टैग: Mamata Banerjee

  • पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल में ममता बनर्जी ने महत्वपूर्ण घोषणा की

    पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल में ममता बनर्जी ने महत्वपूर्ण घोषणा की

    ममता बनर्जी का अहम ऐलान

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुअज्जिनों और पुरोहितों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य सरकार ने इनके मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है, जिसके बाद अब इन पेशेवरों को हर माह 2000 रुपये मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि ये लोग समाज और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें सम्मान और सहयोग देना आवश्यक है।

    नए आवेदन की मंजूरी

    ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि मुअज्जिनों और पुरोहितों द्वारा भेजे गए नए आवेदन को स्वीकृति दे दी गई है। सरकार का यह प्रयास है कि हर समुदाय की परंपराओं को समान महत्व दिया जाए और उन्हें मजबूत किया जाए।

    बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान

    महंगाई भत्ते के भुगतान की घोषणा
    इसके अतिरिक्त, ममता बनर्जी ने राज्य के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए बकाया महंगाई भत्ते के भुगतान की सूचना दी है। यह भुगतान मार्च 2026 से प्रारंभ होगा, जिसके लिए वित्त विभाग ने आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।

  • राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद: ममता बनर्जी ने पुरानी तस्वीर के जरिए जवाब दिया

    राष्ट्रपति प्रोटोकॉल विवाद: ममता बनर्जी ने पुरानी तस्वीर के जरिए जवाब दिया

    सियासत में गरما गरम बहस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रोटोकॉल उल्लंघन

    नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति का “अपमान” करने का आरोप लगाया है। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरानी तस्वीरें दिखाकर पलटवार किया।

    तस्वीरों के जरिए पलटवार

    ममता बनर्जी ने कोलकाता में धरने के दौरान एक तस्वीर प्रस्तुत की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति खड़ी हैं। उन्होंने इसे प्रोटोकॉल के उल्लंघन का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका ऐसा करना हमारे संस्कारों में नहीं है।

    अपमान की संस्कृति पर टिप्पणी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तस्वीर से यह स्पष्ट है कि भाजपा एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देती है, जिसमें राष्ट्रपति का अपमान किया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राष्ट्रपति और भारतीय संविधान का पूरा सम्मान करती है, और राज्य सरकार को इसमें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।

    राष्ट्रपति की नाराजगी

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट पर पहुंची थीं, जहां उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेना था। बताया जा रहा है कि वहां मुख्यमंत्री या राज्य के किसी मंत्री का न होना राष्ट्रपति को परेशान कर गया था। उन्होंने कार्यक्रम स्थल में बदलाव को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया।

    राज्य सरकार की सफाई

    ममता बनर्जी ने इस विवाद को लेकर कहा कि राज्य सरकार को राष्ट्रपति के कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि निजी आयोजकों ने भी उचित समन्वय नहीं किया था। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था के लिए आयोजकों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जिम्मेदार ठहराया।

    भाजपा की प्रतिक्रिया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक महिला आदिवासी नेता और देश की राष्ट्रपति का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की नागरिकों की जागरूकता इस घटना को कभी नहीं भूलेगी। यह बयान मोदी ने दिल्ली में दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद दिया।

    इस पूरे विवाद के चलते केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और भी बढ़ गया है।

  • निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाए

    निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाए

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन का विवाद

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘अहंकारी’ और ‘झूठा’ होने का आरोप लगाया, जिसे चुनाव आयोग ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

    चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया

    बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने दुर्व्यवहार किया तथा बैठक बीच में ही छोड़ दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन करना अनिवार्य है और यदि कोई कानून को अपने हाथ में लेता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    तृणमूल कांग्रेस की गतिविधियाँ

    टीएमसी के नेता और विधायक चुनाव अधिकारियों को लक्ष्य बना रहे हैं और ईआरओ कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    अन्य समस्याएँ

    मतदाता सूची संशोधन में लगे अधिकारियों को बिना किसी दबाव के कार्य करने की आवश्यकता है। बीएलओ का मानदेय भी सही से नहीं दिया गया है; 18,000 रुपये में से केवल 7,000 रुपये ही प्राप्त हुए हैं। राज्य में नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसरों की रैंक भी अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने चुनाव आयोग के साथ परामर्श किए बिना तीन मतदाता सूची पर्यवेक्षकों का तबादला किया है।

    ममता बनर्जी का बयान

    उन्होंने चुनाव आयोग पर बंगाल को लक्षित करने का आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने कहा कि इस प्रक्रिया में 58 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘अहंकारी और झूठा’ करार देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए।

  • पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियाँ, जहां ममता बनर्जी ने राजनीतिक पहचान बनाई

