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  • जमशेदपुर अपराध समाचार: बिरसानगर में महिला से चेन लूट, बदमाश अभी तक फरार; पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    जमशेदपुर अपराध समाचार: बिरसानगर में महिला से चेन लूट, बदमाश अभी तक फरार; पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    जमशेदपुर में महिला से चेन छिनतई की घटना

    झारखंड के जमशेदपुर जिले के बिरसानगर क्षेत्र में एक महिला से चेन छिनने की घटना सामने आई है। स्थानीय निवासी रजनी उपाध्याय, जो शिव मंदिर के पास रहती हैं, पर यह हमला हुआ। बदमाशों ने रजनी के गले से सोने की चेन छीन ली, जिसके बाद वह तुरंत मदद की तलाश में दौड़ीं।

    घटना का विवरण

    घटना की जानकारी के अनुसार, रजनी उपाध्याय अपने घर के पास थीं जब दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला किया। यह घटना उस समय हुई जब वह घर से बाहर थीं। चेन छिनने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए, जिससे रजनी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    स्थानीय पुलिस की कार्रवाई

    इस घटना के बाद, स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने का निर्णय लिया है ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत हैं।

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    बिरसानगर क्षेत्र के निवासी इस घटना से भयभीत हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वे क्षेत्र में गश्त बढ़ाएं ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    निष्कर्ष

    यह घटना झारखंड के जमशेदपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। स्थानीय प्रशासन को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

  • सैटेलाइट चित्रों से NCB का बड़ा खुलासा: चतरा-खूंटी सहित कई क्षेत्रों में अफीम की खेती।

    सैटेलाइट चित्रों से NCB का बड़ा खुलासा: चतरा-खूंटी सहित कई क्षेत्रों में अफीम की खेती।

    झारखंड में अफीम खेती का मामला: एनसीबी की नई रिपोर्ट

    रांची: झारखंड में अफीम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बावजूद तस्करों की गतिविधियाँ फिर से बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में प्राप्त सैटेलाइट चित्रों से यह स्पष्ट हुआ है कि कई जिलों में अफीम की फसल न केवल सुरक्षित है, बल्कि अब यह तैयार भी हो रही है। यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा दी गई है, जिसने इस मामले की रिपोर्ट राज्य के संबंधित एजेंसियों को भेजी है।

    एनसीबी का सीआईडी को अलर्ट

    एनसीबी ने झारखंड सीआईडी को पत्र भेजकर सैटेलाइट चित्रों के आधार पर तात्कालिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इन चित्रों में उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहाँ अवैध रूप से अफीम की खेती हो रही है। अब इन स्थानों का ग्राउंड वेरिफिकेशन करके फसल को नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सैटेलाइट इमेज का खुलासा

    एनसीबी के पत्र में उल्लेख किया गया है कि ये सैटेलाइट चित्र नई दिल्ली में स्थित सहायक निदेशक के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं। इन्हें जिप फाइल के रूप में तैयार कर ईमेल के जरिए झारखंड भेजा गया है। अक्षांश और देशांतर के आधार पर इन स्थानों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अफीम की खेती के प्रमुख जिले

    सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, झारखंड के कई जिलों में अफीम की खेती का कार्य जारी है। चतरा जिले से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, जहाँ 10 विभिन्न स्थानों पर खेती के संकेत मिले हैं। इसके अतिरिक्त, खूंटी में 4, हजारीबाग में 3, लातेहार और वेस्ट सिंहभूम में 2-2 स्थानों पर अफीम की खेती पाई गई है। रांची और पतरातू में भी 1-1 स्थान पर इस प्रकार की गतिविधियों के संकेत मिले हैं। यह दर्शाता है कि राज्य में अफीम का तंत्र अभी भी सक्रिय है।

    जमीनी स्थिति और सख्ती

    सरकार और प्रशासन की ओर से अफीम उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सैटेलाइट इमेज से यह स्पष्ट हो गया है कि परिस्थितियाँ अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। तस्कर नए तरीकों का उपयोग करके खेती को बचाने में सफल हो रहे हैं।

    जल्द होने वाली कार्रवाई

    एनसीबी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि चिन्हित स्थानों का शीघ्र सत्यापन कर अवैध फसल को नष्ट किया जाए। इसके साथ ही, इस कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट एनसीबी को भेजने के लिए भी कहा गया है।

  • रांची अपराध समाचार: डार्क वेब से एलएसडी मंगाने पर आरोपियों ने रिमांड में किया बड़ा खुलासा

    रांची अपराध समाचार: डार्क वेब से एलएसडी मंगाने पर आरोपियों ने रिमांड में किया बड़ा खुलासा

