मुंबई: बॉलीवुड के लोकप्रिय कॉमेडियन राजपाल यादव एक बार फिर चर्चा में हैं, और इस बार वजह है उनका चेक बाउंस का मामला। दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई, जिसमें राजपाल यादव की भावनाएं भड़क उठीं। जज ने उन्हें समय बर्बाद करने के लिए फटकार लगाई और अंततः फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा कर रही थीं।
राजपाल यादव का कोर्ट में भावुक होना
कुछ समय पहले, कोर्ट ने राजपाल यादव को राहत देते हुए कहा था कि उन्हें फिलहाल जेल नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा जमा कर दिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौता करने का अंतिम अवसर प्रदान किया था। लेकिन 1 अप्रैल को हुई सुनवाई में, दोनों पक्ष समझौते पर नहीं पहुंच सके। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव काफी भावुक नजर आए।
उन्होंने कोर्ट में कहा कि वे किसी भी फैसले को मानेंगे। हालांकि, उनकी भावुकता को देखकर जज ने सख्त लहजे में कहा, “आप समय बर्बाद कर रहे हैं।” जज ने स्पष्ट किया कि बार-बार समय लेने से मामला आगे नहीं बढ़ रहा है। विपक्षी पक्ष ने अदालत को बताया कि वे 6 करोड़ रुपये लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन राजपाल यादव की तरफ से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया।
राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने अपनी दलीलें पेश कीं, लेकिन समझौता नहीं हो सका। दोनों पक्षों के बीच कई प्रयास हुए, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इससे पहले, दो हफ्ते पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को अंतरिम राहत देते हुए कहा था कि बकाया राशि का बड़ा हिस्सा जमा होने के कारण उन्हें तुरंत जेल जाने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अब पूरा मामला कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है।
राजपाल यादव ने कोर्ट में कहा, “मैं कोर्ट के हर निर्देश का पालन करूंगा।” उनके इस बयान के बावजूद, जज ने उन्हें चेतावनी दी कि आगे समय की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बॉलीवुड में छोटे-छोटे रोल से लेकर हिट कॉमेडी फिल्मों तक, राजपाल यादव ने अपनी पहचान बनाई है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह कानूनी झमेलों में फंसे हुए हैं।
यह चेक बाउंस का मामला काफी पुराना है और लंबे समय से चल रहा है। अब सभी की नजरें दिल्ली हाई कोर्ट के आने वाले फैसले पर स्थिर हैं। क्या राजपाल यादव को इस मामले में राहत मिलेगी या फिर कोई सख्त निर्णय आएगा, यह जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल, राजपाल यादव ने कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की बात कही है और जो भी निर्देश मिलेगा, उसका पूरी तरह पालन करने का आश्वासन दिया है।


