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  • पाकिस्तान कप्तान के बर्तन-टॉयलेट सफाई बयान पर बड़ा हंगामा

    पाकिस्तान कप्तान के बर्तन-टॉयलेट सफाई बयान पर बड़ा हंगामा

    नई दिल्ली: पाकिस्तान हॉकी में एक बार फिर से बवाल मच गया है। प्रधानमंत्री और पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के प्रमुख शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे से संबंधित पूरी घटना की जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं। कप्तान शकील अम्माद बट्ट ने लाहौर एयरपोर्ट पर बताया कि टीम को होटल नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर भटकना पड़ा और मैच के दिन बर्तन तथा किचन साफ करने पड़े।

    पीएसबी द्वारा पुष्टि की गई कि फंड दिए गए थे, लेकिन प्रबंधन ने भुगतान नहीं किया। खिलाड़ियों ने फेडरेशन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। प्रधानमंत्री ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का संकेत दिया है। यह घटना पाक हॉकी की लगातार deteriorating स्थिति को उजागर कर रही है।

    शहबाज शरीफ का सख्त रुख

    शहबाज शरीफ ने पीएसबी के प्रमुख नूर उस सबा को मामले की पूरी जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार जल्दी ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल के क्षेत्र में इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    कप्तान का फूटा गुस्सा

    लाहौर एयरपोर्ट पर शकील अम्माद बट्ट ने गुस्से में कहा कि फेडरेशन ने उन्हें धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मैच से पहले बर्तन धोने पड़ते हैं, तो वे अच्छा प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं? वह इस बात से नाराज हैं कि अब बहुत हो चुका है और हॉकी के लिए विदेशी कोच तथा बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है। अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन सिस्टम खराब है।

    दौरे पर टीम की हुई बदहाली

    सिडनी एयरपोर्ट पर टीम को 13-14 घंटे इंतजार करना पड़ा। होटल बुकिंग नहीं होने के कारण उन्हें एडवांस पेमेंट न किए जाने के चलते समस्याओं का सामना करना पड़ा। बाद में एयरबीएनबी में 10 दिन का ठिकाना मिला, जबकि उन्हें 13 दिन रहना था। ऐसे में टीम को सस्ते आवास में शिफ्ट होना पड़ा। टीम ने ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से सभी मैच हार गए।

    फेडरेशन पर लगे गंभीर आरोप

    पीएसबी ने होटल के लिए 10 मिलियन रुपये से अधिक दिए थे। हालिया घटनाओं के बाद, फेडरेशन ने मीडिया से जानकारी बंटवारे पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी दी। कप्तान ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की घटना के बाद वे चुप नहीं रह सकते। फेडरेशन को सुधार की आवश्यकता है ताकि हॉकी आगे बढ़ सके।

  • पाकिस्तान कप्तान का चौंकाने वाला बयान: बर्तन धोने और टॉयलेट की सफाई

    पाकिस्तान कप्तान का चौंकाने वाला बयान: बर्तन धोने और टॉयलेट की सफाई

    नई दिल्ली: पाकिस्तान हॉकी टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ है। एफआईएच हॉकी प्रो लीग के दूसरे चरण के दौरान खिलाड़ी सिडनी में फंस गए, जब होटल की बुकिंग रद्द कर दी गई क्योंकि पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने भुगतान नहीं किया। कप्तान अम्माद शकील बट्ट ने बताया कि उन्होंने पहले एक वीडियो जारी किया था जिसमें सब कुछ ठीक होने का दावा किया गया था, लेकिन वह पूरी तरह से गलत था। भारत में वीडियो वायरल होने के बाद वास्तविकता सामने आई, जिसमें टीम को खुद खाना बनाना, बर्तन धोना और सफाई करनी पड़ी। लाहौर लौटने पर उनके स्वागत के लिए कोई अधिकारी नहीं था।

    कप्तान ने झूठी जानकारी स्वीकार की

    कप्तान अम्माद शकील बट्ट ने प्रेस को बताया कि सिडनी पहुंचने के बाद टीम को 12 से 15 घंटे तक ऑपेरा स्ट्रीट के आसपास घूमना पड़ा। उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं ली गई, न होटल मिला और न ही समय पर खाना। प्रबंधन ने कहा था कि मामला भारत पहुंच गया है, जिससे स्थिति को ठीक बताने के लिए वीडियो तैयार किया गया। लेकिन अब बट्ट ने माना कि वायरल वीडियो और रिपोर्ट पूरी तरह सही हैं।

    खिलाड़ियों की कठिनाइयाँ

    उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को अपने नाश्ते की भी तैयारी खुद करनी पड़ती थी। खिलाड़ी दो-तीन घंटे बर्तन धोते रहते थे और कमरे तथा टॉयलेट की सफाई स्वयं करते थे। मैच के दिन भी उन्हें आराम नहीं मिला, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। कप्तान ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पाकिस्तान के लिए अच्छा प्रदर्शन करना बहुत मुश्किल था, लेकिन फिर भी टीम ने प्रयास किया।

    प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बट्ट ने टीम प्रबंधन को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि शेख उस्मान और शहजमान ने गलत दावे किए। पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने फंड दिए थे, लेकिन प्रबंधन ने कहा कि पैसे नहीं मिले हैं। उनके अनुसार, फेडरेशन से सीधा संपर्क नहीं है और सब कुछ प्रबंधन के माध्यम से होता है। कप्तान ने कहा कि फेडरेशन भी दोषी है, लेकिन मुख्य जिम्मेदारी प्रबंधन की है।

    पाकिस्तान हॉकी संकट में

    पाकिस्तान हॉकी ने पिछले कुछ समय से कई चुनौतियों का सामना किया है। अर्जेंटीना दौरे के दौरान भी खिलाड़ियों ने बकाया वेतन के लिए विरोध किया था। टीम के पास फिलहाल कोई मैनेजर नहीं है और ओलंपियन अंजुम सईद को विमान में धूम्रपान के लिए हटा दिया गया था। यह दौरा हॉकी फेडरेशन की विफलता का एक और उदाहरण बन गया है।