    रांची में नशे के कारोबार का बड़ा खुलासा

    झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने डार्क वेब के माध्यम से एलएसडी (लिसर्जिक एसिड डाइएथाइलामाइड) की खरीद-फरोख्त करने के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तारी की जानकारी

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने रिमांड के दौरान इस बात का खुलासा किया कि वे नशीले पदार्थों को विदेश से मंगवाते थे। यह जानकारी न केवल रांची बल्कि पूरे राज्य में नशे के व्यापार को लेकर एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त की हैं, जो इस अवैध कारोबार के नेटवर्क को उजागर करने में मदद कर रही हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने डार्क वेब का इस्तेमाल कर नशे के पदार्थों की आपूर्ति की थी, जो कि एक संगठित अपराध का हिस्सा है।

    समाज पर प्रभाव

    इस तरह के मामलों से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पुलिस का यह प्रयास न केवल नशीले पदार्थों के कारोबार को नियंत्रित करने में सहायक है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को इस प्रकार के नशे से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • जमशेदपुर समाचार: महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट बंद होने से करोड़ों फंड पर विवाद, खर्च का पता लगाएं।

    जमशेदपुर समाचार: महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट बंद होने से करोड़ों फंड पर विवाद, खर्च का पता लगाएं।

    जामशेदपुर में महाविद्यालयों के इंटरमीडिएट बंद होने से फंड पर विवाद

    झारखंड के जामशेदपुर में अंगीभूत महाविद्यालयों के इंटरमीडिएट सेक्शन के बंद होने के बाद करोड़ों रुपये के फंड को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है। यह फंड उन छात्रों के लिए था, जो अब इस स्तर पर शिक्षा प्राप्त नहीं कर रहे हैं। महाविद्यालयों के प्रबंधन और राज्य सरकार के बीच इस फंड के उपयोग को लेकर मतभेद सामने आए हैं।

    महाविद्यालयों का निर्णय और इसके प्रभाव

    राज्य सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया कि कुछ महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट सेक्शन को बंद किया जाए। इसके परिणामस्वरूप, इन संस्थानों में जमा धनराशि का उपयोग कैसे किया जाएगा, इस पर सवाल उठने लगे हैं। महाविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि फंड का उपयोग छात्रों के विकास और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों पर होना चाहिए, जबकि कुछ अन्य पक्षों का मानना है कि इसे अन्य आवश्यकताओं में लगाया जाना चाहिए।

    छात्रों और अभिभावकों की चिंताएँ

    इस स्थिति से छात्रों और उनके अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है। कई अभिभावक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि धन का उचित उपयोग नहीं होने पर उनकी शिक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। कुछ छात्रों का कहना है कि उन्हें इस फंड से मिलने वाली सहायता की आवश्यकता थी, जो अब बंद हो गई है।

    सरकारी प्रतिक्रिया

    सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। वे यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं कि फंड का उपयोग सही तरीके से किया जाए। इसके अलावा, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस विवाद का समाधान किया जाएगा, ताकि छात्रों के हितों को सुरक्षित रखा जा सके।

  • झारखंड मौसम: मार्च में मौसम में बदलाव, कई जिलों में ठंड और येलो अलर्ट जारी

    झारखंड मौसम: मार्च में मौसम में बदलाव, कई जिलों में ठंड और येलो अलर्ट जारी

    रांची : मार्च का महीना अक्सर गर्मी के आगमन का प्रतीक होता है, लेकिन इस बार झारखंड में मौसम ने अप्रत्याशित बदलाव दिखाया है। जहां गर्मी का एहसास होना चाहिए था, वहीं ठंडी हवाएं, बारिश और ओलों ने सर्दियों जैसी स्थिति पैदा कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी कई जिलों में बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं।

    राजधानी रांची से लेकर लातेहार तक तापमान में गिरावट ने नागरिकों को चौंका दिया है। कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। इस परिवर्तन ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी संकट खड़ा कर दिया है।

    कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान

    मौसम के असामान्य मिजाज का सबसे अधिक प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। कोडरमा, गुमला, पलामू, गिरिडीह, गोड्डा और दुमका जैसे जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो गया है, जबकि ओलावृष्टि ने खड़ी और कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचाया है। विशेष रूप से दलहन और तिलहन की फसलें, जो कटाई के बाद खेतों में पड़ी थीं, खराब होने के कगार पर पहुंच गई हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है, और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    बारिश और ओलावृष्टि

    पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी देखी गई, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणाली की सक्रियता के कारण हुआ है। ठंडी हवाओं और बादलों के छाए रहने से दिन के तापमान में सामान्य से कमी आई है, जिससे लोगों को मार्च में ही सर्दी का अनुभव हो रहा है।

    जल्द मिल सकती है राहत

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह मौसम प्रणाली अब धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। आने वाले दिनों में आसमान साफ होने की संभावना है, जिससे तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही लोगों को ठंड और बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

  • रांची अपराध समाचार: पुंदाग में पेट्रोल पंप पर लूट, 59,500 रुपये हथियार के बल पर चुराए

    रांची अपराध समाचार: पुंदाग में पेट्रोल पंप पर लूट, 59,500 रुपये हथियार के बल पर चुराए

    रांची में पेट्रोल पंप लूट की बड़ी घटना

    रांची के पुंदाग क्षेत्र में अपराधियों ने एक पेट्रोल पंप को निशाना बनाते हुए लूट की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया। बाइक सवार बदमाशों ने पंप कर्मियों को हथियार दिखाकर 59 हजार 500 रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

    पुलिस की तत्परता और जांच

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और जांच कार्य शुरू कर दिया। पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया है। साथ ही, पेट्रोल पंप में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली है कि पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

  • सरहुल में राजधानी रांची का झूमना, पाहन की भविष्यवाणी से बारिश की उम्मीद में वृद्धि

    सरहुल में राजधानी रांची का झूमना, पाहन की भविष्यवाणी से बारिश की उम्मीद में वृद्धि

    झारखंड में सरहुल पर्व का धूमधाम

    रांची: झारखंड के प्रमुख प्राकृतिक उत्सव सरहुल के अवसर पर राजधानी रांची पूरी तरह से उत्सव के रंगों में रंगी नजर आई। चारों ओर पारंपरिक वेशभूषा, मांदर की थाप और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह मानव और प्रकृति के बीच के गहरे संबंधों की पहचान है।

    हातमा सरना स्थल पर विशेष पूजा

    सरहुल शोभा यात्रा की शुरुआत हातमा (सरना टोली) स्थित सरना स्थल से हुई, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा की गई। मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने सरई (सखुआ) के पेड़ों के नीचे देवी-देवताओं का आह्वान किया। इस दौरान विभिन्न देवताओं को विशेष अर्पण किए गए, जिसमें इष्ट देवता के लिए सफेद मुर्गा, ग्राम देवता के लिए रंगवा मुर्गा, जल देवता के लिए लाल मुर्गा, पूर्वजों की स्मृति में रंगीली मुर्गा और बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए काली मुर्गी चढ़ाई गई। इसके साथ ही, चावल से बनी हड़िया (तपान) अर्पित कर सुख-शांति और संतुलन बनाए रखने की प्रार्थना की गई।

    पाहन की भविष्यवाणी: फसल की लहराने की खुशी

    सरहुल पर्व पर सबसे महत्वपूर्ण पहलू पाहन की भविष्यवाणी होती है। इस वर्ष भी जगलाल पाहन ने किसानों के लिए अच्छी खबर दी। उन्होंने बताया कि पूजा में रखे गए घड़े का पानी पूरी तरह भरा हुआ पाया गया है। उनका मानना है कि यह संकेत है कि इस वर्ष अच्छी बारिश होगी, जिससे खेतों में धान की फसल लहलहाएगी और किसानों के भंडार भरे रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश शुभ दिशा से होगी, जो पूरे वर्ष के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।

    पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की उपस्थिति

    इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी सरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सरना मां से राज्य की खुशहाली और लोगों की समृद्धि की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की पहचान उसकी संस्कृति से है और इसे हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

    खिचड़ी प्रसाद और पारंपरिक नृत्य का आयोजन

    पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी का महाप्रसाद बांटा गया। इसके बाद सरना टोली से शोभा यात्रा निकली, जिसमें लोग मांदर, नगाड़ा और ढाक की थाप पर नाचते नजर आए। पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। पूरे माहौल में उत्साह, आस्था और अपनापन साफ झलक रहा था।

    सरहुल: प्रकृति से जुड़ने का पर्व

    सरहुल केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि मानव और प्रकृति का रिश्ता कितना गहरा है। पेड़-पौधों, जल और धरती के प्रति सम्मान जताने वाला यह पर्व झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।

  • झारखंड राजनीतिक समाचार: बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, बुलेट प्रूफ वाहनों के उपयोग पर रखी बड़ी बात

    झारखंड राजनीतिक समाचार: बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, बुलेट प्रूफ वाहनों के उपयोग पर रखी बड़ी बात

    बाबूलाल मरांडी का मुख्यमंत्री को पत्र: बुलेट प्रूफ वाहनों के उपयोग पर उठाए सवाल

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने वर्तमान मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बुलेट प्रूफ वाहनों के दुरुपयोग के मुद्दे को उठाया है। मरांडी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि इन वाहनों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा के उद्देश्य पर सवाल खड़े होते हैं।

