रांची: रांची शहर में रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या और आम जन की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए, एसएसपी राकेश रंजन ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, ट्रैफिक डीएसपी, सभी थाना प्रभारी, और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल हुए।
जाम की पहचान: कहा-कहा होती है समस्या
बैठक की शुरुआत उन स्थानों पर चर्चा से हुई, जहां रोजाना जाम की समस्या देखी जाती है। अधिकारियों ने एसएसपी को बताया कि किन क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय सबसे अधिक ट्रैफिक होता है और इसके कारण क्या हैं। एसएसपी ने निर्देश दिया कि इन सभी स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि लोगों को घंटों तक जाम में फंसने से रोका जा सके।
ट्रैफिक पोस्ट की स्थापना: जरूरी स्थानों पर कार्रवाइयां
जिन क्षेत्रों में ट्रैफिक की बड़ी समस्या है, वहां अतिरिक्त ट्रैफिक पोस्ट बनाने का भी निर्णय लिया गया। इससे संबंधित पुलिस बल को मौके पर तैनात किया जाएगा, ताकि वे जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को नियंत्रित कर सकें। एसएसपी ने कहा कि आवश्यकतानुसार जवानों की ड्यूटी तुरंत लगाई जाए।
सिग्नल और डिवाइडर: सुधार की दिशा में कदम
बातचीत में यह भी तय किया गया कि कई चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल और डिवाइडर की कमी के कारण होने वाली अव्यवस्था को दूर किया जाएगा। जल्द ही आवश्यक स्थानों पर सिग्नल लाइट, डिवाइडर, और बोलार्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे न केवल वाहन चालकों को दिशा मिलेगी, बल्कि दुर्घटनाओं की संख्या में भी कमी आएगी।
पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे आधुनिक उपकरण
ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए पुलिस को नए उपकरण दिए जाएंगे, जिनमें वॉकी-टॉकी, बैरिकेडिंग, और अन्य आवश्यक संसाधन शामिल हैं। एसएसपी ने कहा कि बेहतर काम करने के लिए सही संसाधनों का होना जरूरी है, इसलिए इस दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएंगे।
रात में भी नजर आएगी ट्रैफिक पुलिस
रांची के प्रमुख चौक-चौराहों पर अब रात के समय भी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहेगी। इससे रात में होने वाली अव्यवस्था पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और तेज रफ्तार को रोकने में मदद मिलेगी। एसएसपी ने दिशा निर्देश दिए कि रात में भी लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा करनी चाहिए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई: अधिकारी मिले चेतावनी
बैठक के अंत में, एसएसपी राकेश रंजन ने सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रैफिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो फैसले इस बैठक में लिए गए हैं, उन्हें समय पर लागू करना अनिवार्य है और उनकी निरंतर निगरानी की जाएगी।
जनता से सहयोग की अपेक्षा
एसएसपी ने आम जनता से भी अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, गलत स्थान पर गाड़ी न लगाएं और पुलिस का सहयोग करें। उनका कहना है कि पुलिस और जनता मिलकर ही शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त बना सकते हैं।
रांची नगर निगम चुनाव में नया मोड़, भाजपा ने रोशनी खलखो को समर्थन दिया
रांची में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। भाजपा के मेयर उम्मीदवार सुनील फकीरा कच्छप और राजेन्द्र मुंडा ने शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से मिलने के बाद अपना नामांकन वापस लेने का फैसला किया।
महत्वपूर्ण निर्णय में संगठनात्मक हित शामिल
भाजपा में इस निर्णय को संगठनात्मक हित और पार्टी की रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इन दोनों उम्मीदवारों ने कहा कि यह कदम पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद उठाया गया है। इसके साथ ही, भाजपा ने मेयर पद के लिए रोशनी खलखो को आधिकारिक समर्थन दिया है।
इस समर्थन के बाद, मेयर चुनाव का मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुनील फकीरा कच्छप और राजेन्द्र मुंडा के चुनावी मैदान से हटने तथा रोशनी खलखो को भाजपा का समर्थन मिलने से चुनावी समीकरणों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
रोशनी खलखो की जीत की संभावनाएं
विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार रोशनी खलखो की जीत की राह अब और आसान हो सकती है। इस प्रकार के बदलाव से चुनावी परिदृश्य में नया हलचल उत्पन्न होने की संभावना है।
यह घटनाक्रम रांची नगर निगम चुनाव में भाजपा की रणनीति को दर्शाता है और इसके परिणाम चुनावी मैदान पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।
रांची में नगरपालिका निर्वाचन 2026 के लिए मेयर पद के नाम वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक समाप्त हो गई है। समाहरणालय के ब्लॉक-बी स्थित निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में कुल 8 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन को वापस लिया।
