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  • कंगना रनौत ने जन्मदिन पर पीएम मोदी से की मुलाकात, तस्वीरें वायरल

    कंगना रनौत ने जन्मदिन पर पीएम मोदी से की मुलाकात, तस्वीरें वायरल

    मुंबई: कंगना रनौत ने अपने 40वें जन्मदिन को एक खास और यादगार तरीके से मनाया। 23 मार्च को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इस अवसर पर अपने परिवार के साथ उनके मार्गदर्शन और समय का आशीर्वाद लिया। कंगना ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “आज… प्रधानमंत्री जी का समय और मार्गदर्शन मिला। मेरे लिए यह एक यादगार जन्मदिन रहा।”

    कंगना रनौत की पीएम मोदी से विशेष मुलाकात

    कंगना ने इस खास मौके पर पीएम मोदी का दिल से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कंगना अपनी बहन रंगोली रनौत, भाई अक्षित रनौत और अन्य परिवार के सदस्यों के साथ थीं। साझा की गई तस्वीरों में सभी खुश नजर आ रहे हैं, जहाँ कंगना पीएम मोदी के साथ बातचीत कर रही हैं। यह मुलाकात कंगना के लिए केवल जन्मदिन का उत्सव नहीं थी, बल्कि उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन में एक महत्वपूर्ण क्षण भी साबित हुई।

    कंगना, जो मंडी से बीजेपी सांसद हैं, अक्सर पीएम मोदी की प्रशंसा करती रहती हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “आज परिवार सहित माननीय प्रधानमंत्री जी का समय और मार्गदर्शन मिला। मेरे लिए यह एक यादगार जन्मदिन रहा।” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जहाँ कई लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और इस मुलाकात पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। कंगना की बहन रंगोली ने भी इस खुशी को साझा करते हुए परिवार की तस्वीरें पोस्ट कीं।

    23 मार्च 1986 को जन्मीं कंगना रनौत

    कंगना रनौत का जन्म 23 मार्च 1986 को हुआ था और वे ‘क्वीन’, ‘मणिकर्णिका’ जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2024 के लोकसभा चुनाव में मंडी से जीत हासिल की। पीएम मोदी के साथ उनकी यह मुलाकात उनके करियर और राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय जोड़ती है। फैंस का मानना है कि यह जन्मदिन उनके लिए बेहद खास रहा, क्योंकि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के साथ समय बिताया।

    सोशल मीडिया पर यूजर्स ने लिखा है, “कंगना का जन्मदिन सच में यादगार रहा, पीएम मोदी से मिलना बड़ा सौभाग्य है।” कुछ लोगों ने उनकी मेहनत और सफलता की प्रशंसा की है। कंगना ने इस जन्मदिन पर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया है और वे जल्द ही अपनी नई फिल्मों और राजनीतिक कार्यों में नजर आएंगी।

  • कांग्रेस ने मोदी की इजरायल यात्रा पर निशाना साधा, नेटन्याहू से मुलाकात को “आव जातिक प्रश्नों से जुड़ी” बताया

    कांग्रेस ने मोदी की इजरायल यात्रा पर निशाना साधा, नेटन्याहू से मुलाकात को “आव जातिक प्रश्नों से जुड़ी” बताया

    कांग्रेस का इजरायल यात्रा पर कड़ा रुख

    नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा पर केंद्र सरकार को कठोर आलोचना का निशाना बनाया है। पार्टी का कहना है कि जिस समय इजरायली नेतृत्व पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उस समय प्रधानमंत्री की यह यात्रा कई नैतिक मुद्दों को जन्म देती है। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री की इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ प्रस्तावित मुलाकात पर भी असहमति जताते हुए गाजा की स्थिति पर एक स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है।

