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  • मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का विदाई समारोह

    मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का विदाई समारोह

    मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव: हितानंद शर्मा का विदाई और संघ में वापसी

    इंदौर। मध्यप्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की विदाई के साथ-साथ उनकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है। भाजपा में ‘पर्दे के पीछे के चाणक्य’ के रूप में जाने जाने वाले हितानंद शर्मा को उनके संगठन महामंत्री के पद से हटाया गया है, जिसके बाद उन्हें संघ में नई जिम्मेदारी दी जा रही है।

    एक युग का अंत

    हितानंद शर्मा ने मध्यप्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में एक दीर्घकालिक और सफल कार्यकाल पूरा किया है। उनकी विदाई को सामान्य रूप से संगठन के रोटेशन प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ काफी गहरे हैं।

    चुनावी सफलता का श्रेय

    उनके कार्यकाल की सबसे प्रमुख उपलब्धि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त जीत और 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों पर ‘क्लीन स्वीप’ रहना था। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अनुशासन और समन्वय का उदाहरण

    हितानंद शर्मा को संघ और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु माना जाता था। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर अंतर्कलह को रोकने में अहम योगदान दिया।

    विदाई के कारण

    संघ की कार्यप्रणाली के अनुसार, प्रचारकों को एक निश्चित समय अवधि के बाद नई जिम्मेदारियां दी जाती हैं। चूंकि मध्यप्रदेश में निकट भविष्य में कोई प्रमुख चुनाव नहीं है, इसलिए संगठन का नया सत्र शुरू होने से पहले यह समय बदलाव के लिए उपयुक्त समझा गया है। उनके स्थान पर नए चेहरे को लाने की तैयारी चल रही है, जो ‘मिशन 2028’ (अगले विधानसभा चुनाव) की नींव रख सके।

    कार्यकाल की उपलब्धियां

    • बूथ विजय संकल्प: ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ के मंत्र को उन्होंने असलियत में उतारा।
    • संगठन का विस्तार: कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के बीच संवादहीनता को कम किया।
    • डिजिटल संगठन: मध्यप्रदेश भाजपा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा।

    आज 31 जनवरी को क्षेत्र संघचालक ने इंदौर में एक बैठक में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें सुरेंद्र मिश्रा, मुकेश त्यागी, हितानंद शर्मा, और ब्रजकिशोर भार्गव जैसे प्रचारकों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं।

  • बीजेपी नेताओं का बयान, मध्य प्रदेश में निगमों और बोर्डों की नियुक्तियाँ जल्द होंगी

    बीजेपी नेताओं का बयान, मध्य प्रदेश में निगमों और बोर्डों की नियुक्तियाँ जल्द होंगी

    रतलाम में भाजपा की एल्डरमैन नियुक्तियों का ऐलान

    रतलाम। मध्य प्रदेश भाजपा जल्द ही निगम मंडल आयोग और नगरीय निकाय में एल्डरमैनों की नियुक्तियां करने जा रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रतलाम पहुंचने पर यह जानकारी दी। उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि नियुक्तियों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी, जिसमें कुछ बदलाव भी हुए हैं।

    सरकार और संगठन का संबंध

    खंडेलवाल ने यह भी कहा कि सत्ता और संगठन के बीच गहरा नाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा पूरी तरह से एकजुट होकर काम कर रही है। उनकी बात के अनुसार, सरकार का कार्यकाल अब लगभग दो साल पूरा हो चुका है, और तीन साल से ज्यादा समय हो गया है नगरीय निकाय चुनावों को। ऐसे में भाजपा को अपने नेताओं को सम्मानित करने का अवसर मिल सकता है, हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई स्पष्ट लाभ उठाने का जिक्र नहीं किया।

  • उमा भारती ने चुनाव लड़ने के अपने बयान से पलटी, पार्टी ने कहा

    उमा भारती ने चुनाव लड़ने के अपने बयान से पलटी, पार्टी ने कहा

    उमा भारती का चुनावी फैसला: पार्टी आलाकमान पर डाला निर्भरता

    टीकमगढ़। मध्य प्रदेश भाजपा की प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हाल ही में अपने चुनावी इरादों पर एक नया मोड़ लिया है। पहले उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनका उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनाव में भाग लेना है, लेकिन अब उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पार्टी के उच्च नेतृत्व के अनुसार होगा।

    झांसी सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा

    टीकमगढ़ में अपने दौरे के दौरान, उमा भारती ने उल्लेख किया कि यदि पार्टी नेतृत्व कहेगा, तभी वह चुनावी मैदान में उतरेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता झांसी लोकसभा सीट है, बशर्ते वर्तमान सांसद अनुराग शर्मा को इस पर कोई आपत्ति न हो।

    संतोष वर्मा के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया

    हाल ही में, मध्य प्रदेश के IAS संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समुदाय पर की गई टिप्पणी को लेकर उमा भारती ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “यह बयान न केवल अनुचित है, बल्कि इसे घोर निंदा की आवश्यकता है।” उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि इस मामले में उचित कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान सामाजिक संवेदनशीलता के समय में ऐसा बोलना उचित नहीं है, और शिक्षित व्यक्तियों को अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए।