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  • रांची निकाय चुनाव 2026: एसएसपी राकेश रंजन ने हिंदपीढ़ी बूथों का निरीक्षण किया

    रांची निकाय चुनाव 2026: एसएसपी राकेश रंजन ने हिंदपीढ़ी बूथों का निरीक्षण किया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची में नगर निकाय चुनाव के लिए खास सुरक्षा इंतजाम

    राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रांची के सीनियर सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) राकेश रंजन, कोतवाली के डीएसपी प्रकाश सोय और अन्य पुलिस अधिकारियों ने चुनाव के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया है।

    निर्देशों का सख्त पालन

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता या अफवाह को तुरंत नियंत्रित किया जाए, और खासकर संवेदनशील मतदान केंद्रों पर नियमित निगरानी रखी जाए। एसएसपी ने पुलिस बल को सतर्क रहने और हर गतिविधि पर कड़ी नज़र बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मतदाताओं के लिए बिना किसी परेशानियों के मतदान करने का माहौल सुनिश्चित करने की बात कही गई।

    शांतिपूर्ण मतदान की प्राथमिकता

    हिंदपीढ़ी क्षेत्र को संवेदनशील स्थान मानते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार के जोखिम से परहेज कर रहा है। पुलिस की गश्ती टीम लगातार इलाके में सक्रिय है, और मतदान केंद्रों के बाहर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है, और किसी भी तरह की अव्यवस्था को सहन नहीं किया जाएगा।

    मतदाताओं का उत्साह बढ़ा

    कड़ी सुरक्षा के बीच मतदाता उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लोग लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जो लोकतंत्र में उनकी भागीदारी की स्पष्टता को दर्शाता है।

  • रांची अपराध समाचार: निकाय चुनाव से पहले अवैध शराब फैक्ट्री पर कार्रवाई, मिली भारी मात्रा में स्पिरिट

    रांची अपराध समाचार: निकाय चुनाव से पहले अवैध शराब फैक्ट्री पर कार्रवाई, मिली भारी मात्रा में स्पिरिट

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची में अवैध शराब फैक्ट्री पर छापा 🥃

    रांची: नगर निकाय चुनाव से पहले, रांची में पुलिस ने एक अवैध शराब फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की। इस छापेमारी में 15,000 लीटर स्पिरिट और शराब बनाने के उपकरण जब्त किए गए हैं।

    छापामारी का विवरण

    स्थानीय पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह छापा मारा। अधिकारियों के अनुसार, यह फैक्ट्री लंबे समय से अवैध रूप से शराब का उत्पादन कर रही थी। घटनास्थल पर पाए गए उपकरणों और स्पिरिट की मात्रा से पुलिस ने अंदाजा लगाया है कि इस फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में अवैध शराब का निर्माण किया जा रहा था।

    स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

    रांची जिले के प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए कहा है कि ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि कोई भी अवैध गतिविधि चुनाव को प्रभावित न कर सके।

    अगली कार्रवाई

    पुलिस अब इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच कर रही है। छापेमारी के बाद, अधिकारियों ने स्थानीय जनता से अपील की है कि यदि उनके पास इस तरह की कोई और जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

    निष्कर्ष

    यह छापेमारी निश्चित रूप से चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे घटनाक्रमों से निपटने के लिए वे और भी कड़ी कार्रवाइयाँ करेंगे।

  • कोल्हान बंद 23 फरवरी को, डीसी पर नगर निकाय चुनाव में अनियमितता का आरोप, गांवों में समर्थन बढ़ा।

    कोल्हान बंद 23 फरवरी को, डीसी पर नगर निकाय चुनाव में अनियमितता का आरोप, गांवों में समर्थन बढ़ा।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कोल्हान बंद: 23 फरवरी को होगा, डीसी पर आरोप

    जमशेदपुर: आदिवासी छात्र एकता संगठन ने 21, 22 और 23 फरवरी के लिए कोल्हान बंद की घोषणा की थी, लेकिन अब यह केवल 23 फरवरी तक ही सीमित किया गया है। छात्र नेता ग्राम सभा के प्रमुखों, माझी बाबा, मानकी मुंडा और ग्राम सभा से बातचीत कर रहे हैं और उनके समर्थन की मांग कर रहे हैं।

    इंदर हेंब्रम का बयान

    संयोजक इंदर हेंब्रम ने चेतावनी दी है कि 5वीं अनुसूचित क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव कराना कानून के खिलाफ है। इसके चलते वे डीसी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि तीनों डीसी को इस मुद्दे का जवाब देना पड़ेगा।

