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  • आज रात से बदल जाएगी ट्रैफिक व्यवस्था

    दुर्गा पूजा के लिए कल सुबह से लागू होगी नई ट्रैफिक प्लान

    रांचीः राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। रांची शहर में दो अक्टूबर से पांच अक्टूबर तक भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। सुबह आठ बजे से दूसरे दिन सुबह चार बजे तक शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा के मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। पूजा के दौरान शहर में कई स्थानों में अस्थायी पार्किंग की सुविधा होगी। वहीं, शहर में 67 स्थानों पर ड्रॉप गेट रहेंगे। इस संबंध में राजधानी रांची की ट्रैफिक को व्यवस्थित करने को लेकर ट्रैफिक प्लान से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।


    ये है ट्रैफिक प्लान


    हजारीबाग रोड से लातेहार, पलामू, गढ़वा, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा जाने वाले वाहन इसी मार्ग से वापस आ सकेंगे।

    पिस्का मोड़ से हजारीबाग रोड जाने वाले वाहन तिलता चैक से रिंग रोड लॉ यूनिवर्सिटी होकर हजारीबाग रोड की ओर जाएंगे।

    जमशेदपुर, हजारीबाग आने जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग पर परिचालन करेंगे।

    गुमला, लोहरदगा, खूंटी से जमशेदपुर आने जाने वाले वाहन रिंग रोड सिठियो मार्ग पर चलेंगे।

    खूंटी की तरफ से हजारीबाग जाने वाले वाहन रामपुर, नामकुम, दुर्गा सोरेन चैक, टाटीसिलवे, खेलगांव, बूटी मोड़ मार्ग से चलेंगे।


    श्रद्धालुओं के लिये यहां रहेगी पार्किग की व्यवस्था



    स्टेशन रोड स्थित पूजा पंडाल के लिये आरआरबी कार्यालय से चुटिया थाना मोड़ के दोनों साईड

    हरमू चैक स्थित पूजा पंडाल के लिये हरमू मैदान में

    बरियातू हाउसिंग पूजा पंडाल बरियातू मैदान में

    कांके रोड स्थित सीएमपीडीआइ पूजा पंडाल कैंब्रियन स्कूल के पास

    डोरंडा-सुजाता चैक से मेन रोड स्थित पंडाल के लिये सैनिक मार्केट और जीइएल चर्च कांप्लेक्स

    फिरायालाल से बकरी बाजार पूजा पंडाल के लिए जिला स्कूल और बालकृष्ण मिशन चैक के पास

    डंगराटोली से सर्जना चैक जानेवाले वाहन मिशन चैक के पास और संत जॉन्स स्कूल के सामने

    लालपुर से कोकर जानेवाले वाहन साधु मैदान और बिजली ऑफिस

    खेलगांव से कोकर पूजा पंडाल के लिये रामलखन यादव कॉलेज परिसर

    कांके रोड से बकरी बाजार पंडाल के लिये न्यू मार्केट ऑटो स्टैंड

    पिस्का मोड़ से रातू रोड पूजा पंडाल आने वालों के लिये जायसवाल पेट्रोल पंप के सामने

    हरमू बाईपास से बकरी बाजार पूजा पंडाल के लिये बड़ा तालाब के पास।

  • मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे नगर निकाय कर्मियों को प्रशासन ने रोका


    सड़क पर बैठे नगर निकाय कर्मियों ने कहा मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज

    रांची। अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने आए राज्य भर के नगर निकाय कर्मी मोरहाबादी में सड़क पर बैठे रहे। झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर राज्य के सभी नगर निगम निकाय के मजदूर और कर्मचारी आज मोरहाबादी में एकट्ठा हुए। जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में कर्मी मोरहाबादी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले। घेराव कार्यक्रम को देखते हुए जिला पुलिस की ओर से मोरहाबादी और आसपास के क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। नगर निकाय के कर्मचारियों को शिबू सोरेन आवास के पास प्रशासन ने रोक दिया। जिसके बाद कर्मी सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे। कर्मियों ने हेमंत सोरेन हाय हाय, आवाज दो हम एक हैं, हमारी मांगे पूरी करो के नारे लगाये। सीएम आवास घेराव कार्यक्रम में गिरिडीह, देवघर, साहिबगंज, गोड्डा, मधुपुर, पलामू और हजारीबाग सभी निकायों से मजदूरों ने भाग लिया। झारखंड लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि हेमंत सरकार पूंजी वादियों की सरकार है। इस सरकार ने सभी निकायों में काम करने वाले मजदूरों को आउटसोर्सिंग से छाटने का काम किया है। हेमंत सरकार पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों की आवाज बंद करना चाह रही है। नगर निगम के सफाई कर्मियों को न्याय मिलना चाहिए। हमें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया जा रहा है। महामंत्री अनूप लाल हरी ने कहा कि झारखंड सरकार को हमारी 5 सूत्री मांगे माननी पड़ेगी। अगर ऐसा नहीं होता तो 20 सितंबर से झारखंड के तमाम नगर निगम के कर्मचारी मजदूर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। हम लोगों को प्रशासन के द्वारा मुख्यमंत्री आवास से पहले ही रोक लिया गया। इसलिए हम सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे है। प्रदर्शन में अशोक कुमार सिंह, अनूप लाल हरी, लखन हरिजन, संजय मंडल, अरुण चंद, रामदेवरा, मृत्युंजय सिंह शामिल थे।

    क्या है कर्मियों की मांगें
    10 वर्ष से अधिक कार्यरत कर्मी की सेवा नियमित हो, स्थापना मद में निकायों को अनुदान एवं ऋण में 70 प्रतिशत राशि दी जाय, कर्मियों का 20 लाख की बीमा निकाय अपने स्तर से कराय, पूर्व से कार्यरत कर्मी की सेवा नियमित हो व नई नियुक्ति पर रोक लगाई जाय और एनजीओ के आधार पर कार्यरत कर्मियों को नगर निकाय में समायोजित करने की मांग शामिल है।