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  • अंधविश्वास का अपराध: डायन के संदेह में भतीजे ने चाची की हत्या की, चाचा की हालत गंभीर

    अंधविश्वास का अपराध: डायन के संदेह में भतीजे ने चाची की हत्या की, चाचा की हालत गंभीर

    खूंटी में अंधविश्वास के चलते चाचा-चाची पर हमला

    खूंटी जिले से अंधविश्वास से जुड़ी एक दुखद घटना की जानकारी मिली है। मारंगहादा थाना क्षेत्र के कातुद गांव में, एक भतीजे ने अपने चाचा-चाची पर डायन होने के संदेह में हमला कर दिया। इस हमले में चाची सीनी पहनाइन की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चाचा विया पाहन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनका उपचार खूंटी सदर अस्पताल में चल रहा है।

    घटना का विवरण

    यह घटना मंगलवार रात को हुई। विया पाहन और उनकी पत्नी सीनी पहनाइन अपने घर में सो रहे थे, तभी उनके भतीजे कुंवर पाहन और हंगीरा पाहन अचानक घर में घुस आए और उन पर तेज धार हथियार से हमला किया। दोनों हमलावरों ने सोचा कि वे चाचा-चाची को मार चुके हैं और घटनास्थल से भाग गए।

    अंधविश्वास का मुद्दा

    इस हमले के पीछे अंधविश्वास को मुख्य कारण बताया जा रहा है। घायल विया पाहन ने जानकारी दी कि उनके बड़े भाई की पत्नी अक्सर बीमार रहती थी, जिससे परिवार के कुछ सदस्य सीनी पहनाइन को डायन मानने लगे थे। इस विषय पर मंगलवार को दिन में परिवार में विवाद हुआ था, जो रात में हिंसक घटना में बदल गया।

    इलाज के दौरान चाची की मृत्यु

    हमले के बाद परिवार और गांव के लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत खूंटी सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने सीनी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश गुरुवार को उनकी मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस को इस घटना की जानकारी देर से मिली, जिसके कारण तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी विवाद को कानूनी तरीके से सुलझाएं।

  • उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उलिहातू दौरा, बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे।

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उलिहातू दौरा, बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे।

    उपराष्ट्रपति का विशेष दौरा

    उपराष्ट्रपति का यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहला उलिहातू दौरा होगा। इससे पहले, वे झारखंड के राज्यपाल के रूप में भी इस क्षेत्र में आ चुके हैं, जिससे इस दौरे को प्रतीकात्मक रूप से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रशासन की तैयारियाँ

    उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उलिहातू के कंट्रापीढ़ी क्षेत्र और खूंटी में अस्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

    हेलीपैड का इतिहास

    यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान भी इसी क्षेत्र में अस्थायी हेलीपैड बनाए गए थे। इस बार भी उसी तर्ज पर तेजी से तैयारियाँ चल रही हैं, ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    स्थल निरीक्षण

    अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि उलिहातू में उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम लगभग एक घंटे का निर्धारित है। बुधवार को एसडीओ दीपेश कुमारी, डीएसपी वरुण रजक और खूंटी थाना पुलिस ने हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया।

    सुरक्षा व्यवस्था

    कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि दौरा पूरी तरह से सुरक्षित, व्यवस्थित और गरिमामय तरीके से संपन्न हो।

    स्थानीय लोगों का उत्साह

    उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर देश के उपराष्ट्रपति का आना इस क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।

  • खूंटी समाचार: एक लाख का इनामी पीएलएफआई एरिया कमांडर ने किया आत्मसमर्पण

    खूंटी समाचार: एक लाख का इनामी पीएलएफआई एरिया कमांडर ने किया आत्मसमर्पण

    खूंटी में नक्सली कमांडर का आत्मसमर्पण

    खूंटी: खूंटी जिले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडा ने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उसने उपायुक्त आर रॉनिटा और पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो के समक्ष सरेंडर किया।