    पुराने वाहनों की स्थिति पर चिंता

    पत्र में, मरांडी ने पुराने बुलेट प्रूफ वाहनों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इन वाहनों की देखभाल और रखरखाव की कमी के कारण उनकी सुरक्षा क्षमता में कमी आ सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि सरकार इन वाहनों का सही तरीके से उपयोग नहीं कर रही है, तो यह न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का भी मामला है।

    सरकारी नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता

    बाबूलाल मरांडी का यह पत्र झारखंड की राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि बुलेट प्रूफ वाहनों के उपयोग की नीतियों की समीक्षा की जाए। उनका मानना है कि सुरक्षा के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन होना चाहिए, ताकि जनहित में सही निर्णय लिए जा सकें।

  • झारखंड जेट परीक्षा: जेपीएससी ने परीक्षा तिथि में बदलाव किया, सेंटर चयन के लिए लिंक 24 से खुलेगा।

    झारखंड जेट परीक्षा: जेपीएससी ने परीक्षा तिथि में बदलाव किया, सेंटर चयन के लिए लिंक 24 से खुलेगा।

    रांची । झारखंड में सहायक प्राध्यापक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) की तिथि में बदलाव किया गया है। अब यह परीक्षा 29 मार्च के बजाय 26 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। इस संबंध में झारखंड लोक सेवा आयोग ने आधिकारिक रूप से जानकारी दी है।

    पहले 29 मार्च को परीक्षा आयोजित करने की योजना थी, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। नई तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

    परीक्षा केंद्र के स्थान

    यह परीक्षा राज्य के विभिन्न प्रमुख शहरों में आयोजित की जाएगी, जिनमें रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, देवघर और हजारीबाग शामिल हैं। अभ्यर्थियों को इन छह शहरों में से अपनी पसंद के अनुसार तीन शहरों का चयन करना होगा और इसे प्राथमिकता क्रम में भरना आवश्यक है।

    परीक्षा केंद्र के लिए चयनित शहरों में परिवर्तन करने का अवसर भी दिया गया है। इसके लिए आयोग की वेबसाइट पर 24 मार्च से 30 मार्च शाम 5 बजे तक लिंक सक्रिय रहेगा, जिससे अभ्यर्थी अपने चुने गए शहरों में संशोधन कर सकेंगे। हालांकि, आवेदन पत्र में अन्य प्रकार के बदलाव की अनुमति नहीं होगी।

    आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जल्द ही जारी की जाएंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें। इस बदलाव के कारण अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को और बेहतर करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

  • रांची समाचार: खलारी में गैस संकट बढ़ा, होटल-रेस्तरां ठंडे, अधिक वसूली पर जनाक्रोश।

    रांची समाचार: खलारी में गैस संकट बढ़ा, होटल-रेस्तरां ठंडे, अधिक वसूली पर जनाक्रोश।

    खलारी में एलपीजी गैस संकट का सामना

    झारखंड के खलारी क्षेत्र में एलपीजी गैस की गंभीर कमी हो गई है, जिसके कारण होटल और रेस्टोरेंट के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। स्थानीय व्यवसायियों ने इस स्थिति के चलते चिंताओं का इजहार किया है, क्योंकि लगातार बढ़ती मांग के बावजूद गैस की आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

    व्यवसायियों की परेशानियाँ

    रेस्टोरेंट और होटल संचालक मिलकर इस संकट के बारे में अपनी असहमति व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि गैस की किल्लत के कारण ग्राहकों की संख्या में कमी आई है और इससे उनकी आमदनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा, अधिक वसूली की समस्या भी बढ़ गई है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है।

    स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    इस संकट के चलते खलारी के निवासी भी परेशान हैं। कई लोगों ने बताया कि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए गैस के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने सरकार से इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।

    सरकारी आंकड़े और उपाय

    सरकारी अधिकारियों ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और मामले की जाँच के लिए उपाय किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक स्थिति में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोगों का मानना है कि शीघ्र ही उचित प्रबंधन का अभाव इस समस्या को बढ़ा सकता है।

  • झारखंड विधानसभा में ‘टाइगर’ का हमला, भाजपा की योजना हुई कमजोर

    झारखंड विधानसभा में ‘टाइगर’ का हमला, भाजपा की योजना हुई कमजोर

    रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र ने इस बार राजनीतिक गतिविधियों में नयापन दिखाया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के एकमात्र विधायक जयराम महतो, जिन्हें ‘टाइगर’ के नाम से जाना जाता है, सदन में व्यापक ध्यान आकर्षित करने में सफल रहे। उनके एकल होने के बावजूद, उन्होंने सात कटौती प्रस्ताव पेश कर सरकार को घेरे में लिया और विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए।

    सात कटौती प्रस्ताव से सरकार पर दबाव

    बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तुत बजट पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान, जयराम महतो ने बहुतेरे कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिनमें से छह पर उन्होंने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार की नीतियों, योजनाओं और व्यय पर गंभीर सवाल उठाए।

