। यह पूरी प्रक्रिया काफी संगठित तरीके से की जा रही थी, जिससे कई लोग ठगी का शिकार बने।

    गिरफ्तारी की जानकारी

    पुलिस ने सूचना मिलने के बाद दाऊद अहमद को गिरफ्तार किया। उसे मुंबई से पकड़ा गया, जहां वह अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने इस मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य संभावित आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों से बचा जा सके।

    जागरूकता की आवश्यकता

    यह घटना इस बात का संकेत है कि युवाओं को नौकरी के झांसे में आने से पहले सतर्क रहना चाहिए। पुलिस ने सभी से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदेहास्पद प्रस्ताव को नजरअंदाज करें और किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

  • हजारीबाग में बीयर की 3600 पेटियां नष्ट, उत्पाद विभाग ने चलाया बुलडोजर

    हजारीबाग में बीयर की 3600 पेटियां नष्ट, उत्पाद विभाग ने चलाया बुलडोजर

    हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में उत्पाद विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए हजारों लीटर बीयर को नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई चान्हो स्थित एक गोदाम में की गई, जहां काफी समय से रखी गई बीयर एक्सपायर हो चुकी थी। विभाग ने नियमों के अनुरूप करीब 3,600 पेटियों को बुलडोजर और रोलर का उपयोग करके समाप्त किया।

    इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी मात्रा में बीयर सड़क और जमीन पर बह गई, जिससे हजारों लीटर बीयर मिट्टी में मिल गई। मौके पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे और उनकी निगरानी में यह कार्य सम्पन्न हुआ।

    छह महीने से अधिक समय तक नहीं बिकी बीयर

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीयर फैक्ट्री ने मांग के अनुसार उत्पादन किया था, लेकिन कम खपत के कारण इसे गोदाम में रखा गया। यह स्टॉक छह महीने से अधिक समय तक नहीं बिक सका, जिसके कारण बीयर एक्सपायर हो गई। नियमों के अनुसार, एक्सपायर हो चुकी शराब का बाजार में बेचना अवैध है। इसी कारण विभाग ने इसे नष्ट करने का निर्णय लिया।

    लाखों रुपये की बीयर हुई बर्बाद

    इस कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये की बीयर नष्ट की गई। अधिकारियों के अनुसार, कई बार कंपनियां आवश्यकता से अधिक उत्पादन कर लेती हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिक्री नहीं हो पाती और स्टॉक खराब हो जाता है। ऐसे मामलों में, एक्सपायर होने के बाद बीयर को समाप्त करना आवश्यक हो जाता है।

    नियमों के अनुसार की गई पूरी कार्रवाई

    हजारीबाग के सहायक उत्पाद आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि चान्हो के गोदाम में रखी बीयर एक्सपायर हो चुकी थी, इसलिए विभाग के आदेश पर इसे नष्ट किया गया।

    इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि उत्पाद विभाग एक्सपायर शराब के मामले में सख्त है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • धनबाद: झरिया में भू-धंसान से एक घर ढहा, कई मकानों में दरारें, लोग भयभीत।

    धनबाद: झरिया में भू-धंसान से एक घर ढहा, कई मकानों में दरारें, लोग भयभीत।

    झरिया में भू-धंसान से हड़कंप

    धनबाद: झारखंड के झरिया थाना क्षेत्र स्थित चौथाई कुल्ली इलाके में अचानक भू-धंसान की घटना ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी है। इस घटना के चलते एक घर पूरी तरह से जमीन में समा गया, जबकि आस-पास के कई मकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। भू-धंसान के कारण दर्जनों घरों की दीवारों और जमीन पर बड़े-बड़े दरारें पड़ गई हैं। कुछ मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे वहां के निवासियों में भय का माहौल है।

    स्थानीय निवासियों की चिंता

    घटना के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं। खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने तुरंत अपने घरों से आवश्यक सामान बाहर निकाल लिया और सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। कई लोग खुले में रहने को मजबूर हैं और हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका से डरे हुए हैं।

    पूर्व में हुए भू-धंसान की घटनाएं

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार का नुकसान कहीं अधिक गंभीर है। लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत, सुरक्षा और पुनर्वास की मांग की है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

  • ईस्ट सिंहभूम समाचार: जादूगोड़ा के कांस्टेबल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु जवान की मृत्यु, जानें हंगामे का कारण।

    ईस्ट सिंहभूम समाचार: जादूगोड़ा के कांस्टेबल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु जवान की मृत्यु, जानें हंगामे का कारण।