    आत्मसमर्पण का कार्यक्रम

    पुलिस कार्यालय में आयोजित एक साधारण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने उसे फूल देकर स्वागत किया और एक लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया। प्रफुल्ल मुंडा पर राज्य सरकार की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ मुरहू, खूंटी, कर्रा और तोरपा थाना क्षेत्रों में 22 से अधिक मामले दर्ज हैं।

    व्यक्तिगत जानकारी

    प्रफुल्ल मुंडा मुरहू प्रखंड के कोड़ाकेल पंचायत अंतर्गत बम्हनी गांव का निवासी है। आत्मसमर्पण के समय उसकी पत्नी रंदाय कंडीर और पांच माह का पुत्र निलेश मुंडू भी उसके साथ थे।

    नग्न साक्ष्य और संगठनों पर दबाव

    पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने जानकारी दी कि प्रफुल्ल मुंडा ने आत्मसमर्पण के दौरान 9 एमएम पिस्टल, 7.65 एमएम पिस्टल, एक देशी कट्टा, 13 कारतूस और दो वॉकी-टॉकी पुलिस को सौंपे हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और अन्य केंद्रीय अर्धसैन्य बलों द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान की वजह से उग्रवादी संगठनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।

    रिपोर्ट और पुनर्वास नीति

    उपायुक्त आर रॉनिटा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने अन्य उग्रवादियों से भी अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की नीति का लाभ उठाएं और सामान्य जीवन की ओर लौटें।

    कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी

    कार्यक्रम में एसडीपीओ वरुण रजक, तोरपा एसडीपीओ क्रिस्टोफर केरकेट्टा, थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

  • गुमला समाचार: हाथी के घुसने से युवक घायल, इलाके में भय का माहौल

    गुमला समाचार: हाथी के घुसने से युवक घायल, इलाके में भय का माहौल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    गुमला में हाथी का आतंक, ग्रामीणों में दहशत

    गुमला जिले के भरनो प्रखंड में अमलीया जंगल से निकलकर एक हाथी बुधवार को बूढ़ीपाठ तेतरटोली और बोडोटोली के बीच स्थित नदी किनारे हाड़हु बगीचा पहुंच गया। इस हाथी के अचानक आबादी के करीब पहुंचने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

    दर्शकों की भीड़ और सुरक्षा खतरे में

    🐘

    हाथी के आने की ख़बर फैलते ही दूर-दूर के गांवों से सैकड़ों लोग उसे देखने के लिए जुट गए। कुछ लोग हाथी के करीब जाकर उसके साथ तस्वीरें लेने का प्रयास करने लगे। भीड़ और शोर-गुल से हाथी कई बार उत्तेजित हुआ और लोगों पर दौड़ने लगा, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।

    ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना वन विभाग को दी, जिसके तुरंत बाद वनरक्षक अकील अहमद अपनी क्यूआरटी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से हाथी से दूर रहने और किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करने की अपील की। लेकिन इसके बावजूद कई लोग हाथी के करीब आने का प्रयास करते रहे।

    घायल युवक की स्थिति गंभीर

    ⚠️

    देर शाम, हाथी ने एक युवक को दौड़ाया। जान बचाने के प्रयास में बेड़ों थाना क्षेत्र के ईटा चिल्डरी गांव के 28 वर्षीय प्रताप मिंज बांस के पेड़ से टकरा गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। गनीमत यह रही कि हाथी ने उन्हें कुचला नहीं, अन्यथा स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

    वन विभाग की टीम ने घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि हाथी अभी भी उसी क्षेत्र में मौजूद है, जिससे आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।

    स्थायी समाधान की मांग

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    ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर भेजा जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके। वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे हाथी के समीप न जाएं, अफवाहों से बचें और किसी भी अप्रत्याशित गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