    15-15 मिनट के समय का पूरा इस्तेमाल

    नियमों के अनुसार, हर कटौती प्रस्ताव पर 15 मिनट का समय निर्धारित है। जयराम महतो ने इस समय का कुशलता से उपयोग करते हुए अपनी बात रखी। उनके भाषणों में सरकार की कार्यशैली पर सीधा हमला और जनहित से जुड़े मुद्दों की दमदार पैरवी देखने को मिली।

    भाजपा की भूमिका पर उठे सवाल

    इस सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि 21 विधायकों वाली भाजपा कटौती प्रस्ताव और बहस में सक्रिय नहीं नजर आई। यहां तक कि राज्यपाल के अभिभाषण पर भी पार्टी की ओर से कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं प्रस्तुत किया गया, जिससे विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

    पार्टी के अंदर भी असंतोष

    सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने विधायकों की निष्क्रियता पर असंतोष का इजहार किया है। वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि सदन के भीतर विपक्ष को और अधिक आक्रामक होना चाहिए। इसे पार्टी के भीतर आत्ममंथन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    सिर्फ सरकार ही नहीं, विपक्ष पर भी हमला

    जयराम महतो ने अपने भाषणों में सरकार के साथ-साथ विपक्ष की चुप्पी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने यह कहा कि एक सशक्त विपक्ष लोकतंत्र के लिए आवश्यक है, लेकिन यहां विपक्ष अपनी जिम्मेदारी को निभाने में विफल दिखाई दे रहा है।

    अकेले विधायक, लेकिन असर बड़ा

    हालांकि वे सदन में अकेले विधायक हैं, उनकी सक्रियता ने उन्हें चर्चा का केंद्र बना दिया है। बड़ी राजनीतिक पार्टियों के लिए यह संदेश हैं कि संख्या की ताकत के साथ-साथ सदन में सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

    राजनीतिक संकेत साफ

    इस घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीति में स्पष्ट संकेत दिया है कि विधानसभा में प्रभावी आवाज और तैयारी ही असली ताकत होती है। जयराम महतो की सक्रियता ने उन्हें सुर्खियों में तो ला दिया, साथ ही भाजपा के लिए यह स्थिति आत्म-विश्लेषण का विषय बनी है।

  • डीजे प्रतिबंध पर विरोध: झारखंड विधानसभा में जय श्रीराम के नारे, मंत्री के बयान ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

    डीजे प्रतिबंध पर विरोध: झारखंड विधानसभा में जय श्रीराम के नारे, मंत्री के बयान ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

    झारखंड विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन

    झारखंड विधानसभा में हाल ही में “जय श्रीराम” के नारों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम घटित हुआ। डीजे पर प्रतिबंध के खिलाफ भाजपा और आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन राज्य की राजधानी रांची में स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित किया गया।

    मंत्री की प्रतिक्रिया

    इस प्रदर्शन से संबंधित, राज्य के मंत्री ने आगाह किया कि डीजे के उपयोग पर रोक लगाने के पीछे शांति व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विरोध प्रदर्शन जारी रहता है, तो संबंधित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस बयान ने स्थिति को और गरम कर दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल में हलचल देखने को मिली है।

    प्रदर्शनकारियों की मांगें

    प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाई और डीजे पर प्रतिबंध को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उनका कहना था कि धार्मिक और सांस्कृतिक समारोहों में डीजे का उपयोग एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    राज्य की राजनीतिक स्थितियाँ

    इस विवाद ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है। भाजपा और आजसू ने इसे अपने समर्थन में एक अवसर के रूप में देखा है, जबकि सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है। इसके चलते, राजनीतिक टीकाकारों के बीच इस मुद्दे पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

  • जमशेदपुर: परसूड़ीह में लोग कार रोककर आरोपी को पकड़े, 12 बकरियां बरामद।

    जमशेदपुर: परसूड़ीह में लोग कार रोककर आरोपी को पकड़े, 12 बकरियां बरामद।

    जमशेदपुर में बकरी चोरी का मामला: स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर 12 बकरियां बरामद कीं

    जमशेदपुर के परसूडीह इलाके में हाल ही में बकरी चोरी की एक घटना का खुलासा हुआ है। इस मामले में स्थानीय निवासियों ने सजगता दिखाते हुए चोर को पकड़ लिया और उसके पास से कुल 12 बकरियां बरामद कीं। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    घटना का विवरण

    स्थानीय लोगों ने देखा कि एक संदिग्ध कार में कुछ बकरियों को ले जाया जा रहा है। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए कार को रोक लिया और आरोपी को पकड़ लिया। इस प्रयास से चोरी की गई बकरियों को सुरक्षित रूप से वापस लाया गया।

