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  • रणवीर सिंह को कांतारा विवाद में हाई कोर्ट से झटका, जानें नई चुनौतियाँ क्या होंगी

    रणवीर सिंह को कांतारा विवाद में हाई कोर्ट से झटका, जानें नई चुनौतियाँ क्या होंगी

    मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को ‘कांतारा’ से जुड़े एक विवाद में गंभीर झटका मिला है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार (23 फरवरी 2026) को उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया। रणवीर ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की इच्छा जताई थी, लेकिन अदालत ने इसे अनदेखा कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार (24 फरवरी) को होगी।

    दैव पर मौखिक प्रदर्शन ने मचाया विवाद

    यह मामला पिछले वर्ष नवंबर 2025 में गोवा के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह से जुड़ा हुआ है। रणवीर ने वहां ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ के प्रसिद्ध ‘दैव’ दृश्य की नकल की थी। अपने प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जोश में अति-उत्तेजना दिखाई, लेकिन कई व्यक्तियों ने इसे कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों की पवित्र ‘चावुंडी दैव’ या ‘पंजुरली/गुलिगा दैव’ परंपरा का अपमान समझा। कुछ दर्शकों ने इसे ‘भूत’ कहकर नकारात्मक माना, जिससे हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा।

    रणवीर सिंह को न्यायालय से नई चुनौती

    जनवरी 2026 में, बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस थाने में एक वकील प्रशांत मेथल द्वारा शिकायत दर्ज की गई, जिसके चलते रणवीर पर FIR दर्ज हुई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 299, और 302 के तहत कार्रवाई की गई। उनके खिलाफ आरोप है कि उन्होंने धार्मिक परंपरा का अपमान किया है। पुलिस ने इस मामले में दो नोटिस भी जारी किए हैं।

    रणवीर ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर कहा कि उनके शब्दों का उद्देश्य केवल ऋषभ शेट्टी की प्रदर्शन की प्रशंसा करना था। उन्होंने इसे गलत तरीके से आपराधिक रंग दिया गया बताया। याचिका में यह भी कहा गया कि वे अनावश्यक मानसिक दबाव में हैं और पुलिस नोटिस से परेशान हैं। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच ने उनकी याचिका पर सुनवाई की, लेकिन तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि बॉलीवुड के अभिनेता होने के नाते उन्हें विशेष उपचार नहीं दिया जा सकता। मामले को सामान्य प्रक्रिया के अनुसार चलाने का निर्णय लिया गया।

    हालांकि, रणवीर के प्रशंसक इसे उनकी ऊर्जा और उत्साह का एक हिस्सा मानते हैं, लेकिन कर्नाटक में दैव पूजा को अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। यह परंपरा स्थानीय संस्कृति का एक अनिवार्य अंग है। रणवीर ने पहले भी ऐसे विवादों में स्पष्टीकरण दिया है, किंतु इस बार कानूनी झंझट बढ़ गए हैं। उम्मीद है कि सुनवाई में क्या फैसला होगा, यह जानने के लिए सबकी निगाहें सोमवार तक बनी रहेंगी।