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  • शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को पीटा गया

    शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को पीटा गया

    कोच्चि में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ बदसलूकी की घटना

    कोच्चि. केरलम के मलप्पुरम जिले के वंडूर इलाके में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ एक गंभीर बदसलूकी की घटना सामने आई है। यह घटना तब हुई जब थरूर यूडीएफ उम्मीदवार ए.पी. अनिल कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने उनके वाहन को रोका और सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।

    घटना का विवरण

    थरूर की टीम के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब वे दो वाहनों के काफिले में यात्रा कर रहे थे। थरूर पहले वाहन में सवार थे, तभी करीब 8 व्यक्तियों ने दो कारों में आकर उनकी गाड़ी को जबरन रोक लिया। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने गाड़ी के शीशों पर जोर से प्रहार किया और उसे आगे बढ़ने से रोका।

    सुरक्षाकर्मी पर हमला

    जब थरूर के गनमैन ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और रास्ता साफ कराने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस झड़प के दौरान गनमैन के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे वहां तनाव का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया।

    पुलिस कार्रवाई और जांच

    पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया है और दो लोगों को हिरासत में लिया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह हमला पूर्व नियोजित था या फिर किसी सड़क विवाद का परिणाम था।

    चुनाव की पृष्ठभूमि

    गौरतलब है कि केरलम विधानसभा के 140 सदस्यों के चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। चुनाव परिणामों की गिनती 4 मई 2026 को की जाएगी। इस बार राज्य में मुख्य मुकाबला एलडीएफ (CPIM के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा), यूडीएफ (कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच है।

  • कुवैत से केरल पहुँचा 20 भारतीयों के शवों से भरा विमान, अलग-अलग घटनाओं में हुई थी मौत।

    कुवैत से केरल पहुँचा 20 भारतीयों के शवों से भरा विमान, अलग-अलग घटनाओं में हुई थी मौत।

    कुवैत से केरल पहुंचे 20 भारतीयों के शव, अलग-अलग घटनाओं में हुई थी मृत्यु

  • मोनालिसा भोसले ने डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

    मोनालिसा भोसले ने डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

    मुंबई: महाकुंभ 2025 में प्रयागराज में माला और रुद्राक्ष बेचने वाली मोनालिसा भोसले, जिन्हें ‘कुंभ मेले की गर्ल’ के नाम से पहचान मिली, अब एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मोनालिसा ने फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वे नाबालिग थीं, तब फिल्म के सेट पर मिश्रा ने उनके साथ बार-बार अनुचित व्यवहार किया।

    ‘डायरेक्टर ने किया अनुचित छूने का प्रयास’

    मोनालिसा ने अपने पति, अभिनेता फरमान खान के साथ कोच्चि में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ये घटनाएं फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान नेपाल और देहरादून में हुई थीं। उस समय मोनालिसा की उम्र 18 साल से कम थी। उन्होंने कहा, ‘डायरेक्टर ने मुझे गलत तरीके से छुआ और अनचाहे शारीरिक संपर्क किए। जब मैंने अपने परिवार को इस बारे में बताया, तो उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि यह मेरी पहली फिल्म है, पैसे मिलेंगे, इसलिए चुप रहो।’

    ‘जीने नहीं दे रहे हैं’

    मोनालिसा ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, ‘वे मुझे जीने नहीं दे रहे हैं। अब मेरी शादी को ‘लव जिहाद’ का रंग देकर मुझे परेशान किया जा रहा है। उनके प्रभाव के कारण मुझे और मेरे पति को धमकियां मिल रही हैं। हम केरल छोड़ने से भी डर रहे हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार ने भी पैसों के लालच में उनका साथ नहीं दिया।

    महाकुंभ में माला बेचकर मिली पहचान

    मोनालिसा की कहानी 2025 के महाकुंभ में माला बेचने के दौरान वायरल हुई। एक साधारण लड़की जो अपने परिवार के लिए माला बेचती थी, अब रातोंरात स्टार बन गई। सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी फिल्म में अभिनय का मौका दिया और एक्टिंग की ट्रेनिंग भी दिलवाई। लेकिन अब वही निर्देशक उनके खिलाफ गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। मोनालिसा का कहना है कि नाबालिग होने के कारण ये मामले POCSO एक्ट के तहत भी आ सकते हैं।

