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  • वैभव सूर्यवंशी के परीक्षण मुकाबले में गुजरात और राजस्थान की स्थिति

    वैभव सूर्यवंशी के परीक्षण मुकाबले में गुजरात और राजस्थान की स्थिति

    गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच महत्वपूर्ण मुकाबला

    अहमदाबाद: आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस का तेज गेंदबाजी आक्रमण, जिसमें कैगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज शामिल हैं, बेहद प्रभावशाली नजर आता है। लेकिन शनिवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले में, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की असली परीक्षा होगी। केवल 15 वर्ष की उम्र में, सूर्यवंशी ने अपने दूसरे आईपीएल सत्र की शानदार शुरुआत की है, जब उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ महज 15 गेंदों में अर्धशतक बनाया था, जिससे उनकी टीम ने 127 रन का लक्ष्य आसानी से पार किया। यह रोमांचक मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

    वैभव सूर्यवंशी की चुनौती

    वैभव सूर्यवंशी शनिवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आक्रामक बल्लेबाजी करने की कोशिश करेंगे, लेकिन उन्हें एक मजबूत गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना पड़ेगा। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल से बेहतर रणनीति की उम्मीद की जा रही है, खासकर पिछले मैच में पंजाब किंग्स के खिलाफ हार के बाद। उस मैच में, सिराज को केवल दो ओवर गेंदबाजी दी गई थी और प्रसिद्ध को 13वें ओवर में लाया गया था, जो कि विवादास्पद निर्णय था।

    बल्लेबाजी की स्थिति

    नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है, जहां वे खुलकर खेल सकते हैं। टूर्नामेंट में अधिकांश टीमें लक्ष्य का पीछा करने को प्राथमिकता दे रही हैं। राजस्थान रॉयल्स के पास नांद्रे बर्गर और जोफ्रा आर्चर जैसे प्रभावशाली तेज गेंदबाज हैं, जो गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर को शुरुआती ओवरों में चुनौती देने का प्रयास करेंगे। हालांकि, गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी अपने शीर्ष तीन बल्लेबाजों पर बहुत निर्भर है।

    कप्तान और उनके बल्लेबाजों की स्थिति

    गिल (27 गेंदों में 39 रन) और बटलर (33 गेंदों में 38 रन) पंजाब किंग्स के खिलाफ अपने प्रदर्शन में खरा नहीं उतर सके। सुदर्शन (11 गेंदों में 13 रन) भी चोट से उबरने के बाद लय पाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मध्यक्रम, जिसमें शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर और राहुल तेवतिया शामिल हैं, भी उतना विश्वसनीय नहीं है। यदि टाइटंस पहले बल्लेबाजी करते हैं, तो उन्हें कम से कम 220 रन बनाने की आवश्यकता होगी, ताकि उनके गेंदबाज सूर्यवंशी पर दबाव बना सकें। यदि वे लक्ष्य का पीछा करते हैं, तो उन्हें विपक्षी टीम को 200 रन के अंदर रोकना होगा। पिछले दो सत्रों में उनकी डेथ ओवरों में बल्लेबाजी प्रभावी नहीं रही है।

    राजस्थान रॉयल्स की स्थिति

    तेवतिया शुरुआत से ही आक्रामक नहीं दिखे हैं। शाहरुख को अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ तकनीकी दिक्कतें हैं, और यह हैरानी की बात है कि कोच आशीष नेहरा ने उनके लिए कोई अच्छा विकल्प नहीं खोजा है। राजस्थान रॉयल्स टीम कागज पर बहुत मजबूत दिखती है, लेकिन असम के रियान पराग को कप्तान बनाने के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जब रवींद्र जडेजा, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल जैसे भारतीय सितारों को नजरअंदाज किया गया है।