    पूर्वी सिंहभूम: कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में जवान की मौत से मचा हंगामा

    झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में एक प्रशिक्षु जवान की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यह घटना प्रशिक्षण के दौरान हुई, जिससे अन्य प्रशिक्षुओं में आक्रोश फैल गया। मृतक जवान की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन घटना के बाद परिवार और अन्य जवानों ने न्याय की मांग की है।

    मृतक जवान के परिजनों का विरोध

    मृतक जवान के परिजनों ने आरोप लगाया कि उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण जवान की जान चली गई। उनकी मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

    प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद, प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। अधिकारियों का कहना है कि वे मृतक जवान के परिजनों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्पर हैं।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    स्थानीय समुदाय में भी इस घटना को लेकर निराशा है। लोगों का कहना है कि सरकारी संस्थानों में सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। वे यह मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं से सबक लिया जाए और सुधारात्मक उपाय किए जाएं।

    कानूनी कार्रवाई की संभावना

    इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यदि जांच में लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को किस दिशा में ले जाता है।

  • झारखंड समाचार: रेल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में बस यात्रियों की संख्या में कमी

    झारखंड समाचार: रेल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में बस यात्रियों की संख्या में कमी

    रांची : झारखंड में उन ग्रामीण मार्गों पर, जहाँ अब रेल सेवा शुरू हो चुकी है, मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत चलने वाली बसों में यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए, परिवहन विभाग ने ऐसे मार्गों का नया आकलन आरंभ किया है, ताकि आवश्यकतानुसार बसों के संचालन का निर्धारण किया जा सके। विभाग को विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिली है कि कई ऐसे रूट हैं, जहाँ पहले ग्राम गाड़ी योजना की बसें नियमित रूप से संचालित होती थीं, लेकिन रेल संपर्क आरंभ होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी आई है। यात्रियों की कमी के कारण बसों की सीटें अक्सर खाली रहती हैं।

    बस संचालकों को लगातार आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में, अब इन मार्गों पर वर्तमान बस संचालन की उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों और जिला परिवहन अधिकारियों से ऐसे रूटों पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी जाएगी, जहाँ वाहनों का संचालन तो हो रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या बहुत कम है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में संसाधनों का पुनः उपयोग करना है, जहाँ मांग में कमी आई है, और उन ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा को मजबूती प्रदान करना है, जहाँ सार्वजनिक परिवहन की अधिक आवश्यकता है।

    601 मार्गों पर 172 बसों का परिचालन

    राज्य में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत 601 से अधिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर वर्तमान में 172 बसों का संचालन हो रहा है। यह संख्या निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम है। इस योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं, झारखंड आंदोलनकारियों, दिव्यांगजनों और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का प्रावधान है। लाभार्थियों की पहचान कर स्मार्ट कार्ड का वितरण किया जाना है। वहीं, सामान्य यात्रियों से निर्धारित टिकट शुल्क लिया जाता है।

    परिवहन सचिव ने 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट

    परिवहन सचिव राजीव रंजन ने सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों में नए ग्रामीण मार्गों की पहचान कर सेवा का विस्तार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने रेल संपर्क वाले क्षेत्रों के रूट का आकलन करने का भी निर्देश दिया है। सभी जानकारी 15 दिनों के भीतर विभाग को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

  • रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन पर बीजेपी ने उठाए सवाल

    झारखंड में बजट के केवल 85% खर्च होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी के नेता प्रतुल शाह देव ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शेष 15% बजट का खर्च न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

    प्रतुल शाह देव का बयान

    प्रतुल शाह देव ने कहा कि राज्य के विकास के लिए आवंटित धन का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च नहीं होता है, तो यह दर्शाता है कि सरकार अपने दायित्वों को निभाने में असमर्थ है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताया और सरकार से इस विषय पर स्पष्टता की मांग की।

    राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

    हालांकि, राज्य सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है। सरकार का कहना है कि बजट का खर्च समय-समय पर किया जाता है और कुछ योजनाओं के लिए धन की आवश्यकता के अनुसार खर्च किया जाना आवश्यक होता है। सरकार ने दावे किए हैं कि कई योजनाओं के लिए धन आवंटित किया गया है, जो भविष्य में खर्च किया जाएगा।

    भविष्य की योजनाएँ

    राज्य सरकार ने यह भी बताया कि वे विभिन्न विकास योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया में हैं, जिसमें आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

  • झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड में आयोगों और निगमों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज

    रांची: झारखंड राज्य में लंबे समय से रिक्त पड़े बोर्ड, निगम और आयोगों के पदों को भरने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे के बाद सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के नामों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक बैठक में इन पदों के लिए नामों पर सहमति बनी है, और प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जा चुका है। अब उनकी मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

    राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलें

    राज्य सूचना आयोग में सुनवाई का कार्य 8 मई 2020 से ठप पड़ा हुआ है, जब तत्कालीन प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इस कारण आयोग में 5000 से अधिक अपीलें लंबित हैं, जो जल्द निपटने की आवश्यकता है।

    लोकायुक्त का पद रिक्त

    इसी तरह, लोकायुक्त का पद भी जून 2021 से खाली है, जब तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय का निधन हुआ। इन पदों की नियुक्ति के बाद इन संस्थानों में कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद है। राज्य में महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग सहित 40 से अधिक अन्य पद भी रिक्त पड़े हैं।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस विषय पर भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार बिना हाईकोर्ट के निर्देश के कोई कदम नहीं उठाती। वहीं, कांग्रेस ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया है कि सभी आयोगों का गठन जल्द ही किया जाएगा।

  • झारखंड मौसम रिपोर्ट: रांची समेत कई जिलों में आज आंधी और बारिश का चेतावनी

    झारखंड मौसम रिपोर्ट: रांची समेत कई जिलों में आज आंधी और बारिश का चेतावनी

    रांची : झारखंड के मौसम में हाल के दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के बाद, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले तीन दिनों के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। 9 अप्रैल 2026 तक गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है, जो आम जनजीवन और कृषि कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।

    आज से परसों तक मौसम रहेगा अस्थिर

    ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य और दक्षिणी झारखंड में मौसम के अस्थिर रहने की संभावना है। इस दौरान बादलों की गतिविधि बढ़ेगी और कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है, जिससे नुकसान हो सकता है।

    इन जिलों में अधिक असर की संभावना

    बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी, गुमला, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में मौसम का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    तापमान में गिरावट के संकेत

    बारिश और बादलों के चलते तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। रांची में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से घटकर 31 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 17 डिग्री के बीच रह सकता है। अन्य प्रभावित जिलों में भी तापमान में कमी आने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

    उत्तर और उत्तर-पश्चिमी जिलों में कम प्रभाव

    राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में बारिश का असर अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। हालांकि, यहां आंशिक बादल छाए रहने की उम्मीद बनी रहेगी। कोडरमा, चतरा और पलामू में गर्मी का प्रभाव जारी रह सकता है, लेकिन हल्की बारिश या हवा से राहत मिल सकती है।

    IMD द्वारा जारी येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है और संभावित खतरे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विशेष रूप से वज्रपात और तेज हवाओं के कारण जान-माल का नुकसान हो सकता है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों से बचने, पेड़ों के नीचे न खड़े होने और मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

  • धनबाद समाचार: नई ट्रेन उद्घाटन पर सियासी विवाद, विधायक और मेयर का आमंत्रण रद्द।

    धनबाद समाचार: नई ट्रेन उद्घाटन पर सियासी विवाद, विधायक और मेयर का आमंत्रण रद्द।

    धनबाद में नई ट्रेन उद्घाटन पर सियासी बवाल

    धनबाद में हाल ही में एक नई ट्रेन के उद्घाटन के अवसर पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस कार्यक्रम में विधायक और मेयर को आमंत्रित नहीं किया गया, जिसके चलते कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नेताओं ने इस घटना को अपमानजनक करार दिया है और आरोप लगाया है कि यह राजनीतिक हस्तक्षेप का परिणाम है।

    विधायक और मेयर का आमंत्रण रद्द

    उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक और मेयर के आमंत्रण को अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई। घटना के बाद, विधायक ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय नेताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह न केवल उनके लिए बल्कि जनता के लिए भी अपमानजनक है।

    स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया

    स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इसके अलावा, उन्होंने रेलवे विभाग से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई।

    जनता की राय

    इस घटना पर जनता की राय भी विभाजित है। कुछ लोग विधायक और मेयर के रद्द किए गए आमंत्रण को उचित मानते हैं, जबकि अन्य इसे गलत ठहराते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सभी जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान मिलना चाहिए, चाहे उनकी राजनीतिक स्थिति जो भी हो।

    आगे की स्थिति

    अब देखना यह होगा कि इस विवाद का समाधान कैसे निकाला जाएगा। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और संभावित रूप से आने वाले दिनों में इस पर और भी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

  • पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिमी सिंहभूम में लेबर कार्ड के नाम पर अवैध वसूली का मामला