    सनोज मिश्रा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में फरमान खान ने भी अपनी पत्नी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने मंदिर में अपनी मर्जी से शादी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक प्रेम विवाह है, जिसमें किसी तरह का जबरन धर्मांतरण नहीं हुआ। वहीं, सनोज मिश्रा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, हालांकि पहले उन्होंने मोनालिसा की शादी को लेकर ‘लव जिहाद’ जैसे बयान दिए थे और फिल्म की रिलीज पर सवाल उठाए थे। मोनालिसा की जिंदगी अब धमकियों और आरोपों के बीच फंस गई है। कई लोग सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं, जबकि कुछ उनके परिवार और निर्देशक के पक्ष में भी बयान दे रहे हैं। इस मामले की पुलिस जांच जारी है। मोनालिसा ने कहा, ‘मैं बस सच्चाई बताना चाहती हूं, ताकि कोई और लड़की इस तरह का दर्द न झेले।’

  • राहुल गांधी ने केरल की सूची रोकने पर खडग़े के घर की स्थिति का विश्लेषण

    राहुल गांधी ने केरल की सूची रोकने पर खडग़े के घर की स्थिति का विश्लेषण

    केरल विधानसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस की हलचल

    नई दिल्ली में केरल विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। मतदान 9 अप्रैल को होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। सभी राजनीतिक दल चुनावी मैदान में कूदने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस के लिए यह चुनाव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वह लंबे समय से केरल में सत्ता से बाहर है। इस बीच, दिल्ली में पार्टी के भीतर की गतिविधियों ने भी ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान, कांग्रेस के नेताओं के बीच गंभीर चर्चा हुई, जिसका मुख्य कारण राहुल गांधी की असहमति थी।

    राहुल गांधी की नाराजगी और टिकट वितरण की नई रणनीति

    कांग्रेस की बैठक रात 10:30 बजे शुरू होकर सुबह 2:30 बजे तक चली। इस दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट संकेत दिया कि अब टिकट वितरण प्रक्रिया को और अधिक सावधानी से किया जाएगा। उन्होंने बिना ठोस डेटा और जातीय समीकरणों के टिकट बांटने से मना कर दिया। इसके परिणामस्वरूप, पार्टी ने निर्णय लिया कि कोई लोकसभा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा, जिससे कई नेताओं की उम्मीदें टूट गईं।

    टिकट वितरण में गुटों का असर

    बैठक में यह भी देखा गया कि टिकट वितरण में वेणुगोपाल का प्रभाव प्रमुख था, जिसमें लगभग 60% उम्मीदवार उनके समूह से जुड़े थे। अन्य नेताओं जैसे रमेश चेन्निथला और वी डी सतीशन को भी कुछ हिस्सेदारी मिली। उल्लेखनीय यह रहा कि शशि थरूर ने इस प्रक्रिया में कोई विशेष भूमिका नहीं निभाई।

    सोशल इंजीनियरिंग और युवा प्रतिनिधित्व

    कांग्रेस ने इस बार टिकट वितरण में सोशल इंजीनियरिंग पर जोर दिया है। उन्होंने ईसाई, नायर और एझावा समुदायों के संतुलित प्रतिनिधित्व का प्रयास किया है। 92 उम्मीदवारों में से 52 की उम्र 50 साल से कम है, जो युवा मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, महिला प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है, क्योंकि केवल 9 महिलाओं को टिकट दिया गया है।

  • शशि थरूर ने साझा किया संजू सैमसन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा

    शशि थरूर ने साझा किया संजू सैमसन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में संजू सैमसन का नाम हाल के दिनों में सबसे अधिक चर्चा में रहा है। टी20 वर्ल्ड कप में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। केरल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज की सफलता पर शशि थरूर ने एक भावुक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने सैमसन के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों की अनगिनत यादें साझा की हैं।

    थरूर ने अपने लेख में बताया कि सैमसन से उनकी पहली मुलाकात अब भी उनकी याद में ताजा है। उस समय सैमसन एक दुबले-पतले युवा थे, लेकिन उनके चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक थी। इस दौरान थरूर को एहसास हुआ कि यह खिलाड़ी भविष्य में अद्वितीय पहचान हासिल करेगा। उनके अनुसार, सैमसन में कम उम्र में ही संतुलन, धैर्य और खेल की गहरी समझ देखने को मिली।

