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  • हुमायूं कबीर ने ममता के खिलाफ मुस्लिम उम्मीदवार को उतारा

    हुमायूं कबीर ने ममता के खिलाफ मुस्लिम उम्मीदवार को उतारा

    हुमायूं कबीर की नई पार्टी का पश्चिम बंगाल चुनावी मैदान में प्रवेश

    कोलकाता। हुमायूं कबीर ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के माध्यम से पश्चिम बंगाल की राजनीति में कदम रखा है। उनका यह स्पष्टता के साथ दावा है कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी, साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भी उम्मीदवार खड़ा किया जाएगा।

    भवानीपुर सीट पर सीधा मुकाबला

    कबीर ने यह जानकारी दी कि दक्षिण कोलकाता की प्रमुख भवानीपुर सीट पर उनकी पार्टी ममता बनर्जी के विरुद्ध पूनम बेगम को उम्मीदवार बनाएगी, जो एक गैर-बंगाली मुस्लिम हैं। इस सीट पर ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता सुवेन्दु अधिकारी से प्रतिष्ठित होगा, जिससे चुनावी संघर्ष में और दिलचस्पी उत्पन्न हो सकती है।

    चुनाव में 182 सीटों पर लड़ाई

    कबीर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया किया कि उनकी पार्टी राज्य की 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची पहले ही जारी की जा चुकी है, जबकि पूरी सूची जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।

    मुस्लिम वोट बैंक पर फोकस

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भवानीपुर में मुस्लिम उम्मीदवार उतारने का मुख्य उद्देश्य तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक वोट बैंक में सेंध लगाना है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव चुनाव परिणामों में ही स्पष्ट हो सकेगा।

    बाबरी मस्जिद योजना पर चर्चा

    हुमायूं कबीर हाल के महीनों में मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ निर्माण की योजना को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। इस मुद्दे पर राज्य में पहले से ही राजनीतिक हंगामा शुरू हो चुका है।

    उम्मीदवारों की सूची और अभियान

    पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों से कई प्रतिभागियों को चुनाव में उतारा है, जिनमें मालदा, मुर्शिदाबाद और पूर्वी बर्दवान शामिल हैं। कबीर खुद मुर्शिदाबाद की रेजीनगर और नाओदा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि उन्होंने अपने पुराने गढ़ भरतपुर को छोड़ दिया है।

    हुमायूं कबीर की नई पार्टी का यह कदम पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति में नई हलचल पैदा कर सकता है। जबकि असली चुनौती यह होगी कि क्या उनकी पार्टी अल्पसंख्यक वोटों में सफलता प्राप्त कर पाएगी या नहीं।

  • 2026 चुनाव में नंदिग्राम के बाद भबानीपुर में ममता-सुवेंदु के बीच संघर्ष

    2026 चुनाव में नंदिग्राम के बाद भबानीपुर में ममता-सुवेंदु के बीच संघर्ष

    भवानीपुर में ममता बनर्जी का फिर से मुकाबला सुवेंदु अधिकारी से

    नई दिल्ली: आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच एक बार फिर से टक्कर होने जा रही है। पिछले चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम में हार गई थीं, लेकिन भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी। इस बार ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस ने भवानीपुर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को न केवल नंदीग्राम बल्कि भवानीपुर से भी मैदान में उतारा है।

    2018 चुनाव और राजनीतिक बदलाव

    2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कई प्रमुख नेता तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, जिसमें सुवेंदु अधिकारी भी शामिल थे। चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था, जिसमें भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को उनके खिलाफ खड़ा किया। इस दौरान सीपीएम ने युवा नेता मीनाक्षी मुखर्जी को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन ममता और सुवेंदु के बीच मुकाबला सबसे ज़्यादा देखने को मिला था।

    सुवेंदु का 1956 वोटों से ममता को हराना

    भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने उस चुनाव में ममता को 1956 वोटों से हराया था, जिसमें उन्हें 1,10,764 वोट मिले, जबकि ममता को 1,08,808 वोट मिले। मीनाक्षी मुखर्जी को 6,267 वोट मिले। चुनाव परिणामों में विवाद भी हुआ था, जिसके चलते ममता ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। पिछले 5 वर्षों में सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल सुप्रीमो को कई बार चुनौती दी है।

    भवानीपुर में ममता का इतिहास

    ममता बनर्जी ने 2011 में भवानीपुर सीट से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद संभाला था। उस समय उन्होंने सीपीएम की उम्मीदवार नंदिनी मुखर्जी को 54,000 से अधिक वोटों से हराया था। 2016 में, उन्हें भवानीपुर से 65,520 वोट मिले थे, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस की दीपा दासमुंशी को 40,219 वोट मिले। 2021 के चुनाव में ममता ने इस सीट से चुनाव नहीं लड़ा था, जिसमें शोभनदेब चटर्जी ने तृणमूल के टिकट पर जीत हासिल की थी।

    उपचुनाव में ममता की सफलता

    शोभनदेब चटर्जी ने बाद में सीट को खाली कर दिया ताकि ममता बनर्जी उपचुनाव में हिस्सा ले सकें। 3 अक्टूबर, 2021 को उपचुनाव के परिणाम घोषित हुए, जिसमें ममता को 85,263 वोट मिले और भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को 26,428 वोट मिले। ममता ने इस उपचुनाव में 58,835 वोटों से जीत हासिल की थी।