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में लेबर कार्ड (ई-श्रम कार्ड) के माध्यम से लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत सामने आई है। एक पीड़िता, सुप्रिया निषाद, जो बड़ा नीमडीह की निवासी हैं, ने उपायुक्त चंदन कुमार को इस संबंध में शिकायत दी है।

    पीड़िता ने बताया कि 30 मार्च को उन्हें लेबर कार्ड के तहत सिलाई मशीन खरीदने के लिए 7000 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद, शोभा देवी नामक एक बिचौलिए ने उन्हें फोन करके परेशान करना शुरू कर दिया और 1500 रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि वह अधिकारियों से कहकर उनका लेबर कार्ड बंद करवा देगी। साथ ही, पीड़िता पर सरकारी पैसे के गबन का आरोप लगाकर जेल भेजने की भी धमकी दी गई। बिचौलिए ने कहा कि इस पैसे का कुछ हिस्सा अधिकारियों को भी देना होगा। इस प्रकार, कार्ड बनाते समय भी अवैध वसूली की गई थी।

    उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा है कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली है और इसकी जांच की जा रही है। यदि जांच में इस तरह की वसूली की पुष्टि होती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

    डालसा की सहायता से 40 साल बाद मिला बिछड़ा परिवार

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के सदर अस्पताल में सोमवार को एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब 40 वर्षों के बाद एक पिता को उनका बेटा मिला। यह सफलता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्रों द्वारा संभव हुई।

    2 अप्रैल को मदन साहू नामक एक वृद्ध को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) से जुड़े पीएलवी प्रमिला पात्रो, रेणु देवी और सूरज कुमार ठाकुर ने न केवल उनका इलाज करवाया, बल्कि उनके परिवार को खोजने का भी प्रयास किया। वृद्ध की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वे स्वयं की देखभाल भी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन डालसा की टीम ने हर संभव प्रयास किया।

    जांच के दौरान यह पता चला कि मदन साहू का मूल निवास ओडिशा है। 40 वर्ष पहले, उन्होंने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली थी। जब उनकी पहली पत्नी का बेटा, कुनू साहू, चाइबासा पहुंचा, तो उसने अपने पिता को देखकर भावुक होकर लिपट गया। अपने पिता को देखकर उसने उन्हें भगवान मानते हुए अपने साथ घर ले जाने का निर्णय लिया।

    इस प्रयास में विनीता सांडिल, उमर सिद्दीकी, रविकांत ठाकुर और संजय निषाद का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • रांची मेयर की नई पहल: फूलों की जगह झाड़ू लाने की की अपील

    रांची मेयर की नई पहल: फूलों की जगह झाड़ू लाने की की अपील

    रांची की मेयर की अनोखी पहल: उपहार में दें सफाई का सामान

    रANCHI: रांची की मेयर रोशनी खलखो ने एक नई और अनोखी पहल की शुरूआत की है। उन्होंने आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे उनके पास फूल और उपहार लेकर न आएं। इसके बजाय, उन्होंने लोगों से सफाई से जुड़ी चीजें जैसे झाड़ू, डस्टबिन और बेलचा लाने की अपील की है। यह पहल थोड़ी असामान्य लग सकती है, लेकिन उनका मानना है कि यह शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा।

    उपहारों की जगह जरूरत का सामान

    मेयर का कहना है कि यदि लोग उनसे मिलना चाहते हैं, तो उपहार लाना आवश्यक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई निगम को कुछ देना चाहता है, तो वह अपनी क्षमता के अनुसार सफाई के सामान जैसे झाड़ू या डस्टबिन दे सकता है। इस तरह के उपहार शहर की साफ-सफाई में सहायक होंगे।

    फूलों की बर्बादी से बचने की कोशिश

    रोशनी खलखो ने यह भी बताया कि पदभार संभालने के बाद से हर दिन बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने आ रहे हैं। इस दौरान, फूलों और बुके की अधिकता के कारण काफी फूल जमा हो रहे हैं, जो एक दिन के भीतर सूख जाते हैं। इसके बाद उन्हें कहीं और डंप करना पड़ता है। इसलिए, उन्होंने सुझाव दिया कि लोग फूलों की बजाय उपयोगी सामान लाएं।

    सफाई अभियान का हिस्सा बनें

    इस पहल के माध्यम से, लाए गए सामान को शहर के विक्रेताओं और जरूरतमंदों के बीच बांटा जाएगा, जिससे शहर को साफ और स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी। इस अभियान की शुरुआत वार्ड 38 के पार्षद अवधेष ठाकुर और पूर्व पार्षद दीपक लोहरा ने मेयर को झाड़ू देकर की।

