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  • पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    हजारीबाग अस्पताल में हंगामा, पोस्टमार्टम में देरी पर धरना

    हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी को लेकर शनिवार को बड़ा हंगामा हुआ। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने समर्थकों और मृतक के परिजनों के साथ अस्पताल के बाहर धरना दिया। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।

    रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हत्या

    बीती रात रामनवमी के जुलूस के दौरान कटकमसांडी प्रखंड के गोदखर गांव के निवासी राम कुमार साव की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया।

    परिजनों का आरोप, डॉक्टर के आने में देरी

    परिजनों का कहना है कि सुबह 9 बजे डॉक्टर आने वाले थे, लेकिन दो घंटे तक कोई चिकित्सक नहीं आया। इसी कारण विधायक प्रदीप प्रसाद भड़क उठे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद पोस्टमार्टम में देरी हो रही है।

    पैसे मांगने का गंभीर आरोप

    धरने के दौरान विधायक ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के लिए मृतक के परिजनों से पैसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और गरीबों को हर कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

    अस्पताल की व्यवस्था पर विधायक की कड़ी आलोचना

    विधायक ने कहा कि बड़े अधिकारी केवल बयान देने के लिए आते हैं, लेकिन वास्तविकता में कोई सुधार नहीं होता। डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं होते और इलाज भी पैसे के आधार पर होता है। उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।

    अधीक्षक का जांच और कार्रवाई का आश्वासन

    मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकूलन पूर्ति मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के देर से आने की जांच की जाएगी और उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पैसे मांगने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।

    धरना खत्म, पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू

    अधीक्षक के आश्वासन के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आरंभ की गई। घटना के बाद गोदखर गांव में शोक और तनाव का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

  • रामनवमी जुलूस के दौरान परिवार से चुराए गए गहने और नकद।

    रामनवमी जुलूस के दौरान परिवार से चुराए गए गहने और नकद।

    ताला तोड़कर घर में घुसे चोर

    जानकारी के अनुसार, यह घटना सब्जी विक्रेता मोहन महतो के घर में हुई। शुक्रवार और शनिवार की रात अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़ते हुए अंदर घुसकर सामान की चोरी की। जब परिवार घर वापस लौटा, तो उन्होंने देखा कि हर जगह सामान बिखरा पड़ा था, जिससे वे दंग रह गए।

    गहने और नकदी लेकर फरार

    मोहन महतो की पत्नी संध्या देवी ने बताया कि चोर घर से चांदी की पायल, बिछिया, सोने का मांग टीका, नथनी और अन्य गहने चुरा ले गए। इसके अलावा पर्स में रखे 15 हजार रुपये नकद और गुल्लक में जमा करीब 5 हजार रुपये भी गायब हो गए। इस प्रकार, कुल मिलाकर चोरों ने लगभग 50 हजार रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ किया।

    जुलूस देखने गया था पूरा परिवार

    परिवार के सभी सदस्य रामनवमी की शोभायात्रा देखने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने बंद घर को निशाना बनाया। जब परिवार सुबह करीब 10 बजे वापस लौटा, तो उन्हें घटना का पता चला।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। संध्या देवी ने अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में आवेदन दिया है।

    इलाके में बढ़ रही चोरी की घटनाएं

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में चोरी की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। खासकर बंद घरों को निशाना बनाया जा रहा है। लोग यह भी मानते हैं कि युवाओं में बढ़ती नशाखोरी के कारण इस तरह की वारदातें बढ़ रही हैं।

    सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

    इस घटना के बाद इलाके के निवासियों में डर का माहौल व्याप्त है। लोगों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

  • डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्टाफ ने किया इलाज, पलामू में 6 साल की बच्ची की मौत

    डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्टाफ ने किया इलाज, पलामू में 6 साल की बच्ची की मौत

    छात्रावास में रहकर कर रही थी पढ़ाई

    अशरती नाम की एक छात्रा पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ स्थित बसडीहा के चांदो आवासीय छात्रावास में अध्ययन कर रही थी। अचानक उसकी तबीयत खराब होने पर उसे पांकी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

    डॉक्टर नहीं थे मौजूद, स्टाफ कर रहा था इलाज

    इस मामले में एक प्रमुख आरोप यह है कि अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और स्टाफ ने ही बच्ची का इलाज प्रारंभ किया। शिक्षक का कहना है कि बच्ची को अस्पताल लाया गया था, लेकिन वहां डॉक्टर की अनुपस्थिति में इलाज शुरू कर दिया गया।

    दूसरी ओर, अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र का कहना है कि बच्ची को अस्पताल में छोड़कर शिक्षक चले गए थे, जिससे उसकी स्थिति और गंभीर हो गई। दोनों पक्षों के दावों के कारण मामला संदिग्ध बना हुआ है।

    परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

    घटना के बाद बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम छाया हुआ है और सभी इस घटना से गहरे दुखी हैं। मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है।

    निष्पक्ष जांच की उठी मांग

    स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई उजागर हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    आवासीय विद्यालयों पर भी उठे सवाल

    इस घटना के बाद पांकी क्षेत्र के आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर बच्चों को न तो उचित शिक्षा मिल रही है और न ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को खतरा बना हुआ है।

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और छात्रावासों की निगरानी पर गंभीर प्रश्न उठा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।