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  • भारत की सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से हार का कारण क्या है

    भारत की सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से हार का कारण क्या है

    सूर्यकुमार यादव का आत्मविश्वास, भारत को T20 वर्ल्ड कप में वापसी की उम्मीद

    अहमदाबाद. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में पहली हार के बाद मजबूती से वापसी करेगी और नॉकआउट चरण में जगह सुनिश्चित करेगी।

    भारत का बड़ा झटका

    भारत को सुपर-8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका द्वारा 76 रन से हराकर उसकी 12 मैचों की विजयी लय को रुकना पड़ा। अहमदाबाद में हुआ यह मैच भारत के लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि टीम अब उस खिताब की रक्षा करने उतरी है जिसे उसने 2024 में ब्रिजटाउन में जीता था।

    सेमीफाइनल की उम्मीदें और मुकाबले

    टीम को अब सुपर-8 के अपने बाकी मुकाबलों में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी। अगला मैच चेन्नई में है, जो भारत की आगे की राह का निर्धारण कर सकता है। गणित के अनुसार, एक जीत भी संभावनाओं को जीवित रख सकती है, बशर्ते कि साउथ अफ्रीका अपनी जीत की लय बनाए रखे।

    सूर्यकुमार का नजरिया

    सूर्यकुमार ने हार के बाद घबराने से मना किया और कहा कि टीम को केवल वही करना है जो वह बेहतर करती है, जैसे कि अच्छी बल्लेबाजी, सधी गेंदबाजी और चुस्त फील्डिंग। उन्होंने स्वीकार किया कि 180+ रन का लक्ष्य हासिल करने में पावरप्ले महत्वपूर्ण है, जिसमें भारत ने तीन विकेट खो दिए। कप्तान ने कहा कि शुरुआती झटकों के बाद टीम साझेदारियां नहीं बना सकी, जिससे चेज़ मुश्किल हो गया।

    अभिषेक की फॉर्म पर सवाल

    अभिषेक शर्मा, जो नंबर-1 टी20 बल्लेबाज हैं, एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में विफल रहे और केवल 14 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी लगातार नाकामी अब टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।

    डेविड मिलर का योगदान

    साउथ अफ्रीका की जीत के असली नायक डेविड मिलर रहे, जिन्होंने 35 गेंदों में 63 रन की मैच जिताऊ पारी खेली और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब मिला। मिलर ने कहा कि यह जीत दर्शाती है कि भारत को हराया जा सकता है और उनकी टीम इस बार एक कदम और आगे बढ़ना चाहती है।

  • सोमनाथ मंदिर विवाद: बीजेपी ने नेहरू, ग़ज़नी और ख़िलजी को जिम्मेदार ठहराया

    सोमनाथ मंदिर विवाद: बीजेपी ने नेहरू, ग़ज़नी और ख़िलजी को जिम्मेदार ठहराया

    सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर भाजपा का हमला

    नई दिल्ली। भाजपा ने एक बार फिर से सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को कहा कि नेहरू ने अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने दावा किया कि सोमनाथ मंदिर को अतीत में महमूद गजनवी और अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लूटा गया, लेकिन स्वतंत्र भारत में नेहरू को भगवान सोमनाथ से सबसे अधिक नफरत थी।

    नेहरू का पत्र और दावा

    त्रिवेदी ने पंडित नेहरू द्वारा 21 अप्रैल 1951 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को लिखे पत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेहरू ने खान को प्रिय नवाबजादा कहते हुए सोमनाथ के दरवाजों की कहानी को ग़लत बताया। उन्होंने कहा कि नेहरू ने यह भी लिखा था कि सोमनाथ मंदिर का निर्माण जैसी कोई गतिविधि नहीं हो रही थी। त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि आखिर नेहरू को लियाकत अली खान से ऐसा क्या डर था कि उन्हें सोमनाथ मंदिर के संबंध में पत्र लिखना पड़ा।

    सरकारी मदद का मना करना

    सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पंडित नेहरू ने भारतीय दूतावासों को पत्र लिखकर सोमनाथ ट्रस्ट को मदद देने से मना कर दिया। इसमें अभिषेक समारोह के लिए नदी से पानी की अनुरोध भी शामिल था। उन्होंने कहा कि नेहरू ने मंदिर में अभिषेक के लिए सिंधु नदी के पानी का उपयोग करने की अनुमति देने से मना कर दिया और भविष्य में ऐसे किसी अनुरोध से पहले अनुमति लेने का आदेश दिया।

    कांग्रेस का विरोध और स्पष्टीकरण

    कांग्रेस ने भाजपा के इन दावों को झूठा बताकर उनका विरोध किया है। पार्टी ने कहा कि पंडित नेहरू ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल की सहमति से यह नीति अपनाई थी कि धार्मिक स्थलों के निर्माण में सरकारी धन का उपयोग नहीं होना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक वीडियो साझा किया जिसमें इन आरोपों का विस्तार से उत्तर दिया गया है। रमेश ने यह भी सवाल किया कि राम मंदिर के शिलान्यास में तत्कालीन राष्ट्रपति कोविंद और उद्घाटन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को आमंत्रित न करने का कारण क्या था।