  • रांची समाचार: धुर्वा डैम में युवक ने आत्महत्या की, पहले भी कर चुका था प्रयास

    रांची समाचार: धुर्वा डैम में युवक ने आत्महत्या की, पहले भी कर चुका था प्रयास

    रांची: धुर्वा डैम में युवक का शव मिला

    रांची: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा डैम से सोमवार सुबह एक युवक का शव बरामद हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि युवक ने आत्महत्या के इरादे से डैम में कूदकर जान दी है। मृतक की पहचान सैयेम अंसारी के रूप में हुई है, जो पलामू जिले के पांकी का निवासी था और वर्तमान में रांची के लेक रोड पर एक निजी आवास में रह रहा था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस आत्महत्या की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क कर जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है।

    पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास

    सूत्रों के अनुसार, सैयेम अंसारी ने रविवार दोपहर को भी आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय वह धुर्वा डैम में कूद गया था, लेकिन मौके पर मौजूद बोटिंग स्टाफ की तत्परता से उसकी जान बच गई थी। उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया था। इसके बाद, सैयेम रात में फिर से डैम पहुंचा। सोमवार सुबह, जब स्थानीय निवासियों और कर्मियों ने डैम के किनारे संदिग्ध स्थिति का सामना किया, तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। बाद में खोजबीन के दौरान युवक का शव डैम से बरामद किया गया।

  • झारखंड में मौसम का बदलाव: ओले, आंधी और बिजली गिरने का डबल अलर्ट जारी

    झारखंड में मौसम का बदलाव: ओले, आंधी और बिजली गिरने का डबल अलर्ट जारी

    रांची : झारखंड में मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने के साथ तापमान में कमी आई है। मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्यवासियों को तीव्र गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, इस राहत के साथ ही ओलावृष्टि, आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है।

    मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने जानकारी दी है कि आज से राज्य के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं चलने और ओले गिरने की संभावना है। इस कारण येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इन जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवा का खतरा

    मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड के मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, खूंटी, कोडरमा, धनबाद और लोहरदगा के साथ-साथ देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, जामताड़ा, गिरिडीह और साहिबगंज में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है।

    इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है। वहीं, 7 अप्रैल को हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ सकती है। इस दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    8 और 9 अप्रैल तक बना रहेगा असर

    मौसम विभाग ने बताया है कि 8 और 9 अप्रैल तक यह स्थिति बनी रह सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    पिछले 24 घंटे का मौसम : कहां कितनी बारिश

    पिछले 24 घंटों में झारखंड के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की और मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 21 मिमी वर्षा रामगढ़ में रिकॉर्ड की गई।

    तापमान की दृष्टि से, जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    अगले 5 दिन कैसा रहेगा तापमान

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 6 और 7 अप्रैल को तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसके पश्चात् 8 से 10 अप्रैल के बीच तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है।

  • एनआईटी जमशेदपुर: OBC और EWS छात्रों की फीस माफी, पिता की आय 1 लाख से कम आवश्यक

    एनआईटी जमशेदपुर: OBC और EWS छात्रों की फीस माफी, पिता की आय 1 लाख से कम आवश्यक

    NIT जमशेदपुर में OBC और EWS छात्रों के लिए फीस माफी

    एनआईटी जमशेदपुर ने वर्ष 2026-27 के लिए OBC और EWS श्रेणी के छात्रों के लिए ट्यूशन फीस माफी की घोषणा की है। यह सुविधा उन छात्रों के लिए उपलब्ध होगी, जिनके पिता की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। यह कदम उन छात्रों के लिए आर्थिक सहायता के रूप में देखा जा रहा है, जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक बाधाओं का सामना कर रहे हैं।

    पात्रता मानदंड

    इस योजना के तहत, केवल वही छात्र आवेदन कर सकेंगे, जो OBC और EWS श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा, छात्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पिता की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो। इस प्रकार की आय प्रमाण पत्र को आवेदन के साथ संलग्न करना आवश्यक होगा।

    आवेदन प्रक्रिया

    छात्रों को आवेदन करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इच्छुक छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन पत्र को सही जानकारी के साथ भरकर, आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। इस प्रक्रिया के लिए विस्तृत समय सीमा और तारीखों की जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

    महत्वपूर्ण तिथियाँ

    आवेदन की अंतिम तारीख और अन्य महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण सूचना से वंचित न हों।