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  • मोहम्मद शमी पर पत्नी हसीन जहां का मामला, SC ने नोटिस जारी किया

    मोहम्मद शमी पर पत्नी हसीन जहां का मामला, SC ने नोटिस जारी किया

    मोहम्मद शमी की गिरफ्त में कानून, पत्नी की याचिका पर सुनवाई

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर से अपने व्यक्तिगत विवादों के कारण कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में शमी को उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा प्रस्तुत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। हसीन ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके द्वारा दायर भरण-पोषण और घरेलू हिंसा की शिकायतों जैसे मामलों को पश्चिम बंगाल से दिल्ली स्थानांतरित किया जाए। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान शमी से जवाब मांगा है।

    हसीन जहां की याचिका के पीछे के कारण

    हसीन जहां ने अपनी याचिका में दिल्ली स्थानांतरण की आवश्यकता के पीछे कई भावनात्मक और व्यावहारिक तर्क प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य और अच्छे स्कूल में शिक्षा के उद्देश्य से दिल्ली में बस चुकी हैं। हसीन का कहना है कि कोलकाता से 1500 किलोमीटर दूर जाकर बार-बार कानूनी लड़ाई लड़ना उनके और उनकी नाबालिग बेटी के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से अत्यंत कठिन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पास आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है, जिससे बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी केवल उन पर है।

    हसीन का शमी के संसाधनों पर तर्क

    याचिका में हसीन जहां ने यह भी उल्लेख किया कि मोहम्मद शमी एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं और उनके पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शमी अक्सर विदेश यात्रा पर जाते हैं, इसलिए उनके लिए दिल्ली आकर कानूनी प्रक्रिया में भाग लेना कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, हसीन ने अपने पारिवारिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि उनका मायका उत्तर प्रदेश में है, जो दिल्ली के पास है, जिससे कानूनी मामलों में भागीदारी में आसानी होगी।

    मामले का पार्श्व और भरण-पोषण का हाल

    मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच का रिश्ता 2014 में शुरू हुआ था, लेकिन 2018 में घरेलू हिंसा के आरोपों के बाद स्थिति बिगड़ गई। उस समय, हसीन ने 10 लाख रुपये के अंतरिम भरण-पोषण की मांग की थी। दीर्घ कानूनी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप, ट्रायल कोर्ट ने प्रारंभ में 1.3 लाख रुपये प्रति माह भरण-पोषण का आदेश दिया था। हालांकि, जुलाई 2025 में हाई कोर्ट ने इसे बढ़ाकर 4 लाख रुपये प्रति माह कर दिया, जिसमें 1.5 लाख रुपये पत्नी के लिए और 2.5 लाख रुपये उनकी बेटी की परवरिश के लिए निर्धारित किए गए हैं।

  • बीसीसीआई की वार्षिक केंद्रीय अनुबंध में साई सुदर्शन को मिला स्थान, 5 खिलाड़ियों की विदाई

    बीसीसीआई की वार्षिक केंद्रीय अनुबंध में साई सुदर्शन को मिला स्थान, 5 खिलाड़ियों की विदाई

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सीनियर पुरुष और महिला क्रिकेटरों के वार्षिक केंद्रीय अनुबंध की घोषणा की है, जो 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस बार बीसीसीआई के अनुबंध प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा असर कुछ प्रमुख खिलाड़ियों पर पड़ा है।

    ग्रेड ए प्लस का समापन

    बीसीसीआई ने पुरुष खिलाड़ियों के केंद्रीय अनुबंध में ग्रेड ए प्लस को समाप्त कर दिया है। इस बदलाव के तहत, विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड ए प्लस से हटाकर ग्रेड बी में रखा गया है। बोर्ड का मानना है कि दोनों खिलाड़ी अब केवल वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं, क्योंकि उन्होंने टेस्ट और टी20 प्रारूप से संन्यास ले लिया है, जिससे उन्हें शीर्ष ग्रेड में बनाए रखना संभव नहीं हो पाया।

