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  • रिटायरड सेना अधिकारियों के पुस्तक लेखन पर कोई रोक नहीं

    रिटायरड सेना अधिकारियों के पुस्तक लेखन पर कोई रोक नहीं

    रक्षा मंत्री ने सेना सेवानिवृत्त अधिकारियों के लेखन पर स्थिति स्पष्ट की

    नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की प्रस्तावित पुस्तक को लेकर उठे विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्टता प्रदान करते हुए कहा है कि सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के द्वारा पुस्तक लिखने या संस्मरण जारी करने पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक लेखन पर ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ का विचार चल रहा है।

    रक्षा मंत्री का वक्तव्य

    राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार या कैबिनेट के समक्ष विचारार्थ नहीं आया है। उनके अनुसार, पूर्व सैन्य अधिकारी निर्धारित नियमों और संवेदनशील जानकारी से संबंधित प्रावधानों का पालन करते हुए अपने अनुभव साझा करने के लिए स्वतंत्र हैं।

    किताब को लेकर उठे विवाद का कारण

    यह बहस तब शुरू हुई जब जनरल नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक “Four Stars of Destiny” के कुछ अंशों के बारे में राजनीतिक चर्चाएँ बढ़ गईं। जानकारी के अनुसार, पुस्तक में लद्दाख में भारत-चीन के बीच हुए सैन्य टकराव जैसे महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख है, जिसके चलते इस पर सार्वजनिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं।

    संसद में राजनीतिक बयानबाजी और प्रतिक्रियाएं

    यह मामला संसद तक भी पहुंच गया, जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए जबकि सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार का समर्थन किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस ने इसे राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया।

    राजनाथ सिंह ने अफवाहों को नकारा

    रक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ जैसा कोई नियम लागू करने की योजना नहीं है और न ही इस संबंध में कोई औपचारिक प्रस्ताव आया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सैन्य परंपराओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन पहले से ही स्थापित प्रक्रियाओं के तहत बनाए रखा जाता है।

    अगले कदम और रक्षा सहयोग

    रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार आने वाले महीनों में रक्षा सहयोग से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौतों को आगे बढ़ाने के प्रयास कर रही है और संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि रिटायर सैन्य अधिकारियों के लेखन पर कोई नई पाबंदी नहीं लगाई जा रही है। वे मौजूदा सुरक्षा दिशानिर्देशों के अंतर्गत अपनी जानकारियाँ साझा कर सकते हैं।

  • भाग्य के चार सितारों ने संसद में हंगामा किया

    भाग्य के चार सितारों ने संसद में हंगामा किया

    नई दिल्ली: जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा पर राजनीतिक गर्मी

    भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ ने संसद में हलचल पैदा कर दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किताब के अंशों का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री और सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाया। हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चूंकि यह पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए इसका उल्लेख करना उचित नहीं है।

    किताब लिखने की प्रेरणा

    जनरल नरवणे ने बताया कि प्रारंभ में उनका आत्मकथा लिखने का कोई योजना नहीं थी। अप्रैल 2025 में उन्होंने याद किया कि पेंगुइन पब्लिशर्स ने दिवंगत जनरल बिपिन रावत की पुस्तक का प्रकाशन किया था। मार्च 2023 में एक विमोचन समारोह में उन्होंने मजाक में सवाल किया कि उनकी पुस्तक का प्रकाशन क्यों नहीं हो रहा। इसी बातचीत ने उन्हें किताब लिखने के लिए प्रेरित किया।

    प्रकाशन में देरी और समीक्षा का तर्क

    पूर्व सेना प्रमुख ने स्वीकार किया कि पुस्तक की समीक्षा आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि समीक्षा में समय लेना उचित हो सकता है, लेकिन 15 महीने से अधिक का लंबा इंतजार उचित नहीं है।

    संसद में विवादास्पद चर्चा

    अप्रकाशित किताब का उल्लेख तब हुआ जब राहुल गांधी ने लोकसभा में इसके कुछ अंश प्रस्तुत किए। उन्होंने दावा किया कि किताब में यह उल्लेख किया गया है कि 2020 में चीन के साथ सीमा तनाव के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने लंबे समय तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका खंडन करते हुए कहा कि पुस्तक की सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत है और इसका हवाला देना संसद के नियमों और राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस बात को स्वीकार किया।

    किताब का प्रकाशन अभी तक लंबित

    ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ 2023 से प्रकाशित होने के लिए लंबित है। पेंगुइन ने इसे अप्रैल 2024 में प्रकाशित करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह अभी भी आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है। अमेजन और फ्लिपकार्ट पर इसकी लिस्टिंग मौजूद है, जिसमें 448 पृष्ठों का विवरण दिया गया है। उल्लेखनीय है कि नरवणे की दूसरी पुस्तक, ‘द कैंटोनमेंट कॉन्स्पिरेसी’, मार्च 2025 में प्रकाशित हो चुकी है।

  • राहुल के हाईड्रोजन बम दावे पर राजनाथ सिंह का कटाक्ष, बोले: “वह तो पटाखा भी नहीं जला सकते”

    राहुल के हाईड्रोजन बम दावे पर राजनाथ सिंह का कटाक्ष, बोले: “वह तो पटाखा भी नहीं जला सकते”

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के मतदान चोरी के दावों को पूरी तरह से दरकिनार किया है। उन्होंने कहा कि गांधी ने जो बयान दिए हैं, वे अव्यवहारिक हैं और उन्होंने इस विषय पर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं।

    चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

    बिहार चुनाव से पहले उठाए गए सवालों पर केंद्रिय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जो भी शिकायतें हैं, उन्हें कोर्ट में ले जाया जा सकता है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा, “उन्होंनें हाइड्रोजन बम की बात की है, लेकिन वास्तव में वे एक पटाखा भी नहीं जला पाए हैं।”

    वोट चोरी पर राहुल गांधी का आरोप

    हरियाणा और महाराष्ट्र में वोटिंग के दौरान लगे आरोपों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि गांधी की पदयात्रा का कोई परिणाम नहीं निकला है। “वे अब चुनावों की बात कर रहे हैं जो पहले हो चुके हैं। किसी भी तरह से लोगों को धोखा देकर राजनीति नहीं कर सकते,” उन्होंने टिप्पणी की।

    विपक्ष पर साधा निशाना

    राजनाथ सिंह ने एसआईआर का विरोध कर रहे विपक्ष के अन्य दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि वे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा, “जो लोग बाहर से आए हैं उनका नाम मतदाता सूची में था, अब उन्हें हटाया जा रहा है। क्या इससे उन्हें कोई समस्या होनी चाहिए?”