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  • पश्चिम सिंहभूम समाचार: पत्नी की हत्या के आरोपी को उम्रकैद, अदालत ने दिया कड़ा फैसला

    पश्चिम सिंहभूम समाचार: पत्नी की हत्या के आरोपी को उम्रकैद, अदालत ने दिया कड़ा फैसला

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझगांव थाना में एक प्रमुख हत्या मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। सोमवार को चाईबासा की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त गलाये तिरिया उर्फ डुगरू तिरिया को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, आरोपी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

    2023 में हुआ था हत्या का मामला

    यह मामला 10 दिसंबर 2023 को घटित हुआ था। इसमें हल्दिया (मुंडासाई) निवासी गलाये तिरिया पर अपनी पत्नी सुनिका तिरिया की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया गया था। घटना के बाद, मंझगांव थाना में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

    पत्नी की हत्या के आरोप में आरोपी को जेल भेजा गया

    मामले की जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस आधार पर, सत्रवाद संख्या-152/2024 के तहत सुनवाई हुई। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस निर्णय को क्षेत्र में न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

  • आसाराम को यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास

    आसाराम को यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास

    गांधीनगर की सेशन कोर्ट ने आसाराम के खिलाफ सोमवार को सुनवाई पूरी कर ली थी और आसाराम को आईपीसी की धारा 376 , 377, 342, 354, 357 और 506 के तहत दोषी पाया।

    दुष्कर्म मामले में गांधीनगर की सेशन कोर्ट ने आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहलो कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलों में आरोपी आसाराम बापू को उम्रकैद देने की मांग की थी। साथ ही कहा कि आरोपी आदतन अपराधी है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जाए। बता दें कि आसाराम बापू फिलहाल जोधपुर जेल में बंद है, जहां वह एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। 

    2013 के मामले में आसाराम को दोषी ठहराया गया
    गांधीनगर की सेशन कोर्ट ने साल 2013 में एक महिला से दुष्कर्म के मामले में आसाराम बापू को दोषी ठहराया। आसाराम बापू ने साल 2001 से 2006 के बीच महिला शिष्या के अहमदाबाद के मोटेरा स्थित आश्रम में रहने के दौरान कई बार दुष्कर्म किया था। 

    अभियोजक ने की थी यह मांग
    अभियोजक कोदेकर ने कहा कि आसाराम ने जो अपराध किया है, उसमें उम्रकैद या फिर 10 साल की सजा का प्रावधान है, लेकिन हमने मांग की थी कि आसाराम ऐसे ही एक अन्य मामले में जेल में सजा काट रहा है और आदतन अपराधी है। ऐसे में अभियोजक ने आसाराम को सख्त सजा देने और भारी जुर्माना भी लगाने की मांग की थी। 

    कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई पूरी कर ली थी
    गांधीनगर की सेशन कोर्ट ने आसाराम के खिलाफ सोमवार को सुनवाई पूरी कर ली थी और आईपीसी की धारा 376 , 377, 342, 354, 357 और 506 के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने महिला से दुष्कर्म के मामले में छह अन्य आरोपियों, जिनमें आसाराम की पत्नी लक्ष्मीबेन, उनकी बेटी और चार अन्य शिष्यों को बरी कर दिया है।