    पिच और मैच का आंकड़ा

    नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां अब तक खेले गए 38 आईपीएल मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों का जीत प्रतिशत 61% है। इस मैदान पर औसत स्कोर 183 रन है, जो एक उच्च स्कोरिंग मुकाबले की संभावना को दर्शाता है। हालांकि, यह पिच तेज गेंदबाजों के लिए भी अनुकूल है, जो प्रारंभिक ओवरों में अपनी गति और उछाल से विपक्ष को चुनौती दे सकते हैं। कुल मिलाकर, शनिवार को यहां बल्ले और गेंद के बीच एक संतुलित और रोमांचक संघर्ष की उम्मीद है।

    गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स का इतिहास

    गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें अब तक 8 बार आमने-सामने आ चुकी हैं, जिसमें से गुजरात ने 6 मैच जीते हैं, जबकि राजस्थान ने 2 मैचों में जीत दर्ज की है। इस प्रकार, आंकड़ों के अनुसार गुजरात का पलड़ा भारी है।

  • बिहार में JDU ने MP-राजस्थान मॉडल के खिलाफ स्पष्ट किया, CM नीतीश के उत्तराधिकारी पर चर्चा प्रारंभ

    बिहार में JDU ने MP-राजस्थान मॉडल के खिलाफ स्पष्ट किया, CM नीतीश के उत्तराधिकारी पर चर्चा प्रारंभ

    बिहार की राजनीति में हलचल: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे पर अटकलें

    पटना। बिहार की राजनीति में इस समय काफी गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की संभावनाओं पर चर्चा जोरों पर है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को यह उम्मीद थी कि नीतीश कुमार 26 मार्च को उनकी “समृद्धि यात्रा” का समापन करने के बाद अपने पद से इस्तीफा देंगे।

    मुख्यमंत्री की संभावित उत्तराधिकार की चर्चाएँ

    जदयू (जनता दल यूनाइटेड) ने स्पष्ट किया है कि वह बिहार में राजस्थान या मध्य प्रदेश जैसे राजनीतिक प्रयोगों से बचना चाहती है। पार्टी के अंदर नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएँ प्रारंभ हो गई हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है।

    भाजपा की रणनीति पर असर

    भाजपा नेताओं का मानना है कि यदि नीतीश कुमार अपने पद से हटते हैं, तो इससे उनकी पार्टी की स्थिति पर असर पड़ेगा। वहीं, जदयू के अंदर भी नेतृत्व परिवर्तन को लेकर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है।

  • जामताड़ा में यज्ञशाला में रात को लगी आग, अफरा-तफरी का माहौल

    जामताड़ा में यज्ञशाला में रात को लगी आग, अफरा-तफरी का माहौल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जामताड़ा के मिहिजाम में एक चिंताजनक घटना घटित हुई है, जहां कानगोई रेलवे फाटक के पास स्थित यज्ञशाला में अचानक आग लग गई। यह घटना वार्ड नंबर 19 में शिव मंदिर के समक्ष बुधवार रात को हुई, जिससे वहां थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

    रात के समय लगी आग

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह आग शुक्रवार रात लगी थी। यज्ञशाला के ऊपरी हिस्से में मिक्स हालत से तेजी से आग फैलने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना प्राप्त कर यज्ञशाला को बचाने का प्रयास किया और किसी तरह आग पर काबू पाया।

    पिछले साल हुई थी प्राण प्रतिष्ठा

    उल्लेखनीय है कि इस शिव मंदिर में लगभग एक वर्ष पूर्व भव्य प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ था। यज्ञशाला का निर्माण बांस और बिचाली से किया गया था, जो आग लगने के कारण जलकर खाक हो गया।

    अफरातफरी में जुटी भीड़

    जिस समय आग लगी, आसपास के लोग तुरंत यज्ञशाला के पास इकट्ठा हो गए। कुछ ही समय में उन्होंने मिलकर आग को बुझाने में सफलता प्राप्त की। हालांकि, इस आगजनी के कारण यज्ञशाला का ऊपरी गुंबद नुमा हिस्सा जल गया।