    बंद को सफल बनाने की तैयारी 🌾

    23 फरवरी को आयोजित होने वाले बंद को सफल बनाने के लिए आदिवासी छात्र एकता के सदस्य गांवों में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। इस अभियान में इंदर हेंब्रम के साथ फागुराम हांसदा, मिठुन मुर्मू, जयपाल मुंडा और नंदलाल सरदार शामिल हैं।

    संगठन के सदस्यों का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस बंद में भाग लें और समर्थन व्यक्त करें।

  • नगर निकाय चुनाव की प्रचार गतिविधियाँ शुरू, गली-गली शुरू हुई वोटिंग की प्रतिस्पर्धा।

    नगर निकाय चुनाव की प्रचार गतिविधियाँ शुरू, गली-गली शुरू हुई वोटिंग की प्रतिस्पर्धा।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की तैयारी परवान चढ़ी

    रांची: नगर निकाय चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित होते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार से उम्मीदवार जनता के बीच सक्रिय रूप से उतरने लगे हैं। शहर के गली-मोहल्लों में चुनावी माहौल बन चुका है, जहां पोस्टर, बैनर और झंडे लगाने का काम सक्रिय हो गया है। लाउडस्पीकर पर प्रचार की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे प्रत्याशी अपने संदेश को मतदाताओं तक पहुंचाने में जुटे हैं।

    घर-घर जाकर संपर्क की रणनीति

    चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क, नुक्कड़ सभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार का काम तेज कर दिया है। मेयर और वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार अपने क्षेत्रों में मतदाताओं के समीकरण को समझने में लगे हैं। कौन सा मोहल्ला निर्णायक हो सकता है, इसका बारीकी से अध्ययन कर प्रचार की रणनीति बनाई जा रही है। प्रत्याशियों का विश्वास है कि इस बार जनता उन्हें मतदान का अवसर प्रदान करेगी।

    ई-रिक्शा और ऑटो का चुनावी प्रचार में महत्व 🚗

    इस बार बड़े वाहनों के बजाय ई-रिक्शा और ऑटो को प्राथमिकता दी जा रही है। इन छोटे वाहनों की खासी विशेषता है कि ये संकीर्ण गलियों और आवासीय क्षेत्रों में आसानी से पहुंच सकते हैं। कम लागत और व्यापक पहुंच के कारण ये प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन गए हैं। एक ई-रिक्शा या ऑटो को पूरे दिन के लिए 800 से 1500 रुपये में बुक किया जा रहा है, जिस पर लाउडस्पीकर लगाकर निरंतर प्रचार चलाया जा रहा है।

    लाउडस्पीकर के शोर से छात्रों की बाधा 🎓

    चुनावी प्रचार के साथ उत्साह का माहौल है, लेकिन स्कूलों में चल रही बोर्ड एवं अन्य परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए यह चुनौती भी पेश कर रहा है। गली-मोहल्लों में बजने वाले लाउडस्पीकर छात्रों और अभिभावकों के लिए समस्या बन गए हैं। खासकर सुबह और शाम के समय, जब बच्चे पढ़ाई एवं रिवीजन कर रहे होते हैं, तब प्रचार का शोर चिंता बढ़ा रहा है। कई अभिभावक इस मुद्दे पर नाराजगी जताकर शांतिपूर्ण प्रचार की अपील कर रहे हैं।

    चुनावी सामग्री की छपाई में बढ़ती मांग

    चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रचार सामग्री की छपाई में तेजी आ गई है। प्रिंटिंग प्रेसों में पंपलेट, हैंडबिल और प्रचार कार्ड के लिए भारी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। प्रेस संचालकों के अनुसार पिछले 48 घंटों में ऑर्डर कई गुना बढ़ गए हैं। छोटे वार्डों से लेकर नगर निगम क्षेत्रों तक, प्रत्याशी हजारों की संख्या में पंपलेट एवं कार्ड छपवा रहे हैं, ताकि हर घर तक अपनी पहचान पहुंचाई जा सके।

    चुनाव की गर्मी की दस्तक

    कुल मिलाकर, चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ नगर निकाय चुनाव की जंग अब पूरी तरह जनता के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। हर गली, मोहल्ला और वोट की अहमियत में वृद्धि हुई है। आने वाले दिनों में प्रचार और भी तेज होगा, जिससे शहर की सड़कों से संकीर्ण गलियों तक चुनावी रंग बिखरेगा।