    जयराम रमेश का स्थिर रुख

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भारत के पूर्व की नीति पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि भारत का रुख हमेशा फिलिस्तीनी मुद्दे पर संतुलित और सिद्धांत आधारित रहा है, लेकिन वर्तमान में यह परंपरा से भिन्न प्रतीत हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गाजा में हो रहे मानवता के संकट और वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार जैसे विषयों पर भारत को और अधिक स्पष्टता दिखानी चाहिए।

    रमेश ने भारत के ऐतिहासिक दायित्व की याद दिलाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 1960 के गाजा दौरे और बाद में फिलिस्तीन के समर्थन में लिए गए निर्णयों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने 1988 में फिलिस्तीन को औपचारिक मान्यता दी, जिससे वैश्विक मंच पर एक स्वतंत्र नीति पेश की गई।

    प्रियंका गांधी का गाजा मुद्दा उठाने का आग्रह

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री से उम्मीद जताई कि वे अपनी यात्रा के दौरान इजरायली संसद नेसेट में गाजा पट्टी की मानवीय स्थिति का जिक्र करेंगे और निर्दोष नागरिकों के लिए न्याय की प्रतिबद्धता व्यक्त करेंगे।

    उन्होंने कहा कि भारत का ऐतिहासिक दायित्व है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, न्याय और मानवता के मूल्यों की रक्षा करता रहे।

    सरकार का ध्यान: द्विपक्षीय सहयोग पर

    प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इजरायल के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार सहयोग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। 2017 में मोदी की पहली इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को “रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।

    राजनीतिक और कूटनीतिक बहस का टकराव

    इस मुद्दे ने एक बार फिर भारत की पश्चिम एशिया नीति पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। एक पक्ष रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता देने की बात कर रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की मांग है कि मानवीय और ऐतिहासिक दृष्टिकोण का भी ध्यान रखा जाए।

  • प्रधानमंत्री मोदी का इंडिगो संकट पर विस्तृत वक्तव्य, नियम पर जानकारी साझा

    प्रधानमंत्री मोदी का इंडिगो संकट पर विस्तृत वक्तव्य, नियम पर जानकारी साझा

    इंडिगो एयरलाइंस संकट: सफर में परेशानियों का सिलसिला जारी

    नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में यात्रियों को हो रही समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। आठवे दिन भी संकट जारी है, जबकि एयरलाइन अपने शेड्यूल को स्थिर करने की कोशिश में लगी हुई है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, सरकार भी एक्शन में आ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिशा-निर्देश दिए हैं कि वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही प्रमुख एयरपोर्ट्स का संपत्ति निरीक्षण करें। ये अधिकारी मुंबई, ब Bengaluru, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम जैसे एयरपोर्ट्स का दौरा करेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी का इंडिगो संकट पर महत्वपूर्ण बयान

    इंडिगो की समस्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि नियम और कानून लोगों को परेशान करने के लिए नहीं होते, बल्कि सिस्टम को मजबूत करने के लिए होते हैं। उनकी यह टिप्पणी इस संकट पर ध्यान केंद्रित करती है।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की बड़ी संख्या में रद्दीकरण

    दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की उड़ानों का रद्दीकरण जारी है। आज ही, इंडिगो की 76 आने वाली और 76 जाने वाली फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, जिससे कुल रद्द की गई फ्लाइट्स की संख्या 152 हो गई है। यह स्थिति यात्रियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

    संसद में उठेगा इंडिगो संकट का मामला

    इंडिगो की फ्लाइट में देरी और रद्दीकरण से उत्पन्न स्थिति अब संसद तक पहुंच गई है। सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू 9 दिसंबर मंगलवार को दोपहर 12 बजे लोकसभा में इस मसले पर बयान देंगे। इससे पहले, उन्होंने राज्यसभा में कहा कि संकट का कारण तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि क्रू रोस्टरिंग और ऑपरेशनल प्लानिंग की कमियां हैं।