मेयर पद के लिए अब 11 उम्मीदवार मैदान में 🗳️
इस नाम वापसी के बाद मेयर पद के लिए अब केवल 11 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में बने हुए हैं। प्रशासन ने बताया है कि इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह 7 फरवरी 2026 को आवंटित किया जाएगा।
नाम वापस लेने वाले उम्मीदवार 📝
जिन उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस लिया है, उनमें अजीत लकड़ा, कथरीना तिर्की, बिरू तिर्की, राजेन्द्र मुंडा, रामशरण तिर्की, सुजीत कुमार कुजूर, सुनील फकीरा कच्छप, और संजय कुमार टोप्पो शामिल हैं।
अंतिम रूप से मैदान में रहने वाले उम्मीदवार 🎉
मेयर पद के लिए शेष 11 उम्मीदवारों में रमा खलखो, देवी दयाल मुंडा, सोनू खलखो, सुजाता कच्छप, विनोद कुमार बड़ाईक, प्रवीण कच्छप, सुमन कांत तिग्गा, किरण कुमारी, सुरेंद्र लिंडा, रौशनी खलखो और सुजीत बिजय आनंद कुजूर का नाम शामिल है।
चुनाव चिन्ह का वितरण 7 फरवरी को 📅
जिला जनसंपर्क कार्यालय ने सूचित किया है कि सभी उम्मीदवारों को 7 फरवरी 2026 को चुनाव चिन्ह दिए जाएंगे। इसके बाद चुनाव प्रचार की गतिविधियां तेज हो जाएँगी।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव की तैयारी 🕊️
प्रशासन ने कहा है कि नगर निगम चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की सख्त तैयारी की जा रही है। सभी प्रत्याशियों से अपील की गई है कि वे आदर्श आचार संहिता का पूर्णतः पालन करें।
रांची: नगर निकाय चुनाव का नामांकन चरण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सोमवार को कुल 1,280 अभ्यर्थियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इनमें 106 उम्मीदवार मेयर और अध्यक्ष पद के लिए तथा 1,174 वार्ड पार्षद पद के लिए शामिल हैं।
महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि 📈
महिलाओं की भागीदारी भी इस बार उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। सोमवार को मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 44 महिलाओं ने तथा वार्ड पार्षद पद के लिए 611 महिलाओं ने अपना पर्चा भरा। अब तक मेयर और अध्यक्ष पद के लिए कुल 56 और वार्ड पार्षद पद के लिए 683 महिलाएं नामांकित हो चुकी हैं। कुल मिलाकर मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 129 तथा वार्ड पार्षद पद के लिए 1,302 नामांकन हुए हैं।
नामांकन की अंतिम तिथि 4 फरवरी 🗓️
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, नामांकन की प्रक्रिया 4 फरवरी तक जारी रहेगी। इस दौरान मंगलवार और बुधवार को नामांकनों में और वृद्धि की संभावना है। नामांकनों की जांच 5 फरवरी को की जाएगी, और उम्मीदवार 6 फरवरी तक अपने नामांकन वापस ले सकेंगे। इसके बाद, 7 फरवरी को चुनाव चिह्नों का आवंटन होगा, जिससे चुनावी प्रचार में तेजी आएगी।
देवघर में भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा
देवघर नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा की रीता चौरसिया और बाबा बलियासे ने नामांकन दाखिल किया है, हालांकि पार्टी ने रीता चौरसिया को प्राथमिकता दी है। वहीं, गोड्डा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए झामुमो समर्थित राजेश मंडल सहित तीन उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है।
कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों की घोषणा
हालांकि यह चुनाव दलगत आधार पर नहीं हो रहा, फिर भी विभिन्न राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों को सामने ला रहे हैं। कांग्रेस ने मेयर पद के लिए लगभग आधा दर्जन उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। गढ़वा से पूर्व विधायक केएन त्रिपाठी की पुत्री नम्रता त्रिपाठी को पार्टी से समर्थन मिलने की संभावना है। जमशेदपुर से मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता का नाम भी लगभग तय है। इसके अलावा, बोकारो से उमेश गुप्ता, धनबाद से शमशेर आलम, और रांची से पूर्व मेयर रमा खलखो को कांग्रेस का समर्थन मिलने की संभावना है।
रांची। झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है। बजट ऐसा हो, जो इस युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को भी गति मिले। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और क्षेत्र को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सके।
बजटकीराशिमेंहोरहीहरवर्षवृद्धि, राजस्वबढ़ानेपरजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में भी हमें ठोस तरीके से कार्य करना होगा ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं हो।
बजटसेआमलोगोंकोभीजोड़नाहोगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों को भी जिम्मेदारी देनी होगी। इस दिशा में हमारी सरकार आम लोगों से लगातार सुझाव ले रही है। मेरा मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही हम एक संतुलित और विकास आधारित बजट इस राज्य का बना सकते हैं।
विदेशदौरेमेंमिलेअनुभवसेराज्यकोदेंगेनईदिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे से लौटा हूं। वहां काफी करीब से उनकी नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्य शैली तथा परंपरा- संस्कृति देखने – समझने का मौका मिला। विदेश दौरे में हमें जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उसके जरिए हम राज्य को नई दिशा देने देंगे का प्रयास करेंगे।
