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  • निकाय चुनाव से पहले केटीआर का कांग्रेस पर हमला, कहा- रेवंत रेड्डी भाजपा के समर्थक हैं

    निकाय चुनाव से पहले केटीआर का कांग्रेस पर हमला, कहा- रेवंत रेड्डी भाजपा के समर्थक हैं

    हैदराबाद में नगर निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच के. टी. रामाराव का तीखा हमला

    हैदराबाद में नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (KTR) ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल में ज़ुक्कल, बांसवाड़ा और येल्लारेड्डी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित रोड शो के दौरान केटीआर ने रेवंत को कांग्रेस के भीतर बीजेपी का ‘ट्रोजन हॉर्स’ कहते हुए अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपील की कि वे ‘कांग्रेस का मुखौटा हटा कर अंदर छिपी भगवा पहचान’ देखें। केटीआर ने यह भी कहा, ‘रेवंत कभी दिल से कांग्रेसी नहीं रहे हैं; वे पूरी तरह से बीजेपी के पक्षधर हैं। वे दिल्ली के ‘बड़े भाई’ के एक छोटे भाई की तरह हैं।’

    मुख्यमंत्री की भाषा पर कटाक्ष

    मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की भाषा को लेकर कटाक्ष करते हुए केटीआर ने उन्हें ‘लागुला थोंडाला रेड्डी’ कहा। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री शासन के बजाय अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। केटीआर ने कहा, ‘जब भी विपक्ष 420 अधूरे वादों की बातें करता है, रेवंत हमेशा धमकियों में ही बात करते हैं। उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्‍य केसीआर को निशाना बनाना है। वे केसीआर का नाम उस तरह बार-बार लेते हैं जैसे किसी भक्त द्वारा ‘राम कोटि’ लिखा जाता है। विडंबना यह है कि केसीआर को उनकी बातों की परवाह नहीं है, जिससे वे हमेशा निराश रहते हैं।’

    पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना

    केटीआर ने कांग्रेस में हाल में शामिल हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी पर भी तंज कसा। उन्होंने सभा में पुरानी वीडियो क्लिप दिखाते हुए बताया कि रेवंत ने कैसे पोचाराम को ‘बैल’ और उनके बेटों को रेत तस्करी में शामिल ‘भैंस’ कहा था। केटीआर ने कहा, ‘पोचाराम ने कभी भगवान वेंकटेश्वर की कसम खाकर केसीआर के प्रति वफादारी का वादा किया था। अब कुछ लाभ के लिए उन्होंने अपनी आत्मा बेच दी है। अगर उनमें थोड़ी भी संकोच बची है, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और जनता से नया जनादेश लेना चाहिए; अन्यथा उन्हें रेवंत की पुरानी सलाह के अनुसार कुएं में कूद जाना चाहिए।’

    कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप

    केटीआर ने कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए इसे धोखे की सरकार बताया। उन्होंने दंडू पालयम और स्टुअर्टपुरम गिरोहों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब ‘लूटो और भागो’ की प्रणाली नगर निकाय स्तर तक पहुँच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जुक्कल के स्थानीय विधायक कांग्रेस की ‘कैश फॉर वोट’ नीति के तहत व्यापारियों से वसूली कर रहे हैं।

    लोगों से मतदान की अपील

    केटीआर ने कहा, ‘उन्होंने 4,000 रुपये पेंशन और महिलाओं को 2,500 रुपये देने का वादा किया था; मगर ये सब कहां हैं? यह केवल धोखे की सरकार है।’ उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ वोट दें और राज्य के विकास के लिए बीआरएस का समर्थन करें।

  • पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर उमा भारती की प्रतिक्रिया

    पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर उमा भारती की प्रतिक्रिया

    उमा भारती की चेतावनी: ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण पर गंभीर प्रतिक्रिया

    भोपाल। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक विधायक द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ के निर्माण के बारे में दिए गए बयान पर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बाबर के नाम पर कोई इमारत बनाई गई, तो उसका परिणाम 6 दिसंबर 1992 जैसा होगा, जब अयोध्या में विवादास्पद बाबरी मस्जिद को गिराया गया था।

    टीएमसी विधायक का विवादास्पद बयान

    टीएमसी विधायक हुमायूँ कबीर ने एक कार्यक्रम में यह दावा किया था कि 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा। उनके अनुसार इस निर्माण में अल्पसंख्यक समुदाय के कई धर्म गुरू भी शामिल होंगे।

    उमा भारती की सख्त सलाह

    उमा भारती ने इस संदर्भ में कहा, “खुदा, इबादत, इस्लाम के नाम पर मस्जिद बनने पर हम सम्मान करेंगे, लेकिन बाबर के नाम से बनी इमारत का वही हाल होगा जो 6 दिसंबर को अयोध्या में हुआ था। ईंटें भी गायब हो गई थीं।” उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई करने की सलाह दी है, यह कहते हुए कि यह बंगाल और देश की अस्मिता और सद्भाव के लिए जरूरी है।

    ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

    6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को कारसेवकों द्वारा ध्वस्त किया गया था, जिन्होंने दावा किया था कि उस स्थान पर राम मंदिर था। इस विध्वंस ने देशभर में हिंसा को जन्म दिया था, जिसमें लगभग 2,000 लोग मारे गए थे। इस मामले में तत्कालीन उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी सहित 35 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिन्हें बाद में सीबीआई की अदालत ने बरी कर दिया था।