    इंडिगो की प्रमुखता और उसके रूट्स की स्थिति

    इंडिगो एयरलाइंस का भारतीय एविएशन सेक्टर में दबदबा स्पष्ट है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में उड़ान भरने वाले हर 10 यात्रियों में से लगभग 6 इंडिगो के माध्यम से यात्रा करते हैं। देश के 1,200 घरेलू रूट्स में से 950 से अधिक पर इंडिगो की उड़ानें हैं, और लगभग 600 रूट्स (60% से अधिक) पर केवल इंडिगो ही एकमात्र एयरलाइन है।

    इंडिगो फ्लाइट्स में संभावित कटौती

    समाचार के अनुसार, इंडिगो की उड़ानों में पहले चरण में 5% की कटौती की योजना बनाई जा रही है, जिसका मतलब है कि रोजाना लगभग 110 उड़ानें कम हो सकती हैं। यदि परिस्थितियां ठीक नहीं होतीं, तो भविष्य में 5% अतिरिक्त कटौती भी हो सकती है।

  • सनथ जयसूर्या ने श्रीलंका की सहायता के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया

    सनथ जयसूर्या ने श्रीलंका की सहायता के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया

    श्रीलंका में चक्रवात दित्तवाह की बाढ़ और राहत कार्य

    श्रीलंका में चक्रवात दित्तवाह के कारण हालात बेहद विकट हो गए हैं। भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलनों ने लाखों नागरिकों को प्रभावित किया है। इस कठिन समय में भारत ने मानवीय आधार पर त्वरित सहायता भेजकर व्यापक राहत और बचाव गतिविधियां शुरू की हैं।

    चक्रवात दित्तवाह से उत्पन्न संकट

    चक्रवात दित्तवाह ने श्रीलंका में भयानक तबाही मचाई है। निरंतर बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अब तक इस आपदा में 330 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं। लगभग 11 लाख लोग इस संकट से प्रभावित हुए हैं। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति घोषित की है, और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

    भारत का राहत अभियान

    आपदा की सूचना मिलते ही भारत ने ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत त्वरित सहायता पहुंचाई। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), भारतीय वायुसेना, नौसेना और कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग राहत कार्यों में जुटे हैं। NDRF की टीमों ने कोलंबो के जलमग्न क्षेत्रों से फंसे परिवारों को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वायुसेना ने कई जोखिम भरे बचाव कार्य किए, जिसमें कमांडो को मुश्किल ढलानों पर उतारकर पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया।

    भारतीय वायुसेना और नौसेना की सहायता

    INS विक्रांत में दो हेलीकॉप्टर लगातार बचाव कार्य में लगे हुए हैं। एक मिशन के दौरान चार सदस्यीय परिवार को छत से एयरलिफ्ट किया गया। भारतीय वायुसेना ने कोलंबो में Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं, जो तत्काल उड़ान भर कर फंसे हुए लोगों तक पहुंच बना रहे हैं। C-130J और IL-76 विमान 21 टन से अधिक राहत सामग्री लेकर श्रीलंका पहुंचे हैं। भारतीय नौसेना का पोत INS सुकेन्या भी सहायता सामग्री लेकर रवाना हुआ है।

    भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता आपूर्ति

    भारत ने श्रीलंका में फंसे 320 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। इसके अलावा, भोजन, दवाएं, ईंधन और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया जा रहा है। कई वस्तुएं कोलंबो में रहने वाले भारतीय समुदाय द्वारा दान की गई हैं। यह राहत सामग्री उन क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है जहां सड़क संपर्क कट चुका है और लोग कई दिनों से अपने घरों में फंसे हुए हैं।

    सनथ जयसूर्या का संदेश और द्विपक्षीय संबंध

    पूर्व क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने सोशल मीडिया पर लिखा कि संकट के समय भारत का समर्थन श्रीलंका की जनता के लिए एक बड़ी राहत है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक संकट के समय के समान, भारत ने इस आपदा में भी दोस्ती का परिचय दिया है। उनका संदेश दर्शाता है कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि गहरी मानवीय भावना पर निर्भर हैं।