केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का राहुल गांधी पर बयान
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने हाल ही में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के बारे में टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा कि राहुल का विचार उनके सक्रिय सलाहकारों द्वारा ‘हाईजैक’ कर लिया गया है। रिजिजू ने यह भी कहा कि राहुल संसद में वही बातें करते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बताते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी के सदन में कैजुअल कपड़ों में आने पर सवाल उठाया। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसे व्यक्तियों से संवाद करना अधिक सरल लगता है, जिन्होंने संसद में अपने विचारों को प्रस्तुत करने में ठोस योगदान दिया हो।
संसद में शिष्टाचार का महत्व
रिजिजू ने कहा, “व्यक्तिगत रूप से, मुझे राहुल गांधी से कोई समस्या नहीं है। हम एक-दूसरे से मिलते हैं और बातचीत करते हैं, क्योंकि वे विपक्ष के नेता हैं। हालांकि, जब आप औपचारिक रूप से सदन में बोलते हैं, तो आपको परंपराओं और शिष्टाचार का पालन करना चाहिए। ये संसदीय लोकतंत्र के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।”
विपक्ष की भूमिका और कपड़ों का चयन
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी का दिमाग उनके सलाहकारों ने प्रभावित किया है, और वे वही बातें करते हैं जो उन्हें निर्देशित किया जाता है। उन्होंने बताया कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उसने कुछ मानकों का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन उसने अपनी सीमाओं का उल्लंघन नहीं किया।
शालीनता और कपड़ों का प्रभाव
रिजिजू ने राहुल गांधी के कैजुअल कपड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को उचित तरीके से व्यवहार करना चाहिए, जिसमें कपड़ों का चयन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति नेता विपक्ष के रूप में कार्य करता है, तो उन्हें एक विशेष शिष्टाचार का पालन करना चाहिए। मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि अनुभवी कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी ने जब लोकसभा स्पीकर की भूमिका ग्रहण की, तो उन्होंने अपने कपड़ों का ध्यान रखा।
रिजिजू ने कहा, “हालांकि, मैं टी-शर्ट पहनने के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन यह उचित नहीं लगता।” उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप हों।






