टैग: ODI format

  • हैरी ब्रूक ने बनाया इतिहास, इंग्लैंड के दूसरे कप्तान बने तेज शतक लगाने वाले

    हैरी ब्रूक ने बनाया इतिहास, इंग्लैंड के दूसरे कप्तान बने तेज शतक लगाने वाले

    हैरी ब्रूक का शानदार शतक, इंग्लैंड ने श्रीलंका को हराया

    नई दिल्ली: इंग्लैंड के कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में एक दमदार शतक लगाकर नया इतिहास रच दिया। यह मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में सम्पन्न हुआ, जहां ब्रूक ने पांचवे स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इस पारी ने इंग्लिश टीम के कप्तान के रूप में उनकी क्षमता को और भी उजागर किया।

    ब्रूक ने केवल 66 गेंदों में नाबाद 136 रन बनाए, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 9 छक्के लगाए। उल्लेखनीय है कि उन्होंने महज 57 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया, जो बतौर कप्तान इंग्लैंड के लिए सबसे तेज वनडे शतक बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इयोन मोर्गन के नाम था, जिन्होंने 2019 में अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा किया था।

    धीमी शुरुआत, फिर रनों की बरसात

    ब्रूक की शुरुआत काफी सावधानी से हुई। एक समय वह 39 गेंदों पर 46 रन बना चुके थे। इसके बाद उन्होंने तेजी पकड़ी और अगले 27 गेंदों में ही 90 रन निपटा दिए। इंग्लैंड की पारी के अंतिम ओवरों में ब्रूक ने पूरी तरह से श्रीलंकाई गेंदबाजों को मात दी। आखिरी 69 रनों में से 68 रन उन्होंने अकेले ही बनाए, जिससे गेंदबाज पूरी तरह से बेबस दिखाई दिए।

    आखिरी 10 ओवरों में अकेले ठोके 101 रन

    मैच के अंतिम 10 ओवरों में उन्होंने अकेले 101 रन बनाए। जबकि 40 ओवर के रूप में उनका स्कोर साधारण दिख रहा था, लेकिन 50 ओवर तक आते-आते उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स की बारिश कर दी। इस प्रकार, ब्रूक का नाम उन बल्लेबाजों की सूची में जुड़ गया है, जिन्होंने डेथ ओवरों में असाधारण प्रदर्शन किया है।

    डिविलियर्स का रिकॉर्ड अब भी कायम

    वनडे क्रिकेट में 41 से 50 ओवर के बीच सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अब भी एबी डिविलियर्स के नाम है, जिन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इस फेज में 121 रन बनाए थे। रोहित शर्मा और जोस बटलर जैसे दिग्गज भी इस सूची में शामिल हैं। अब हैरी ब्रूक ने भी इस विशेष क्लब में अपनी जगह बना ली है।

    रूट और ब्रूक की बड़ी साझेदारी

    ब्रूक ने जो रूट के साथ चौथे विकेट के लिए 113 गेंदों में 191 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस दौरान रूट ने 47 गेंदों में 46 रन बनाए और अंत में 108 गेंदों पर नाबाद 111 रन बनाए। जैकब बेथेल ने भी 65 रन का योगदान दिया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 357 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

  • पूर्व खिलाड़ी संजय मजरेकर ने कोहली के टेस्ट क्रिकेट संन्यास पर उठाए सवाल

    पूर्व खिलाड़ी संजय मजरेकर ने कोहली के टेस्ट क्रिकेट संन्यास पर उठाए सवाल

    विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास: संजय मांजरेकर की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली ने पिछले साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय लिया था। कोहली के इस फैसले पर कई चर्चाएँ हुई हैं, जहाँ कुछ लोग उनके समर्थन में खड़े हैं, वहीं अन्य उनकी आलोचना कर रहे हैं। अब पूर्व भारतीय बल्लेबाज और प्रसिद्ध कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने इस पर निराशा व्यक्त की है। उनका मानना है कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को बहुत जल्दी अलविदा कहा और उन्हें थोड़ा और संघर्ष करना चाहिए था।

    संजय मांजरेकर का नजरिया

    सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में संजय मांजरेकर ने कहा कि जिस समय जो रूट जैसे खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, उसी समय विराट का इस फॉर्मेट को छोड़ देना अधिक खटकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कोहली के समकक्ष खेलने वाले खिलाड़ी जैसे जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन अब भी टेस्ट क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

    मांजरेकर की चिंताएँ

    मांजरेकर के अनुसार, कोहली ने संन्यास लेने से पहले के लगभग पांच वर्षों में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक और मानसिक तैयारी में सुधार की दिशा में पूरी कोशिश नहीं की। उनका कहना था कि अगर कोहली अपनी कमजोरी पर काम करते, तो वह कुछ समय के लिए टीम से बाहर बैठने का भी निर्णय ले सकते थे। उन्हें इस बात से विशेष दिक्कत हुई कि कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के बावजूद वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखा।

    ‘असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में है’

    संजय मांजरेकर ने यह भी कहा कि टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज के लिए वनडे क्रिकेट सबसे सरल प्रारूप माना जाता है। असली चुनौती टेस्ट क्रिकेट में होती है, जहाँ धैर्य, तकनीक, और मजबूत मानसिकता की आवश्यकता होती है। उन्होंने ऐसा सिद्धांत दिया कि यदि कोहली तीनों फ़ॉर्मेट से एकसाथ संन्यास लेते तो यह समझ में आता, लेकिन केवल टेस्ट क्रिकेट छोड़कर वनडे खेलना उन्हें उचित नहीं लगा। मांजरेकर ने यह भी बताया कि विराट कोहली की फिटनेस आज भी शानदार है, इसलिए वह टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए कुछ और वर्ष संघर्ष कर सकते थे।

    कोहली की बल्लेबाज़ी में कमजोरी

    विराट कोहली का टेस्ट प्रदर्शन 2020 से 2025 के बीच कुछ खास नहीं रहा। इस दौरान उन्होंने 39 टेस्ट मैचों में 30.72 की औसत से 2028 रन बनाये, जिसमें 3 शतक और 9 अर्धशतक शामिल थे। ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदें उनकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने उन्हें पांच बार आउट किया। अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में कोहली ने 9 पारियों में केवल 190 रन बनाये, जिसमें एक शतक शामिल है।

    विराट कोहली का टेस्ट करियर

    विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में कुल 123 मैच खेले और 9230 रन बनाये। उनके नाम 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनकी औसत 46.85 है। हालाँकि, 2019 के अंत तक उनका औसत लगभग 55 था, जो बाद के वर्षों में काफी गिर गया।