नईपीढ़ीनएतरीकेसेबढ़रहीहैआगे
मुख्यमंत्री ने कहा की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ये पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग रास्ते तलाश रही है। ऐसे में नई पीढ़ी की जरूरतों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप बजट को तैयार करना होगा ताकि उन्हें उन्हें हम बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। इसके लिए जरूरी है कि हम नवीनतम प्रयोग के साथ आगे बढ़ें।
संसाधनोंऔरक्षमताओंकीकोईकमीनहींहै
झारखंड में किसी भी क्षेत्र में संसाधन और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल – जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं। प्रचुर खनिज संपदा है। उद्यमी हैं। मानव संसाधन है। मेहनतकश श्रम बल है। किसान हैं। खिलाड़ी हैं। इसके साथ अनेकों और क्षेत्र हैं, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमें इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करना है ।
हरक्षेत्रमेंलक्ष्यकेसाथबढ़रहेहैंआगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में प्राकृतिक, औद्योगिक और आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है । ऐसे में अपने इन संसाधनों के बलबूते शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल, प्राकृतिक, औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में निरंतर नए प्रयोग हो रहे हैं। खेतों में पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं – सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल जंगल और जमीन के संरक्षण और सदुपयोग को लेकर मजबूत रूपरेखा के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक छोटा और पिछड़ा राज्य है। लेकिन, देश की अर्थव्यवस्था में यह राज्य अहम योगदान देता आ रहा है। ऐसे में अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की नई नीति, कार्ययोजना एवं बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उत्पादोंकावैल्यूएडिशनहो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से झारखंड समृद्ध राज्य है। यहां देश का सबसे ज्यादा लाह उत्पादन होता है। तसर उत्पादन में भी झारखंड काफी आगे हैं । ऐसे और भी अनेकों संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन करने की जरूरत है, ताकि इसका इस्तेमाल अपने राज्य के हिसाब से कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है । यहां की जनजातीय परंपरा काफी समृद्ध है। ऐसे में जनजातीय परंपराओं को आगे भी ले जाना है। इस दिशामे हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और सन्तुलित बजट को लेकर आम लोगों से विचार और सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी लगातार हुई और उनके सुझाव लिए गए। उनके द्वारा मिले बेहतर सुझावों को बजट में भी जगह देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
गांडीव ब्रेकिंग: गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र ने दिया झारखंड को तोहफा
रांची। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है. हमारे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिया जा रहा है।
भाजपा के कुछ नेताओं को भी सार्वजनिक जीवन में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पद्म सम्मान से नवाजा गया है. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन लेफ्ट पार्टी के बड़े नेता रहे हैं. जबकि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को भी उनकी सेवाओं के लिए यह सम्मान दिया गया है.
पद्म विभूषण
केरल के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन केटी थॉमस -केरल
पद्म भूषण उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को भी मरणोपरांत
पद्म भूषण दिल्ली के पूर्व सांसद और बीजेपी नेता वीके मल्होत्रा को भी मरणोपरांत पद्म भूषण वेल्लापल्ली नतेशन का भी केरल से यह सम्मान मिला है।
झारखंड और यूनाइटेड किंगडम के बीच लंदन में एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल संवाद आयोजित किया गया। इस बैठक में झारखंड के सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों के साथ-साथ यूके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और कौशल विकास संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और अपर मुख्य सचिव वंदना डाडेल ने की। इस संवाद का प्रमुख उद्देश्य था, झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें वैश्विक अवसरों से जोड़ना।
सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि यह संवाद झारखंड की अबुआ सरकार की योजना को मजबूती प्रदान कर रहा है, जिसमें शिक्षा, कौशल और स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
झारखंड में यूके की विश्वविद्यालयों का निमंत्रण 📚