    स्थानीय लोगों का मानना है अपशगुन

    स्थानीय नागरिक इसे एक अपशगुन मान रहे हैं। आग लगने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। कुछ स्थानीय निवासियों का यह विश्वास है कि निकाय चुनाव की जीत के बाद निकाली गई विजय जुलूस में की गई आतिशबाजी के चलते यह घटना हुई होगी।

  • राजस्थान में विधायकों के फंड में भ्रष्टाचार का नवीनतम खुलासा

    राजस्थान में विधायकों के फंड में भ्रष्टाचार का नवीनतम खुलासा

    राजस्थान में विधायक निधि से जुड़ा बड़ा खुलासा

    जयपुर। राजस्थान की राजनीति में विधायक निधि से संबंधित गतिविधियों को लेकर एक गंभीर मामला उभर कर सामने आया है। हालिया मीडिया रिपोर्टों में यह आरोप लगाया गया है कि कई विधायक विकास कार्यों की अनुशंसा के लिए कमीशन की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल राजनीतिक क्षेत्र में हड़कंप मचाने वाली है, बल्कि इससे विकास परियोजनाओं की पारदर्शिता पर भी प्रश्न उठते हैं।

    कमीशन की मांग का आरोप

    पार्टी नेताओं के अनुसार, कुछ विधायक विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी देने के बदले में आर्थिक लाभ की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति तत्वावधान में बहुत ही चिंताजनक मानी जा रही है। ऐसे मामलों से न केवल सत्ता में बैठे लोगों की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम जनता की विश्वास भी डगमगाती है।

    डमी फर्म के माध्यम से भ्रष्टाचार का आरोप

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ विधायक डमी फर्मों का सहारा लेकर इन भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए विकास कार्यों का निष्पादन दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उनके पीछे कोई ठोस आधार नहीं है। इस स्थिति की जांच की आवश्यकता है ताकि वास्तविक दोषियों को सजा मिल सके।

    राजकीय प्रतिक्रिया की आवश्यकता

    इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार से तेजी से कार्रवाई की मांग की है। यदि जांच प्रक्रिया को तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो यह मामला और अधिक जटिल हो सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में और अनिश्चितता उत्पन्न होगी। विधायक निधि में ऐसे घोटालों का खुलासा राज्य की विकास योजनाओं पर गहरा असर डाल सकता है।

  • 74वीं मिस यूनिवर्स फिनाले कब और कहां देख सकते हैं, जानिए सभी जानकारी

    74वीं मिस यूनिवर्स फिनाले कब और कहां देख सकते हैं, जानिए सभी जानकारी

    74वां मिस यूनिवर्स ग्रैंड फिनाले 21 नवंबर 2025 को

    इस वर्ष का प्रमुख ब्यूटी पेजेंट, **मिस यूनिवर्स 2025**, जल्द ही होने वाला है। यह 74वां मिस यूनिवर्स थाइलैंड में आयोजित किया जाएगा, और पूरी दुनिया की नजरें इस पर बनी हुई हैं। भारत का प्रतिनिधित्व राजस्थान से उत्कृष्टता का परिचय देने वाली **मनिका विश्वकर्मा** कर रही हैं। अगर मनिका यह खिताब जीत लेती हैं, तो वह चौथी भारतीय होंगी जिन्होंने **मिस यूनिवर्स** का ताज अपने नाम किया होगा। इससे पहले **सुष्मिता सेन (1994)**, **लारा दत्ता (2000)** और **हरनाज़ संधू (2021)** इस सम्मान को जीत चुकी हैं।

    फिनाले की तिथि और समय

    **74वां मिस यूनिवर्स ग्रैंड फिनाले** 21 नवंबर 2025 को आयोजित होगा। इसका स्थान थाइलैंड में बैंकॉक के पास **नॉन्थाबुरी** में स्थित **इम्पैक्ट चैलेंजर हॉल** है। थाइलैंड में यह समारोह सुबह 8 बजे शुरू होगा, यानी भारत में इसे सुबह करीब 6:30 बजे से लाइव देखा जा सकेगा। सुबह की चाय के साथ मनिका का उत्साह बढ़ाने का अनुभव अद्वितीय होगा।

