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  • बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को सैलरी में 7 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया, विराट और रोहित को मिले 3 करोड़ रुपये

    बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को सैलरी में 7 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया, विराट और रोहित को मिले 3 करोड़ रुपये

    बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा फेरबदल

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। इन परिवर्तनों के अनुसार, बीसीसीआई ए प्लस ग्रेड को समाप्त करने जा रहा है, जिसमें प्रसिद्ध खिलाड़ी जैसे **रोहित शर्मा**, **विराट कोहली**, **जसप्रीत बुमराह**, और **रवींद्र जडेजा** शामिल थे। अब इन खिलाड़ियों को वेतन में बड़ी कटौती का सामना करना पड़ेगा। ए प्लस ग्रेड का खिलाड़ियों को सालाना 7 करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन इसके समाप्त होने के बाद सिर्फ ए, बी और सी ग्रेड की श्रेणियाँ रह जाएँगी।

    सैलरी में कटौती का सामना

    रिपोर्टों के अनुसार, **रोहित शर्मा** और **विराट कोहली** को बी ग्रेड में परिवर्तित किया जाएगा, जिसका मतलब है कि उनकी वार्षिक आय में भारी गिरावट आएगी। बी ग्रेड के खिलाड़ियों को अब 3 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो कि ए प्लस ग्रेड की तुलना में 4 करोड़ रुपये कम है। इसके अलावा, **रवींद्र जडेजा** को भी सम्भवतः बी ग्रेड में स्थानांतरित किया जा सकता है। वहीं, **जसप्रीत बुमराह** ए ग्रेड में जाने की संभावना है। हालांकि, ए ग्रेड के खिलाड़ियों को कितनी सैलरी दी जाएगी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। यदि ए ग्रेड के खिलाड़ियों को 5 करोड़ रुपये तय किए गए, तो बुमराह को भी 2 करोड़ की कमी का सामना करना पड़ेगा।

    कुल खिलाड़ियों की संख्या

    बीसीसीआई ने कुल 34 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट प्रदान किया है, जिसमें से 19 खिलाड़ियों को सी ग्रेड का अनुबंध प्राप्त है। वर्तमान में, बी ग्रेड में कुल पांच खिलाड़ी हैं और ए ग्रेड में छह सदस्य शामिल हैं। जबकि, ए प्लस ग्रेड में केवल चार खिलाड़ी हैं। इस बदलाव के बाद भारतीय क्रिकेट में कई महत्वपूर्ण प्रभाव देखे जा सकते हैं।

  • भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का आज दिल्ली दौरा, पार्टी मुख्यालय में स्वागत होगा

    भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का आज दिल्ली दौरा, पार्टी मुख्यालय में स्वागत होगा

    नितिन नबीन की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति

    नई दिल्ली. बिहार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन प्रसाद सिन्हा को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया गया है। इस घोषणा के बाद, पार्टी ने उनके दिल्ली दौरे की योजना भी बना ली है। नबीन, दिल्ली पहुंचने से पहले पटना के महावीर मंदिर में पूजा करेंगे और फिर अपने दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि देने के लिए स्व. नबीन किशोर सिन्हा पार्क जाएंगे। उनका दिल्ली पहुंचने का समय सुबह 10 बजे का है, जहां उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा के सभी सांसदों द्वारा स्वागत किया जाएगा।

    राजनीतिक यात्रा और चुनावी सफलताएं

    नितिन नबीन की इस नई भूमिका सत्ताधारी पार्टी के भीतर एक बड़े संगठनात्मक परिवर्तन का हिस्सा है। उनका राजनीतिक सफर 1980 में पटना में जन्म लेकर आरएसएस की छात्र शाखा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ। नबीन 2006 में पटना पश्चिम सीट से चुनाव जीतकर पहली बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए। वह बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार जीत चुके हैं, जो भाजपा की मजबूत शहरी सीटों में से एक मानी जाती है। हाल में बिहार विधानसभा चुनाव में, उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की रेखा कुमारी को 51,000 से अधिक वोटों से हराया।

    भाजपा की चुनावी जीत और प्रधानमंत्री की बधाई

    नबीन की नियुक्ति बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत के बाद की गई है, जहां भाजपा ने 89 सीटें जीतीं। जेडीयू को 85 सीटें मिलीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नबीन को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है। उन्होंने अपने एक पोस्ट में कहा है कि नितिन नबीन एक मेहनती और युवा नेता हैं, जिनका संगठन में काफी अनुभव है। उनका कार्यकाल विधायक और मंत्री के रूप में प्रभावशाली था और उन्होंने जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में अपनी मेहनत दिखाई है।

    सাংठनेिक अनुभव और पृष्ठभूमि

    नितिन नबीन वर्तमान में नीतीश कुमार की एनडीए सरकार में सड़क निर्माण मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। 45 वर्ष की आयु में, वह भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने वाले सबसे युवा नेता हैं। उनके पास लगभग 20 वर्ष का संगठनात्मक अनुभव है और वह पार्टी में विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे हैं। उनके पिता नबीन किशोर सिन्हा जनसंघ के नेता रहे हैं और उन्होंने भी बिहार में विधायक के रूप में कार्य किया। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ चुनाव अभियान के दौरान नबीन का संगठनात्मक कौशल शीर्ष नेतृत्व की नजर में आया है।