    पश्चिम बंगाल में चुनावी गतिविधियाँ, जहां ममता बनर्जी ने राजनीतिक पहचान बनाई

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी में सिंगूर की अहमियत

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस वर्ष विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं। सियासी गतिविधियाँ एक बार फिर सिंगूर के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई हैं। यह वही स्थान है, जहाँ ममता बनर्जी का राजनैतिक उदय हुआ था। भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 18 जनवरी को सिंगूर में होने वाली रैली को महत्त्वपूर्ण माना है, जिससे पार्टी को संभावनाएँ दिखाई दे रही हैं। सिंगूर पहले टाटा नैनो की फैक्ट्री का स्थल था और अब भाजपा की नजरें यहाँ से संभावित बदलाव पर हैं।

    2008 का सिंगूर विवाद

    अक्टूबर 2008 में, सिंगूर की उपजाऊ ज़मीन पर एक असामान्य शांति छा गई थी। यह स्थिति टाटा ग्रुप के तत्कालीन चेयरमैन रतन टाटा द्वारा नैनो कार प्रोजेक्ट को सिंगूर से गुजरात स्थानांतरित करने की घोषणा के बाद विकसीत हुई। इस निर्णय के पीछे व्यापारिक माहौल की समस्याओं का जिक्र था, जिससे एक राजनीतिक विवाद शुरू हुआ। रतन टाटा ने उस समय कहा था कि उन्हें ममता बनर्जी के विरोध का सामना करना पड़ा। इस फैसले के बाद, टाटा को गुजरात में नैनो प्लांट स्थापित करना पड़ा।

    किसानों की स्थिति

    आज, सिंगूर की अधिकांश भूमि बंजर पड़ी है। जिन किसानों ने अपनी ज़मीन दी थी, उनकी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया है। सिंगूर के निवासी कौशिक बाग ने बताया कि उन्होंने अपनी ज़मीन स्वेच्छा से दी थी, लेकिन उन्हें रोजगार नहीं मिला। अब, 18 साल बाद, वह उम्मीद कर रहे हैं कि पीएम मोदी की आने वाली यात्रा कुछ सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

    खेती के लिए अनुपयुक्त भूमि

    कौशिक बाग ने बताया कि अब उनकी ज़मीन खेती के लिए अनुपयुक्त हो गई है। श्यामापदो दास, जिन्होंने भी अपनी ज़मीन दी थी, ने बताया कि उन्हें विश्वास था कि उनकी ज़मीन वापस मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह मानते हैं कि सिंगूर एक राजनीतिक फलक बन गया है, जिसमें किसानों के कल्याण के लिए वादे अधूरे रह गए।

    प्रधानमंत्री का संभावित दौरा

    वर्तमान में, सिंगूर के स्थानीय निवासियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से व्यापक उम्मीदें हैं। उन्हें उम्मीद है कि यह यात्रा उन्हें एक नई पहचान और संभावनाएँ प्रदान कर सकती है। सिंगूर की भूमि को अभी भी ‘टाटा की ज़मीन’ के नाम से जाना जाता है, और लोगों को अब काफी समय बाद एक नई शुरुआत की उम्मीद है।

    सिंगूर विवाद का संक्षिप्त इतिहास

    कोलकाता से लगभग 40 किलोमीटर दूर सिंगूर में नैनो परियोजना के लिए 997.11 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। तृणमूल कांग्रेस और किसानों के संगठन ने आरोप लगाया था कि 400 एकड़ ज़मीन बिना consent के किसानों से ली गई थी, और इसे वापस करना चाहिए। ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर धरना दिया था, जिसके चलते हिंसा भी हुई थी और अंततः टाटा ने नैनो प्रोजेक्ट को गुजरात स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था।

  • ममता बनर्जी ने कहा, “हम बंगाल जीतेंगे, BJP 2029 तक केंद्र में नहीं टिकेगी”

    ममता बनर्जी ने कहा, “हम बंगाल जीतेंगे, BJP 2029 तक केंद्र में नहीं टिकेगी”

    ममता बनर्जी की भाजपा पर कड़ी टिप्पणी

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ तीखी बयानबाजी की। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, वे बंगाल में सफलता प्राप्त नहीं कर पाएगी। 2026 में होने वाले चुनावों में जीत की आशा व्यक्त करते हुए, ममता ने कहा कि बंगाल जीतने के बाद उन्हें दिल्ली भी जीतनी होगी। उनका दावा था कि भाजपा अब भारत पर शासन करने की स्थिति में नहीं है। इसी दौरान, ममता ने अपने सांसद कल्याण बनर्जी को निर्देश देते हुए कहा कि उनका अगला धरना निर्वाचन आयोग के समक्ष होगा।

    ईडी के छापे पर ममता का प्रतिकार

    मुख्यमंत्री ममता ने आईपैक के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे के दौरान आवश्यक दस्तावेजों को उठाने के अपने निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “कल आई-पीसी पर छापेमारी के दौरान, उन्होंने मेरी पार्टी की रणनीति से संबंधित जानकारी चुराने की कोशिश की। हम इसकी तीखी निंदा करते हैं।” ममता ने विस्तार से बताया कि ईडी सुबह 6 बजे पहुंच गई थी, जबकि वे लगभग 11:45 बजे वहां पहुंची। इस दौरान, पार्टी की कई गोपनीय जानकारियां चोरी हो गईं।

    केंद्र सरकार पर ममता का हमला

    ममता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सभी सरकारी एजेंसियां केंद्र के इशारों पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विभिन्न राज्यों में जबरदस्ती सत्ता में आने का प्रयास कर रही है।

    चुनाव आयोग के साथ भाजपा की साठगांठ

    ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा दोनों पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनाव जीते हैं। उन्होंने कहा, “आपने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार में ताकत के बल पर चुनाव जीते हैं। क्या आपको लगता है कि आप बंगाल पर भी ऐसे ही कब्जा कर लेंगे?