    भारत में लाइव प्रसारण

    यह अच्छी खबर है कि इस बार **मिस यूनिवर्स 2025** का लाइव प्रसारण बिल्कुल मुफ्त में उपलब्ध है। इसके लिए आपको किसी भी केबल चैनल या पेड सब्सक्रिप्शन की आवश्यकता नहीं होगी। बस **मिस यूनिवर्स** के आधिकारिक **यूट्यूब चैनल** पर जाकर लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं। वहां आपको आसानी से लाइव प्रसारण मिल जाएगा।

    इस साल का खास कार्यक्रम

    इस बार 130 से अधिक देशों की प्रतिभागी महिलाएं शामिल हो रही हैं। नई थीम, शानदार राष्ट्रीय परिधान, इवनिंग गाउन और सवाल-जवाब के राउंड देखने लायक होंगे। विशेष रूप से भारतीय प्रशंसकों को मनिका विश्वकर्मा के राष्ट्रीय परिधान और उनके उत्तरों का बेसब्री से इंतजार है। राजस्थानी संस्कृति से प्रेरित उनका प्रदर्शन सभी का दिल जीत सकता है। तो 21 नवंबर की सुबह 6:30 बजे का अलार्म लगाना न भूलें, मोबाइल और लैपटॉप तैयार रखें और मनिका को पूरा समर्थन दें। कौन जानता है, इस बार **मिस यूनिवर्स** का ताज फिर से भारत लौट आए।

  • कुख्यात अपराधी पूरन चौधरी गिरफ्तार, रंगदारी का मामला

    कुख्यात अपराधी पूरन चौधरी गिरफ्तार, रंगदारी का मामला

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    गोलमुरी पुलिस ने कुख्यात अपराधी को फिर से गिरफ्तार किया

    जमशेदपुर में गोलमुरी पुलिस ने हाल ही में जेल से रिहा हुए कुख्यात अपराधी सौरभ चौधरी, जिसे पूरन चौधरी के नाम से भी जाना जाता है, को पुनः गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से एक देशी पिस्तौल और दो जिंदा 0.303 बोर की गोलियां भी बरामद की हैं।

    रंगदारी की मांग में सक्रिय

    अवशेष जानकारी के अनुसार, पूरन चौधरी लगातार व्यवसायियों और आम लोगों से रंगदारी की मांग कर रहा था। उसके खिलाफ जमशेदपुर के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, राजस्थान के जयपुर और पश्चिम बंगाल के आसनसोल समेत अन्य स्थानों पर भी उसके खिलाफ मामले चल रहे हैं।

    पुराने साथी का नाम

    पूछताछ के दौरान चौधरी ने बताया कि वह अपने पुराने साथी देवेंद्र सिंह, जिसे “आई लव पंजाब” के नाम से जाना जाता है, के साथ मिलकर रंगदारी की गतिविधियों में शामिल था। बरामद की गई पिस्तौल भी देवेंद्र सिंह ने ही उसे प्रदान की थी।

    युवाओं को अपराध की दुनिया से दूर रहने की सलाह दी जाती है, ताकि वे सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।

  • पानी का संकट: 150 परिवार 1 हैण्डपंप के भरोसे

    पानी का संकट: 150 परिवार 1 हैण्डपंप के भरोसे

    डेढ़ साल बाद भी धरा तल पर नही पहुंची हर घर नल जल योजना

    टांडी गांव में 5-6 हैंडपंप लगे हुए हैं, लेकिन जलस्तर घट जाने से हैंडपंपों में पानी नहीं आ रहा है। पूरे गां व में एक हैंडपंप में पानी आ रहा है, जिसके कारण यहां आए दिन महिलाएं हैंड़पंप पर पानी भरने के लिए झगड़ती रहती है और सब काम छोड़कर पानी भरने के लिए घंटों तक हैंडपंप पर इंतजार करती रहती है।