    30 खिलाड़ियों को मिला अनुबंध

    इस साल कुल 30 पुरुष खिलाड़ियों को बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध मिलेगा। टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को ग्रेड ए में स्थान मिला है। ये तीनों खिलाड़ी टीम के अहम हिस्से माने जाते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार योगदान दे रहे हैं।

    पांच खिलाड़ी हुए बाहर

    इस साल के अनुबंध में एकमात्र नए खिलाड़ी साई सुदर्शन को जगह मिली है, जबकि पांच खिलाड़ियों को अनुबंध से बाहर कर दिया गया है। इनमें मोहम्मद शमी, सरफराज खान, मुकेश कुमार, रजत पाटीदार और ईशान किशन के नाम शामिल हैं।

    मोहम्मद शमी की स्थिति

    तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को अनुबंध से बाहर करने पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला, जिसके चलते बीसीसीआई ने उन्हें इस सूची से बाहर रखा है।

    शुभमन गिल का प्रमोशन

    हाल वाले केंद्रीय अनुबंध में ग्रेड ए कैटेगरी को सबसे ऊंचा माना गया है, जिसमें शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, और रवींद्र जडेजा का स्थान है। बीसीसीआई का मानना है कि यह कदम भविष्य की टीम योजना और खिलाड़ियों के वर्कलोड पर ध्यान रखते हुए उठाया गया है।

  • मोहम्मद शमी के चयन को लेकर BCCI और अगरकर में असहमति

    मोहम्मद शमी के चयन को लेकर BCCI और अगरकर में असहमति

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी एक बार फिर चर्चा में हैं। लंबे समय से टीम से बाहर रहने के बाद, शमी को 2027 के वनडे विश्व कप के लिए टीम में शामिल किए जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों के अनुसार, चयनकर्ता उनकी फिटनेस और घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन पर करीबी नजर रख रहे हैं। यदि सभी चीजें सही रहीं, तो शमी की टीम इंडिया में वापसी संभव है।

    शमी की वापसी की संभावना में बढ़ोतरी

    हालिया रिपोर्टों में बताया गया है कि बीसीसीआई के एक करीबी स्रोत ने बताया है कि शमी को टीम से बाहर नहीं माना जा रहा है। उनकी फिटनेस एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, लेकिन उनकी गेंदबाजी क्षमता पर किसी को संदेह नहीं है। सूत्रों के अनुसार, शमी का नाम नियमित रूप से चयन चर्चा में आता है।

    ऐसे गेंदबाजों की विकेट निकालने की क्षमता में कोई शक नहीं होता। न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में उन्हें टीम में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। उनके अनुभव और विकेट लेने की क्षमता को देखते हुए, 2027 के विश्व कप में भी उन्हें मौका मिल सकता है।

    शमी का अंतिम मैच

    मोहम्मद शमी ने भारत के लिए आखिरी मैच 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में खेला था। उस टूर्नामेंट में उन्होंने 9 विकेट लिए, जिसमें पहले मैच में पांच विकेट भी शामिल थे। इसके बाद उनकी फिटनेस और फॉर्म के कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। मीडिया ने कई बार उनकी फिटनेस पर सवाल उठाए हैं, जबकि शमी ने स्वयं कहा था कि वे पूरी तरह से फिट हैं।

    अब 2026 के टी20 विश्व कप के बाद भारत का ध्यान वनडे क्रिकेट पर केंद्रीत होगा। ऐसे में, जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए अनुभवी गेंदबाज शमी की आवश्यकता हो सकती है।

    2027 के विश्व कप में शमी की भूमिका

    2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में होगा, जहां तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है। शमी का अनुभव यहां टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वे पहले भी बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए मैच-विनर साबित हो चुके हैं। यदि उन्हें न्यूजीलैंड सीरीज में मौका मिलता है और वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनकी विश्व कप के लिए जगह सुनिश्चित हो सकती है।

    अगरकर का बयान

    भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने मोहम्मद शमी पर स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने शमी की फिटनेस पर संदेह जताया था और कहा था कि फिटनेस के कारण उन्हें टीम में नहीं लिया गया है। हालांकि, शमी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है, इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया। अब सवाल यह है कि क्या शमी को लेकर अगरकर और बीसीसीआई के बीच कोई मतभेद है?