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में, अबुआ सरकार युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड को एक भौगोलिक इकाई के अलावा वैश्विक शिक्षा और नवाचार का संभावित केंद्र साबित करने का प्रयास किया। उन्होंने यूके के विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को झारखंड में अपने शाखाएँ खोलने के लिए आमंत्रित किया।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की गतिविधियाँ मुख्यतः पश्चिमी भारत, दिल्ली एनसीआर, और दक्षिण भारत में केंद्रित हैं, जबकि पूर्वी और मध्य भारत अभी भी इससे अछूते हैं। ऐसे में, यह आवश्यक है कि इन विश्वविद्यालयों अपनी उपस्थिति पूर्वी भारत में, विशेषकर झारखंड में, दर्ज कराएं।
उच्च शिक्षा में तीन प्रमुख स्तंभों पर ध्यान 🔍
प्रतिनिधियों ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के तीन प्रमुख स्तंभों की चर्चा की: राज्य संकाय विकास अकादमी की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार अनिवार्य आठ सप्ताह की इंटर्नशिप, और राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। इस दौरान यह भी बताया गया कि झारखंड ने उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता के मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है, जहाँ यूके जाने वाली छात्राओं की संख्या अधिक है।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार 💡
बैठक में, अप्रेंटिसशिप, शिफ्ट-आधारित शिक्षा, उद्योग, संबद्ध डिग्री कार्यक्रमों और आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर भी चर्चा की गई। केयर इकोनॉमी, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, हरित कौशल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और खनन से संबंधित अनुसंधान को भी प्राथमिकता दी गई। यूके के भागीदारों ने झारखंड के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए ट्रांसनेशनल एजुकेशन, पाठ्यक्रम विकास और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की इच्छा व्यक्त की।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026: राँची में विशेष आयोजन 🎉
📍 राँची: 22 जनवरी 2026 को राँची समाहरणालय में राष्ट्रीय मतदाता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजक ने मतदाता प्रतिज्ञा पाठ का कार्यक्रम रखा, जिसमें स्थानीय अधिकारियों और आम जनों ने भाग लिया।
मतदाता जागरूकता का संदेश
इस समारोह में राँची के डीसी ने लोकतंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि मतदान एक अधिकार ही नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य भी है। समाज के हर नागरिक को अपने वोट का महत्व समझना चाहिए ताकि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका अदा कर सकें।
उत्कृष्ट कर्मियों का सम्मान 🏅
कार्यक्रम के दौरान कुछ विशेष व्यक्तित्वों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया गया जिन्होंने मतदान और लोकतंत्र के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भागीदारी की आवश्यकता
डीसी ने यह भी कहा कि जनता को अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने के लिए प्रेरित करना हमारे सामूहिक दायित्वों में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपने मताधिकार का उपयोग करते हैं, तो यह सही प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता है।
आगे की राह
समारोह के अंत में, सभी ने एकजुटता से “मतदाता प्रतिज्ञा” का पाठ किया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। इस आयोजन ने न केवल जागरूकता बढ़ाई, बल्कि नागरिकों के बीच एकता और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित किया।
इस तरह के आयोजनों से आगामी चुनावों में अधिक भागीदारी की अपेक्षा की जा रही है, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होगा।
जमशेदपुर: विद्या, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व बसंत पंचमी इस वर्ष 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर जमशेदपुर, रांची और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ अपने चरम पर हैं। पूजा-पाठ, पंडाल और प्रतिमाओं के निर्माण के साथ-साथ बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है, जो इस बार के सरस्वती पूजा के भव्य होने का संकेत दे रही है।
पूजा का शुभ समय ⏰
इस वर्ष, विद्वानों के अनुसार सरस्वती पूजा के लिए सुबह 7:37 बजे एक विशेष शुभ मुहूर्त है। माघ मास की शुक्ल पंचमी को ज्ञान और ध्वनि के प्रकट होने का दिन माना जाता है, जिससे ये दिन विद्या की आरंभ के लिए अत्यंत फलदायी समझा जाता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार सुबह से लेकर दोपहर तक देवी मां की पूजा कर सकते हैं।
रति-कामदेव और लेखनी पूजा का महत्व
बसंत पंचमी केवल सरस्वती पूजा तक सीमित नहीं है। इसे मदन पंचमी भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन रति और कामदेव की पूजा का विशेष महत्व है। प्रेम और सृजन का प्रतीक यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन के साथ जुड़ा है, जो प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ दांपत्य जीवन के सामंजस्य का भी प्रतीक है।
