टाटानगर स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद तेज
जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और सड़क चौड़ीकरण की दिशा में रेलवे ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने स्टेशन रोड और ट्रैफिक कॉलोनी क्षेत्र में सघन मापी अभियान का आयोजन किया। इस दौरान रेलवे की भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों और विकास कार्य में आ रही बाधाओं को चिन्हित किया गया है। विभाग का स्पष्ट बयान है कि स्टेशन के आधुनिक रूप को अंजाम देने के लिए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर है।
पेट्रोल पंप और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस
मापी के दौरान स्टेशन रोड स्थित पेट्रोल पंप संचालक को आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। इसमें सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत पेट्रोल पंप के कुछ हिस्से का अधिग्रहण करने की जानकारी दी गई है। चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय ने लीज एग्रीमेंट की स्थिति स्पष्ट करने हेतु सलाह भी दी है। ज्ञात हो कि इस पेट्रोल पंप को भविष्य में पूरी तरह दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है, क्योंकि गुदरी बाजार से प्रदीप मिश्रा चौक तक की दुकानों को हटाने की संभावना जताई जा रही है।
व्यापक स्तर पर चलेगा ‘पीला पंजा’
रेलवे की योजना केवल दुकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी और निजी निर्माण भी शामिल हैं। रेलवे ने पहले ही यूनियन कार्यालय, बीएसएनएल ऑफिस और टीटीई रेस्ट हाउस को खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही, कीताडीह रोड स्थित क्रू लॉबी के सामने से खासमहाल और गोलपहाड़ी की ओर बने लगभग 150 से 200 कच्चे-पक्के मकानों को भी हटाने का अल्टीमेटम दिया गया है। दर्जनों रेलवे क्वार्टरों और झोपड़ियों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा।
₹350 करोड़ का मास्टर प्लान और नई पार्किंग व्यवस्था
रेलवे बोर्ड के निर्देश पर टाटानगर स्टेशन को करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बनाया जाने वाला है। इस मास्टर प्लान के अंतर्गत स्टेशन गेट के सामने से वर्तमान पार्किंग को पूरी तरह हटा دیا जाएगा। पोर्टिको और वर्तमान पार्किंग क्षेत्र में नया भव्य स्टेशन भवन बनाने का प्रस्ताव है। यात्रियों की सुविधा हेतु मुख्य सड़क के दूसरी ओर नई पार्किंग का निर्माण कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है। इन योजनाओं के चलते रेलवे अपनी भूमि को हर हाल में खाली कराना चाहता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की तैयारी
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान संभावित विरोध का सामना करने हेतु रेलवे प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां की हैं। रेलवे ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अभियान के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की है। प्रशासन से हरी झंडी मिलते ही रेलवे का भारी मशीनरी के साथ ध्वस्तीकरण अभियान शुरू होने वाला है, जो स्टेशन के आसपास की तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा।



