प्रयागराज में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा
प्रयागराज। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अचानक इस्तीफा देकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण ब्राह्मण समाज की अस्मिता और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई कथित अन्याय को बताया है। इसके अलावा, उन्होंने यूजीसी के नए अधिनियम का भी विरोध किया है। इसके चलते, यूपी सरकार को उन्होंने ब्राह्मण-विरोधी करार दिया है।
शंकराचार्य का समर्थन
इस्तीफे के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोन पर अलंकार अग्निहोत्री से बात की। उन्होंने अलंकार के कदम की सराहना की और उन्हें उत्साहित करते हुए एक विशेष प्रस्ताव भी दिया। शंकराचार्य ने कहा कि उनका इस्तीफा सनातन धर्म के प्रति निष्ठा को दर्शाता है, जो कि पूरे सनातनी समाज के लिए गर्व का विषय है।
राजनीतिक घटनाक्रम
गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस्तीफा देने के बाद, अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ जांच का आदेश भी जारी किया गया। शंकराचार्य ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मेहनत और लगन को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अलंकार जैसे निष्ठावान लोग धर्म की सेवा में आगे बढ़ें।
भविष्य की योजनाएँ
फोन पर बातचीत के दौरान, अलंकार ने शंकराचार्य से आशीर्वाद मांगा और यह भी कहा कि वह उनसे जल्द मिलने का इच्छुक हैं। शंकराचार्य ने उन्हें एक उच्च पद का प्रस्ताव दिया जो धर्म क्षेत्र में होगा, यह बताते हुए कि सरकार द्वारा दिया गया पद उससे बड़ा होगा। इस चर्चा ने अलंकार के इस्तीफे को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