    पुलिस जांच शुरू

    इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बारे में और जानकारी इकट्ठा की जा रही है, ताकि उसके अन्य संभावित साथी और चोरी की घटना की पूरी सच्चाई का पता लगाया जा सके। पुलिस का ध्यान इस बात पर भी है कि किस तरह से चोर ने इतना बड़ा मवेशी चोरी किया।

    स्थानीय प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद से क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। निवासी अब अधिक सतर्क रहने का निर्णय ले रहे हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके।

  • झारखंड मौसम अपडेट: तीन दिन तक बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने का अलर्ट, IMD की चेतावनी जानें।

    झारखंड मौसम अपडेट: तीन दिन तक बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने का अलर्ट, IMD की चेतावनी जानें।

    झारखंड मौसम अपडेट: बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने का अलर्ट

    राज्य में आगामी तीन दिनों के दौरान मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने 18 से 22 मार्च तक झारखंड में **बरसात, तेज हवाएं** (40-50 किमी प्रति घंटे) और बिजली गिरने का चेतावनी जारी की है। यह मौसम परिवर्तन किसानों और अन्य नागरिकों के लिए चिंताजनक हो सकता है।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    मौसम विभाग ने बताया है कि बारिश के साथ-साथ आंधी के कारण वातावरण में गिरावट आएगी। इस दौरान, राज्य के विभिन्न हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें और आवश्यक सुरक्षा उपाय करें।

    किसानों के लिए सलाह

    यह मौसम परिवर्तन किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, विशेषकर उन फसलों के लिए जो पानी के प्रति संवेदनशील हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करें और मौसम के अनुसार योजना बनाएं।

    सामान्य जन जीवन पर प्रभाव

    अगर बारिश होती है, तो यह परिवहन और सामान्य जन जीवन को प्रभावित कर सकती है। लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए तैयार रहें और बिलकुल भी लापरवाही न करें। सभी को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति पर ध्यान दें और आवश्यक कदम उठाएं।

  • झारखंड मौसम अपडेट: 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी।

    झारखंड मौसम अपडेट: 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट, कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी।

    झारखंड में मौसम अपडेट: 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं का अलर्ट

    हाल ही में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने झारखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही, बारिश और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है।

    तापमान की स्थिति

    झारखंड के डाल्टनगंज में पिछले कुछ दिनों में तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो कि मौसमी बदलाव को दर्शाता है। ऐसे में स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, विशेष रूप से जब मौसम में अचानक परिवर्तन हो रहा हो।

    अलर्ट के प्रभाव

    यह अलर्ट विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए है जहाँ मौसम में अस्थिरता देखी जा रही है। सरकार और मौसम विशेषज्ञों ने नागरिकों से सावधानी बरतने और आवश्यक तैयारी करने की सलाह दी है। तेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने और अन्य हादसों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

    आवश्यक सुझाव

    स्थानीय प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें। इसके अलावा, बारिश और वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए।

  • रांची में जूनियर डॉक्टरों ने झारखंड में राज्यव्यापी विरोध और अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी।

    रांची में जूनियर डॉक्टरों ने झारखंड में राज्यव्यापी विरोध और अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी।

    झारखंड में जूनियर डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

    झारखंड में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की अनदेखी के खिलाफ जूनियर डॉक्टरों ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग को लेकर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। अगर उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो ये डॉक्टर 6 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं।

    हड़ताल की मांगों के मुख्य बिंदु

    जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड का बढ़ना और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करना शामिल है। उनका कहना है कि वर्तमान स्टाइपेंड मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाले डॉक्टरों के श्रम और समर्पण के अनुरूप नहीं है।

    प्रदर्शन की तैयारी

    डॉक्टरों ने इस प्रदर्शन के लिए व्यापक तैयारी की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में विरोध रैलियाँ निकाली जाएंगी। इसी क्रम में, वे सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील कर रहे हैं। उनका लक्ष्य यह है कि उनकी आवाज को सुना जाए और मांगों को प्राथमिकता दी जाए।

    स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव

    इस अनिश्चितकालीन हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे मरीजों को प्रभावित होना पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हड़ताल रोकने के लिए सरकार को शीघ्र संवाद स्थापित करना चाहिए।

    जनता की प्रतिक्रिया

    जूनियर डॉक्टरों के इस कदम पर जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ लोग उनकी मांगों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य इस स्थिति को स्वास्थ्य सेवा में बाधा मानते हैं। सभी की नजर अब इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देती है।

  • युद्ध के हालात में झारखंड पुलिस सतर्क, जमाखोरी पर कड़ी निगरानी और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई।