बंगाली समुदाय के लिए, इस दिन लेखनी पूजा का भी महत्व है, जिसमें कलम, दवात और पुस्तकों को मां सरस्वती के चरणों में अर्पित किया जाता है। छोटे बच्चों को पहला अक्षर ज्ञान देने की परंपरा भी इसी दिन आडंबरपूर्वक निभाई जाती है।
मूर्तिकारों की गतिविधियाँ 🎨
जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में मूर्तिकार सरस्वती प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं। बताया गया कि इस वर्ष प्रतिमाओं की मांग पिछले वर्षों से अधिक है। मूर्तियों की कीमत 1,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक तय की गई है। मूर्ति निर्माण के लिए कोलकाता के कुम्हारटोली से विशेष मिट्टी लाने की प्रक्रिया जारी है।
बाजारों में रौनक ✨
साकची, बिष्टुपुर, टेल्को, और सोनारी के प्रमुख बाजारों में पूजा की सामग्रियों और सजावटी सामान के लिए ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। विद्यालयों और कॉलेजों में सरस्वती पूजा समितियाँ तैयारियों में जुटी हैं, जिसमें पंडाल सजावट और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
अबूझ मुहूर्त का महत्व
बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है, जब बिना पंचांग देखे विभिन्न शुभ कार्य किए जा सकते हैं। यह दिन विद्यार्थियों, कलाकारों और ज्ञान साधकों के लिए नई शुरुआत का अवसर माना जाता है।
छात्रों की राय
कक्षा दस में पढ़ने वाले मोहित ने कहा कि वह भी मूर्ति लेने आया है और यह बताया कि सरस्वती पूजा की तैयारी दो महीने पहले से शुरू हो गई थी।
बसंत पंचमी का यह पर्व न केवल विद्या का उत्सव है, बल्कि यह प्रेम और मित्रता का भी प्रतीक है।
रांची में स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती चिंताएँ
रांची शहरी क्षेत्र में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बनते जा रहे हैं। बिजली विभाग ने अप्रैल तक 3.70 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से लगभग 3.40 लाख मीटर अब तक लग चुके हैं। विभाग का दावा है कि सिर्फ 30 से 35 हजार उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाना बाकी है।
बढ़ती शिकायतें
हालांकि, इन स्मार्ट मीटरों के स्थापित होने के बाद से बिजली बिल और आपूर्ति के मामले में उपभोक्ताओं की शिकायतों में वृद्धि हो रही है। कई लोग बताते हैं कि जैसे ही स्मार्ट मीटर का बैलेंस 200 रुपये से नीचे जाता है, बिजली सप्लाई तुरंत काट दी जाती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बैलेंस कम होने या खत्म होने की सूचना समय पर नहीं मिलती, जिसके चलते बिजली अचानक कट जाती है। इसके अलावा, बैलेंस रिचार्ज करने या राशि जमा करने के बाद भी कनेक्शन फिर से चालू होने में देरी हो रही है, जिससे घरों और दुकानों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उपभोक्ताओं की मांग
स्मार्ट मीटरों से जुड़ी इन समस्याओं के चलते उपभोक्ताओं में निराशा देखी जा रही है। लोग बिजली विभाग से यह अनुरोध कर रहे हैं कि बिजली कटने से पहले उचित सूचना प्रदान की जाए और भुगतान के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति को बहाल किया जाए। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस पूरे मामले ने उपभोक्ताओं के बीच नकारात्मक भावनाओं को जन्म दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि बिजली विभाग उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेगा।
दावोस में सीएम कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात
रांची/दावोस। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।
प्रकृतिकेसाथसंतुलनमेंविकासहैमूलदृष्टि
झारखण्ड इस बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।
वैश्विककंपनियोंऔरसंस्थानोंकेप्रमुखोंकेसाथसंवाद
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।
झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण
झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।
धनबाद: कतरास बाजार स्थित राजस्थानी धर्मशाला में विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक का समापन विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री माननीय अम्बरीष जी के उद्बोधन के साथ समाप्त हुआ।समापन समारोह में उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के प्रांत, विभाग एवं जिला के पदाधिकारी को संबोधित करते हुए श्री अंबरीश सिंह ने कहा- स्वाधीन देश में स्व का अभिमान करने वालों की कमी के कारण हमारी संस्कृति को नष्ट करने का कुचक्र चलता रहा। सनातन मानबिंदु, आचार पद्धति, संस्कृति को सुरक्षित रखने के विचार से ही विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी। मंदिर सनातन परंपरा के श्रद्धा एवं भक्ति- शक्ति का केंद्र होता था जिसे आक्रांताओं ने निरंतर क्षति पहुंचाने पहुंचाने की चेष्टा की। परिवारों में परंपरागत संस्कार का अभाव देखने को मिल रहा है परिवार में संस्कारों का जिस तरह क्षरण हो रहा है उसके रक्षण की आवश्यकता है । गोरक्षा, सेवा, धर्म प्रसार, सामाजिक समरसता, जैसे आयामों पर विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया 12 से 18 जनवरी तक मकर संक्रांति उत्सव समरसता दिवस के रूप में, माघ पूर्णिमा के दिन श्री रविदास जयंती, वर्ष प्रतिपदा से हनुमान जन्मोत्सव तक सभी समितियों के माध्यम से श्री रामोत्सव, एवं 14 जनवरी को बाबा साहब अंबेडकर जयंती प्रत्येक प्रखंड केन्द्रों में मनाया जाएगा। इसके साथ ही समिति का दृढिकरण एवं आयामों के कार्यों का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने विभिन्न जिलों से आए समस्त प्रतिनिधियों एवं वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने हजारीबाग के डेमोटांड़ में परिषद द्वारा चल रहे आवासीय विद्यालय एवं अन्य सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए झारखंड के सभी जिलों में सेवा कार्य सुचारू रूप से चलाने का आग्रह किया।