मध्य प्रदेश में मंत्री प्रतिमा बागरी की मुसीबतें बढ़ी
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब उनके भाई अनिल बागरी को गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उच्च पदाधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री बागरी को प्रदेश कार्यालय बुलाया। उन्होंने क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल के साथ लगभग आधे घंटे तक चर्चा की। इसके बाद प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा से भी बंद कमरे में बातचीत हुई।
संगठन द्वारा सवाल उठाना
सूत्रों के अनुसार, संगठन के सदस्यों ने मंत्री बागरी से पूछा, “आपके नाक के नीचे इतनी गतिविधियाँ होती रहीं, क्या आपको इसकी जानकारी नहीं थी?” भाई की गिरफ्तारी को लेकर भी स्पष्टता मांगी गई। मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपने आपको निर्दोष बताते हुए कहा कि “भाई के कार्यों से मेरा कोई संबंध नहीं है।” लेकिन संगठन ने सख्त निर्देश जारी किए। अजय जामवाल से मुलाकात के बाद मंत्री बागरी की मनस्थिति मायूस दिखी।
पार्टी की छवि पर असर
यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी मंत्री के परिवार से जुड़े कुछ लोग ऐसी विवादास्पद स्थितियों में पाए गए हैं, जिससे पार्टी की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। भाजपा नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