  • निकाय चुनाव से पहले केटीआर का कांग्रेस पर हमला, कहा- रेवंत रेड्डी भाजपा के समर्थक हैं

    निकाय चुनाव से पहले केटीआर का कांग्रेस पर हमला, कहा- रेवंत रेड्डी भाजपा के समर्थक हैं

    हैदराबाद में नगर निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच के. टी. रामाराव का तीखा हमला

    हैदराबाद में नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (KTR) ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल में ज़ुक्कल, बांसवाड़ा और येल्लारेड्डी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित रोड शो के दौरान केटीआर ने रेवंत को कांग्रेस के भीतर बीजेपी का ‘ट्रोजन हॉर्स’ कहते हुए अल्पसंख्यक मतदाताओं से अपील की कि वे ‘कांग्रेस का मुखौटा हटा कर अंदर छिपी भगवा पहचान’ देखें। केटीआर ने यह भी कहा, ‘रेवंत कभी दिल से कांग्रेसी नहीं रहे हैं; वे पूरी तरह से बीजेपी के पक्षधर हैं। वे दिल्ली के ‘बड़े भाई’ के एक छोटे भाई की तरह हैं।’

    मुख्यमंत्री की भाषा पर कटाक्ष

    मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की भाषा को लेकर कटाक्ष करते हुए केटीआर ने उन्हें ‘लागुला थोंडाला रेड्डी’ कहा। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री शासन के बजाय अशिष्ट भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। केटीआर ने कहा, ‘जब भी विपक्ष 420 अधूरे वादों की बातें करता है, रेवंत हमेशा धमकियों में ही बात करते हैं। उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्‍य केसीआर को निशाना बनाना है। वे केसीआर का नाम उस तरह बार-बार लेते हैं जैसे किसी भक्त द्वारा ‘राम कोटि’ लिखा जाता है। विडंबना यह है कि केसीआर को उनकी बातों की परवाह नहीं है, जिससे वे हमेशा निराश रहते हैं।’

    पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना

    केटीआर ने कांग्रेस में हाल में शामिल हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी पर भी तंज कसा। उन्होंने सभा में पुरानी वीडियो क्लिप दिखाते हुए बताया कि रेवंत ने कैसे पोचाराम को ‘बैल’ और उनके बेटों को रेत तस्करी में शामिल ‘भैंस’ कहा था। केटीआर ने कहा, ‘पोचाराम ने कभी भगवान वेंकटेश्वर की कसम खाकर केसीआर के प्रति वफादारी का वादा किया था। अब कुछ लाभ के लिए उन्होंने अपनी आत्मा बेच दी है। अगर उनमें थोड़ी भी संकोच बची है, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और जनता से नया जनादेश लेना चाहिए; अन्यथा उन्हें रेवंत की पुरानी सलाह के अनुसार कुएं में कूद जाना चाहिए।’

    कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप

    केटीआर ने कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए इसे धोखे की सरकार बताया। उन्होंने दंडू पालयम और स्टुअर्टपुरम गिरोहों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब ‘लूटो और भागो’ की प्रणाली नगर निकाय स्तर तक पहुँच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जुक्कल के स्थानीय विधायक कांग्रेस की ‘कैश फॉर वोट’ नीति के तहत व्यापारियों से वसूली कर रहे हैं।

    लोगों से मतदान की अपील

    केटीआर ने कहा, ‘उन्होंने 4,000 रुपये पेंशन और महिलाओं को 2,500 रुपये देने का वादा किया था; मगर ये सब कहां हैं? यह केवल धोखे की सरकार है।’ उन्होंने स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ वोट दें और राज्य के विकास के लिए बीआरएस का समर्थन करें।

  • नगर निकाय चुनाव: नामांकन प्रक्रिया में त्वरितता, एक दिन में 1,280 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे

    नगर निकाय चुनाव: नामांकन प्रक्रिया में त्वरितता, एक दिन में 1,280 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    नगर निकाय चुनाव में बढ़ी नामांकन प्रक्रिया

    रांची: नगर निकाय चुनाव का नामांकन चरण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सोमवार को कुल 1,280 अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इनमें 106 उम्मीदवार मेयर और अध्यक्ष पद के लिए तथा 1,174 वार्ड पार्षद पद के लिए शामिल हैं।

    महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि 📈

    महिलाओं की भागीदारी भी इस बार उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। सोमवार को मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 44 महिलाओं ने तथा वार्ड पार्षद पद के लिए 611 महिलाओं ने अपना पर्चा भरा। अब तक मेयर और अध्यक्ष पद के लिए कुल 56 और वार्ड पार्षद पद के लिए 683 महिलाएं नामांकित हो चुकी हैं। कुल मिलाकर मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 129 तथा वार्ड पार्षद पद के लिए 1,302 नामांकन हुए हैं।

    नामांकन की अंतिम तिथि 4 फरवरी 🗓️

    राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, नामांकन की प्रक्रिया 4 फरवरी तक जारी रहेगी। इस दौरान मंगलवार और बुधवार को नामांकनों में और वृद्धि की संभावना है। नामांकनों की जांच 5 फरवरी को की जाएगी, और उम्मीदवार 6 फरवरी तक अपने नामांकन वापस ले सकेंगे। इसके बाद, 7 फरवरी को चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा, जिससे चुनावी प्रचार में तेजी आएगी।

    देवघर में भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा

    देवघर नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा की रीता चौरसिया और बाबा बलियासे ने नामांकन दाखिल किया है, हालांकि पार्टी ने रीता चौरसिया को प्राथमिकता दी है। वहीं, गोड्डा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए झामुमो समर्थित राजेश मंडल सहित तीन उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है।

    कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की घोषणा

    हालांकि यह चुनाव दलगत आधार पर नहीं हो रहा, फिर भी विभिन्न राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों को सामने ला रहे हैं। कांग्रेस ने मेयर पद के लिए लगभग आधा दर्जन उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। गढ़वा से पूर्व विधायक केएन त्रिपाठी की पुत्री नम्रता त्रिपाठी को पार्टी से समर्थन मिलने की संभावना है। जमशेदपुर से मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता का नाम भी लगभग तय है। इसके अलावा, बोकारो से उमेश गुप्ता, धनबाद से शमशेर आलम, और रांची से पूर्व मेयर रमा खलखो को कांग्रेस का समर्थन मिलने की संभावना है।

  • कर्नाटक: बेंगलुरु के नगर निगम चुनाव में बैलट पेपर से मतदान होगा

    कर्नाटक: बेंगलुरु के नगर निगम चुनाव में बैलट पेपर से मतदान होगा

    बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव: बैलट पेपर से मतदान की वापसी

    बेंगलुरु। कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने नगर निकाय चुनावों में मतदान के लिए बैलट पेपर के उपयोग की घोषणा की है। यह निर्णय 25 वर्षों के बाद लिया गया है, जिसमें ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के अंतर्गत आने वाले पांच नई नगर निगमों के चुनाव बैलट पेपर से होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी जी.एस. संगरेशी ने इस निर्णय को कानूनी रूप से वैध बताते हुए कहा कि इसका सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से कोई टकराव नहीं है। पिछले चुनावों में, 2000 के आस-पास बैलट पेपर का उपयोग किया गया था, जबकि हाल ही में ईवीएम का चलन रहा है। अब पारंपरिक मतदान प्रणाली की वापसी हो रही है।

    चुनाव की तारीखें और मतदाता संख्या

    इन चुनावों का आयोजन 25 मई के बाद और 30 जून के पहले करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है, ताकि यह समय 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के बाद का हो। लगभग 88.91 लाख मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल होंगे, जिनके नाम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स में शामिल हैं। राज्य चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि इस वर्ष के अंत में होने वाले जिला और तालुक पंचायत चुनाव भी बैलट पेपर के माध्यम से होंगे। इस कदम को पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाता विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    मतगणना की प्रक्रिया

    राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतगणना में कोई देरी नहीं होगी, इसके लिए सभी आवश्यक लॉजिस्टिक्स, सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बल की व्यवस्था की जाएगी। चुनाव एक ही दिन में संपन्न हो जाएगा और परिणाम तुरंत घोषित करने की योजना है। जीबीए के अंतर्गत 5 नगर निगमों में कुल 369 वार्ड हैं और लगभग 89 लाख मतदाता चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगे। ड्राफ्ट मतदाता सूची 19 जनवरी को जारी की गई थी, जिसमें आपत्तियां 20 जनवरी से 3 फरवरी तक स्वीकार की जा सकती हैं। अंतिम सूची 16 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। यह फैसला पिछले वर्ष कर्नाटक कैबिनेट की सिफारिश के अनुरूप लिया गया है और वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे लागू किया जा रहा है।