इस अवसर पर क्षेत्र मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू जी द्वारा प्रांत के नवीन दायित्व एवं प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र द्वारा जिलों के नवीन दायित्वों की घोषणा की गई। श्रीमती कीर्ति गौरव दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका, गंगा कच्छप प्रांत सहसंयोजिका, श्रीमती शशि शर्मा एवं श्रीमती अनिमा पांडे को प्रांत मातृशक्ति सहसंयोजिका, श्रीमती सविता सिंह संस्कार केंद्र प्रांत प्रमुख मातृशक्ति, एवं सुश्री कीर्ति सुमन मोदी को प्रांत साप्ताहिक मिलन केंद्र एवं संस्कार केंद्र प्रमुख दुर्गावाहिनी का दायित्व दिया गया। बैठक का समापन बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री रंगनाथ महतो ने पूर्णता मंत्र एवं जयघोष के साथ कराया।बैठक में क्षेत्र संगठन मंत्री माननीय आनंद पांडे, क्षेत्र गोरक्षा टोली के पालक त्रिलोकी नाथ बागी, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, देवी सिंह प्रांत सह मंत्री राम नरेश सिंह, मनोज पोद्दार, मार्गदर्शक मंडल के प्रांत संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जुगल किशोर प्रसाद, प्रांत सत्संग प्रमुख रंजन कुमार सिन्हा, विशेष संपर्क प्रांत प्रमुख अरविंद सिंह, गोरक्षा प्रांत प्रमुख कमलेश सिंह, प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन, सामाजिक समरसता प्रांत सह प्रमुख मनोज चंद्रवंशी, सेवा सहप्रमुख विनय कुमार, अमरेन्द्र विष्णुपुरी, धनबाद विभाग मंत्री राजेश दुबे, महानगर अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महानगर मंत्री आनंद कुमार, बजरंग दल सहसंयोजक तापस कुमार डे सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रांची। रांची के मैदान पर 30 नवंबर को एक महत्वपूर्ण घटना घटी। विराट कोहली, जिनके नियंत्रित खेलने के तरीके और रनिंग बिटवीन द विकेट्स की चर्चा होती है, ने इस बार एक नया अंदाज दिखाया। उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत दो शानदार छक्कों से की, जो उनके खेल के प्रारंभिक चरण में अपेक्षाकृत असामान्य था। इस बदलाव ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या कोहली अपने खेल में वास्तव में बदलाव कर रहे हैं, और क्या यह आगामी 2027 वनडे विश्व कप के लिए उनकी तैयारी का हिस्सा है?
कोहली का आक्रामक रुख
यशस्वी जायसवाल के जल्दी आउट होने के बाद अमूमन कोहली पारी को संभालते हैं, परंतु इस बार उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को बैकफुट और फ्रन्टफुट दोनों पर चुनौती दी और पिच के स्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लिया। यह कोहली का ऐसा अंदाज था, जो उन्होंने कम बार ही अपनाया है, लेकिन जब भी किया है, उन्होंने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है।
पारी की विशेषता
यह पारी खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें कोहली ने सात छक्के लगाए। यह उनकी वनडे करियर की केवल तीसरी सूरत थी जब उन्होंने इतने छक्के मारे। इसके पहले, उन्होंने 2023 में श्रीलंका के खिलाफ आठ छक्के और 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सात छक्के लगाए थे। यह एक स्पष्ट पैटर्न दर्शाता है कि जब कोहली बेफिक्री से अपने शॉट्स खेलते हैं, तो वे केवल रन नहीं बनाते, बल्कि मैच का रुख भी बदल देते हैं।
शॉट-सिलेक्शन की बेजोड़ क्षमता
कोहली के शॉट-सिलेक्शन में इस बार भी कुछ खास नजर आया। उन्होंने एक ही लेंथ की गेंदों पर तीन अलग-अलग शॉट्स खेलकर अपना गुण दिखाया। एक लॉन्ग ऑफ, एक लॉन्ग ऑन, और एक मिड विकेट पर। यह तकनीक देखकर दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज स्थिति सेट करने में असफल रहे। कोहली ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि पेसरों और फील्डिंग योजनाओं को भी सीख दिया।
टीम में बदलाव का संकेत
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित शर्मा ने भी अपनी बल्लेबाजी के तरीके में बदलाव किया था, जब उन्होंने अपनी हिट-या-मिस आक्रामक शैली को छोड़ा और क्लासिकल वनडे एंकर की भूमिका में नजर आए। अब कोहली ने ऊर्जा-प्रेरित वनडे मॉडल अपनाया है। यह कोई संयोग नहीं लग रहा, क्योंकि भारतीय टीम वर्तमान में एक बदलाव के दौर से गुजर रही है, जिसमें शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ी भविष्य के लिए तैयारी कर रहे हैं। कोहली जानते हैं कि प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और इसलिए बदलाव जरूरी है।