    चंदी पुर। सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल जल योजना का लाभ खेरखेड़ा ग्राम पंचायत के टांडी गांव में ग्रामीणों के लिए आज भी एक सपना साबित हो रही है। ग्रामीणों द्वारा हर घर नल जल योजना के लिए दिसंबर 2021 में नल लगवाने के लिए रसीदे कटवा ली गई, लेकिन उसके बावजूद भी ग्रामीणों को आज तक हर घर नल जल यो जना नसीब तक नही हो सकी ।

    बता दें कि टांडी गांव में ठेकेदार एवं सरकारी कर्मचारियों की मनमानी से अब तक यह यो जना धरा तल पर नहीं पहुंच सकी । जिससे यहां के 150 परिवारों पर पीने का पानी का संकट मंडरा रहा है, यहां के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं जैसे ही गर्मी शुरू हुई है वैसे ही जल स्तर कम हो ने से हैंडपंपों ने काम करना बंद कर दिया है इसके चलते ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

  • विधायक बने बागी सोनिया, गहलोत, पायलट चुप


    महज दो राज्यों में अपने बलबूते सरकार में मौजूद कांग्रेस ने क्या राजस्थान को दांव पर लगा दिया है? अभी तक ये साफ दिख रहा था कि आलाकमान के सामने पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने को हामी भर चुके अशोक गहलोत राज्य की बागडोर भी आसानी से छोड़ देंगे। लेकिन अचानक रविवार की रात सारे समीकरण गड़बड़ा जाते हैं।

    गहलोत खेमे के 90 विधायक विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के पास इस्तीफा देने पहुंच जाते हैं। गहलोत जैसे अनुभवी नेता को कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर जहां पार्टी खुद को सहज करने की कोशिश में जुटी थी लेकिन उन्ही गहलोत ने राज्य में पेच फंसा दिया। राजस्थान में मौजूदा सियासी घटनाक्रम पर बड़े सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या पार्टी ने किसी सोची-समझी रणनीति के तहत इस राजस्थान में सत्ता को दांव पर लगा दिया है? अगर पिछले दो दिन की गतिविधि को देखें तो इसके पीछे कई के समीकरण समझे जा सकते हैं।


    पिछले करीब दो साल में गहलोत का कद पार्टी में काफी बड़ा हुआ है। जब सचिन पायलट ने पार्टी के कुछ विधायकों को लेकर विरोध किया था तो ये गहलोत ही थे जो बड़ी आसानी से सरकार बचा ले गए थे। राज्यसभा चुनाव में भी पार्टी ने गहलोत पर भरोसा जताया और राजस्थान के सीएम पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे। गहलोत केवल इतना चाहते हैं कि उनके सीएम पद छोड़ने के बाद उनकी पसंद का कोई नेता राज्य का सीएम बने।


    राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से इनकार के बाद गांधी परिवार किसी ऐसे शख्स की इस पद पर ताजपोशी चाहता है जो उसका करीबी हो। गहलोत गांधी परिवार के करीबी और वफादार दोनों हैं। कुछ विश्लेषक कह रहे हैं कि कांग्रेस गहलोत के जरिए खुद को सहज करना चाहती है। यानी बीजेपी के वंशवाद के लगने वाले आरोप से बचना चाहती है। इसी चक्कर में गड़बड़ी हो रही है। गहलोत अध्यक्ष पद के लिए बड़ी मुश्किल से राजी तो हुए हैं लेकिन राजस्थान के सीएम पद के लिए अपने पसंद के उम्मीदवार चाहते हैं। सचिन पायलट के नाम पर गहलोत खेमा राजी नहीं है। उधर पार्टी के लिए हालात मुश्किल हो गए हैं। भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने जो दांव चला था वो उल्टा पड़ता दिख रहा है। पार्टी एक वफादार को कांग्रेस के शीर्ष पद पर तो बैठाना चाह रही है लेकिन इस चक्कर में राजस्थान की सत्ता दांव पर लग गई है।