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  • दिल्ली मंथन के बाद MP कांग्रेस का संगठन विस्तार तेज, तैयारी जारी

    दिल्ली मंथन के बाद MP कांग्रेस का संगठन विस्तार तेज, तैयारी जारी

    मध्यप्रदेश कांग्रेस का संगठन विस्तार: नई कार्यकारिणी की घोषणा

    भोपाल। दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद, मध्यप्रदेश कांग्रेस ने अपने संगठन को विस्तारित करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। लंबे समय के इंतजार के बाद, जिला कार्यकारिणी की घोषणा का काम अब शुरू हो चुका है। नवरात्रि के दौरान अधिकांश जिलों में नई टीम का गठन किया जाएगा। दो दिनों तक चली बैठक में संगठन को मजबूती देने की रणनीतियाँ तय की गईं। इसके तुरंत बाद ही जिला कार्यकारिणी की घोषणा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अब देरी सहन नहीं की जाएगी।

    बंद रुके रहे नियुक्तियों का मामला

    हालांकि जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी थीं, लेकिन कार्यकारिणी के गठन में देरी पर सवाल उठ रहे थे। कुछ जिलों में सूची भी जारी की गई थी, लेकिन पदों की अधिकता के कारण उन्हें निरस्त कर दिया गया। अब नई गाइडलाइनों के तहत संतुलित टीमें बनाई जा रही हैं। पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, नवरात्रि के भीतर अधिकांश जिलों की कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी। इसे आगामी चुनावों की तैयारी से संबंधित माना जा रहा है। जबलपुर ग्रामीण, श्योपुर, कटनी शहर और बड़वानी जिलों की नई कार्यकारिणी की घोषणा की जा चुकी है, जो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर की गई हैं।

    AICC की गाइडलाइन से गठन

    बड़े जिलों के लिए अधिकतम 51 सदस्यों की संख्या तय की गई है, जबकि छोटे जिलों में यह संख्या 31 सदस्यों की है। इसी मानक के अनुसार नई कार्यकारिणियों का गठन किया जा रहा है।

    जमीनी स्तर पर संगठन की मजबूती

    संगठन विस्तार के तहत 88 नगर अध्यक्षों और 21 मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियाँ भी की गई हैं। इसका उद्देश्य पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन प्रभारी हरीश चौधरी निरंतर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान बूथ स्तर पर नेटवर्क को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर है।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने प्रतिभा खोज के आधार पर 11 सदस्यीय समिति बनाई

    मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने प्रतिभा खोज के आधार पर 11 सदस्यीय समिति बनाई

    मध्यप्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ता पद के लिए टैलेंट हंट की शुरुआत

    भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए एक नई पहल की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस संबंध में जानकारी दी है कि प्रवक्ता चयन के लिए एक 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से टैलेंट हंट का आयोजन किया जाएगा। हाल ही में मीडिया कमेटी का गठन समाप्त कर दिया गया था।

    समिति की संरचना

    इस 11 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष मुकेश नायक को नियुक्त किया गया है। समिति में कई प्रमुख नेता शामिल हैं, जिनमें विधायक जयवर्धन सिंह, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक आरिफ मसूद, विधायक विक्रांत भूरिया, विधायक महेश परमार, महेंद्र जोशी, शैलेंद्र पटेल, भूपेंद्र गुप्ता, मृणाल पंत, अपूर्व भारद्वाज तथा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी शामिल हैं। यह समिति प्रवक्ताओं के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गांव चलो बूथ चलो अभियान की शुरुआत की

    मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गांव चलो बूथ चलो अभियान की शुरुआत की

    मध्य प्रदेश कांग्रेस का ‘गांव चलो-बूथ चलो’ अभियान

    भोपाल। नए साल की शुरुआत में, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल के नजदीक कोड़िया देवका गांव में ‘गांव चलो-बूथ चलो’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गांव की कमेटी का गठन भी किया और ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

    अभियान का उद्देश्य और विस्तार

    इस अभियान के तहत, पूरे प्रदेश में हर गांव और पंचायत स्तर पर कांग्रेस कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की मौजूदगी को बढ़ाना और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करना है। जीतू पटवारी ने बताया कि यह अभियान 1 जनवरी से शुरू होकर आगे के महीनों में पूरे प्रदेश में फैलेगा, जिससे हर बूथ और हर गांव में कांग्रेस की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

    ग्रामीणों से संवाद

    कोड़िया गांव में उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना और पार्टी की नीतियों से उन्हें अवगत कराया। इसके बाद पटवारी ने कहा कि वे अन्य गांवों में भी जाएंगे। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस अभियान के माध्यम से पार्टी ग्रामीण इलाकों में एक नई ऊर्जा के साथ उभरेगी। प्रदेश कांग्रेस की हालिया बैठक में संगठन के पुनर्गठन का निर्णय भी लिया गया, जिसमें वार्ड, पंचायत और मंडल स्तर तक बदलाव किए जाएंगे। यह कदम पार्टी को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस का दीक्षित मार्च, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले में 5 जनवरी को