जमशेदपुर: एक बड़ी धोखाधड़ी के मामले में 28 लाख रुपये की ठगी के आरोपित खुर्शीद इकराम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके घर पर इश्तिहार चस्पा कर दिया है। ये कदम उस पड़ाव पर उठाया गया है, जब आरोपी पुलिस के समक्ष नहीं उपस्थित हुआ और उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
पुलिस कार्रवाई की तेज़ी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खुर्शीद इकराम पर आरोप हैं कि उसने कारोबारी सौदों में फर्जीवाड़ा कर आर्थिक नुकसान पहुँचाया है। उधारी पर लेकर दिए गए पैसे और उत्पादों की नीलामी के बावजूद वह दी गई समय सीमा में वापस नहीं आया।
वसूली की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने बताया कि अब घर पर चस्पा किया गया इश्तिहार कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत अब अदालत से कुर्की का आदेश लिया जाएगा। कुर्की के बाद आरोपी की संपत्ति को जब्त किया जा सकेगा।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने इस मामले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ का मानना है कि कानून को सख्ती से पालन करना चाहिए, वहीं दूसरों का कहना है कि ऐसे मामलों में मामले की जांच और निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए।
पुलिस की इस कार्रवाई से साफ दिखता है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए गंभीर हैं। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है, तो उसे इसके नतीजों का सामना करना पड़ेगा।
रांची: सदर थाना पुलिस ने एक अनोखे मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें राज वर्मा, लक्ष्मी कुमारी और अनीस सोनी शामिल हैं। यह गिरफ्तारी चुराए गए लाखों रुपये के सोने और चांदी के गहनों से संबंधित है।
शिकायत के बाद खुली चोरी की सच्चाई
पुलिस के मुताबिक, पवन कुमार शाह ने 8 नवंबर को सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि चोर उनके घर की बालकनी के जरिए प्रवेश कर अलमारी से गहने चुरा ले गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की।
एक प्रेमिका की जिद ने लिया ऐसा मोड़ ❤️
जांच में पाया गया कि लक्ष्मी कुमारी ने अपने प्रेमी राज वर्मा पर महंगे गहनों की मांग के लिए दबाव डाला था। इस दबाव के चलते राज ने चोरी करने की योजना बनाई। चोरी के बाद लक्ष्मी उन गहनों को पहनकर अनीस सोनी की दुकान पर बेचने ले जाती थी, जहां उन्होंने चोरी की वस्तुओं का लेन-देन किया।
ज्वेलर्स की गिरफ्तारी और गहनों की बरामदगी
अनीस सोनी ने दावा किया कि उसे गहनों की चोरी का ज्ञान नहीं था। लेकिन पुलिस ने उसकी दुकान से चोरी के गहनों को बरामद कर लिया। बरामद वस्तुओं में सोने की चेन, कान के टाप, बाली, जीउतिया, चांदी की पायल और बिछिया शामिल हैं।
अपराधियों का अतीत और जांच का विस्तार
सदर थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। अनीस सोनी की दुकान पर भी जांच की जा रही है कि क्या वह पहले भी चोरी के गहनों का कारोबार करता रहा है। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह का संबंध अन्य अपराधों से भी है। राज वर्मा पहले भी आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है और हाल ही में अवैध हथियार रखने के कारण जेल से जमानत पर बाहर आया है।
रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र के मतवे गांव में शनिवार रात एक दारुण घटना सामने आई है, जिसमें एक ग्रामीण चिकित्सक की अत्यंत बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस चिकित्सक को स्थानीय स्तर पर “बंगाली डॉक्टर” के रूप में जाना जाता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब डॉक्टर अपने क्लिनिक से लौट रहे थे, तभी दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर दौड़ पड़े, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही बुढ़मू थाना पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेज दिया। पुलिस ने रात में ही एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि दूसरा अभी भी फरार है। थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ चल रही है और उसके बयानों के आधार पर दूसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दूसरे आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
हत्या के पीछे के कारणों की जांच
प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलते हैं कि हत्या का कारण आपसी रंजिश हो सकता है, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। यह घटना मतवे गांव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भय और आक्रोश का माहौल उत्पन्न कर चुकी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से सभी आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग की है और कठोर सजा देने की अपील की है।