    संघर्ष और इंतजार का दौर

    थरूर ने यह भी स्वीकार किया कि सैमसन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतने मौके नहीं मिले, जितने मिलने चाहिए थे। कई मौकों पर वह टीम का हिस्सा रहे, लेकिन लगातार समर्थन की कमी ने उन्हें पीछे कर दिया। हालांकि, सैमसन ने हार नहीं मानी और अपने खेल पर विश्वास बनाए रखा, साथ ही नए अवसरों का इंतजार करते रहे।

    टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी

    टी20 वर्ल्ड कप में जैसे ही उन्हें खेलने का अवसर मिला, उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। महत्वपूर्ण मैचों में उनकी बड़ी पारियों ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में उनके प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने का गौरव दिलाया, जिससे उनकी आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई।

    एक दिलचस्प भविष्यवाणी

    थरूर ने एक मजेदार उल्लेख किया कि 2009 में उन्होंने सैमसन से मजाक में कहा था कि वह भविष्य में महेंद्र सिंह धोनी की तरह बन सकते हैं। जब उन्होंने यह बात अपने मित्र गौतम गंभीर से साझा की, तो गंभीर ने मुस्कुराते हुए कहा कि सैमसन को किसी और का अनुकरण करने की आवश्यकता नहीं है; वह अपनी अनोखी पहचान बनाएंगे।

    पढ़ाई के दौरान भी मिला था सहारा

    थरूर ने एक और घटना का जिक्र किया, जिसमें बताया गया कि स्कूल के दिनों में सैमसन क्रिकेट खेलने की वजह से कई बार कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो पाते थे। इस कारण उनकी परीक्षा में बैठने की पात्रता पर सवाल उठने लगा। तब थरूर ने संबंधित अधिकारियों से बात की और सुनिश्चित किया कि खेल में उनकी उपलब्धियों को भी महत्व दिया जाए। अंततः उन्हें परीक्षा देने की अनुमति मिली और उन्होंने अपनी पढ़ाई को पूरा किया।

  • द केरल स्टोरी 2 पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक, मेकर्स को झटका

    द केरल स्टोरी 2 पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक, मेकर्स को झटका

    केरल हाई कोर्ट का फैसला: ‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ को मिली अंतरिम रोक

    हाल ही में केरल हाई कोर्ट ने विवादित फिल्म **’द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉंड’** के निर्माताओं को एक महत्वपूर्ण झटका दिया है। अदालत ने फिल्म पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है, जिससे इसके प्रदर्शन में बाधा उत्पन्न हो गई है।

    कोर्ट का आदेश

    अदालत ने निर्देश दिया है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (**CBFC**) को पिटीशनर की मांग पर गौर करना होगा और अगले दो हफ्तों के भीतर मामले पर निर्णय लेना होगा। इस आदेश ने फिल्म के रिलीज की तारीख को अनिश्चितता में डाल दिया है।

    निर्माताओं की चिंता

    फिल्म के निर्माताओं ने कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने अपनी चिंता जाहिर की है कि यह निर्णय उनके काम को प्रभावित कर सकता है। उनका मानना है कि फिल्म की कहानी सामाजिक मुद्दों पर आधारित है, और इसे दर्शकों के समक्ष लाने की आवश्यकता है।

    फिल्म के विषय पर विवाद

    **’द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉंड’** पर उठे विवाद के पीछे इसकी कथानक और प्रस्तुतिकरण शामिल हैं, जो खासकर कुछ सामाजिक मुद्दों को छूती है। इस फिल्म को लेकर विभिन्न दृष्टिकोण सामने आ चुके हैं, जो इसे एक संवेदनशील विषय बना रहे हैं।

    आगे की राह

    अब देखना यह है कि सेंट्रल बोर्ड इस मामले को कैसे आगे बढ़ाता है और अदालत के अगले फैसले के बाद निर्माताओं का क्या कदम होगा। इस फिल्म की रिलीज का इंतजार दर्शकों के बीच बढ़ता जा रहा है, और सभी की नजरें अब कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

  • क्या Priyanka Gandhi एक दशक की राजनीतिक सूखा समाप्त कर सकती हैं?

