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  • अर्शदीप सिंह का जन्मदिन: टी20आई में 100 विकेट लेने का संघर्ष

    अर्शदीप सिंह का जन्मदिन: टी20आई में 100 विकेट लेने का संघर्ष

    अर्शदीप सिंह का 27वां जन्मदिन एवं क्रिकेट यात्रा

    नई दिल्ली: भारत के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह आज 27 वर्ष के हो गए हैं। बांए हाथ के इस तेज गेंदबाज ने सफेद गेंद क्रिकेट में अपनी अनूठी पहचान बनाई है। अर्शदीप ने जब से अंतरराष्ट्रीय सफेद गेंद क्रिकेट में कदम रखा है, तब से वह भारत के लिए एक किफायती गेंदबाज साबित हुए हैं। वह न केवल भारतीय टीम के लिए, बल्कि अपनी आईपीएल टीम पंजाब किंग्स के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर बार जब टीम को उनकी आवश्यकता होती है, अर्शदीप अक्सर अपना योगदान देने के लिए तैयार रहते हैं। हालांकि, एक समय था जब अर्शदीप की लोकप्रियता इतनी अधिक नहीं थी।

    एक समय ऐसा भी आया जब अर्शदीप साइकिल पर यात्रा करने को मजबूर थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और निरंतर मेहनत करते रहे। इसके फलस्वरूप उन्होंने वह स्थान प्राप्त किया जिसे वे हमेशा से पाना चाहते थे। अब अर्शदीप टी20 क्रिकेट में एक बड़ी पहचान बना चुके हैं और अपने करियर के दौरान कई प्रमुख बल्लेबाजों को अपनी तेज गेंदबाजी के जाल में फंसाया है।

    साइकिल से संघर्ष की कहानी

    आज अर्शदीप सिंह किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं, लेकिन कालांतर में वे अपने करियर और पहचान के लिए कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अर्शदीप एक सामान्य परिवार में जन्मे, जिनका जन्म मध्य प्रदेश के गुना में हुआ। कुछ समय बाद उनका परिवार पंजाब में बस गया।

    अर्शदीप के क्रिकेटिंग सपनों की शुरुआत वहीं से हुई। उन्होंने परिवार की परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपने सपने को प्राथमिकता दी और एक क्रिकेटर बनने की ठानी। प्रारंभिक दिनों में, अर्शदीप को चंडीगढ़ में ट्रेनिंग के लिए यात्रा करनी पड़ती थी, जहां वह प्रतिदिन लगभग 13-15 किलोमीटर साइकिल चलाते थे।

    आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफर

    अर्शदीप को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा मौका मिला, जब उन्होंने आईपीएल 2020 में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अंतिम ओवरों में यॉर्कर डालकर विपक्षी टीम पर दबाव डाल दिया, जिससे वे पंजाब किंग्स के नियमित सदस्य बन गए।

    उनकी इसी उत्कृष्टता के चलते उन्हें 2022 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का अवसर मिला। तब से वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। हाल ही में, वे ICC T20 WC 2024 की टीम में भी शामिल रहे।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्ड

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में, अर्शदीप सिंह बुमराह के बाद सबसे खतरनाक भारतीय तेज गेंदबाजों में शामिल हैं, खासकर डेथ ओवरों के दौरान। उनकी सटीक गेंदबाजी ने भारत को कई महत्वपूर्ण मैचों में जीत दिलाई है। आपको यह जानकर खुशी होगी कि सितंबर 2025 में, अर्शदीप टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने हैं। उन्होंने यह उपलब्धि मात्र 64 मैचों में हासिल की, जो किसी भारतीय तेज गेंदबाज के लिए सबसे तेज रिकॉर्ड है।

  • भुवनेश्वर कुमार का जन्मदिन: 21 टेस्ट में 63 विकेट और लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत

    भुवनेश्वर कुमार का जन्मदिन: 21 टेस्ट में 63 विकेट और लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में स्विंग गेंदबाजी के चर्चा के दौरान भुवनेश्वर कुमार का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। आज उनके जन्मदिन पर हम उनके क्रिकेट करियर की विशेषताओं और उपलब्धियों का जिक्र करते हैं। भुवी ने जितने समय तक टीम का हिस्सा रहे, उन्होंने हमेशा टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तेज़ रफ्तार वाली गेंदबाजी के बिना भी बल्लेबाजों को दिक्कत में डालने की क्षमता उन्हें अनूठा बनाती है।

    क्रिकेट प्रेमियों को आज भी वह ऐतिहासिक पल याद है जब 12 साल पहले लॉर्ड्स के मैदान पर भुवनेश्वर कुमार की जादुई स्विंग ने इंग्लैंड को परेशान किया और भारत को memorable जीत दिलाई थी।

    धोनी के भरोसेमंद स्विंग मास्टर

    भुवनेश्वर कुमार को एमएस धोनी की कप्तानी में अपने कौशल दिखाने का मौका मिला। धोनी अक्सर उन्हें नई गेंद सौंपते थे, क्योंकि वे इनस्विंग और आउटस्विंग दोनों में माहिर थे। खासतौर पर उनके इनस्विंगर ने बल्लेबाजों के लिए अनेक मुश्किलें खड़ी कीं। इसके चलते भुवी ने न सिर्फ शुरुआती विकेट निकालने में सफलता पाई, बल्कि पुरानी गेंद से भी रन रोकने और साझेदारियों को तोड़ने में सक्षम रहे।

    लॉर्ड्स 2014: करियर का सुनहरा अध्याय

    क्रिकेट प्रेमियों के लिए 2014 का साल सदैव यादगार रहेगा। 17 जुलाई 2014 को लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैच ने एक अनोखी कहानी प्रस्तुत की। इस दिन भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295 रन बनाए। फिर भुवनेश्वर कुमार ने गेंदबाजी में ऐसे कमाल किया कि इंग्लैंड की टीम पहली पारी में मात्र 319 रन पर सिमट गई। भुवी ने 31 ओवर में 10 मेडन डालते हुए 6 विकेट झटके।

    दूसरी पारी में भारत ने 342 रन बनाते हुए इंग्लैंड को 223 रन पर रोककर 95 रन से ऐतिहासिक जीत हासिल की। भले ही यह जीत सीरीज नहीं जीत पाई, लेकिन इस मैच का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अमर हो गया।

    2022 में आखिरी बार नीली जर्सी

    स्विंग मास्टर भुवनेश्वर अब भारतीय टीम के योजनाओं से बाहर हैं। उनकी वापसी की उम्मीदें समाप्त हो चुकी हैं। उन्हें आखिरी बार नवंबर 2022 में टी20 क्रिकेट में खेलते हुए देखा गया था, जिसके बाद उन्हें फिर से खेलने का मौका नहीं मिला।

    कुछ ऐसा रहा क्रिकेट करियर

    भुवनेश्वर कुमार के क्रिकेट करियर पर प्रकाश डालें तो उन्होंने 21 टेस्ट मैच खेले, जिनमें उन्होंने 63 विकेट चटकाए। वहीं, एकदिवसीय क्रिकेट में उनके नाम 121 मैचों में 141 विकेट हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/42 रहा। इसके अलावा, टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 87 मैचों में 90 विकेट अपने नाम किए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि भुवी एक अनुभवी गेंदबाज हैं, हालाँकि वे लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट के लिए सक्रिय नहीं रह सके। भुवी ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में की थी।