रांची नगर निगम की बैठक में अपर प्रशासक संजय कुमार ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में राजस्व, स्वच्छता और स्थापना दिवस की तैयारियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। बैठक के दौरान संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “अतिक्रमणकर्ताओं को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा।” यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहर की स्वच्छता बनी रहे और रांची का विकास तेज गति से हो।
होल्डिंग टैक्स का बकाया 📊
अपर प्रशासक ने यह भी कहा कि सभी होल्डिंग टैक्स बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जनता को समय पर टैक्स का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि नगरीय विकास कार्य सुचारू रूप से किए जा सकें। “करदाताओं को कई सुविधाएँ दी जाएंगी, परंतु बकाएदारों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी,” उन्होंने कहा।बैठक में स्वच्छता और योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि शहर को अधिक स्वच्छ और हरित बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
रांची (झारखंड): शराब घोटाले के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव रहे आईएएस अधिकारी मुकेश कुमार से पूछताछ की है। ऐसी जानकारी सामने आई है कि मुकेश कुमार से दो ठेका प्लेसमेंट एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के संदर्भ में सवाल किए गए।
फर्जी बैंक गारंटी पर दी गई थी मैनपावर
जानकारी के अनुसार, ये प्लेसमेंट एजेंसियां—मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स विजन हास्पिटालिटी सर्विसेज—राज्य की खुदरा शराब दुकानों में मैनपावर आपूर्ति करने के लिए फर्जी बैंक गारंटी का उपयोग कर रही थीं। एसीबी ने मुकेश कुमार से सवाल किया कि इसके बावजूद इन्हें कार्रवाई का सामना क्यों नहीं करना पड़ा।
राज्य को हुआ 38 करोड़ का नुकसान
दोनों एजेंसियों ने झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के तहत शराब की दुकानों में मैनपावर की आपूर्ति के लिए ठेका लिया था। फर्जी बैंक गारंटी के कारण राज्य सरकार को 38 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। एसीबी इस घोटाले की जांच के दौरान संबंधित सभी व्यक्तियों से बारी-बारी से पूछताछ कर रही है।
पूछताछ के लिए तैयार किए गए प्रश्न
शराब घोटाले की जांच में, पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे के करीबी सहयोगी विनय सिंह की गिरफ्तारी के बाद, उनके ठिकानों से मिले दस्तावेजों के आधार पर एसीबी ने सवाल बनाए हैं। इस संदर्भ में पूछताछ का सिलसिला जारी है। इससे पूर्व, एसीबी ने पूर्व सचिव आईएएस मनोज कुमार से भी पूछताछ की थी।
रांची: कांके रोड स्थित जतरा टांड़ में होने वाले जतरा आयोजन को लेकर का आज रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने संयुक्त रूप से भ्रमण किया। स्थल पर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया एवं आयोजन समिति के सदस्यों से विस्तृत चर्चा की।
भ्रमण के क्रम में उपायुक्त श्री भजंत्री ने आयोजन स्थल पर सफाई व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, यातायात नियंत्रण, पार्किंग स्थल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं अग्निशमन की तैयारी आदि बिंदुओं की समीक्षा की। संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जतरा में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं ससमय सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने समिति के सदस्यों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की तथा जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि जतरा के दौरान कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों को चिन्हित स्थानों पर दायित्व सौंपे जाएंगे। आयोजन समिति के सदस्यों ने जिला प्रशासन को जतरा की पारंपरिक एवं सांस्कृतिक महत्ता से अवगत कराया तथा सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें बरियातू जमीन घोटाले के मामले में 17 महीने तक जेल में बिताने के बाद रिहा किया गया है।2023 में गिरफ्तार छवि रंजन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। उनकी गिरफ्तारी ने पूरे राज्य में हलचल मचाई थी। उनके वकीलों ने दलील दी थी कि रंजन के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और उन्हें निराधार आरोपों में बंद रखा गया था।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय 🚨
सुप्रीम कोर्ट ने उचित सुनवाई के बाद रंजन की जमानत को मंजूरी देते हुए कहा कि उनके खिलाफ मौजूद साक्ष्य की समीक्षा की जानी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि लंबी हिरासत से व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन होता है।छवि रंजन की रिहाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा हो गई है।रंजन का कहना है कि वे कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और न्यायालय के निर्णय का पालन करेंगे।
भविष्य की संभावनाएं
अब यह देखना है कि रंजन अपने खिलाफ चल रहे मामले में अपनी कानूनी लड़ाई किस तरह आगे बढ़ाते हैं। इस समय, उनकी रिहाई से कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, जिनमें प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाने के विषय शामिल हैं।