  • खुंटी न्यूज: रसोई कर्मचारियों की हड़ताल से मध्याह्न भोजन योजना ठप, शिक्षक निभा रहे जिम्मेदारी।

    खुंटी न्यूज: रसोई कर्मचारियों की हड़ताल से मध्याह्न भोजन योजना ठप, शिक्षक निभा रहे जिम्मेदारी।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    खूंटी में रसोईयों की हड़ताल, मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित

    खूंटी (2025) में रसोईयों की हालिया हड़ताल ने मध्याह्न भोजन योजना को प्रभावित कर दिया है। सरकारी स्कूलों में इस योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, लेकिन हड़ताल के कारण अब शिक्षा का यह महत्वपूर्ण हिस्सा संकट में पड़ गया है।

    शिक्षकों की भूमिका में बदलाव

    रसोईयों की अनुपस्थिति में, स्कूल के शिक्षक खुद खाना तैयार करने के कार्य को संभाल रहे हैं। यह स्थिति न केवल पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, बल्कि शिक्षकों के लिए भी अतिरिक्त तनाव का कारण बन रही है। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खाना बनाने के कार्य में भी समय व्यतीत करना पड़ रहा है।

    हड़ताल के कारण

    रसोईयों ने अपनी मांगों के लिए यह हड़ताल शुरू की है। उनका कहना है कि उन्हें उचित वेतन और काम के लिए सुरक्षित माहौल की आवश्यकता है। जब तक उनकी यह मांगें पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी।

    छात्रों पर पड़ रहा असर

    इस हड़ताल का सबसे बड़ा असर छात्रों पर पड़ रहा है। कई छात्रों ने भूखे पेट स्कूल आने की बात कही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने इस स्थिति पर चिंता प्रकट की है और सरकार से इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।

    खूंटी के सभी stakeholders इस संकट का शीघ्र समाधान चाहते हैं, ताकि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। आशा है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान निकल सकेगा और मध्याह्न भोजन योजना फिर से सुचारू रूप से चल सकेगी।

  • खूंटी समाचार: अंधविश्वास के चलते मासूम की चॉकलेट के लालच से हत्या की गई

    खूंटी समाचार: अंधविश्वास के चलते मासूम की चॉकलेट के लालच से हत्या की गई

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कुंटी जिले के मारंगहदा थाना क्षेत्र से एक च shocking घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। यहां अंधविश्वास के चलते एक सात वर्षीय बच्चे की निर्दयता से हत्या कर दी गई। दो व्यक्तियों ने बच्चे की हत्या की वजह जादू-टोना के आरोप को बताया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

    दंगलु पंचायत का मामला

    मामला दंगलु पंचायत के बीमडीह गांव का है, जहां रघु मुंडा (55) को संदेह था कि लक्ष्मण मुंडा ने उसके बीमार बेटे की मौत के पीछे जादू-टोना का हाथ है। इस घृणित सोच से प्रेरित होकर रघु ने अपने साथी जगरनाथ उर्फ जगरा मुंडा (25) के साथ मिलकर लक्ष्मण मुंडा के सात वर्षीय बेटे को चॉकलेट देने का लालच देकर बुलाया।

    हत्याकांड का खौफनाक मंजर

    इसके बाद, दोनों आरोपियों ने कुदाल की बेंत से बच्चे पर हमला करते हुए उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस वीभत्स घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। शव मिलने पर लक्ष्मण मुंडा की शिकायत के आधार पर मारंगहदा थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

    ग्रामवासियों की सक्रियता से गिरफ्तारी

    थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल ने जानकारी दी कि पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान दोनों आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। मामले की जांच में स्थानीय मुखिया सोमा मुंडा और बंदाड़ीह के ग्रामवासियों ने भी पुलिस की सहायता की। फिलहाल, पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

    इस दर्दनाक घटना ने सभी को अंधविश्वास के हानिकारक प्रभावों पर चिंतन करने को मजबूर किया है।