    युद्ध के हालात में झारखंड पुलिस सतर्क, जमाखोरी पर कड़ी निगरानी और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई।

    रांची: विभिन्न देशों में चल रहे संघर्ष की स्थिति को देखते हुए झारखंड सरकार ने प्रशासन को सावधानी बरतने की सलाह दी है। झारखंड पुलिस ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए निर्देशित किया है। यह आदेश रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी के साथ-साथ राज्य के अन्य एसपी (रेल पुलिस सहित) को भेजा गया है। यह निर्देश झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किया गया है।

    पेट्रोल, डीजल और LPG की कमी को लेकर सतर्कता

    पुलिस मुख्यालय ने बताया है कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल और LPG गैस की कमी के बारे में दहशत फैलने की संभावना है। ऐसी स्थिति में जमाखोरी, कालाबाजारी या अफवाहों के फैलने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए, राज्यभर की पुलिस को पहले से सावधान रहने और हर स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

    जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई

    पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे पेट्रोल, डीजल और LPG गैस की अनावश्यक जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर रखें। किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा ऐसा पाया जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पेट्रोल पंपों और गोदामों की सुरक्षा बढ़ी

    प्रशासन ने पेट्रोलियम उत्पादों के रिटेलर, डिस्ट्रीब्यूटर और वैध गोदामों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इन स्थलों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी को भी मजबूत करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    पेट्रोलियम पदार्थों के परिवहन पर ध्यान

    पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वे पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन पर विशेष ध्यान दें। अवैध तरीके से स्टॉक जमा करने या परिवहन में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

    अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

    पुलिस सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलने वाली अफवाहों पर निगरानी रखेगी। अगर कोई व्यक्ति पेट्रोल, डीज़ल या गैस संबंधी भ्रामक जानकारी फैलाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जिला स्तर पर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ मिलकर फेक न्यूज के प्रसार पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

    जरूरत पड़ने पर धारा 163 के तहत कार्रवाई

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यकता पड़ने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुभाग 163 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त, विधि-व्यवस्था संबंधी समस्याओं की जानकारी थाना स्तर से दैनिक रिपोर्ट के माध्यम से डीजी कंट्रोल को भेजने के लिए कहा गया है.

    जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखेगी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जिला स्तर पर डीसी और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए स्थिति पर नज़र रखें और कानून-व्यवस्था को बनाए रखें।

  • जामताड़ा समाचार: छात्रा की तबीयत खराब, प्रबंधन ने स्वजनों को बाहर रखा, ANNUAL फंक्शन जारी रहा, मौत हो गई।

    जामताड़ा समाचार: छात्रा की तबीयत खराब, प्रबंधन ने स्वजनों को बाहर रखा, ANNUAL फंक्शन जारी रहा, मौत हो गई।

    झारखंड के जामताड़ा में छात्रा की असामयिक मृत्यु

    जामताड़ा जिले के नारायणपुर स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में एक छात्रा की तबियत शनिवार को बिगड़ गई। सूचना के अनुसार, छात्रा की हालत बिगड़ने पर प्रबंधन ने उसके स्वजनों को बुलाने के बाद उन्हें विद्यालय के बाहर ही बैठाए रखा, जबकि विद्यालय में एनुअल फंक्शन चलता रहा। इससे छात्रा की तबियत और बिगड़ गई और अंततः उसकी मृत्यु हो गई।

    घटना का विवरण

    प्रबंधन द्वारा छात्रा की स्थिति को गंभीरता से न लेते हुए, स्वजनों को बाहर बिठाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान, फंक्शन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे छात्रा को समय पर आवश्यक चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। इस घटना ने विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया है, जिससे क्षेत्रीय लोगों में काफी रोष व्याप्त है।

    स्थानीय प्रतिक्रिया

    विद्यार्थियों और अभिभावकों ने इस घटना के खिलाफ जोरदार विरोध जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाहियाँ सख्त कार्रवाई की मांग करती हैं। मामले की उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

    प्रबंधन की प्रतिक्रिया

    इस घटना पर विद्यालय प्रबंधन ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन इस स्थिति को गंभीरता से ले रहा है और जांच के लिए एक समिति का गठन करने की संभावना है।

  • रांची: न्यू इनकम टैक्स एक्ट पर सेमिनार, जटिलताएं समाप्त की गईं।

    रांची: न्यू इनकम टैक्स एक्ट पर सेमिनार, जटिलताएं समाप्त की गईं।

    रांची में न्यू इनकम टैक्स एक्ट पर सेमिनार का आयोजन

    रांची: झारखंड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन एवं फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सहयोग से शुक्रवार को रांची में न्यू इनकम टैक्स एक्ट पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, सचिव रोहित अग्रवाल, और आयकर झारखंड के चीफ कमिश्नर राजेश कुमार झा उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में जाने-माने चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश मेहता ने अपने विचार रखे।

