टैग: Manoj Tiwary

  • मनोज तिवारी ने रोहित शर्मा पर कोच के विवादित बयान की निंदा की

    मनोज तिवारी ने रोहित शर्मा पर कोच के विवादित बयान की निंदा की

    नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट की रोहित शर्मा पर की गई हालिया टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रयान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में रोहित के प्रदर्शन को लेकर कहा था कि उनकी तैयारी पर्याप्त नहीं थी और विकेट भी आसान नहीं थे, जिसके चलते उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

    इस बयान से तिवारी काफी नाराज हुए और उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा की उपलब्धियों का एक प्रतिशत भी रयान के करियर से मेल नहीं खाता। उन्होंने सहायक कोच से अपील की है कि ऐसे नकारात्मक और हतोत्साहित करने वाले बयान देने से बचें।

    तिवारी की कड़ी प्रतिक्रिया

    मनोज तिवारी ने कहा, ‘सभी सम्मान के साथ, मैं रयान टेन डोशेट से कहना चाहता हूँ कि वह चार साल तक मेरे साथ कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में थे। वह एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन उनकी टिप्पणी पर उन्हें पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने नीदरलैंड्स के लिए भी क्रिकेट खेला है, लेकिन उनकी उपलब्धियाँ रोहित शर्मा के मुकाबले अत्यंत क्षीण हैं, चाहे वह बल्लेबाजी की बात हो या कप्तानी की।’

    तिवारी ने आगे कहा, ‘रोहित ने अपने खेल से देश को चैम्पियंस ट्रॉफी जैसी जीत के माध्यम से खुशियाँ दी हैं, और टीम के भीतर इस प्रकार के बयान देना खिलाड़ियों के लिए हतोत्साहित करने वाला है। यह समझ में नहीं आता कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। मुझे लगता है कि उन्हें इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए और ऐसे बयान नहीं देने चाहिए।’

    रोहित शर्मा की हालिया फॉर्म

    न्यूजीलैंड के खिलाफ दो वनडे मैचों में रोहित शर्मा ने क्रमशः 26 और 24 रन बनाये हैं, जबकि उनकी हालिया फॉर्म अच्छी रही है। ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक बनाया, और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी दो शानदार अर्धशतक लगाए। सीरीज का आखिरी मैच खेलने के दौरान रोहित बड़े स्कोर के लिए उत्साहित रहेंगे और अपने आलोचकों को एक ठोस जवाब देने की कोशिश करेंगे।

    यह ध्यान देने योग्य है कि सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला रविवार, 18 जनवरी को इंदौर में होने जा रहा है। इस मैच में रोहित एक बड़ी पारी खेलकर अपनी प्रतिभा साबित करना चाहेंगे।

  • गौतम गंभीर पर रोहित शर्मा और विराट कोहली की टेस्ट टीम से विदाई का आरोप

    गौतम गंभीर पर रोहित शर्मा और विराट कोहली की टेस्ट टीम से विदाई का आरोप

    विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास की घोषणा की, गौतम गंभीर पर उठे सवाल

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जटिल परिस्थितियाँ उत्पन्न हो गई हैं। कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली शर्मनाक हार के बाद पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    तिवारी का कहना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए गंभीर ने माहौल बनाया है। उनका मानना है कि गंभीर ने इन खिलाड़ियों के खिलाफ ऐसा माहौल तैयार किया कि उनके लिए संन्यास लेना आवश्यक हो गया।

    गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद रिकॉर्ड

    गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर चार टेस्ट मैचों में हार का सामना किया है, जबकि केवल तीन मैचों में सफलता प्राप्त की। कोलकाता टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने स्पिन ट्रैक पर असफलता का सामना किया। गंभीर अपने समय में स्पिन गेंदों के बेहतरीन बल्लेबाज रहे हैं, और उन्होंने ऐसे ट्रैक तैयार कराने की प्रवृत्ति दिखाई, लेकिन उनकी टीम उसी पर लड़खड़ा गई।

    मनोज तिवारी का ट्रांजिशन पर बयान

    इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि “भारत को किसी ट्रांजिशन पीरियड की आवश्यकता नहीं है।” वह मानते हैं कि न्यूजीलैंड या जिम्बाब्वे जैसी टीमों को इसका सामना करना पड़ता है, जबकि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

    तिवारी ने गंभीर पर आरोप लगाया कि “यह सारी ट्रांजिशन की बात सिर्फ इसलिए की जा रही है ताकि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे प्रमुख खिलाड़ी धीरे-धीरे टीम से बाहर हो जाएं। दोनों खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट से बहुत प्यार था, लेकिन उनके चारों ओर जो माहौल बनाया गया, उसके चलते उन्हें संन्यास लेने पर मजबूर होना पड़ा।

    बल्लेबाजों की तकनीक पर निशाना साधने से भड़के तिवारी

    मैच हारने के बाद, गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया कि बल्लेबाजों की तकनीक में कमी थी, और उन्होंने स्पिन बैलेंस नहीं किया। इस बयान पर मनोज तिवारी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हार के बाद खिलाड़ियों की तकनीक पर सवाल उठाना आसान है। कोच का काम सिखाना होता है, दोषि देना नहीं।

    तिवारी ने आगे कहा, “यदि बल्लेबाजों को स्पिन खेलने में समस्या थी, तो मैच से पहले ट्रेनिंग क्यों नहीं कराई गई? गंभीर खुद स्पिन के अच्छे बल्लेबाज रहे हैं, तो उन्हें और मेहनत करनी चाहिए थी। वर्तमान में नतीजे भारत के पक्ष में नहीं जा रहे हैं।”