  • पश्चिम बंगाल के TMC सांसद का कांग्रेस पार्टी में शामिल होना बड़ा झटका

    पश्चिम बंगाल के TMC सांसद का कांग्रेस पार्टी में शामिल होना बड़ा झटका

    पश्चिम बंगाल में टीएमसी को झटका, बेनजीर नूर ने कांग्रेस जॉइन की

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद बेनजीर नूर ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। यह कदम विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

    बेनजीर नूर का कांग्रेस में शामिल होना

    बेनजीर नूर ने कहा कि, “मैं कांग्रेस पार्टी को फिर से साथ काम करने का मौका देने के लिए धन्यवाद देती हूं। मैंने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है और मेरा इस्तीफा ममता बनर्जी को सौंपा गया है। सोमवार को मैं राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दूंगी। आज से, मैं कांग्रेस में शामिल हो गई हूं और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कठिन मेहनत करूंगी, क्योंकि बंगाल के लोग तथा मालदा के लोग कांग्रेस पर विश्वास करते हैं।” उन्होंने कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधाराओं पर जोर दिया।

    राजनीतिक करियर और आगे की योजना

    बेनजीर नूर ने कांग्रेस मुख्यालय में जयराम रमेश, गुलाम अहमद मीर और शुभंकर सरकार के समक्ष पार्टी जॉइन की। उनका राज्यसभा कार्यकाल इस साल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। अगले विधानसभा चुनाव में वह मालदा से चुनावी मैदान में उतरने की संभावना जता रही हैं। नूर ने 2009 से 2019 तक कांग्रेस पार्टी से मालदा से दो बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं, जिससे उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत होती है।

  • मतदाताओं के अधिकारों में कटौती, NRC लागू करने का इरादा: ममता बनर्जी

    मतदाताओं के अधिकारों में कटौती, NRC लागू करने का इरादा: ममता बनर्जी

    ममता बनर्जी का एनआरसी पर गंभीर आरोप

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि इसके पीछे असली मंशा पिछले दरवाजे से राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की है, जिससे आम लोगों में डर फैलाया जा रहा है। संविधान दिवस के मौके पर बी. आर. आंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने कहा कि मौलिक अधिकारों को खतरा पहुंचाया जा रहा है।

    संविधान का महत्व

    बनर्जी ने अपने हाथ में संविधान की प्रति लिए हुए कहा कि उन्हें दुख के साथ यह देखना पड़ रहा है कि लोगों के मताधिकार तथा धार्मिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गंदी भाषा का उपयोग करके विभिन्न वर्गों पर हमले किए जा रहे हैं, जिसमें दलित, अल्पसंख्यक और आम हिंदू मतदाता भी शामिल हैं। बनर्जी ने कहा, “इसके पीछे असली मंशा एनआरसी लागू करना है। हम न केवल स्तब्ध हैं, बल्कि दुखी भी हैं। इसलिए मैं भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज यहां उपस्थित हूं।”

    नागरिकता का डर

    बनर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि वर्षों से देश की मिट्टी को सींचने वाले व्यक्तियों से उनकी नागरिकता साबित करने को कहा जा रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नागरिकता के अधिकार के नाम पर डर का माहौल बनाया जा रहा है। इससे पहले, उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब लोकतंत्र खतरे में हो, धर्मनिरपेक्षता चुनौती का सामना कर रही हो और संघवाद को कमजोर किया जा रहा हो, तो लोगों को संविधान द्वारा प्रदत्त मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।

    संविधान और संस्कृति

    बनर्जी ने संविधान को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि यह भारत की संस्कृतियों, भाषाओं और समुदायों की विविधता को एकजुट करता है। उन्होंने संविधान के निर्माता, विशेष रूप से डॉ. बी.आर. आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन सदस्यों को भी याद किया जिन्होंने संविधान सभा में भूमिका निभाई। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम अपने संविधान में निहित लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्टि करते हैं।”

    संविधान दिवस का महत्व

    संविधान को अंगीकृत करने के उपलक्ष्य में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। यह दिन 26 नवंबर, 1949 को संविधान के अंगीकरण को याद करता है, जब संविधान के कुछ प्रावधान तुरंत लागू हुए और शेष प्रावधान 26 जनवरी 1950 को भारत के गणतंत्र बनने पर लागू हुए।