    क्या Priyanka Gandhi एक दशक की राजनीतिक सूखा समाप्त कर सकती हैं?

    कांग्रेस की चुनावी तैयारी में नई रणनीतियाँ

    नई दिल्ली। हाल ही में विभिन्न चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी ने अपनी रणनीतियों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुच्चेरी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। प्रियंका गांधी को असम में स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस क्रम में, केरल में मधुसूदन मिस्त्री, तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के लिए टीएस सिंह देव, और पश्चिम बंगाल के लिए बीके हरिप्रसाद को चेयरमैन बनाया गया है।

    राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की स्थितियाँ

    पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की संभावना है। वहीं, तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, जहाँ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही गठबंधनों में शामिल हैं। असम में कांग्रेस की मुख्य लड़ाई भाजपा के खिलाफ होगी, जिसके लिए प्रियंका गांधी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    असम में सत्ता का लक्ष्य

    कांग्रेस पार्टी असम में भाजपा से सत्ता छीनने की योजना बना रही है, जहां भाजपा 2016 से शासन कर रही है। पार्टी एंटी-इनकंबेंसी का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे, गौरव गोगोई, को आगे बढ़ाने की संभावना है। वर्तमान में वे लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हैं।

    प्रियंका गांधी का असम में विशेष दायित्व

    प्रियंका गांधी के लिए असम एक महत्वपूर्ण राज्य है, क्योंकि यह पहली बार है जब गांधी परिवार के किसी सदस्य को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। स्क्रीनिंग कमेटी की भूमिका उम्मीदवारों की संभावित सूची को पार्टी की केंद्रीय समिति के पास भेजना है, जहाँ उन पर मुहर लगाई जाती है। गांधी के करीबी माने जाने वाले इमरान मसूद और सप्तगिरि शंकर को भी इस समिति में शामिल किया गया है।

    हाल के चुनावी इतिहास

    असम के पिछले विधानसभा चुनाव में, एनडीए ने 126 में से 75 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस के गठबंधन ने 50 सीटें हासिल की थीं। दोनों के बीच सीटों का अंतर बहुत कम था, और वोट शेयर में केवल 1.6% का अंतर मौजूद था। यह सुरक्षा स्थिति कांग्रेस के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है।

  • केरल कोर्ट का फैसला, एक्टर दिलीप यौन उत्पीड़न आरोपों से बरी

    केरल कोर्ट का फैसला, एक्टर दिलीप यौन उत्पीड़न आरोपों से बरी

    केरल कोर्ट का फैसला: दिलीप यौन उत्पीड़न मामले में बरी

    फरवरी 2017 में मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में एक हृदयविदारक घटना घटी जब राज्य की व्यस्त सड़कों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने एक प्रसिद्ध अभिनेत्री को चलती कार में अगवा कर लिया और उसके साथ यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम दिया। यह मामला ना केवल फिल्म उद्योग में चर्चा का विषय बना, बल्कि समाज में भी बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ।

    कोर्ट का निर्णय

    हाल ही में केरल कोर्ट ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अभिनेता **दिलीप** को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया, जिससे उनके प्रशंसकों और परिवार में राहत की लहर दौड़ गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान, दिलीप के वकीलों ने न्यायालय में यह बताया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं।

    समाज पर प्रभाव

    इस फैसले ने न केवल दिलीप के करियर को बल्कि फिल्म उद्योग में माहौल को भी प्रभावित किया है। यह मामला मनोरंजन जगत में एक गंभीर चर्चा का विषय रहा है, जो यौन उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करता है।

  • हाउसबोट पलटी, 21 की मौत

    हाउसबोट पलटी, 21 की मौत

    केरल की घटना, प्रधानमंत्री ने शोक जताया

    केरल। मलप्पुरम जिले के तानुर इलाके में थूवलथीरम समुद्र तट के निकट रविवार शाम एक हाउसबोट पलटने से महिलाओं और बच्चों समेत 21 लोगों की मौत हो गयी। हाउसबोट में 30 से अधिक लोग सवार थे। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी।
    खेल मंत्री वी अब्दुर्रमान ने बताया कि विभिन्न अस्पतालों से मिली सूचना के आधार पर हादसे में 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि चार लोगों को गंभीर हालत में यहां कोट्टाकल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है।