    इनकम टैक्स में बदलाव की जानकारी

    सेमिनार के दौरान, राजेश मेहता ने इनकम टैक्स कानून की जटिलताओं को कम करने के लिए नए एक्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भारत और वैश्विक स्तर पर जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए यह आवश्यक है कि इनकम टैक्स कानून सरल हो। इससे विदेशी निवेशक आसानी से ट्रेड एग्रीमेंट कर सकेंगे। सरल कानून इनकम टैक्स से जुड़े डेटा को भी आकर्षित करता है, जो कि किसी भी व्यवसाय के लिए फायदेमंद है।

    बदलाव की जानकारी स्टेक होल्डर्स तक पहुंचाने का प्रयास

    फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों की जानकारी सभी स्टेक होल्डर्स तक पहुंचाने के लिए चैंबर की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुराने कानून के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं में परिवर्तन हुआ है, जिससे सभी को अवगत रहना जरूरी है।

  • HEC की ज़मीन पर अवैध कब्जा, निगम की चेतावनी- कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    HEC की ज़मीन पर अवैध कब्जा, निगम की चेतावनी- कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    रांची: HEC की जमीन पर अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा

    हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC) के आवासीय परिसर में अवैध कब्जे की समस्या बढ़ती जा रही है। HEC प्रबंधन इस स्थिति का सामना करने में त्रस्त दिखाई दे रहा है। जमीन की निगरानी और अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रबंधन के पास न तो कोई ठोस योजना है और न ही आवश्यक संसाधन, जिसके कारण कई क्षेत्रों में तेजी से अवैध निर्माण हो रहे हैं।

    नगर निगम की कार्यवाही

    रांची नगर निगम ने हाल ही में कार्रवाई शुरू की है, जिसके तहत पुरानी विधानसभा के सामने मुख्य सड़क के दोनों ओर बने कई अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया। इसके साथ ही, बाईपास सड़क के किनारे HEC की जमीन पर बने अवैध निर्माण को भी निगम ने हटाया है। नगर निगम ने यह स्पष्ट किया है कि इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।

    HEC प्रबंधन की चुनौतियाँ

    हालांकि HEC प्रबंधन के पास सुरक्षा कर्मियों की एक टीम है, लेकिन जमीन की निगरानी और प्रभावी कार्रवाई करना उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है। प्रबंधन ने आवासीय परिसर के निरीक्षण के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी का जिक्र किया है, यहां तक कि गाड़ियों में तेल भराने के लिए भी पैसे की तंगी महसूस की जा रही है।

    अवैध निर्माण की स्थिति

    कंपनी की आर्थिक समस्याओं का लाभ उठाते हुए कब्जाधारी करोड़ों रुपये की ज़मीन पर अवैध निर्माण कर रहे हैं। नगर निगम ने परिसर के निवासियों को नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि कुछ व्यक्ति, फर्म और डेवलपर्स बिना अनुमति के अनधिकृत निर्माण कर रहे हैं। यह सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 के तहत अपराध माना जाता है।

    प्रशासन की चेतावनी

    नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि आगे भी अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कब्जाधारी प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद अपनी गतिविधियों को जारी रखते हैं, तो इनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की संभावना है।

  • धनबाद समाचार: ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग के लिए केंद्र सरकार ने 45 दिन का नया नियम लागू किया।

    धनबाद समाचार: ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग के लिए केंद्र सरकार ने 45 दिन का नया नियम लागू किया।

    धनबाद में नया LPG गैस बुकिंग नियम

    केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए नया दिशा-निर्देश लागू किया है। अब ग्रामीण उपभोक्ताओं को गैस बुक करने के लिए 45 दिन का समय मिलेगा। यह नियम इस साल की शुरुआत में लागू किया गया है और इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

    ग्रामीण उपभोक्ताओं पर प्रभाव

    इस नए नियम के तहत, उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत की गैस बुक करने में अधिक समय लेना पड़ सकता है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें प्रभावित हो सकती हैं। इससे विशेष रूप से उन लोगों को कठिनाई होगी जो जल्दी में गैस की आवश्यकता महसूस करते हैं।

    सरकारी उद्देश्य

    केंद्र सरकार का मानना है कि इस कदम से गैस की काला बाजारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और विभाजन को खत्म किया जा सकेगा। हालांकि, इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं को संदिग्धता का सामना करना पड़ सकता है।

    उपभोक्ताओं की राय

    स्थानीय उपभोक्ता संगठनों ने इस नए नियम पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह निर्णय ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को और अधिक जटिल बना देगा। उपभोक्ता चाहते हैं कि सरकार इस मामले में पुनः विचार करे।