लोकसभा अध्यक्ष ने विशेषाधिकार समिति का पुनर्गठन किया
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को संसद की विशेषाधिकार समिति का पुनर्गठन करते हुए 15 नए सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की। इस समिति की अध्यक्षता वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद करेंगे। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, इस समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों को शामिल किया गया है।
समिति में शामिल सदस्य
भारतीय जनता पार्टी से:
बृजमोहन अग्रवाल, रामवीर सिंह बिधूड़ी, संगिता कुमारी सिंह देव, जगदंबिका पाल, त्रिवेंद्र सिंह रावत, जगदीश शेट्टर।
कांग्रेस से:
तारिक अनवर, मनीष तिवारी, मणिकम टैगोर।
अन्य दलों से:
समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, द्रमुक के टी.आर. बालू, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने, और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सावंत।
विशेषाधिकार समिति की भूमिका
विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थायी समिति है, जो सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार में बाधा डालने और अवमानना से संबंधित मामलों की जाँच करती है। यह समिति उन मामलों की विस्तृत जाँच करती है जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संदर्भित किया जाता है। इसके बाद, समिति अपनी सिफारिशें सदन के समक्ष प्रस्तुत करती है। वर्तमान संरचना के अनुसार, लोकसभा में अध्यक्ष द्वारा 15 सदस्यों को नामित किया जाता है, जबकि राज्यसभा में सभापति द्वारा 10 सदस्यों की नियुक्ति की जाती है।
बहुदलीय प्रतिनिधित्व
आधिकारिक सूचना के अनुसार, समिति में विभिन्न दलों जैसे भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और द्रमुक का प्रतिनिधित्व है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि विशेषाधिकार से संबंधित मामलों की जाँच बहुदलीय सहयोग के साथ की जाए। अब नई समिति औपचारिक रूप से अपने कार्यों का आरंभ करेगी।


