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  • श्रेयस अय्यर ने शिखर धवन और विराट कोहली को पीछे छोड़ा, बनाया नया रिकॉर्ड

    श्रेयस अय्यर ने शिखर धवन और विराट कोहली को पीछे छोड़ा, बनाया नया रिकॉर्ड

    श्रेयस अय्यर के पास 3000 रन बनाने का अवसर

    राजकोट। भारतीय वनडे टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर अब न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार करने के करीब हैं। यदि वह इस मैच में 34 रन लेने में सफल होते हैं, तो वह भारतीय वनडे क्रिकेट में सबसे तेजी से 3000 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। इस उपलब्धि से वह विराट कोहली और शिखर धवन को पीछे छोड़ देंगे।

    अय्यर की उपलब्धियाँ और पिछले प्रदर्शन

    श्रेयस ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी वापसी की थी, जहां उन्होंने 47 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 49 रन बनाए थे। उनके वनडे करियर में 68 पारियों में 2966 रन हैं, जिसमें पांच शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं।

    भारत का रिकॉर्ड

    अगर श्रेयस अय्यर दूसरे वनडे मैच में यह उपलब्धि प्राप्त करते हैं, तो वह दुनिया के चौथे सबसे तेज बल्लेबाज बन जाएंगे, जिन्होंने वनडे में 3000 रन बनाए हैं। इस मामले में वह विवियन रिचर्ड्स के साथ समानता प्राप्त कर लेंगे। हालाँकि, यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला ने 57 पारियों में 3000 रन बनाकर अपने नाम किया है।

    टीम के लिए योगदान

    पहले वनडे मैच में श्रेयस ने विराट कोहली के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 77 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिसने भारत को 301 रन का सफल पीछा करने में मदद की। यदि श्रेयस इस फॉर्म को बनाए रखते हैं, तो भारतीय टीम को आने वाले मैचों में और भी मजबूती मिलेगी।

  • भारत की आखिरी जीत विशाखापत्तनम में हुई, सीरीज जीतने का मार्ग कैसे?

    भारत की आखिरी जीत विशाखापत्तनम में हुई, सीरीज जीतने का मार्ग कैसे?

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का फाइनल मुकाबला

    भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज ने एक रोमांचक मोड़ ले लिया है। दोनों टीमों ने अब तक एक-एक मैच जीते हैं, जिससे यह सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुँच गई है। अब आखिरी मुकाबला विशाखापत्तनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा।

    सीरीज का महत्व

    यह मैच केवल सीरीज का निर्णायक नहीं, बल्कि दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न भी है। भारत ने पिछले मैच में शानदार प्रदर्शन किया था, जबकि दक्षिण अफ्रीका अपनी ताकतवर बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। दोनों पक्षों के खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगे, और यह देखने लायक होगा कि कौन सी टीम दबाव को बेहतर तरीके से संभाल पाती है।

    भारत की रणनीति

    भारतीय टीम की नजर इस महत्वपूर्ण मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर है। कप्तान के तौर पर उनकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है, और उन्हें अपने बॉलिंग और बैटिंग क्रम को सही तरीके से तैयार करना होगा। पिछले खेल में हुई गलतियों से सीख लेते हुए, टीम को संयमित और आक्रमक खेल दिखाना होगा।

    दक्षिण अफ्रीका की चुनौती

    दक्षिण अफ्रीका भी किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहेगा। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही मजबूत हैं। भारतीय पिच पर खेलने का अनुभव और प्रत्येक खिलाड़ी की क्षमता को देखते हुए, दक्षिण अफ्रीका एक कठिन चुनौती प्रस्तुत करेगा।

    विशाखापत्तनम का रिकॉर्ड

    विशाखापत्तनम में भारत की आखिरी जीत कई साल पहले हुई थी, इसलिए टीम को यहां जीत हासिल करने के लिए इतिहास का भी ध्यान रखना होगा। इस मैदान पर खेलना खिलाड़ियों के लिए एक अलग मानसिकता विकसित करता है, जिससे विजयी बनने की कोशिश में उन्हें मदद मिलेगी।

  • अफगानिस्तान में कई पाठ्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया

    अफगानिस्तान में कई पाठ्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    तालिबान सरकार ने हाल ही में अफग़ानिस्तान के विश्वविद्यालयों से महिलाओं द्वारा लिखी गई किताबों के संचालन पर रोक लगा दी है। इस नए आदेश के तहत, मानवाधिकार और यौन उत्पीड़न से संबंधित विषयों की शिक्षा भी प्रतिबंधित कर दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार, लगभग 140 किताबें, जिनमें “सेफ्टी इन द केमिकल लैबोरेटरी” जैसी शीर्षक शामिल हैं, उन 680 पुस्तकों में से हैं जिन्हें शरिया कानूनों और तालिबान की नीतियों के खिलाफ मानकर बैन किया गया है।

    विश्वविद्यालयों को यह निर्देश भी दिया गया है कि अब उन्हें 18 विषयों की पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये विषय शरिया के सिद्धांतों और नजरियों के खिलाफ हैं। यह आदेश तालिबान के चार साल पहले सत्ता में लौटने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों की श्रृंखला में नया है।

    इस सप्ताह तालिबान के सर्वोच्च नेता के आदेश पर कम से कम 10 प्रांतों में फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम “अनैतिकता” को रोकने के लिए उठाया गया है। इस अवरोध ने महिलाओं और लड़कियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है, विशेष रूप से लड़कियों की छठी कक्षा से ऊपर की पढ़ाई पर प्रतिबंध लगाकर।

    अफगानिस्तान में शिक्षा और अधिकारों पर इस तरह के लगातार कड़े कदम वैश्विक समुदाय में चिंता का विषय बने हुए हैं।