    मध्य प्रदेश कांग्रेस का दीक्षित मार्च, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले में 5 जनवरी को

    केंद्र सरकार का मनरेगा योजना का नाम बदलाव: कांग्रेस का आंदोलन प्रारंभ

    भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAM-G)” रखने के निर्णय ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को हिलाकर रख दिया है। इस निर्णय के विरोध में कांग्रेस अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने यह घोषणा की है कि वे 5 जनवरी से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर से पदयात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य केवल नाम परिवर्तन का विरोध नहीं है, बल्कि यह गांधी के विचारों और गरिमा की रक्षा के लिए एक आंदोलन होगा।

    गांधी की आत्मा की रक्षा का संकल्प

    दिग्विजय सिंह ने सीहोर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी पार्टी का नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मा की रक्षा के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार योजनाओं से गांधी का नाम निकालने का प्रयास कर रही है, जो कि देश के इतिहास और आत्मा पर एक गंभीर आक्रमण है। इस पदयात्रा की शुरुआत सीहोर जिले की किसी ग्राम पंचायत से की जाएगी, ताकि ग्रामीण भारत की आवाज सीधे दिल्ली तक पहुंच सके।

    कांग्रेस का आरोप: वैचारिक हमला

    कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा का नाम बदलना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक हमला है। महात्मा गांधी का नाम हटाकर सरकार उस इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही है जिसने देश को आज़ादी दिलाई और गरीबों को अधिकार प्रदान किए। लोकसभा में इस बदलाव से संबंधित बिल के पास होने के बाद कांग्रेस ने इसे गांधी-विरोधी कदम बताया है। दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब सरकार गांधी को साहित्य से बाहर करने का प्रयास कर रही है, तो यह देश को किस दिशा में ले जा रहा है?

    जनचेतना का जागरण

    पदयात्रा का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि ग्रामीणों में जागरूकता जगाना भी है। दिग्विजय सिंह श्रमिकों, किसानों, महिलाओं, और युवाओं के साथ संवाद करेंगे, ताकि उन्हें बताया जा सके कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों की जीवनरेखा है। यह यात्रा राजनीतिक कार्यक्रम न होकर जन-आंदोलन का प्रारंभ है, जो गांवों की गलियों से संसद की सीढ़ियों तक पहुंचेगी।

    2025 का राजनीतिक एजेंडा

    कांग्रेस इस विषय को 2025 के राजनीतिक एजेंडे का केंद्रीय मुद्दा बनाने की योजना बना रही है। पार्टी का मानना है कि मनरेगा से गांधी का नाम हटाना उस भारत की आत्मा को चोट पहुंचाना है, जो सत्य, श्रम और समानता पर आधारित है। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा तब तक नहीं रुकेगी जब तक सरकार गांधी के नाम को वापस नहीं लाती।

    सीहोर: आंदोलन का केंद्र

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला सीहोर इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है। यह केवल एक नाम बदलने का विरोध नहीं है, बल्कि यह यह तय करेगा कि भारत की आत्मा गांधी में सुरक्षित रहेगी या सत्ता की राजनीति में खो जाएगी। यह ध्यान देने योग्य है कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया है। लोकसभा में भी इस योजना के बदलाव को लेकर बिल पास हो गया है, जिस पर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति जताई है।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया

    मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया

    रतलाम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष का इस्तीफा

    रतलाम: मध्यप्रदेश के रतलाम ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजा है। ज्ञात हो कि कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान हाल ही में किया गया था।

    सियासी अटकलें शुरू

    हर्ष विजय गहलोत के इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में विभिन्न अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण पारिवारिक प्रतिबद्धता और विधानसभा क्षेत्र में व्यस्तता बताया है। इस स्थिति ने भोपाल से रतलाम तक राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है।

    पूर्व विधायक की पृष्ठभूमि

    गहलोत कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, जो 2018 में रतलाम ग्रामीण सीट से विधायक बने थे, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अगस्त 2025 में उन्हें रतलाम ग्रामीण का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन अब उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है। चर्चा है कि मनमुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष न मिलने के कारण भी उनका इस्तीफा संभव है।

    ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा और प्रभाव

    पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 16 दिसंबर को मध्यप्रदेश कांग्रेस के 780 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की थी। यह घोषणा दो साल के कार्यकाल पूरा होने पर की गई। हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, जिस पर कांग्रेस का कहना है कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम है।

    व्यक्तिगत कारणों का प्रभाव

    गहलोत ने अपने इस्तीफे में उल्लेख किया है कि वे लगातार विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और पारिवारिक समस्याओं के कारण जिलाध्यक्ष के पद पर समय नहीं दे पा रहे हैं। उनके इस्तीफे ने मध्यप्रदेश की कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल को जन्म दिया है।