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  • फोटॉन न्यूज़ एक्सक्लूसिव: रांची के कांके थानेदार पर शुरू हुई दूसरी कार्यवाही

    फोटॉन न्यूज़ एक्सक्लूसिव: रांची के कांके थानेदार पर शुरू हुई दूसरी कार्यवाही

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कांके थाना के थानेदार पर कार्रवाई के आदेश

    झारखंड के रांची जिले के कांके थानेदार प्रकाश रजक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं, जिसके बाद एसएसपी राकेश रंजन ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। पिछले दिनों झारखंड हाईकोर्ट ने थाने में दर्ज एक मामले की जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे, जिससे पुलिस विभाग में हलचल मच गई।

    जांच में सामने आई अव्यवस्थाएं 🔍

    हाईकोर्ट के कठोर बयान के बाद, कांके थाने में दर्ज मामले के लिए जांच अधिकारी संतोष कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, जांच में 11 महीने का समय बर्बाद किया गया, जबकि किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत की गई। थानेदार की बरती गई लापरवाही के कारण कई महत्वपूर्ण खामियां उजागर हुई हैं।

    आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई ⚖️

    13 जुलाई 2024 को दर्ज इस मामले में 15 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। किंतु पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ वारंट लेने के लिए अदालत में आवेदन तक नहीं दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और अगर जांच में तकनीकी समस्याएं आती हैं तो उनका समाधान करें।

    गिरफ्तारी में हो रही देरी ⏳

    4 आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 30 अप्रैल 2025 को खारिज कर दिया गया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि जमानत खारिज होने के 9 महीने बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एसएसपी को इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

    पुनरावृत्ति: अनिल टाइगर हत्याकांड की चर्चा

    कांके थानेदार पर पहले भी एक विभागीय कार्रवाई चल रही है, जिसमें उन्हें बिना किसी वारंट के देवब्रत नाथ शाहदेव को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप है। इस मामले में उच्च न्यायालय ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे, जिसके बाद थानेदार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।

    सख्त निर्देश जारी

    इस घटना के प्रकाश में एसएसपी ने सभी थानेदारों और डीएसपी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने मामलों की समय पर समीक्षा करें और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    कांके थाना के थानेदार प्रकाश रजक के खिलाफ चल रही दो विभागीय कार्रवाइयों के बावजूद उन्हें पद पर बनाए रखा गया है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। झारखंड सरकारी सेवक नियमावली के अनुसार ऐसी स्थिति में उन्हें निलंबित करने का प्रावधान है।

  • डीजीपी के आदेश की अवहेलना… पड़ा पुलिस को भारी, थानेदार व आईओ निलंबित

    डीजीपी के आदेश की अवहेलना… पड़ा पुलिस को भारी, थानेदार व आईओ निलंबित

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    नामकुम पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि डीजीपी अनुराग गुप्ता के निर्देशन के बावजूद, पुलिस ने एक पिता और बेटी को जेल भेज दिया, जबकि मामले की जांच चल रही थी। इस अनियमितता पर थानेदार और जांच अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक डीएसपी को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।

    घटना का संदर्भ

    रविवार को नामकुम पुलिस ने एक विवादित मामले में बाप-बेटी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके कारण स्थानीय समुदाय में नाराजगी उत्पन्न हुई। यह कार्रवाई तब की गई जब डीजीपी ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे कि किसी भी मामले में कार्रवाई तब तक नहीं की जानी चाहिए जब तक जांच पूरी न हो जाए।

    लापरवाही के चलते हुई सस्पेंशन

    पुलिस प्रशासन की इस अनियमितता को लेकर जनप्रतिनिधियों ने विरोध जताया। स्थानीय लोगों के द्वारा की गई शिकायत के बाद, उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई की। थानेदार और जांच अधिकारी की लापरवाही को देखते हुए उन्हें सस्पेंड किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।

    डीजीपी का बयान

    डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि इस तरह की घटना से पुलिस बल की छवि को धक्का लगता है। उन्होंने कहा कि वह इस प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • दुर्घटना में युवक की मौत से ग़ुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम, तोड़फोड़

    दुर्घटना में युवक की मौत से ग़ुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम, तोड़फोड़

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची में एक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने जमकर हंगामा किया। शनिवार शाम को पंडरा थाना के बाहर लोगों ने युवक का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे सड़क जाम हो गई। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर अपना विरोध व्यक्त किया और थाने में भी तोड़फोड़ की।

    दुर्घटना के कारण हुई मौत

    मृतक 25 वर्षीय उत्तम कुमार है, जो 16 सितंबर को संजय गांधी कॉलेज के पास एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। उनके बाद उन्हें पहले सिटी अस्पताल और फिर राम प्यारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

    पुलिस पर आरोप

    प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर सही कार्रवाई की गई होती और घायल को तात्कालिक बेहतर चिकित्सा मिलती, तो उनकी जान बच सकती थी। लोगों ने पुलिस की उदासीनता को उत्तम की मौत का मुख्य कारण समझा।सड़क जाम के कारण पंडरा रोड पर वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।